कक्षा 6 हिंदी मल्हार पाठ 13 — पेड़ की बात प्रश्न उत्तर और सार

पेड़ की बात प्रश्न उत्तर: कक्षा 6 हिंदी मल्हार पाठ 13 के लेखक जगदीशचंद्र बसु हैं; अनुवाद शंकर सेन ने किया है। सार, शब्दार्थ, अभ्यास, बीज का प्रवाह चार्ट और शब्द-सीढ़ी के हल पढ़ें। व्यक्तिगत और प्रयोग वाले कार्यों के लिए मार्गदर्शन दिया गया है।

कक्षा: 6 विषय: हिंदी पुस्तक: मल्हार पाठ: 13 लेखक: जगदीशचंद्र बसु अनुवादक: शंकर सेन विधा: गद्य (लेख) स्रोत प्रति: पुनर्मुद्रण 2026–27

स्रोत: NCERT मल्हार पाठ 13 की PDF, मुद्रित पृष्ठ 145–154; पहेली-उत्तर पृष्ठ 165, पुनर्मुद्रण 2026–27। व्यक्तिगत, कल्पनात्मक और समूह-कार्य वाले उत्तर नमूने हैं; अपने अनुभव के अनुसार लिखें।

लेखक परिचय – जगदीशचंद्र बसु

जगदीशचंद्र बसु (1858–1937) भारतीय वैज्ञानिक और लेखक थे। उन्होंने रेडियो तरंगों और पौधों की बाहरी उद्दीपनों के प्रति प्रतिक्रियाओं पर महत्त्वपूर्ण शोध किया। पौधों की वृद्धि मापने के लिए उन्होंने क्रेस्कोग्राफ जैसे उपकरण विकसित किए। प्रकृति का सूक्ष्म अवलोकन इस वैज्ञानिक लेख की विशेषता है। बांग्ला से हिंदी अनुवाद शंकर सेन ने किया है। बोस संस्थान का परिचय। पौधों की प्रतिक्रिया को मनुष्य जैसी चेतना या सोच का प्रमाण न समझें।

पाठ का सार

लेख बीज से पौधे बनने की यात्रा को रोचक भाषा में समझाता है। अनुकूल परिस्थितियों में बीज से अंकुर निकलता है; उसकी जड़ मिट्टी में और तना ऊपर बढ़ता है। औंधे गमले का उदाहरण पौधे की दिशा बदलने की क्षमता दिखाता है। जड़ जल और घुले खनिज लेती है; पौधे के भीतर परिवहन ऊतक इन्हें आगे पहुँचाते हैं। पत्तियों के सूक्ष्म छिद्र गैसों का आदान-प्रदान करते हैं। हरे भाग प्रकाश की ऊर्जा से भोजन बनाते हैं।

फूलों के रंग, सुगंध और मकरंद से कीट आकर्षित होते हैं; कई फूलों में ये परागण में सहायता करते हैं। लेखक बीजों के पोषण को संतान के लिए माँ के प्रेम और त्याग से जोड़ते हैं। यह मानवीकरण प्रकृति के प्रति संवेदना जगाता है।

साहित्य और विज्ञान: पेड़ का हँसना, भेद जानना और संतान के लिए न्योछावर होना साहित्यिक रूप हैं। हर पेड़ बीज बनाने के बाद नहीं मरता; अनेक वृक्ष वर्षों तक फलते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड सामान्य वायु का घटक है, अपने-आप हर मात्रा में ज़हर नहीं। पौधे सारी प्रदूषित हवा को पूरी तरह साफ नहीं कर देते। हरे भाग प्रकाश-संश्लेषण में कार्बन डाइऑक्साइड और जल से भोजन बनाते और ऑक्सीजन छोड़ते हैं; पौधे श्वसन भी करते हैं। NCERT: पौधों में पोषण की वैज्ञानिक व्याख्या।

शब्दार्थ

कठिन शब्दअर्थ
अंकुरबीज से फूटने वाला नन्हा कोंपल/नया कल्ला
आहिस्ता-आहिस्ताधीरे-धीरे
सुकोमलअत्यंत कोमल, मुलायम
दरक गयाफट गया, चटक गया
तनापेड़ का ऊपर की ओर बढ़ने वाला मुख्य भाग
औंधाउल्टा
द्रव्यपदार्थ; इस प्रसंग में घुले पदार्थ/द्रव का संदर्भ है
सूक्ष्मदर्शीबहुत बारीक चीज़ें देखने वाला यंत्र
विषाक्तविष मिला हुआ, जहरीला
अंगारककार्बन डाइऑक्साइड; छोड़ी गई साँस में यह अन्य गैसों के साथ होती है
संवर्द्धनबढ़ावा, विकास, वृद्धि
पल्लवितहरा-भरा, पत्तियों से भरा हुआ
आबद्धबँधा हुआ, समाया हुआ
सचेष्टप्रयत्नशील, चेष्टा करने वाला
व्यग्रव्याकुल, बेचैन
आच्छादितढका हुआ
स्नेहसिक्तस्नेह/प्रेम से भीगी हुई
पराग-कणफूल के भीतर की धूल जैसी रचना (पुष्परज)
क्षीणकमज़ोर, घटा हुआ
न्योछावरसमर्पित कर देना, त्याग देना
अपरूप उपादानयहाँ साधारण, अनाकर्षक सामग्री का साहित्यिक संदर्भ
अकस्मातअचानक

मेरी समझ से

(क) सटीक उत्तर चुनिए

1. पौधे को कौन-सा भेद पता लग गया?

  • ★ उसे उल्टा लटकाया गया है।
  • उसे किसी ने सजा दी है।
  • बच्चे को गमला रखना नहीं आया।
  • प्रकाश ऊपर से आ रहा है।

कारण: प्रसंग में औंधा लटकाने के बाद जड़ फिर नीचे और पत्तियाँ ऊपर हो जाती हैं। लेखक इसे ऐसे कहते हैं जैसे पौधे को उल्टा लटकाए जाने का भेद मालूम हो। यह मानवीकरण है; पौधा सचमुच मनुष्य की तरह नहीं सोचता।

2. पेड़-पौधे जीव-जंतुओं के मित्र कैसे हैं?

  • हमारे जैसे ही साँस लेते हैं।
  • हमारे जैसे ही भोजन ग्रहण करते हैं।
  • ★ हवा को शुद्ध करके सहायता करते हैं।
  • धरती पर हमारे साथ ही जन्मे हैं।

कारण: पाठ में हरे पौधों द्वारा कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करने का उल्लेख है। वैज्ञानिक रूप से प्रकाश-संश्लेषण भोजन बनाता और ऑक्सीजन छोड़ता है। इससे जीवों को लाभ मिलता है; इसे हर प्रदूषक का पूर्ण शुद्धिकरण न समझें।

(ख) मित्रों के साथ चर्चा — मार्गदर्शन

पहले उत्तर के लिए औंधे गमले वाला प्रसंग और दूसरे के लिए पत्तियों तथा प्रकाश वाला अनुच्छेद दिखाएँ। कारण अपने शब्दों में बताएँ और साहित्यिक भाषा को वैज्ञानिक व्याख्या से अलग रखें।

पंक्तियों पर चर्चा

(क) पौधों के रेशों में सूर्य की ऊर्जा और ईंधन: हरे पौधे प्रकाश-संश्लेषण से भोजन बनाते हैं। सूर्य की ऊर्जा भोजन में रासायनिक ऊर्जा के रूप में संचित होती है। लकड़ी जलने पर ऊर्जा प्रकाश और ताप के रूप में निकलती है। किरणें सचमुच रेशों के भीतर कैद नहीं रहतीं; लेखक का कथन संचित ऊर्जा की सजीव अभिव्यक्ति है।

(ख) मधुमक्खी-तितली से वृक्ष की घनिष्ठता: अनेक फूल कीटों को रंग, गंध और मकरंद से आकर्षित करते हैं। कीट फूलों पर आते समय पराग पहुँचाने में सहायता कर सकते हैं। परागण के बाद निषेचन होने पर बीज विकसित हो सकते हैं। फूल में मकरंद होता है; शहद मधुमक्खियाँ बनाती हैं। सभी पौधों में परागण केवल मधुमक्खियों से नहीं होता।

मिलकर करें मिलान

मूल पुस्तक के दाएँ स्तंभ की संख्या के अनुसार सही मिलान:

बाएँ क्रमांक/संकेतदाएँ क्रमांकपाठ का अर्थ या संदर्भ
1. बीज का ढक्कन6बीज के दलों में दरार आने/फटने का वर्णन
2. अंगारक वायु4छोड़ी गई साँस में कार्बन डाइऑक्साइड का संदर्भ
3. सूर्य-ऊर्जा से अंगारक का उपयोग5पाठ में हवा के शुद्ध होने की व्याख्या
4. प्रकाश जीवन का मूलमंत्र2जीवन के लिए प्रकाश की महत्त्वपूर्ण भूमिका
5. फूलों के बहाने हँसना3संपन्नता और भावी पीढ़ी से प्रसन्न-संतुष्ट होने का मानवीकरण
6. अपरूप उपादान से सुंदर फूल1साधारण मिट्टी और वायु से फूल बनने पर आश्चर्य

यह पाठ के वाक्यांशों का मिलान है। बीज का बाहरी आवरण बीजावरण है; बीजपत्र और बीजावरण एक ही चीज़ नहीं हैं। “विषाक्त वायु” को कार्बन डाइऑक्साइड के हर मात्रा में ज़हर होने या सारी हवा शुद्ध होने का वैज्ञानिक नियम न मानें।

सोच-विचार के लिए

(क) अंकुरण में किसका सहयोग? पाठ के प्रसंग में मिट्टी, वर्षा का जल और अनुकूल मौसम बीज के अंकुरित होने में मदद करते हैं। वैज्ञानिक रूप से जीवक्षम बीज को उपयुक्त नमी, ऑक्सीजन और तापमान चाहिए। शुरुआती अंकुरण के लिए सभी बीजों को मिट्टी और प्रकाश अनिवार्य नहीं होते। आगे हरे पौधे के भोजन बनाने में प्रकाश आवश्यक है।

(ख) पौधे भोजन कैसे प्राप्त करते हैं? जड़ें जल और घुले खनिज ग्रहण करती हैं। ये परिवहन ऊतकों से पत्तियों तक पहुँचते हैं। पत्तियों के रंध्रों से कार्बन डाइऑक्साइड मिलती है। हरे भाग प्रकाश की ऊर्जा से जल और कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करके भोजन बनाते हैं। इसलिए मिट्टी से तैयार भोजन पीने या दाँत न होने को भोजन बनाने का कारण कहना ठीक नहीं।

लेख की रचना

इस लेख में एक के बाद एक विचार को लेखक ने सुसंगत रूप से प्रस्तुत किया है। गमले को औंधा लटकाना या मूली काटकर बोना जैसे उदाहरण देकर बात कहना इस लेख का एक तरीका है। अपने तथ्य को वास्तविकता या व्यावहारिकता से जोड़ना भी इस लेख की विशेषता है।

(क) जैसे लेखक ने ‘पेड़ की बात’ कही है वैसे ही अपने आस-पास की चीज़ें देखिए और किसी एक चीज़ पर लेख लिखिए, जैसे—गेहूँ की बात।

उत्तर (नमूना – गेहूँ की बात)मैं एक छोटा-सा गेहूँ का दाना हूँ। किसान ने मुझे जोती हुई मिट्टी में बो दिया और हल्का पानी छिड़क दिया। कुछ ही दिनों में मेरी कोमल जड़ें नीचे और हरा अंकुर ऊपर निकल आया। सूरज की रोशनी और सिंचाई पाकर मैं लहलहाता पौधा बन गया।धीरे-धीरे मेरी बालियों में सुनहरे दाने भर गए। फिर किसान ने मुझे काटा, झाड़ा और आटा बनाया। उसी आटे की रोटी खाकर लोग शक्ति पाते हैं। इस तरह एक नन्हे दाने से लेकर थाली की रोटी तक मेरी पूरी यात्रा परिश्रम, प्रकृति और किसान के सहयोग की कहानी है।(आप ‘चावल की बात’, ‘आम की बात’ या ‘रुई की बात’ पर भी इसी तरह लिख सकते हैं।)

(ख) उसे कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।

उत्तर (गतिविधि)अपना लिखा हुआ लेख कक्षा में स्पष्ट एवं सहज स्वर में पढ़कर साथियों को सुनाइए। उनकी प्रतिक्रिया एवं सुझाव ध्यान से सुनिए और अपने लेखन को और बेहतर बनाइए। यह आत्मविश्वास तथा अभिव्यक्ति बढ़ाने वाली गतिविधि है।

अनुमान या कल्पना से

(क) वृक्ष समाप्त होने के बाद — नमूना कल्पना: उसके बीज अनुकूल परिस्थितियों में नए पौधे बना सकते हैं। गिरे भाग धीरे-धीरे अपघटित होकर मिट्टी में मिलते हैं; जीवों को पोषक पदार्थ मिलते हैं। इस तरह जीवन की निरंतरता बनी रहती है। पाठ की त्याग वाली कल्पना हर वृक्ष के बीज बनाने के तुरंत बाद मर जाने का नियम नहीं है।

(ख) लेखक की रुचि कैसे जागी होगी — अनुमान: बचपन में प्रकृति को ध्यान से देखना और पेड़-पौधों के प्रति प्रेम उनकी जिज्ञासा बढ़ाते रहे होंगे। “बीज से पौधा कैसे बनता है?” और “पौधा प्रकाश की ओर क्यों बढ़ता है?” जैसे प्रश्न उन्हें प्रयोगों की ओर ले गए होंगे। यह प्रश्न का अनुमानात्मक उत्तर है, उनके बचपन की कोई प्रमाणित घटना नहीं।

प्रवाह चार्ट

पुस्तक के आठ खानों का सही क्रम:

  1. बीज
  2. अंकुर
  3. पौधा
  4. पत्ता
  5. कली
  6. फूल
  7. फल
  8. बीज

पढ़ने का क्रम: बीज → अंकुर → पौधा → पत्ता → कली → फूल → फल → बीज। यह पुस्तक का सरल आरेख है; वास्तविक पौधे में जड़, तना और पत्तियों का विकास साथ-साथ भी होता है।

अंकुरण

कार्य: पात्र की मिट्टी में राजमा या चने के 4–5 बीज बोएँ। हल्का पानी दें और पुस्तक के अनुसार 3–4 दिन परिवर्तन देखें। मिट्टी नम रखें, पानी में डुबोएँ नहीं। अंकुरण न दिखे तो कुछ और दिन निरीक्षण करें; बीज और मौसम के अनुसार समय बदलता है।

रोज लगभग एक ही समय पौधे की ऊँचाई मापें। पत्तियों की संख्या और प्रकाश की ओर झुकाव दिखाई दे तो दर्ज करें। बीजपत्र और नई पत्तियों को अलग पहचानने में शिक्षक से मदद लें।

दिन/तारीखक्या परिवर्तन देखा?ऊँचाई (सेमी)नई पत्तियाँ/दिशा
पहला दिनअपना अवलोकन भरेंमापा मान लिखेंदेखी स्थिति लिखें
दूसरा दिनअपना अवलोकन भरेंमापा मान लिखेंदेखी स्थिति लिखें
तीसरा दिनअपना अवलोकन भरेंमापा मान लिखेंदेखी स्थिति लिखें
चौथा दिन और आगेअपना अवलोकन भरेंमापा मान लिखेंदेखी स्थिति लिखें

तालिका जानबूझकर तैयार परिणाम नहीं देती। “हर दिन 2–3 सेमी” जैसी निश्चित वृद्धि न लिखें; आपने जो मापा है वही लिखें। एक छोटा अवलोकन सभी पौधों के लिए सार्वभौमिक नियम सिद्ध नहीं करता।

मिट्टी के नीचे जड़ों और ऊपर बीजपत्रों तथा हरी पत्तियों वाला राजमा का युवा पौधा
राजमा के युवा पौधे में नीचे जड़ों और ऊपर बीजपत्रों व हरी पत्तियों का सांकेतिक दृश्य। AI-सहायता से बनाया गया वनस्पति चित्र; यह किसी वास्तविक प्रयोग की तस्वीर या तय दिन का परिणाम नहीं है।

शब्दों के रूप

पुस्तक में ‘मिट्टी’ की विशेषता बताने वाले शब्द दिए गए हैं – चिकनी, उपजाऊ, नम, रेतीली, भुरभुरी, काली। अब आप ‘पेड़’, ‘सर्दी’, ‘सूरज’ जैसे शब्दों की विशेषता बताने वाले शब्द बॉक्स बनाकर लिखिए—

शब्दविशेषता बताने वाले शब्द
मिट्टी (उदाहरण)चिकनी, उपजाऊ, नम, रेतीली, भुरभुरी, काली
पेड़हरा-भरा, घना, ऊँचा, छायादार, फलदार, विशाल
सर्दीकड़ाके की, ठंडी, हड्डी कँपा देने वाली, सुहावनी, कोहरे भरी
सूरजचमकीला, तेज़, गरम, सुनहरा, उगता हुआ, ढलता हुआ

पाठ से आगे

मेरे प्रिय

नीचे दी गई तालिका में प्रत्येक के लिए अपनी पसंद के तीन-तीन नाम लिखिए— फूल, पक्षी, वृक्ष, पुस्तक, खेल।

उत्तर (नमूना – अपनी पसंद के अनुसार बदल सकते हैं)
फूलपक्षीवृक्षपुस्तकखेल
गुलाबमोरआमपंचतंत्रकबड्डी
गेंदातोतापीपलअकबर-बीरबलखो-खो
कमलकोयलनीमचाचा चौधरीक्रिकेट

आज की पहेली

इस शब्द-सीढ़ी में पाठ में आए शब्द हैं। उन्हें पूरा कीजिए और पाठ में रेखांकित कीजिए।

उत्तरपाठ में आए ये शब्द शब्द-सीढ़ी में छिपे हैं— रात → तमाम → ममता → ताप → पल्लव → वसंत → तना → नाम → मज़बूत → तरल → लटक → कम।पुस्तक की पहेली-उत्तर सूची (पृष्ठ 165) यही क्रम देती है। शब्द बारी-बारी से आड़े और नीचे जाते हैं तथा साझा अक्षर से जुड़ते हैं। पाठ में “पल्लवित” और “मजबूती” जैसे विस्तृत रूप भी खोजें।

खोजबीन के लिए

मार्गदर्शन: बोस संस्थान पर बसु के रेडियो-तरंग, उपकरण और पौधों की प्रतिक्रिया संबंधी कार्य पढ़ें। तथ्य और स्रोत लिखकर छोटा अनुच्छेद बनाएँ। “दुनिया में पहली बार पौधों में जीवन सिद्ध किया” जैसा व्यापक दावा न दोहराएँ; उनके विशिष्ट योगदान का नाम दें।

ClearStudy के अतिरिक्त प्रश्न

यह अतिरिक्त अभ्यास NCERT के मुद्रित अभ्यास से अलग है।

1. लेख की शैली कैसी है?

वैज्ञानिक घटनाएँ अवलोकन, उदाहरण और मानवीकरण से समझाई गई हैं। इससे पाठ रोचक और संवेदनशील बनता है।

2. नन्हे मुँह और नल किसके संकेत हैं?

पत्तियों के सूक्ष्म छिद्र रंध्र और भीतर पदार्थ पहुँचाने वाले परिवहन ऊतक। ये सचमुच मानव-मुँह या धातु के नल नहीं हैं।

3. प्रकाश का क्या महत्त्व है?

हरे पौधे प्रकाश-संश्लेषण में उसकी ऊर्जा से भोजन बनाते हैं। यही भोजन अनेक जीवों को सीधे या परोक्ष रूप में पोषण देता है।

4. संतान के लिए त्याग का आशय?

लेखक बीजों के पोषण को माँ की ममता से जोड़ते हैं। यह साहित्यिक तुलना है; पेड़ मानव माता की तरह सोचता नहीं और हर पेड़ फलने के बाद मरता नहीं।

5. क्या फूल में शहद होता है?

फूल का मीठा रस मकरंद है। मधुमक्खियाँ मकरंद से शहद बनाती हैं।

6. प्रयोग का उत्तर कैसे लिखें?

तारीख, वास्तविक माप और दिखे परिवर्तन लिखें; न देखे परिणाम को अपना अवलोकन न बनाएँ।

ClearStudy अभ्यास MCQ और अभिकथन-कारण

ये ClearStudy के अतिरिक्त अभ्यास हैं, पुस्तक की आधिकारिक उत्तर-कुंजी नहीं।

  1. पाठ का हिंदी अनुवाद किसने किया? (क) शंकर सेन (ख) दिनकर — उत्तर: क।
  2. पत्तियों के गैस-आदान-प्रदान वाले छिद्र? (क) बीज (ख) रंध्र — उत्तर: ख।
  3. हरे पौधे प्रकाश-संश्लेषण में किस गैस का उपयोग करते हैं? (क) कार्बन डाइऑक्साइड (ख) केवल ऑक्सीजन — उत्तर: क।
  4. कली के बाद पुस्तक के आरेख में क्या है? (क) अंकुर (ख) फूल — उत्तर: ख।
  5. फूल में कीटों को आकर्षित करने वाला मीठा रस? (क) मकरंद (ख) तैयार शहद — उत्तर: क।
  6. ऊँचाई की तालिका में क्या लिखें? (क) अनुमानित निश्चित वृद्धि (ख) अपना मापा मान — उत्तर: ख।

अभिकथन–कारण

विकल्प: (क) दोनों सही और कारण सही व्याख्या; (ख) दोनों सही, पर कारण सही व्याख्या नहीं; (ग) अभिकथन सही, कारण गलत; (घ) अभिकथन गलत, कारण सही।

1. A: हरे पौधों को भोजन बनाने में प्रकाश चाहिए। R: प्रकाश-संश्लेषण में प्रकाश की ऊर्जा काम आती है। उत्तर: क।

2. A: हर पेड़ फल बनने के तुरंत बाद मर जाता है। R: अनेक वृक्ष कई वर्षों तक फल बनाते हैं। उत्तर: घ।

3. A: फूल में मधुमक्खियों द्वारा बना तैयार शहद भरा होता है। R: मधुमक्खियाँ फूलों के मकरंद से शहद बनाती हैं। उत्तर: घ।

परीक्षा-टिप्स एवं सामान्य गलतियाँ

  • लेखक जगदीशचंद्र बसु और अनुवादक शंकर सेन का अंतर याद रखें।
  • जड़ से जल/खनिज लेने और हरे भागों में भोजन बनने का अंतर समझें।
  • आठ खानों का प्रवाह चार्ट पुस्तक के क्रम में भरें; कली को न छोड़ें।
  • शब्द-सीढ़ी की जाँच पुस्तक की पृष्ठ 165 की सूची से करें।
  • “भेद मालूम”, “हँसना” और “ममता” को मानवीकरण के रूप में पढ़ें। प्रयोग में अपना वास्तविक अवलोकन दें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेड़ की बात के लेखक और अनुवादक कौन हैं?

लेखक जगदीशचंद्र बसु हैं। बांग्ला से हिंदी अनुवाद शंकर सेन ने किया है।

पौधे अपना भोजन कैसे बनाते हैं?

हरे भाग प्रकाश-संश्लेषण में जल और कार्बन डाइऑक्साइड से भोजन बनाते हैं। जड़ें जल और घुले खनिज पहुँचाती हैं।

बीज से बीज तक प्रवाह चार्ट का सही क्रम क्या है?

पुस्तक के आठ खानों का क्रम बीज, अंकुर, पौधा, पत्ता, कली, फूल, फल और बीज है।

क्या हर पेड़ बीज बनाकर मर जाता है?

नहीं। अनेक वृक्ष वर्षों तक फलते हैं। लेख में संतान के लिए त्याग माँ की ममता से जुड़ा साहित्यिक मानवीकरण है।

पाठ्यपुस्तक के अभ्यास और ClearStudy के अतिरिक्त अभ्यास अलग दिए हैं। उत्तर अध्ययन-सहायता हैं, आधिकारिक NCERT उत्तर-कुंजी नहीं।

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