घर की याद प्रश्न उत्तर — कक्षा 9 हिंदी गंगा

घर की याद प्रश्न उत्तर में कक्षा 9 हिंदी गंगा के अध्याय 12 का सार, भावार्थ, अभ्यासों की व्याख्या और रचनात्मक कार्यों के नमूने पढ़ें। भवानीप्रसाद मिश्र की कविता में वर्षा, कारावास और परिवार की स्मृति एक साथ जुड़ते हैं।

कक्षा: 9 विषय: हिंदी पुस्तक: गंगा (काव्य खंड) अध्याय: 12 कवि: भवानीप्रसाद मिश्र विधा: कविता (विरह/स्मृति) स्रोत संस्करण: मार्च 2026

स्रोत: NCERT गंगा, कक्षा 9, प्रथम संस्करण मार्च 2026, पृष्ठ 194–206। खुले प्रश्नों, अनुभवों और रचनात्मक कार्यों के उत्तर नमूने हैं; अपने विचार जोड़ें। यह स्वतंत्र अध्ययन-सहायिका है, NCERT की आधिकारिक उत्तरमाला नहीं।

कवि परिचय – भवानीप्रसाद मिश्र

भवानीप्रसाद मिश्र का जन्म सन् 1913 में मध्य प्रदेश के होशंगाबाद (अब नर्मदापुरम) में हुआ था। साहित्य के साथ-साथ स्वाधीनता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी रखने वाले कवियों में वे प्रमुख हैं। उनकी मुख्य रचनाएँ हैं – गीत-फ़रोश, खुशबू के शिलालेख, चकित है दुख, अँधेरी कविताएँ, बुनी हुई रस्सी, कवितांतर, शतदल, गांधी-पंचशती, त्रिकाल संध्या आदि। बुनी हुई रस्सी (कविता संग्रह) पर उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला। उन्होंने राष्ट्रभाषा प्रचार समिति में कार्य किया, हैदराबाद से प्रकाशित पत्रिका कल्पना का संपादन किया तथा आकाशवाणी के हिंदी कार्यक्रमों से भी संबद्ध रहे। संपूर्ण गांधी वाङ्मय का संपादन भी उन्होंने किया। सन् 1985 में उनका निधन हुआ।

पाठ का सार

भवानीप्रसाद मिश्र ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कारावास में यह कविता लिखी। रात-भर बरसते पानी से कवि की घर की याद तीव्र हो जाती है। स्मृति में चार भाई, चार बहनें, स्नेहमयी माँ और साहसी किंतु कोमल हृदय वाले पिता उभरते हैं। पाँचवाँ पुत्र स्वयं कवि है, जो घर से दूर जेल में है।

कवि कल्पना करता है कि पिता चार बेटों को सामने देखकर पाँचवें की कमी महसूस कर रहे होंगे। माँ पिता को धीरज बँधाती है: भवानी ने उन्हीं का मार्ग अपनाया है; स्वतंत्रता के संघर्ष से पीछे हटना लज्जा की बात होती। वह पिता से भावनात्मक रूप से टूट न पड़ने को कहती है, ताकि बाकी बच्चे भी न रो पड़ें। यहाँ माँ सीधे जेल में बैठे पुत्र से बात नहीं कर रही।

वर्षा थमने पर प्रकृति शांत होती है, लेकिन पक्षी की पुकार कवि का दुख फिर जगा देती है। अंत में वह पवन और सावन को संबोधित कर घर तक अपनी कुशलता का संदेश पहुँचाना चाहता है। वह चाहता है कि परिवार को उसके जागते रहने, अकेलेपन और मानसिक व्यथा का पता न चले। प्रसन्न और व्यस्त होने की बातें परिवार को दिलासा देने के लिए भेजे जाने वाले संदेश हैं; इन्हें जेल में उसके सचमुच पूर्णतः सुखी होने का प्रमाण नहीं मानना चाहिए।

भावार्थ

1. वर्षा में घर का उभरना

घनी वर्षा, हिलते पत्ते और बहती हवा बाहरी दृश्य हैं; इनके साथ कवि की भीतरी बेचैनी जुड़ती है। घर दूर है, फिर भी स्मृति में आँखों के सामने दिखाई देता है।

2. माता-पिता और भाई-बहनों की स्मृति

माँ अक्षरज्ञान के बिना भी अत्यंत स्नेहमयी और प्रभावशाली है। पिता व्यायाम और गीता-पाठ करते हैं; उनकी शारीरिक दृढ़ता के साथ गहरी संवेदनशीलता भी है। कवि की कल्पना में पुत्र-वियोग से दुखी पिता को माँ सांत्वना देती है। पिता बात टालते हैं, पर वर्षा उन्हें बेटे के बगीचे और लौकी लगाने की याद दिलाती है।

3. शांति के बीच फिर जागता दुख

वर्षा रुक जाती है; आकाश और वृक्षों में स्थिरता आती है। पक्षी का स्वर इस शांति में कवि की पीड़ा फिर खोल देता है। बरगद से टूटते पत्ते और बहती धारा की कल्पना पिता के हृदय की कोमलता समझाती है—यह मात्र वनस्पति-वर्णन नहीं है।

4. सावन से परिवार के लिए प्रार्थना

कवि सावन से परिवार को अपने स्वस्थ, प्रसन्न और काम में लगे होने की खबर देने को कहता है। अपनी वास्तविक उदासी छिपाने की इच्छा अपनों को चिंता से बचाने का प्रयास है। अंतिम प्रार्थना में बादल का बरसना स्वीकार है, किंतु माता-पिता की आँखों से आँसू न बरसें—यही परिवार-प्रेम का चरम है।

मूल कविता अपनी NCERT गंगा पुस्तक में पढ़ें। यहाँ भावार्थ और आवश्यक छोटे संदर्भ दिए गए हैं।

वर्षा में जेल की खिड़की के पास बैठा कवि और उसकी कल्पना में पिता को सांत्वना देती माँ
घर की याद: बाएँ कारावास में कवि, दाएँ उसकी कल्पना में माता-पिता। माँ पिता को धीरज देती है। यह कविता पर आधारित कल्पनात्मक जलरंग चित्र है, ऐतिहासिक व्यक्तियों का प्रमाणित चित्र नहीं।

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
घनेरा / घनागाढ़ा, गहरा, सघन
तिरनातैरना, उतराना
परितापअत्यधिक दुख, शोक, संताप
चतुर्दिक्चारों ओर
वज्रबहुत कठोर/दृढ़
नवनीतताजा मक्खन
उरहृदय, मन
झंझातेज हवा, आँधी-पानी
लरजनाकाँपना, हिलना-डुलना
मूठमुट्ठी; (मुगदर की) दस्ता
अभागाभाग्यहीन
धीरधैर्यवान, दृढ़, गंभीर
झारीपुस्तक की शब्द-संपदा में टोटीदार जलपात्र। कविता की “झड़ी-झारी” वाली पंक्ति में लगातार बरसने और मन के उमड़ने का संदर्भ भी समझें।
बेलाएक सुगंधित फूल (मोगरा)
फलाना / फलाँअमुक, कोई
निहायतबहुत ज्यादा, अत्यधिक
लुनाईसुंदरता, सलोनापन
क्षितिजजहाँ धरती-आकाश मिलते दिखते हैं
तृषातीव्र इच्छा, प्यास
अश्रुआँसू
क्लेशदुख, पीड़ा
बड़बरगद, वट वृक्ष
उमगउल्लास, जोश
विरसनीरस, अप्रिय
कातनाचरखे/तकली पर धागा निकालना
हासहँसी, प्रसन्नता
ख़मझुकाव, टेढ़ापन; यहाँ झुकी डाल के संदर्भ में
अस्तडूबा हुआ, समाप्त

मेरे उत्तर मेरे तर्क

निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं।

1. भवानीप्रसाद मिश्र ने यह कविता कहाँ और क्यों लिखी?

(क) विदेश से मित्र के लिए

(ख) युद्धभूमि से जनता के लिए

(ग) जेल से परिवार के लिए

(घ) यात्रा से किसी संबंधी के लिए

उत्तर(ग) जेल से परिवार के लिए।यह कविता 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में कवि के जेल में रहते हुए, अपने परिवार की याद में लिखी गई थी।

2. लगातार बरसता पानी कवि के मन की किस भावना का परिचायक है?

(क) उत्साह और आवेग

(ख) भय और क्रोध

(ग) साहस और उमंग

(घ) चिंता और बेचैनी

उत्तर(घ) चिंता और बेचैनी।लगातार बरसता पानी कवि के मन की उदासी, घर की याद तथा भीतरी बेचैनी का प्रतीक है।

3. कविता में माँ की कैसी छवि उभरती है?

(क) कमजोर और निष्क्रिय

(ख) स्नेहमयी और दृढ़

(ग) शिक्षित और अनुशासनप्रिय

(घ) सरल और उदासीन

उत्तर(ख) स्नेहमयी और दृढ़।माँ अक्षरज्ञान न होने पर भी स्नेहमयी और भावनात्मक रूप से दृढ़ है। कवि की कल्पना में वह पिता को धीरज देती है और बताती है कि भवानी का स्वतंत्रता-संघर्ष में जाना गर्व की बात है।

4. “वज्र-भुज नवनीत-सा उर” पंक्ति के माध्यम से पिता के व्यक्तित्व की कैसी छवि प्रस्तुत की गई है?

(क) कर्मठ और सृजनशील

(ख) साहसी और पराक्रमी

(ग) दृढ़ और संवेदनशील

(घ) प्रसन्नचित्त और सक्रिय

उत्तर(ग) दृढ़ और संवेदनशील।वज्र-सी मजबूत भुजाएँ पिता की दृढ़ता तथा मक्खन-सा कोमल हृदय उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।

5. “एक पत्ता टूट जाए, बस कि धारा फूट जाए” पंक्ति किस ओर संकेत करती है?

(क) पिता की कठोरता

(ख) पिता की भावुकता

(ग) वर्षा की तीव्रता

(घ) पिता की निर्बलता

उत्तर(ख) पिता की भावुकता।बरगद के पत्ते और उससे निकलती धारा की छवि पिता की कोमलता का रूपक बनती है। परिवार के एक सदस्य का दूर होना भी उन्हें भीतर तक दुखी कर देता है; यह निरर्थक बात पर रोना नहीं है।

6. “बहिन आई बाप के घर, हाय रे परिताप के घर” पंक्ति में ‘परिताप’ शब्द से क्या संकेत मिलता है?

(क) घर का समृद्ध होना

(ख) घर की सजावट

(ग) घर में दुख का वातावरण

(घ) घर की शांति

उत्तर(ग) घर में दुख का वातावरण।‘परिताप’ का अर्थ है अत्यधिक दुख/संताप; कवि के जेल में होने से घर में दुख एवं उदासी का वातावरण है।

7. “और कहना मस्त हूँ मैं” पंक्ति में कवि का ऐसा कहना किस बात की ओर संकेत करता है?

(क) कवि अपने जीवन में बहुत खुश है।

(ख) अपने दुख को परिजनों से छिपाना चाहता है।

(ग) घर के लोगों के प्रति उदासीन है।

(घ) कवि प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत है।

उत्तर(ख) अपने दुख को परिजनों से छिपाना चाहता है।कवि नहीं चाहता कि परिवार उसके जेल के कष्टों से दुखी हो, इसलिए वह स्वयं को ‘मस्त’ बताकर अपना दुख छिपाता है।

8. इस कविता में किस बात को प्रमुखता से वर्णित किया गया है?

(क) घर की शांति और सुरक्षा

(ख) घर के सदस्यों के बीच का संबंध

(ग) घर के निर्माण की प्रक्रिया

(घ) घर की याद और अकेलेपन की पीड़ा

उत्तर(घ) घर की याद और अकेलेपन की पीड़ा।जेल में बंद कवि की घर-परिवार की याद और विरह-जनित अकेलेपन की पीड़ा ही कविता का केंद्रीय भाव है।

मेरी समझ मेरे विचार

1. पिता का बहुआयामी व्यक्तित्व स्पष्ट कीजिए।

पिता की भुजाएँ वज्र जैसी दृढ़ और हृदय मक्खन जैसा कोमल है। वे साहसी, सक्रिय और निडर हैं; गीता पढ़ते और व्यायाम करते हैं। कवि के वर्णन में बुढ़ापा उन्हें निष्क्रिय नहीं करता। फिर भी पाँचवें बेटे का अभाव उन्हें रुला देता है। शारीरिक शक्ति, अनुशासन, आध्यात्मिक रुचि और वात्सल्य उनके व्यक्तित्व के अलग-अलग पक्ष हैं।

2. “दुख डटकर ठेलता हूँ”—धैर्य, साहस और त्याग कैसे प्रकट होते हैं?

कवि स्वतंत्रता-संघर्ष के कारण कारावास सह रहा है। परिवार से दूर रहना पीड़ादायक है, फिर भी वह अपने सार्वजनिक कर्तव्य से पीछे नहीं हटना चाहता। सावन से वह कहता है कि परिवार को उसके काम करने, कातने, खेलने और साहस बनाए रखने का संदेश दे। यह परिवार को आश्वस्त करने की उसकी इच्छा है; आगे बताई गई अनिद्रा और अकेलेपन से वास्तविक वेदना भी प्रकट होती है। साहस का अर्थ दुख का न होना नहीं, बल्कि दुख के बीच धैर्य रखना है।

3. बार-बार वर्षा का वर्णन कवि के भावों को कैसे व्यक्त करता है?

आरंभ में तेज वर्षा घर की स्मृति और बेचैनी जगाती है। पिता के कल्पित संवाद में वर्षा बेटे के लगाए पौधों की याद लाती है। वर्षा थमने पर क्षणिक स्थिरता आती है, पर पक्षी का स्वर दुख फिर जगाता है। अंत में सावन संदेशवाहक बनता है। इस तरह वर्षा केवल उदासी का प्रतीक नहीं; वह स्मृति, क्षणिक शांति और संदेश की आशा को भी जोड़ती है।

4. माँ की भावनात्मक मजबूती बताने वाली पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए।

“पाँव जो पीछे हटाता, कोख को मेरी लजाता” और “इस तरह होओ न कच्चे, रो पड़ेंगे और बच्चे”—इन अंशों में माँ पिता से बात कर रही है। वह कहती है कि यदि भवानी संघर्ष से पीछे हटता, तो उसे लज्जा होती। फिर वह पिता को संभलने को कहती है, क्योंकि उन्हें रोता देखकर दूसरे बच्चे भी दुखी होंगे। पुत्र-वियोग सहते हुए उसका समर्थन करना माँ की दृढ़ता है।

5. सबसे भावनात्मक और प्रभावी अंश कौन-सा लगा?

नमूना उत्तर: मुझे पिता को संभालती माँ वाला अंश सबसे प्रभावी लगा। माँ स्वयं दुखी है, फिर भी पिता को हिम्मत देती है। इससे परिवार में प्रेम और साहस का संबंध समझ आता है। अन्य अंश चुनकर अपना कारण देना भी सही है।

कविता का सौंदर्य

पुस्तक में दी गई विशेषताउदाहरण और प्रभाव
स्मृति और दृश्य बिंब“घर नजर में तिर रहा है”—दूर का घर मन में दृश्य बनकर उभरता है।
लोकभाषा की सहजता“छिन”, “भौजी”, “बड़”—बोलचाल के शब्द कविता को घरेलू आत्मीयता देते हैं।
पंक्तियों का दोहराव“हाय, पानी गिर रहा है”—बार-बार लौटती वर्षा और स्मृति लय तथा भाव को जोड़ते हैं।
आलंकारिक प्रयोग“नवनीत-सा उर” में उपमा है; हृदय की कोमलता मक्खन से समझाई गई है। “वज्र-भुज” में भुजाओं पर वज्र का आरोप रूपक है।
प्रकृति और मनोभावों का सामंजस्य“एक पंछी बोलता है, घाव उर के खोलता है”—प्रकृति की शांति के बाद भी पक्षी की पुकार भीतरी पीड़ा जगाती है।
संबोधनात्मकता“हे सजीले हरे सावन”—सावन को सामने उपस्थित व्यक्ति की तरह पुकारना संदेश को आत्मीय बनाता है।

संरचना: प्रकृति और मन के बदलते दृश्य

  1. रात-भर की वर्षा और अँधेरी सुबह—घर की तीखी याद।
  2. घर के सदस्य स्मृति में उभरते हैं—स्नेह और वियोग।
  3. कल्पित माता-पिता का संवाद—गर्व, दुख और सांत्वना।
  4. वर्षा थमना और प्रकृति का स्थिर होना—क्षणिक ठहराव।
  5. पक्षी का स्वर—फिर जागती पीड़ा और असहायता।
  6. पवन/सावन से संदेश का आग्रह—परिवार को ढाढ़स देने की इच्छा।

पाठ से जीवन की ओर — नमूना उत्तर

1. संयुक्त और एकल परिवार की तुलना कीजिए।

पहलूसंयुक्त परिवारएकल परिवार
रहने की व्यवस्थाकई पीढ़ियाँ या निकट संबंधी साथ रह सकते हैं।सामान्यतः माता-पिता और बच्चे अलग गृहस्थी में रहते हैं।
सहयोगदेखभाल और घरेलू जिम्मेदारियाँ बाँटने के अधिक अवसर।कम सदस्यों के बीच निर्णय और व्यवस्था सरल हो सकते हैं।
संभावित कठिनाईनिजता और अलग राय के लिए स्थान बनाना पड़ सकता है।बीमारी या व्यस्तता में बाहरी सहयोग की जरूरत हो सकती है।
मुझे संयुक्त परिवार का अनुभवों का आदान-प्रदान और एकल परिवार की निजी जगह पसंद है। किसी भी परिवार में संवाद, सम्मान और काम का न्यायपूर्ण बँटवारा आवश्यक है। हर परिवार का अनुभव एक जैसा नहीं होता; अपना मत उदाहरण सहित लिखें।

2. लगातार वर्षा से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में क्या समस्याएँ हो सकती हैं?

ग्रामीण क्षेत्रों में फसलें डूब सकती हैं, मिट्टी का कटाव हो सकता है और कच्चे घरों तथा रास्तों को नुकसान पहुँच सकता है। शहरों में जलभराव, नालों का उफान, यातायात और बिजली-पानी की व्यवस्था में बाधा आ सकती है। दोनों जगह काम, पढ़ाई और आवागमन प्रभावित होते हैं। पर्याप्त वर्षा उपयोगी है; समस्या अत्यधिक और लगातार वर्षा से बढ़ती है।

3. संचार के पुराने और नए माध्यमों में अंतर बताइए।

पत्र, डाकिए के द्वारा संदेश और पहले प्रचलित तार पुराने उदाहरण हैं। फोन, ईमेल, संदेश-ऐप और वीडियो-कॉल नए उदाहरण हैं। पत्र पहुँचने में समय लगता है, पर लिखित स्मृति बने रहते हैं। डिजिटल संदेश तेजी से पहुँचते हैं, किंतु उपकरण और नेटवर्क चाहिए। माध्यम की उपयोगिता पहुँच, खर्च और परिस्थिति पर निर्भर है। कविता का बादल कल्पित दूत है, वास्तविक संचार-यंत्र नहीं।

4. “भारत का स्वतंत्रता संग्राम” पर लेख लिखिए।

नमूना लेख: भारत का स्वतंत्रता संग्राम औपनिवेशिक शासन से मुक्ति और लोगों के अधिकारों का लंबा संघर्ष था। 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई। 1905 के बंगाल-विभाजन के विरोध से स्वदेशी आंदोलन को बल मिला। गांधीजी के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन और 1930 के नमक सत्याग्रह ने बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ा। 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन ब्रिटिश शासन समाप्त करने की प्रबल माँग था। किसानों, मजदूरों, विद्यार्थियों, महिलाओं और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने अलग-अलग रूपों में योगदान दिया। स्वतंत्रता के साथ विभाजन की त्रासदी भी आई। “घर की याद” बताती है कि स्वतंत्रता-संघर्ष का त्याग केवल जेल जाने वाले व्यक्ति ने नहीं, उसके परिवार ने भी सहा।
विस्तार के लिए: NCERT: राष्ट्रीय आंदोलन, 1870 के दशक से 1947 तक। शिक्षक की सहायता से स्थानीय स्वतंत्रता-सेनानी का सत्यापित उदाहरण जोड़ें।

सृजन — कल्पनात्मक लेखन

1. यदि माँ पत्र लिख सकती, तो क्या लिखती?

कल्पित पत्र; वास्तविक ऐतिहासिक दस्तावेज़ नहीं:
प्रिय भवानी,
तुम्हारी बहुत याद आती है। बरसात में तुम्हारे लगाए पौधों को देखकर तुम्हारे पिता भावुक हो जाते हैं। मैंने उन्हें समझाया है कि तुमने अच्छे उद्देश्य के लिए साहस का रास्ता चुना है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना और अवसर मिलने पर समाचार देना। घर के सब लोग तुम्हें स्नेह भेजते हैं। हम तुम्हारे लौटने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
आशीर्वाद सहित,
तुम्हारी माँ

2. माँ और पिता की बातचीत को संवाद के रूप में लिखिए।

पाठ पर आधारित कल्पित संवाद:
पिता: चार बेटे सामने हैं, पर भवानी की कमी बहुत खलती है।
माँ: उसका मन भी यहीं होगा। उसने आपका ही साहस वाला रास्ता अपनाया है।
पिता: इस वर्षा में उसके लगाए पौधे देखकर आँखें भर आती हैं।
माँ: मुझे भी याद आती है, लेकिन आप सँभलिए। आपको दुखी देखकर बाकी बच्चे भी रो पड़ेंगे।
पिता: हाँ, उसके उद्देश्य पर हमें गर्व है। ईश्वर उसे हिम्मत दे।

3. किस प्राकृतिक उपादान को अपना संदेशवाहक चुनेंगे और क्यों?

नमूना: मैं हवा को चुनूँगा, क्योंकि वह दूर-दूर तक जाती है और उसकी हलकी छुअन अपनापन महसूस करा सकती है। मैं उससे कहूँगा कि घरवालों को मेरा स्नेह पहुँचा दे। यह काव्यात्मक कल्पना है; वास्तव में संदेश भेजने के लिए पत्र या फोन का उपयोग करूँगा।

व्याकरण की बात

1. रेखांकित स्थानीय शब्दों के अर्थ और नए वाक्य

पृष्ठ 202 में रेखांकित शब्द छिन, फलानी, भौजी और बड़ हैं। आरंभिक उदाहरण “चुआ” भी नीचे समझाया गया है।

शब्दअर्थनया वाक्य
छिनक्षण, पलवह एक छिन के लिए भी नहीं रुका।
फलानीअमुक; नाम बताए बिना किसी वस्तु या व्यक्ति का उल्लेखदादी ने कहा कि फलानी दुकान पर अच्छी चूड़ियाँ मिलती हैं।
भौजीभाभी, भाई की पत्नी के लिए आत्मीय संबोधनभौजी ने सबको अपने बनाए पकवान खिलाए।
बड़बरगद का वृक्षगाँव के बड़ की छाया में यात्री बैठते हैं।
चुआटपका; कविता में मन से भाव उमड़ने का संकेतछत से वर्षा का पानी चुआ।

2. शब्दों की व्याकरणिक पहचान

समूहशब्द और पहचान
(क) पुस्तक का उदाहरणपानी—संज्ञा; बहुत—विशेषण; गिर रहा है—क्रिया।
(ख)बुढ़ापा—भाववाचक संज्ञा; व्यापा—क्रिया; जिनको—संबंधवाचक सर्वनाम।
(ग)खुले—विशेषण; वह—सर्वनाम; बदन—संज्ञा; फिरता—क्रिया।
(घ)एक—संख्यावाचक विशेषण; फूट जाए—क्रिया; पत्ता—संज्ञा।
(ङ)सजीले—विशेषण; मेरे—“मैं” सर्वनाम का संबंधकारक रूप; सावन—संज्ञा।

“मेरे” अपने मूल रूप में सर्वनाम से बना है। “मेरे सावन” में यह संबंध भी बताता है; कुछ व्याकरण-पद्धतियों में ऐसे संज्ञा-पूर्व प्रयोग को सार्वनामिक विशेषण कहा जाता है। पुस्तक के शब्द-वर्ग अभ्यास में सर्वनाम लिखना उपयुक्त है।

गतिविधियाँ और भाषा संगम

1. अपना परिवार-वृक्ष और सदस्यों का परिचय तैयार कीजिए।

पहले अपने परिवार के वास्तविक सदस्यों को कागज़ पर संबंधों के अनुसार जोड़ें। उदाहरण-रूपरेखा: दादा-दादी/नाना-नानी → माता-पिता/अभिभावक → मैं और भाई-बहन। अपनी परिस्थिति के अनुसार शाखाएँ जोड़ें या हटाएँ। हर सदस्य के पास दो पंक्तियाँ लिखें—एक स्वभाव की विशेषता और एक उदाहरण। जैसे: “मेरे दादाजी धैर्यवान हैं; वे पौधों की नियमित देखभाल करते हैं।” यह केवल नमूना है, सब परिवारों की बनावट समान नहीं होती।

2. ध्वनि-आधारित शब्दों का मौखिक पाठ/ऑडियो तैयार कीजिए।

“झरा-झर” को लगातार वर्षा की लय में, “हरा-हर” को पत्तों की हलचल के साथ, “सर-सर” को हलकी बहती हवा की तरह और “थर-थर” को काँपते स्वर से पढ़ें। पहले स्वाभाविक गति रखें, फिर भाव के अनुसार विराम दें। 20–30 सेकंड का अपना पाठ रिकॉर्ड करके सुनें। ये शब्द वर्षा और हवा का श्रव्य वातावरण बनाते हैं; “थर-थर” कवि की भीतरी कंपकंपी भी प्रकट करता है।

भाषा संगम: “घर” और अपनी मातृभाषा का वाक्य

पुस्तक के उदाहरण: संस्कृत—गृहम्; तेलुगु—इल्लु; तमिल—वीडु/इल्लम्; कन्नड़—मने। अतिरिक्त उदाहरण: अंग्रेज़ी में संदर्भ के अनुसार home (अपनापन/रहने का स्थान) और house (मकान)। “घर कि घर में सब जुड़े हैं” का भावानुवाद अंग्रेज़ी में “Everyone at home is connected with one another.” है। विद्यार्थी यही भाव अपनी मातृभाषा में लिखें और उस भाषा के जानकार से वर्तनी मिलाएँ।

खोजबीन और साथ-साथ पढ़ें

घर-परिवार के प्रेम वाली दूसरी रचना पर प्रस्तुति

उदाहरण: प्रेमचंद की कहानी “ईदगाह” में हामिद का अपनी दादी अमीना के लिए चिमटा खरीदना पारिवारिक प्रेम दिखाता है। “घर की याद” में दूर से परिवार की चिंता है; “ईदगाह” में प्रियजन की तकलीफ समझकर सहायता करने का प्रयास है। कहानी पढ़कर लेखक, पात्र, चुना प्रसंग और दोनों रचनाओं की एक समानता/एक अंतर पर अपनी छोटी प्रस्तुति तैयार करें।

प्रकृति को दूत बनाने वाली रचनाएँ खोजिए।

रचना और रचनाकारप्राकृतिक संदेशवाहक
कालिदास का मेघदूतमेघ; विरही यक्ष अपनी प्रिय तक संदेश पहुँचाने का आग्रह करता है।
अयोध्यासिंह उपाध्याय “हरिऔध” का प्रियप्रवासपवन; राधा उससे कृष्ण तक अपनी व्यथा का संकेत पहुँचाने को कहती है।

तुलना करें: इन रचनाओं में विरह और संदेश की कल्पना है; “घर की याद” में चिंता माता-पिता और पूरे परिवार से जुड़ी है। प्रियप्रवास का मूल षष्ठ सर्ग पढ़कर प्रकृति-दूत का उदाहरण खोजें।

रामनरेश त्रिपाठी की “तब याद तुम्हारी आती है” से तुलना

पृष्ठ 206 की पूरक कविता में सुबह के पक्षी, फूल, हवा तथा रात के तारे और चाँद सृष्टिकर्ता की याद दिलाते हैं। “घर की याद” में प्राकृतिक दृश्य परिजनों की स्मृति जगाते हैं। दोनों में प्रकृति से किसी प्रिय का स्मरण होता है, लेकिन संबोधन और स्मृति का लक्ष्य अलग है। यह तुलना अभ्यास-सहायता है; पुस्तक में इस पूरक कविता के अलग प्रश्न नहीं दिए गए हैं।

अतिरिक्त प्रश्न

अति लघु उत्तरीय

1. ‘घर की याद’ कविता के रचयिता कौन हैं?

उत्तरइस कविता के रचयिता भवानीप्रसाद मिश्र हैं।

2. कवि ने इस कविता में किसे संदेशवाहक बनाया है?

उत्तरकवि ने सावन के बादल को संदेशवाहक (दूत) बनाया है।

3. कविता किस आंदोलन के दौरान लिखी गई थी?

उत्तरयह कविता सन् 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान (जेल में रहते हुए) लिखी गई थी।

लघु उत्तरीय

4. कवि बादल से क्या-क्या न कहने का आग्रह करता है और क्यों?

उत्तरकवि बादल से आग्रह करता है कि वह परिवार से यह न कहे कि कवि रातों को जागता है, लोगों से बचता है, मौन रहता है या स्वयं अपने मन को नहीं समझ पा रहा।वह चाहता है कि बादल केवल यही संदेश दे कि कवि स्वस्थ, प्रसन्न एवं व्यस्त है, ताकि उसके जेल के कष्टों को जानकर परिवार दुखी न हो।

5. कविता में ‘पाँचवाँ’ कौन है और उसके लिए क्या कहा गया है?

उत्तरकविता में ‘पाँचवाँ’ स्वयं कवि है, जो जेल में बंद है।पिता उसे ‘सोने पर सुहागा’ मानते थे, पर अब वही पुत्र जेल में बँधा होने के कारण ‘अभागा’ अनुभव करता है; उसकी याद में माता-पिता दुखी एवं भावुक हो उठते हैं।

दीर्घ उत्तरीय

6. ‘घर की याद’ कविता की प्रमुख विशेषताएँ एवं संदेश लिखिए।

उत्तरविषय: जेल में बंद कवि की घर-परिवार की मार्मिक स्मृति और विरह-वेदना।भाव: परिवार-प्रेम के साथ-साथ देश के लिए कष्ट सहने का साहस एवं त्याग।शिल्प: ध्वन्यात्मक शब्द, दृश्य बिंब, लोकभाषा की सहजता, दोहराव तथा बादल को संबोधन – जो कविता को जीवंत एवं प्रभावी बनाते हैं।संदेश: कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, साहस एवं त्याग बनाए रखना तथा अपनों को चिंता से बचाना – ये कविता में प्रकट संवेदनशीलता के प्रमुख पक्ष हैं। दुख व्यक्त करना अपने-आप में साहस की कमी नहीं है।

अभ्यास MCQ & अभिकथन-कारण

1. कविता की केंद्रीय संवेदना क्या है?

(क) प्रकृति-सौंदर्य

(ख) परिवार की स्मृति

(ग) युद्ध का वर्णन

(घ) हास्य-व्यंग्य

उत्तर(ख) परिवार की स्मृति।

2. पिता के हृदय की तुलना किससे की गई है?

(क) वज्र से

(ख) पत्थर से

(ग) नवनीत (मक्खन) से

(घ) लोहे से

उत्तर(ग) नवनीत (मक्खन) से – कोमल हृदय का प्रतीक।

3. कविता में किस ऋतु का वर्णन है?

(क) ग्रीष्म

(ख) वर्षा (सावन)

(ग) शिशिर

(घ) वसंत

उत्तर(ख) वर्षा (सावन)।

4. ‘परिताप’ शब्द का अर्थ है—

(क) अत्यधिक दुख/संताप

(ख) प्रसन्नता

(ग) समृद्धि

(घ) शांति

उत्तर(क) अत्यधिक दुख/संताप।

अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।

1. अभिकथन (A): कवि बादल से अपने कष्ट परिवार को न बताने का आग्रह करता है।

कारण (R): वह नहीं चाहता कि उसके दुख जानकर परिवार चिंतित या दुखी हो।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

2. अभिकथन (A): कविता में पिता को पूर्णतः कठोर एवं भावनाहीन दिखाया गया है।

कारण (R): उनका हृदय मक्खन-सा कोमल है और वे पुत्र को याद कर रो पड़ते हैं।

उत्तर(घ) A गलत है (पिता दृढ़ होते हुए भी अत्यंत भावुक हैं), जबकि R सही है।

3. अभिकथन (A): वर्षा का वर्णन कवि के मन की उदासी एवं विरह को गहराता है।

कारण (R): बाहरी वर्षा कवि के भीतरी भावों से जुड़कर घर की याद को तीव्र बना देती है।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

माँ किसे धीरज बँधाती है?

कवि की कल्पना में माँ पिता को धीरज बँधाती है। वह भवानी के स्वतंत्रता-संघर्ष में जाने का समर्थन करती है और पिता से कहती है कि उन्हें रोता देखकर दूसरे बच्चे भी रो पड़ेंगे।

‘घर की याद’ कविता के कवि कौन हैं?

इस कविता के कवि भवानीप्रसाद मिश्र हैं, जिन्होंने इसे 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान जेल में लिखा।

कविता की केंद्रीय संवेदना क्या है?

जेल में बंद कवि की घर-परिवार की याद, विरह-वेदना तथा अपनों को चिंता से बचाने की भावना।

कवि ने संदेशवाहक किसे बनाया है?

कवि सावन के बादल को कल्पित संदेशवाहक बनाकर परिवार तक अपनी कुशलता का संदेश पहुँचाने का आग्रह करता है।

पिता का व्यक्तित्व कैसा है?

पिता दृढ़ (वज्र-सी भुजाएँ) और संवेदनशील (मक्खन-सा कोमल हृदय) हैं; बुढ़ापे में भी सक्रिय एवं निडर, पर पुत्र-प्रेम में भावुक।

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