घर की याद प्रश्न उत्तर — कक्षा 9 हिंदी गंगा
घर की याद प्रश्न उत्तर में कक्षा 9 हिंदी गंगा के अध्याय 12 का सार, भावार्थ, अभ्यासों की व्याख्या और रचनात्मक कार्यों के नमूने पढ़ें। भवानीप्रसाद मिश्र की कविता में वर्षा, कारावास और परिवार की स्मृति एक साथ जुड़ते हैं।
स्रोत: NCERT गंगा, कक्षा 9, प्रथम संस्करण मार्च 2026, पृष्ठ 194–206। खुले प्रश्नों, अनुभवों और रचनात्मक कार्यों के उत्तर नमूने हैं; अपने विचार जोड़ें। यह स्वतंत्र अध्ययन-सहायिका है, NCERT की आधिकारिक उत्तरमाला नहीं।
कवि परिचय – भवानीप्रसाद मिश्र
भवानीप्रसाद मिश्र का जन्म सन् 1913 में मध्य प्रदेश के होशंगाबाद (अब नर्मदापुरम) में हुआ था। साहित्य के साथ-साथ स्वाधीनता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी रखने वाले कवियों में वे प्रमुख हैं। उनकी मुख्य रचनाएँ हैं – गीत-फ़रोश, खुशबू के शिलालेख, चकित है दुख, अँधेरी कविताएँ, बुनी हुई रस्सी, कवितांतर, शतदल, गांधी-पंचशती, त्रिकाल संध्या आदि। बुनी हुई रस्सी (कविता संग्रह) पर उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। उन्होंने राष्ट्रभाषा प्रचार समिति में कार्य किया, हैदराबाद से प्रकाशित पत्रिका कल्पना का संपादन किया तथा आकाशवाणी के हिंदी कार्यक्रमों से भी संबद्ध रहे। संपूर्ण गांधी वाङ्मय का संपादन भी उन्होंने किया। सन् 1985 में उनका निधन हुआ।
पाठ का सार
भवानीप्रसाद मिश्र ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कारावास में यह कविता लिखी। रात-भर बरसते पानी से कवि की घर की याद तीव्र हो जाती है। स्मृति में चार भाई, चार बहनें, स्नेहमयी माँ और साहसी किंतु कोमल हृदय वाले पिता उभरते हैं। पाँचवाँ पुत्र स्वयं कवि है, जो घर से दूर जेल में है।
कवि कल्पना करता है कि पिता चार बेटों को सामने देखकर पाँचवें की कमी महसूस कर रहे होंगे। माँ पिता को धीरज बँधाती है: भवानी ने उन्हीं का मार्ग अपनाया है; स्वतंत्रता के संघर्ष से पीछे हटना लज्जा की बात होती। वह पिता से भावनात्मक रूप से टूट न पड़ने को कहती है, ताकि बाकी बच्चे भी न रो पड़ें। यहाँ माँ सीधे जेल में बैठे पुत्र से बात नहीं कर रही।
वर्षा थमने पर प्रकृति शांत होती है, लेकिन पक्षी की पुकार कवि का दुख फिर जगा देती है। अंत में वह पवन और सावन को संबोधित कर घर तक अपनी कुशलता का संदेश पहुँचाना चाहता है। वह चाहता है कि परिवार को उसके जागते रहने, अकेलेपन और मानसिक व्यथा का पता न चले। प्रसन्न और व्यस्त होने की बातें परिवार को दिलासा देने के लिए भेजे जाने वाले संदेश हैं; इन्हें जेल में उसके सचमुच पूर्णतः सुखी होने का प्रमाण नहीं मानना चाहिए।
भावार्थ
1. वर्षा में घर का उभरना
घनी वर्षा, हिलते पत्ते और बहती हवा बाहरी दृश्य हैं; इनके साथ कवि की भीतरी बेचैनी जुड़ती है। घर दूर है, फिर भी स्मृति में आँखों के सामने दिखाई देता है।
2. माता-पिता और भाई-बहनों की स्मृति
माँ अक्षरज्ञान के बिना भी अत्यंत स्नेहमयी और प्रभावशाली है। पिता व्यायाम और गीता-पाठ करते हैं; उनकी शारीरिक दृढ़ता के साथ गहरी संवेदनशीलता भी है। कवि की कल्पना में पुत्र-वियोग से दुखी पिता को माँ सांत्वना देती है। पिता बात टालते हैं, पर वर्षा उन्हें बेटे के बगीचे और लौकी लगाने की याद दिलाती है।
3. शांति के बीच फिर जागता दुख
वर्षा रुक जाती है; आकाश और वृक्षों में स्थिरता आती है। पक्षी का स्वर इस शांति में कवि की पीड़ा फिर खोल देता है। बरगद से टूटते पत्ते और बहती धारा की कल्पना पिता के हृदय की कोमलता समझाती है—यह मात्र वनस्पति-वर्णन नहीं है।
4. सावन से परिवार के लिए प्रार्थना
कवि सावन से परिवार को अपने स्वस्थ, प्रसन्न और काम में लगे होने की खबर देने को कहता है। अपनी वास्तविक उदासी छिपाने की इच्छा अपनों को चिंता से बचाने का प्रयास है। अंतिम प्रार्थना में बादल का बरसना स्वीकार है, किंतु माता-पिता की आँखों से आँसू न बरसें—यही परिवार-प्रेम का चरम है।
मूल कविता अपनी NCERT गंगा पुस्तक में पढ़ें। यहाँ भावार्थ और आवश्यक छोटे संदर्भ दिए गए हैं।

शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| घनेरा / घना | गाढ़ा, गहरा, सघन |
| तिरना | तैरना, उतराना |
| परिताप | अत्यधिक दुख, शोक, संताप |
| चतुर्दिक् | चारों ओर |
| वज्र | बहुत कठोर/दृढ़ |
| नवनीत | ताजा मक्खन |
| उर | हृदय, मन |
| झंझा | तेज हवा, आँधी-पानी |
| लरजना | काँपना, हिलना-डुलना |
| मूठ | मुट्ठी; (मुगदर की) दस्ता |
| अभागा | भाग्यहीन |
| धीर | धैर्यवान, दृढ़, गंभीर |
| झारी | पुस्तक की शब्द-संपदा में टोटीदार जलपात्र। कविता की “झड़ी-झारी” वाली पंक्ति में लगातार बरसने और मन के उमड़ने का संदर्भ भी समझें। |
| बेला | एक सुगंधित फूल (मोगरा) |
| फलाना / फलाँ | अमुक, कोई |
| निहायत | बहुत ज्यादा, अत्यधिक |
| लुनाई | सुंदरता, सलोनापन |
| क्षितिज | जहाँ धरती-आकाश मिलते दिखते हैं |
| तृषा | तीव्र इच्छा, प्यास |
| अश्रु | आँसू |
| क्लेश | दुख, पीड़ा |
| बड़ | बरगद, वट वृक्ष |
| उमग | उल्लास, जोश |
| विरस | नीरस, अप्रिय |
| कातना | चरखे/तकली पर धागा निकालना |
| हास | हँसी, प्रसन्नता |
| ख़म | झुकाव, टेढ़ापन; यहाँ झुकी डाल के संदर्भ में |
| अस्त | डूबा हुआ, समाप्त |
मेरे उत्तर मेरे तर्क
निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं।
1. भवानीप्रसाद मिश्र ने यह कविता कहाँ और क्यों लिखी?
(क) विदेश से मित्र के लिए
(ख) युद्धभूमि से जनता के लिए
(ग) जेल से परिवार के लिए
(घ) यात्रा से किसी संबंधी के लिए
2. लगातार बरसता पानी कवि के मन की किस भावना का परिचायक है?
(क) उत्साह और आवेग
(ख) भय और क्रोध
(ग) साहस और उमंग
(घ) चिंता और बेचैनी
3. कविता में माँ की कैसी छवि उभरती है?
(क) कमजोर और निष्क्रिय
(ख) स्नेहमयी और दृढ़
(ग) शिक्षित और अनुशासनप्रिय
(घ) सरल और उदासीन
4. “वज्र-भुज नवनीत-सा उर” पंक्ति के माध्यम से पिता के व्यक्तित्व की कैसी छवि प्रस्तुत की गई है?
(क) कर्मठ और सृजनशील
(ख) साहसी और पराक्रमी
(ग) दृढ़ और संवेदनशील
(घ) प्रसन्नचित्त और सक्रिय
5. “एक पत्ता टूट जाए, बस कि धारा फूट जाए” पंक्ति किस ओर संकेत करती है?
(क) पिता की कठोरता
(ख) पिता की भावुकता
(ग) वर्षा की तीव्रता
(घ) पिता की निर्बलता
6. “बहिन आई बाप के घर, हाय रे परिताप के घर” पंक्ति में ‘परिताप’ शब्द से क्या संकेत मिलता है?
(क) घर का समृद्ध होना
(ख) घर की सजावट
(ग) घर में दुख का वातावरण
(घ) घर की शांति
7. “और कहना मस्त हूँ मैं” पंक्ति में कवि का ऐसा कहना किस बात की ओर संकेत करता है?
(क) कवि अपने जीवन में बहुत खुश है।
(ख) अपने दुख को परिजनों से छिपाना चाहता है।
(ग) घर के लोगों के प्रति उदासीन है।
(घ) कवि प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत है।
8. इस कविता में किस बात को प्रमुखता से वर्णित किया गया है?
(क) घर की शांति और सुरक्षा
(ख) घर के सदस्यों के बीच का संबंध
(ग) घर के निर्माण की प्रक्रिया
(घ) घर की याद और अकेलेपन की पीड़ा
मेरी समझ मेरे विचार
1. पिता का बहुआयामी व्यक्तित्व स्पष्ट कीजिए।
2. “दुख डटकर ठेलता हूँ”—धैर्य, साहस और त्याग कैसे प्रकट होते हैं?
3. बार-बार वर्षा का वर्णन कवि के भावों को कैसे व्यक्त करता है?
4. माँ की भावनात्मक मजबूती बताने वाली पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए।
5. सबसे भावनात्मक और प्रभावी अंश कौन-सा लगा?
कविता का सौंदर्य
| पुस्तक में दी गई विशेषता | उदाहरण और प्रभाव |
|---|---|
| स्मृति और दृश्य बिंब | “घर नजर में तिर रहा है”—दूर का घर मन में दृश्य बनकर उभरता है। |
| लोकभाषा की सहजता | “छिन”, “भौजी”, “बड़”—बोलचाल के शब्द कविता को घरेलू आत्मीयता देते हैं। |
| पंक्तियों का दोहराव | “हाय, पानी गिर रहा है”—बार-बार लौटती वर्षा और स्मृति लय तथा भाव को जोड़ते हैं। |
| आलंकारिक प्रयोग | “नवनीत-सा उर” में उपमा है; हृदय की कोमलता मक्खन से समझाई गई है। “वज्र-भुज” में भुजाओं पर वज्र का आरोप रूपक है। |
| प्रकृति और मनोभावों का सामंजस्य | “एक पंछी बोलता है, घाव उर के खोलता है”—प्रकृति की शांति के बाद भी पक्षी की पुकार भीतरी पीड़ा जगाती है। |
| संबोधनात्मकता | “हे सजीले हरे सावन”—सावन को सामने उपस्थित व्यक्ति की तरह पुकारना संदेश को आत्मीय बनाता है। |
संरचना: प्रकृति और मन के बदलते दृश्य
- रात-भर की वर्षा और अँधेरी सुबह—घर की तीखी याद।
- घर के सदस्य स्मृति में उभरते हैं—स्नेह और वियोग।
- कल्पित माता-पिता का संवाद—गर्व, दुख और सांत्वना।
- वर्षा थमना और प्रकृति का स्थिर होना—क्षणिक ठहराव।
- पक्षी का स्वर—फिर जागती पीड़ा और असहायता।
- पवन/सावन से संदेश का आग्रह—परिवार को ढाढ़स देने की इच्छा।
पाठ से जीवन की ओर — नमूना उत्तर
1. संयुक्त और एकल परिवार की तुलना कीजिए।
| पहलू | संयुक्त परिवार | एकल परिवार |
|---|---|---|
| रहने की व्यवस्था | कई पीढ़ियाँ या निकट संबंधी साथ रह सकते हैं। | सामान्यतः माता-पिता और बच्चे अलग गृहस्थी में रहते हैं। |
| सहयोग | देखभाल और घरेलू जिम्मेदारियाँ बाँटने के अधिक अवसर। | कम सदस्यों के बीच निर्णय और व्यवस्था सरल हो सकते हैं। |
| संभावित कठिनाई | निजता और अलग राय के लिए स्थान बनाना पड़ सकता है। | बीमारी या व्यस्तता में बाहरी सहयोग की जरूरत हो सकती है। |
2. लगातार वर्षा से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में क्या समस्याएँ हो सकती हैं?
3. संचार के पुराने और नए माध्यमों में अंतर बताइए।
4. “भारत का स्वतंत्रता संग्राम” पर लेख लिखिए।
विस्तार के लिए: NCERT: राष्ट्रीय आंदोलन, 1870 के दशक से 1947 तक। शिक्षक की सहायता से स्थानीय स्वतंत्रता-सेनानी का सत्यापित उदाहरण जोड़ें।
सृजन — कल्पनात्मक लेखन
1. यदि माँ पत्र लिख सकती, तो क्या लिखती?
प्रिय भवानी,
तुम्हारी बहुत याद आती है। बरसात में तुम्हारे लगाए पौधों को देखकर तुम्हारे पिता भावुक हो जाते हैं। मैंने उन्हें समझाया है कि तुमने अच्छे उद्देश्य के लिए साहस का रास्ता चुना है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना और अवसर मिलने पर समाचार देना। घर के सब लोग तुम्हें स्नेह भेजते हैं। हम तुम्हारे लौटने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
आशीर्वाद सहित,
तुम्हारी माँ
2. माँ और पिता की बातचीत को संवाद के रूप में लिखिए।
पिता: चार बेटे सामने हैं, पर भवानी की कमी बहुत खलती है।
माँ: उसका मन भी यहीं होगा। उसने आपका ही साहस वाला रास्ता अपनाया है।
पिता: इस वर्षा में उसके लगाए पौधे देखकर आँखें भर आती हैं।
माँ: मुझे भी याद आती है, लेकिन आप सँभलिए। आपको दुखी देखकर बाकी बच्चे भी रो पड़ेंगे।
पिता: हाँ, उसके उद्देश्य पर हमें गर्व है। ईश्वर उसे हिम्मत दे।
3. किस प्राकृतिक उपादान को अपना संदेशवाहक चुनेंगे और क्यों?
व्याकरण की बात
1. रेखांकित स्थानीय शब्दों के अर्थ और नए वाक्य
पृष्ठ 202 में रेखांकित शब्द छिन, फलानी, भौजी और बड़ हैं। आरंभिक उदाहरण “चुआ” भी नीचे समझाया गया है।
| शब्द | अर्थ | नया वाक्य |
|---|---|---|
| छिन | क्षण, पल | वह एक छिन के लिए भी नहीं रुका। |
| फलानी | अमुक; नाम बताए बिना किसी वस्तु या व्यक्ति का उल्लेख | दादी ने कहा कि फलानी दुकान पर अच्छी चूड़ियाँ मिलती हैं। |
| भौजी | भाभी, भाई की पत्नी के लिए आत्मीय संबोधन | भौजी ने सबको अपने बनाए पकवान खिलाए। |
| बड़ | बरगद का वृक्ष | गाँव के बड़ की छाया में यात्री बैठते हैं। |
| चुआ | टपका; कविता में मन से भाव उमड़ने का संकेत | छत से वर्षा का पानी चुआ। |
2. शब्दों की व्याकरणिक पहचान
| समूह | शब्द और पहचान |
|---|---|
| (क) पुस्तक का उदाहरण | पानी—संज्ञा; बहुत—विशेषण; गिर रहा है—क्रिया। |
| (ख) | बुढ़ापा—भाववाचक संज्ञा; व्यापा—क्रिया; जिनको—संबंधवाचक सर्वनाम। |
| (ग) | खुले—विशेषण; वह—सर्वनाम; बदन—संज्ञा; फिरता—क्रिया। |
| (घ) | एक—संख्यावाचक विशेषण; फूट जाए—क्रिया; पत्ता—संज्ञा। |
| (ङ) | सजीले—विशेषण; मेरे—“मैं” सर्वनाम का संबंधकारक रूप; सावन—संज्ञा। |
“मेरे” अपने मूल रूप में सर्वनाम से बना है। “मेरे सावन” में यह संबंध भी बताता है; कुछ व्याकरण-पद्धतियों में ऐसे संज्ञा-पूर्व प्रयोग को सार्वनामिक विशेषण कहा जाता है। पुस्तक के शब्द-वर्ग अभ्यास में सर्वनाम लिखना उपयुक्त है।
गतिविधियाँ और भाषा संगम
1. अपना परिवार-वृक्ष और सदस्यों का परिचय तैयार कीजिए।
2. ध्वनि-आधारित शब्दों का मौखिक पाठ/ऑडियो तैयार कीजिए।
भाषा संगम: “घर” और अपनी मातृभाषा का वाक्य
खोजबीन और साथ-साथ पढ़ें
घर-परिवार के प्रेम वाली दूसरी रचना पर प्रस्तुति
प्रकृति को दूत बनाने वाली रचनाएँ खोजिए।
| रचना और रचनाकार | प्राकृतिक संदेशवाहक |
|---|---|
| कालिदास का मेघदूत | मेघ; विरही यक्ष अपनी प्रिय तक संदेश पहुँचाने का आग्रह करता है। |
| अयोध्यासिंह उपाध्याय “हरिऔध” का प्रियप्रवास | पवन; राधा उससे कृष्ण तक अपनी व्यथा का संकेत पहुँचाने को कहती है। |
तुलना करें: इन रचनाओं में विरह और संदेश की कल्पना है; “घर की याद” में चिंता माता-पिता और पूरे परिवार से जुड़ी है। प्रियप्रवास का मूल षष्ठ सर्ग पढ़कर प्रकृति-दूत का उदाहरण खोजें।
रामनरेश त्रिपाठी की “तब याद तुम्हारी आती है” से तुलना
अतिरिक्त प्रश्न
अति लघु उत्तरीय
1. ‘घर की याद’ कविता के रचयिता कौन हैं?
2. कवि ने इस कविता में किसे संदेशवाहक बनाया है?
3. कविता किस आंदोलन के दौरान लिखी गई थी?
लघु उत्तरीय
4. कवि बादल से क्या-क्या न कहने का आग्रह करता है और क्यों?
5. कविता में ‘पाँचवाँ’ कौन है और उसके लिए क्या कहा गया है?
दीर्घ उत्तरीय
6. ‘घर की याद’ कविता की प्रमुख विशेषताएँ एवं संदेश लिखिए।
अभ्यास MCQ & अभिकथन-कारण
1. कविता की केंद्रीय संवेदना क्या है?
(क) प्रकृति-सौंदर्य
(ख) परिवार की स्मृति
(ग) युद्ध का वर्णन
(घ) हास्य-व्यंग्य
2. पिता के हृदय की तुलना किससे की गई है?
(क) वज्र से
(ख) पत्थर से
(ग) नवनीत (मक्खन) से
(घ) लोहे से
3. कविता में किस ऋतु का वर्णन है?
(क) ग्रीष्म
(ख) वर्षा (सावन)
(ग) शिशिर
(घ) वसंत
4. ‘परिताप’ शब्द का अर्थ है—
(क) अत्यधिक दुख/संताप
(ख) प्रसन्नता
(ग) समृद्धि
(घ) शांति
अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।
1. अभिकथन (A): कवि बादल से अपने कष्ट परिवार को न बताने का आग्रह करता है।
कारण (R): वह नहीं चाहता कि उसके दुख जानकर परिवार चिंतित या दुखी हो।
2. अभिकथन (A): कविता में पिता को पूर्णतः कठोर एवं भावनाहीन दिखाया गया है।
कारण (R): उनका हृदय मक्खन-सा कोमल है और वे पुत्र को याद कर रो पड़ते हैं।
3. अभिकथन (A): वर्षा का वर्णन कवि के मन की उदासी एवं विरह को गहराता है।
कारण (R): बाहरी वर्षा कवि के भीतरी भावों से जुड़कर घर की याद को तीव्र बना देती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
माँ किसे धीरज बँधाती है?
कवि की कल्पना में माँ पिता को धीरज बँधाती है। वह भवानी के स्वतंत्रता-संघर्ष में जाने का समर्थन करती है और पिता से कहती है कि उन्हें रोता देखकर दूसरे बच्चे भी रो पड़ेंगे।
‘घर की याद’ कविता के कवि कौन हैं?
इस कविता के कवि भवानीप्रसाद मिश्र हैं, जिन्होंने इसे 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जेल में लिखा।
कविता की केंद्रीय संवेदना क्या है?
जेल में बंद कवि की घर-परिवार की याद, विरह-वेदना तथा अपनों को चिंता से बचाने की भावना।
कवि ने संदेशवाहक किसे बनाया है?
कवि सावन के बादल को कल्पित संदेशवाहक बनाकर परिवार तक अपनी कुशलता का संदेश पहुँचाने का आग्रह करता है।
पिता का व्यक्तित्व कैसा है?
पिता दृढ़ (वज्र-सी भुजाएँ) और संवेदनशील (मक्खन-सा कोमल हृदय) हैं; बुढ़ापे में भी सक्रिय एवं निडर, पर पुत्र-प्रेम में भावुक।
