Class 7 Sanskrit Deepakam Chapter 11 Solutions — द्वीपेषु रम्यः द्वीपोऽण्डमानः
Class 7 Sanskrit Deepakam Chapter 11 solutions: संवाद का हिन्दी अर्थ, आठ अभ्यासों के उत्तर, विशेषण-विशेष्य, सर्वनाम, समास और परियोजनाओं के नमूने पढ़ें।
- पाठ का अवलोकन (Chapter Overview)
- पाठ-परिचय / प्रसंग
- मूल पाठ + अन्वय/भावार्थ
- सार (Hindi Summary)
- शब्दार्थ (Word-meanings)
- अभ्यासः (वयम् अभ्यासं कुर्मः)
- योग्यताविस्तरः (व्याकरण/ज्ञान-तालिकाः)
- अतिरिक्त प्रश्न (Extra Questions)
- MCQ & अभिकथन-कारण
- परीक्षा-सुझाव एवं सामान्य त्रुटियाँ
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
पाठ का अवलोकन (Chapter Overview)
दीपकम् कक्षा 7 का एकादश पाठ ‘द्वीपेषु रम्यः द्वीपोऽण्डमानः’ एक रोचक संवाद-शैली का पाठ है। इसमें अध्यापिका भारत के मानचित्र पर अण्डमान-द्वीपसमूह दिखाते हुए छात्रों को इस सुन्दर केन्द्रशासित प्रदेश के विषय में बताती हैं। पाठ में बताया गया है कि इसकी राजधानी ‘श्रीविजयपुरम्’ है (पूर्व नाम पोर्ट-ब्लेयर), तथा यहाँ ‘सेल्युलर’ (कालापानी) कारागार है, जहाँ स्वातन्त्र्यवीर सावरकर ने दस वर्ष घोर कष्ट सहा। छात्र इसके इतिहास, यहाँ निवास करने वाली जनजातियों (अण्डमानी, ओङ्गी, जारवा, सेण्टिनली), पर्यटन-स्थलों (राधानगर-तट, स्वराजद्वीप, नॉर्थ-बे आदि) एवं लोगों की आजीविका के विषय में जानते हैं। पाठ का केन्द्रीय भाव भारत की प्राकृतिक सुन्दरता, राष्ट्रीय गौरव एवं स्वातन्त्र्य-इतिहास के प्रति श्रद्धा है।
रामायणकालीन नाम और नाम-व्युत्पत्ति के उत्तर पुस्तक में दिए विवरण के अनुसार हैं; इन्हें स्वतंत्र अभिलेखीय इतिहास के रूप में प्रमाणित नहीं किया गया है। संस्कृत अभ्यास में पाठ का उत्तर लिखें और ऐतिहासिक अध्ययन में स्रोत अलग जाँचें। अण्डमान एक द्वीपसमूह है; संघ राज्यक्षेत्र का पूरा नाम अण्डमान एवं निकोबार द्वीपसमूह है।
पाठ-परिचय / प्रसंग
यह पाठ एक संवादात्मक गद्य-पाठ है, जिसमें अध्यापिका एवं विद्यार्थियों के बीच अण्डमान-द्वीपसमूह के विषय में बातचीत होती है। पाठ के अन्त में ‘अण्डमान-प्रशस्तिः’ नामक श्लोक भी दिए गए हैं, जिनसे पाठ का शीर्षक ‘द्वीपेषु रम्यः द्वीपोऽण्डमानः’ (अर्थात् ‘द्वीपों में रमणीय द्वीप अण्डमान है’) लिया गया है। पाठ का उद्देश्य छात्रों को सरल संवाद-संस्कृत के माध्यम से भारत के एक महत्त्वपूर्ण केन्द्रशासित प्रदेश की भौगोलिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक जानकारी देना तथा संस्कृत में स्थान-वर्णन की शब्दावली से परिचित कराना है।
मूल पाठ + अन्वय/भावार्थ
अतिरिक्त प्रश्न, MCQ और अभिकथन-कारण ClearStudy के अभ्यास हैं। मूल पुस्तक भी साथ में पढ़ें।
संवाद-भाग 1 – चित्र-दर्शनम्
छात्राः – आम् आचार्ये! बहु आकर्षकम् अस्ति।
अध्यापिका – एतत् स्थानं कुत्र अस्ति, भवन्तः जानन्ति किम्?
छात्राः – नैव आचार्ये!
अध्यापिका – सावधानं पश्यन्तु। एतत् स्थानम् अस्माकं देशस्य कश्चन रमणीयः द्वीपः अस्ति। एतस्य विषये किञ्चित् अद्य जानीमः।
भावार्थ: अध्यापिका छात्रों को एक चित्र दिखाकर पूछती हैं कि यह आकर्षक है न? छात्र हाँ कहते हैं पर स्थान नहीं जानते। अध्यापिका बताती हैं कि यह हमारे देश का एक रमणीय द्वीप है, जिसके विषय में आज वे कुछ जानेंगे।
संवाद-भाग 2 – अण्डमान-परिचयः, राजधानी एवं नाम-इतिहासः
सर्वे उत्साहिताः बालाः – महोदये! वयम् एतस्य विषये किञ्चित् अधिकं ज्ञातुम् इच्छामः।
अध्यापिका – अस्तु। भोः सूर्यांश! भवान् किमपि वक्तुम् इच्छति इति प्रतिभाति।
सूर्यांशः – सत्यं महोदये! ह्यः भवती एतस्य पाठस्य विषये सङ्केतं दत्तवती। तदा अहं गृहं गत्वा जालपुटे एतस्य अन्वेषणम् अकरवम्।
अध्यापिका – समीचीनं सूर्यांश! भवान् किम् अन्विष्टवान् तत्र?
सूर्यांशः – महोदये! रामायणकाले अस्य द्वीपस्य नाम ‘हण्डुकमान्’ आसीत्। एषः शब्दः प्रायः ‘हनूमान्’ इति शब्दस्य परिवर्तितं रूपम्। प्रथमशताब्द्याम् अस्य नाम ‘अगादेमन्’ इति आसीत्। ततः परं ‘अङ्गादेमन्’ जातम् इति सर्वकारस्य आधिकारिक-जालपुटे अहं दृष्टवान्।
दीपेशः – अहो! अस्य नाम्नः इतिहासः अद्भुतः अस्ति। किन्नु खलु भारतस्य इतिहासे अस्य द्वीपस्य काचित् विशिष्टा भूमिका अस्ति?
अध्यापिका – आम्, महती भूमिका अस्ति अस्य द्वीपस्य।
भावार्थ: अध्यापिका मानचित्र पर दिखाती हैं कि अण्डमान-द्वीपसमूह भारत के आठ केन्द्रशासित प्रदेशों में से एक है, जिसकी राजधानी ‘श्रीविजयपुरम्’ है (अंग्रेज़ी शासन में नाम पोर्ट-ब्लेयर था)। सूर्यांश बताता है कि उसने इण्टरनेट (जालपुट) पर खोज की कि रामायण-काल में इसका नाम ‘हण्डुकमान्’ (हनूमान का परिवर्तित रूप) था, प्रथम शताब्दी में ‘अगादेमन्’ तथा बाद में ‘अङ्गादेमन्’ हो गया। अध्यापिका बताती हैं कि भारत के इतिहास में इस द्वीप की महान भूमिका है।
संवाद-भाग 3 – सेल्युलर कारागारः (कालापानी) एवं सावरकरः
अध्यापिका – अस्मिन् द्वीपे ‘सेल्युलर’ इति कारागारम् अस्ति। अस्य कारागारस्य अपरं नाम ‘कालापानी’ इत्यपि अस्ति।
सुधीरः – (साश्चर्यम्) आचार्ये! अस्य कः अभिप्रायः?
सुरेखा – ‘कालापानी’ इति शब्दं श्रुत्वा एव भीतिः भवति।
अध्यापिका – सत्यमेव। भारतस्य स्वातन्त्र्यार्थं युद्धरतानां क्रान्तिकारिणां दमनार्थं ब्रिटिशजनैः निर्मितं त्रितलात्मकम् एतत् कारागारम्। अत्रैव महान् देशभक्तः स्वातन्त्र्यवीरः सावरकरः मातृभूमेः रक्षणाय दश वर्षाणि यावत् कल्पनातीतं घोरं कष्टं सोढवान्।
मुकुन्दः – अहो! धन्याः ते स्वातन्त्र्यवीराः। तेषां बलिदानेन एव वयं सुखेन जीवामः।
सूर्यांशः – आचार्ये! एतत् स्थानं ‘यूनेस्को’-संस्थायाः वैश्विकसम्पदः सूच्याम् अपि संरक्षितम्।
भावार्थ: अध्यापिका बताती हैं कि इस द्वीप में ‘सेल्युलर’ कारागार है, जिसका दूसरा नाम ‘कालापानी’ है। यह तीन तल वाला कारागार अंग्रेज़ों ने स्वतन्त्रता-सेनानियों के दमन हेतु बनाया था। यहीं स्वातन्त्र्यवीर सावरकर ने मातृभूमि की रक्षा के लिए दस वर्ष तक भयानक कष्ट सहा। पुस्तक में UNESCO का उल्लेख है; वर्तमान Tentative List स्थिति के लिए तथ्य-जाँच टिप्पणी देखें।
संवाद-भाग 4 – जनजातयः, पर्यटनस्थलानि एवं आजीविका
अध्यापिका – आम्, तत्र काश्चन अण्डमानी, ओङ्गी, जारवा, सेण्टिनली इत्यादयः विशिष्टाः जनजातयः निवसन्ति। … सेण्टिनली-जनजातीयाः समाजात् दूरे तिष्ठन्ति। तेषां जनसंख्या अपि स्वल्पा एव।
सुरुचिः – महोदये! अत्र भ्रमणाय विशिष्टानि स्थानानि कानि?
राजर्षिः – आम् महोदये! अहम् एकदा पित्रा सह भ्रमणाय तत्र अगच्छम्। वयं तत्र सर्वत्र प्रकृतेः हारित्यं नीलसमुद्रं च दृष्टवन्तः। वयं महात्मगान्धि-मरीन-राष्ट्रियम् उद्यानम्, नॉर्थ-बे-द्वीपम्, समुद्रिका-नौसेना-समुद्रीय-सङ्ग्रहालयं, कालापत्थर-तटम्, विजयनगर-तटं च दृष्टवन्तः। तत्र राधानगर-तटस्य अत्यन्तं विशिष्टं स्थानम् अस्ति।
अध्यापिका – स्वराजद्वीपे एलीफेण्टा-तटे, नॉर्थ-बे-अन्तरीपे च सिन्धुतलविहारं, स्कूबाडाइविङ्ग्, स्नॉर्कलिङ्ग् इत्यादयः विविधाः गतिविधयः चलन्ति।
छात्राः – महोदये! अण्डमान-जनाः आजीविकार्थं किं कुर्वन्ति?
अध्यापिका – तत्र मुक्तामालाः, शुक्तिशिल्पानि, नारिकेल-शिल्पानि, उपस्कराः च इत्यादीनाम् उत्पादनेन वाणिज्येन च तेषाम् आजीविका चलति। केचन कृषिकार्येण मत्स्यव्यापारेण च जीविकां निर्वहन्ति।
भावार्थ: अण्डमान में अण्डमानी, ओङ्गी, जारवा, सेण्टिनली आदि विशेष जनजातियाँ निवास करती हैं; सेण्टिनली समाज से दूर रहती है। राजर्षि बताता है कि उसने अपने पिता के साथ वहाँ भ्रमण किया तथा हरियाली, नीला समुद्र, महात्मा गांधी मरीन राष्ट्रीय उद्यान, नॉर्थ-बे, संग्रहालय, कालापत्थर-तट, विजयनगर-तट एवं विशेष रूप से राधानगर-तट देखा। स्वराजद्वीप एवं नॉर्थ-बे में स्कूबा-डाइविंग, स्नॉर्कलिंग आदि गतिविधियाँ होती हैं। यहाँ के लोग मोती की मालाएँ, शुक्ति-शिल्प, नारियल-शिल्प, मसाले आदि के व्यापार तथा कृषि एवं मत्स्य-व्यापार से आजीविका चलाते हैं।
अण्डमान-प्रशस्तिः (श्लोक)
स्वराष्ट्रधर्मं ननु शिक्षयन्ती सुदर्शनीया भुवि तीर्थकल्पा॥
राष्ट्रस्य गौरवस्थानमितिहासे महत्स्थलम्।
असकृद्दर्शने योग्यमण्डमानो विराजते॥
हरितविपिनरम्यैः संवृतो द्वीपवृन्दैः लसति परमवाच्यां नीलसिन्धोस्तटस्थः।
प्रथितभुवि निकोबार्-सेल्युलर्-लोकलोके प्रकृतिकृतिपरोऽयं राजते मेऽण्डमानः॥
— अण्डमान-प्रशस्तिः (दीपकम् पाठ 11)
भावार्थ: ये प्रशस्ति-श्लोक अण्डमान की महिमा गाते हैं – यह बलिदानी हुतात्माओं (सावरकर आदि) की पवित्र तपःस्थली एवं तीर्थ के समान है, राष्ट्र के गौरव का स्थान है, बार-बार दर्शनीय है तथा हरे-भरे वनों एवं नीले समुद्र से घिरे द्वीपों से सुशोभित है।
सार (Hindi Summary)
‘द्वीपेषु रम्यः द्वीपोऽण्डमानः’ पाठ संवाद-शैली में लिखा गया है। अध्यापिका कक्षा में छात्रों को एक आकर्षक चित्र दिखाती हैं और बताती हैं कि यह हमारे देश का रमणीय द्वीप – अण्डमान-द्वीपसमूह है, जो भारत के आठ केन्द्रशासित प्रदेशों में से एक है। इसकी राजधानी ‘श्रीविजयपुरम्’ है, जिसका पुराना नाम (अंग्रेज़ी शासन में) ‘पोर्ट-ब्लेयर’ था। छात्र सूर्यांश इण्टरनेट पर खोज करके बताता है कि रामायण-काल में इसका नाम ‘हण्डुकमान्’ (हनूमान का परिवर्तित रूप) था, फिर ‘अगादेमन्’ एवं ‘अङ्गादेमन्’ हुआ।
अध्यापिका बताती हैं कि इस द्वीप की भारत के स्वतन्त्रता-इतिहास में महान भूमिका रही है। यहाँ तीन तल वाला ‘सेल्युलर’ कारागार है, जिसे ‘कालापानी’ भी कहते हैं। अंग्रेज़ों ने स्वतन्त्रता-सेनानियों के दमन के लिए इसे बनवाया था। यहीं स्वातन्त्र्यवीर सावरकर ने मातृभूमि की रक्षा हेतु दस वर्ष तक कल्पना से परे घोर कष्ट सहा। संबन्धित औपनिवेशिक दण्ड-बस्ती UNESCO की Tentative List में प्रस्तावित है; यह स्थायी विश्व धरोहर सूची में स्वीकृति से अलग है। द्वीप पर अण्डमानी, ओङ्गी, जारवा एवं सेण्टिनली जैसी विशिष्ट जनजातियाँ निवास करती हैं।
छात्र राजर्षि बताता है कि उसने अपने पिता के साथ वहाँ भ्रमण किया तथा वहाँ की हरियाली, नीला निर्मल समुद्र, महात्मा गांधी मरीन राष्ट्रीय उद्यान, नॉर्थ-बे-द्वीप, समुद्री संग्रहालय, कालापत्थर-तट, विजयनगर-तट एवं विशेष रूप से अविस्मरणीय राधानगर-तट देखा। स्वराजद्वीप एवं नॉर्थ-बे में स्कूबा-डाइविंग, स्नॉर्कलिंग, सी-वॉक (सिन्धुतलविहार) जैसी गतिविधियाँ होती हैं। यहाँ के लोग मोती की मालाएँ, शुक्ति-शिल्प, नारियल-शिल्प एवं मसालों के व्यापार तथा कृषि एवं मत्स्य-व्यापार से आजीविका चलाते हैं। पाठ के अन्त में सभी मिलकर ‘अण्डमान-प्रशस्तिः’ का सस्वर गान करते हैं। इस प्रकार यह पाठ भारत की प्राकृतिक सुन्दरता, राष्ट्रीय गौरव एवं स्वातन्त्र्य-इतिहास के प्रति श्रद्धा का संदेश देता है।

शब्दार्थ (Word-meanings)
| शब्दः (Sanskrit) | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| द्वीपः | टापू | Island |
| आकर्षकम् | मनोहर, रमणीय | Attractive |
| जालपुटे | वेबसाइट/इण्टरनेट पर | On the website |
| अन्वेषणम् | खोज | Search |
| केन्द्रशासितप्रदेशः | केन्द्रशासित प्रदेश | Union territory |
| स्वातन्त्र्यार्थम् | स्वतन्त्रता के लिये | For freedom |
| युद्धरतानाम् | लड़ाई में लगे हुओं के | Of those engrossed in battle |
| कल्पनातीतम् | चिन्तन से परे | Beyond imagination |
| घोरम् | भयानक | Terrible / dreadful |
| वैश्विकसम्पदः | विश्व-धरोहर का | Of world heritage |
| सोढवान् | सहन किया | Bore / endured |
| सूच्याम् | सूची में | In the list |
| कारागारम् | कारागृह, बन्दीगृह | Prison |
| त्रितलात्मकम् | तीन तल का | Three-storied |
| यावत् | तक | Until |
| जनजातिः | वनवासी, आदिवासी | Tribal |
| श्वेतरेणुः | श्वेत बालू | White sand |
| पारदर्शी | आर-पार दिखने वाला | Transparent |
| हारित्यम् | हरियाली को | Greenery |
| मुक्तामालाः | मोतियों की मालाओं को | Pearl necklaces |
| नारिकेलम् | नारियल | Coconut |
| उपस्कराः | मसाले | Seasoning |
| शिल्पानि | शिल्पकला | Sculpture / craft |
| कच्छपः | कछुआ | Turtle / tortoise; here a marine turtle |
| प्रवालप्रस्तरैः | मूँगे की चट्टानों से | By the coral reefs |
तथ्य-जाँच (11 अक्टूबर 2026): अभ्यास 3(च) का पुस्तक-आधारित रिक्त-स्थान उत्तर “यूनेस्को” है। पर विश्व धरोहर की स्थायी सूची में दर्ज होना और Tentative List में प्रस्तावित होना अलग हैं। UNESCO के वर्तमान रिकॉर्ड में Colonial Penal Settlement of Andaman Islands, जिसमें सेल्युलर जेल शामिल है, 22 मई 2026 को Tentative List में प्रस्तुत है। इसे स्वीकृत World Heritage inscription न कहें। UNESCO का आधिकारिक रिकॉर्ड। राजधानी का वर्तमान प्रशासनिक नाम Sri Vijaya Puram है। अण्डमान एवं निकोबार प्रशासन।
अभ्यासः (वयम् अभ्यासं कुर्मः)
1. पाठं पठित्वा अधोलिखितानि पदानि परस्परं मेलयन्तु —
(पाठ पढ़कर स्तंभ ‘क’ एवं ‘ख’ के पदों का सही मिलान कीजिए।)
| क | ख (मूल विकल्प) |
|---|---|
| हान्दुमान् | एलीफेण्टा |
| कालापानी | श्वेतरेणुः |
| जारवा | सावरकरः |
| स्वराजद्वीपः | सेल्यूलरकारागारः |
| राधानगरतटः | जनजातिः |
| स्वातन्त्र्यवीरः | अण्डमानः |
2. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखन्तु —
(क) रामायणकाले अण्डमानद्वीपस्य नाम किम् आसीत्?
(ख) स्वातन्त्र्यवीरः सावरकरः कति वर्षाणि कष्टं सोढवान्?
(ग) अण्डमानद्वीपे काः जनजातयः निवसन्ति?
(घ) अण्डमानद्वीपे आजीविकार्थं जनाः किं कुर्वन्ति?
(ङ) अन्ते सर्वे मिलित्वा कं श्लोकं गायन्ति?
3. पाठं दृष्ट्वा रिक्तस्थानानि पूरयन्तु —
4. विशेषण-विशेष्य का सही मिलान
पुस्तक के दिए पदों में लिङ्ग, वचन और विभक्ति मिलाएँ।
| विशेषण | विशेष्य | अर्थ |
|---|---|---|
| नीलम् | समुद्रम् | नीला समुद्र |
| सुन्दरतमेषु | समुद्रतटेषु | सबसे सुन्दर समुद्रतटों में |
| स्वीयाः | रीतिपरम्पराः | अपनी रीति-परम्पराएँ |
| विविधवर्णाः | मत्स्याः | विविध रंग की मछलियाँ |
| स्थानीये | आपणे | स्थानीय बाजार में |
| प्रथमम् | स्थानम् | पहला स्थान |
5. पट्टिकातः समुचितानि पदानि चित्वा विशेषणानुसारं विशेष्यपदं लिखन्तु —
पट्टिका (शब्द-मञ्जूषा): वृक्षान्, गुरुकुलम्, गृहे, तटस्य, पाठशालां, पुस्तकानि, शाटिकायां, गजाय, युवती, मार्गः
6. पट्टिकातः सर्वनामविशेषणपदानि चित्वा वाक्यानि पूरयन्तु —
पट्टिका: ते, तस्मिन्, तत्, तेषां, एषा, तौ, तस्यै, ताः, तेन, सः
अभ्यास 6(छ): तेन कन्दुकेन — उस गेंद से। “तेन” गेंद के साथ तृतीया एकवचन का सर्वनाम-विशेषण है; यहाँ “ताः” लिखने से मञ्जूषा का अपेक्षित मिलान छूटता है।
7. पाठे प्रयुक्तानि अव्ययपदानि क्रियापदानि च चित्वा समुचिते स्थाने लिखन्तु —
यथा – अव्यय: कुत्र; क्रियापद: स्मरामि।
| अव्ययानि (उत्तर) | क्रियापदानि (उत्तर) |
|---|---|
| कुत्र, पूर्वम्, अत्र, ततः, यावत्, अधुना, सर्वत्र, एव, इव, अपि | स्मरामि, पश्यन्तु, जानीमः, अस्ति, इच्छामः, अकरवम्, अकरोत्, निवसन्ति, गायामः, गमिष्यामः |
8. निम्नलिखितानां पदानां स्वरूपं सावधानं दृष्ट्वा उदाहरणानुसारं लिखन्तु —
यथा – समुद्रस्य मध्ये → समुद्रमध्ये (समास-रूप)।
परियोजनाकार्यम् (Project Work)
1. ‘अण्डमान’ क्षेत्र के विभिन्न स्थानों एवं तटों के चित्र एकत्र करके शीर्षक सहित संग्रह-पुस्तिका में लगाइए।
2. आप अपने माता-पिता/शिक्षकों के साथ किसी पर्वतीय या तटीय प्रदेश में भ्रमण के लिये गए हों, तो उसका एक अनुच्छेद में वर्णन लिखिए।
योग्यताविस्तरः (व्याकरण/ज्ञान-तालिकाः)
पाठ के ‘योग्यताविस्तरः’ भाग में अण्डमान से जुड़े कुछ शब्दों एवं नाम-परिवर्तनों की जानकारी दी गई है।
1. विशिष्ट-पद-स्पष्टीकरणम्
| पदम् | स्पष्टीकरणम् (अर्थ) |
|---|---|
| श्रीविजयपुरम् | भारत सरकार द्वारा ‘पोर्ट-ब्लेयर’ का नाम बदलकर ‘श्रीविजयपुरम्’ रखा गया। |
| स्कूबा-डैविङ्ग् | श्वसन-गैस वाले सिलिण्डर और रेगुलेटर की सहायता से जल के भीतर तैरना। सामान्य स्कूबा में संपीडित वायु प्रयुक्त होती है; इसे केवल शुद्ध ऑक्सीजन का सिलिण्डर न समझें। श्वसन-गैस का PADI संदर्भ। |
| स्नॉर्कलिङ्ग् | उपनेत्र (मास्क) पहनकर समुद्र-जल के ऊपरी भाग में तैरना/तैरते हुए देखना। |
| सिन्धु-तल-विहारः | ‘सी-वॉक’ के नाम से प्रसिद्ध; इसमें लोग समुद्र की तली तक जाते हैं। |
| कोरल्-रीफ् | प्रवाल-शैलसमूह (मूँगे की चट्टानें) को कोरल-रीफ कहते हैं। |
2. द्वीपानां पुरातनं नाम एवं नूतनं नाम
| पुरातनं नाम | नूतनं नाम |
|---|---|
| रॉस्-द्वीपः | नेताजी-सुभाषचन्द्रबोस-द्वीपः |
| नील-द्वीपः | शहीद-द्वीपः |
| हैवलॉक्-द्वीपः | स्वराज-द्वीपः |
परियोजना के उपयोगी नमूने
चित्र-संग्रह: सेल्युलर जेल, राधानगर तट, स्वराज द्वीप, नारियल-शिल्प और प्रवाल के प्रमाणित चित्र उपयुक्त हैं। हर चित्र के नीचे स्थान, स्रोत और संक्षिप्त विवरण लिखें; कल्पित चित्र को ऐतिहासिक या वास्तविक फोटो न बताएं।
भ्रमण-वर्णन — कल्पित संस्कृत नमूना: अहं मातापितृभ्यां सह समुद्रतटम् अगच्छम्। तत्र नीलं जलं श्वेतां वालुकां च अपश्यम्। वयं तटस्य सौन्दर्यम् अपश्याम। वयं परिवेशं स्वच्छम् अरक्षाम। एषः अनुभवः मम स्मरणीयः अस्ति। यह नमूना है; अपने वास्तविक अनुभव के अनुसार स्थान और क्रियाएँ बदलें।
अतिरिक्त प्रश्न (Extra Questions)
अतिरिक्त लघु प्रश्न — ClearStudy अभ्यास
1. अण्डमान-द्वीपसमूह की राजधानी का नाम क्या है तथा पहले इसका क्या नाम था?
2. ‘सेल्युलर’ कारागार को ‘कालापानी’ क्यों कहा जाता है?
3. स्वातन्त्र्यवीर सावरकर का अण्डमान से क्या सम्बन्ध है?
4. अण्डमान में पर्यटन के कौन-कौन से प्रमुख स्थान हैं?
5. पाठ का शीर्षक ‘द्वीपेषु रम्यः द्वीपोऽण्डमानः’ का क्या अर्थ है?
अतिरिक्त व्याख्यात्मक प्रश्न — ClearStudy अभ्यास
6. अण्डमान-द्वीपसमूह की भारत के स्वतन्त्रता-इतिहास में क्या भूमिका रही है? लिखिए।
7. अण्डमान-द्वीपसमूह की प्राकृतिक सुन्दरता एवं वहाँ के लोगों की आजीविका का वर्णन कीजिए।
8. अण्डमान-द्वीप के नाम का इतिहास एवं वहाँ निवास करने वाली जनजातियों का परिचय दीजिए।
MCQ & अभिकथन-कारण
1. अण्डमान-द्वीपसमूह की राजधानी कौन-सी है?
(क) पोर्ट-ब्लेयर
(ख) श्रीविजयपुरम्
(ग) निकोबार
(घ) कालापानी
2. रामायणकाल में अण्डमान का नाम क्या था?
(क) अगादेमन्
(ख) अङ्गादेमन्
(ग) हण्डुकमान्
(घ) श्रीविजयपुरम्
3. ‘सेल्युलर’ कारागार का दूसरा नाम क्या है?
(क) कालापत्थर
(ख) कालापानी
(ग) नॉर्थ-बे
(घ) राधानगर
4. सावरकर ने कालापानी में कितने वर्ष कष्ट सहा?
(क) पाँच वर्ष
(ख) सात वर्ष
(ग) दश वर्ष
(घ) पन्द्रह वर्ष
5. सेल्युलर कारागार कितने तल का था?
(क) एक तल
(ख) दो तल
(ग) तीन तल (त्रितलात्मकम्)
(घ) चार तल
6. निम्नलिखित में से कौन अण्डमान की जनजाति नहीं है?
(क) जारवा
(ख) ओङ्गी
(ग) सेण्टिनली
(घ) आङ्गिरस
7. हैवलॉक्-द्वीप का नूतन (नया) नाम क्या है?
(क) शहीद-द्वीपः
(ख) नेताजी-सुभाषचन्द्रबोस-द्वीपः
(ग) स्वराज-द्वीपः
(घ) नील-द्वीपः
8. अण्डमान का कौन-सा तट श्वेत बालू एवं पारदर्शी जल के लिए विशेष प्रसिद्ध है?
(क) कालापत्थर-तट
(ख) राधानगर-तट
(ग) विजयनगर-तट
(घ) एलीफेण्टा-तट
9. अण्डमान के लोग मुख्यतः किससे आजीविका चलाते हैं?
(क) केवल खनन से
(ख) मुक्तामाला, शिल्प, मसाले एवं मत्स्य-व्यापार से
(ग) केवल कारखानों से
(घ) केवल पशुपालन से
10. पुस्तक के अभ्यास 3(च) में किस संस्था का नाम अपेक्षित है?
(क) यूनिसेफ
(ख) यूनेस्को
(ग) डब्ल्यू.एच.ओ.
(घ) नाटो
अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।
1. अभिकथन (A): अण्डमान-द्वीप की भारत के स्वतन्त्रता-इतिहास में महान भूमिका है।
कारण (R): यहाँ स्थित सेल्युलर (कालापानी) कारागार में अनेक क्रान्तिकारियों एवं स्वातन्त्र्यवीर सावरकर ने घोर कष्ट सहा।
2. अभिकथन (A): अण्डमान-द्वीपसमूह की राजधानी का नाम श्रीविजयपुरम् है।
कारण (R): यह नाम सदा से ही श्रीविजयपुरम् रहा है और अंग्रेज़ों ने इसे कभी नहीं बदला।
3. अभिकथन (A): सेण्टिनली जनजाति समाज से दूर रहती है।
कारण (R): उनकी जनसंख्या बहुत कम है तथा वे मुख्यधारा के समाज से सम्पर्क नहीं रखते।
4. अभिकथन (A): राधानगर-तट का स्थान अत्यन्त विशिष्ट एवं अविस्मरणीय है।
कारण (R): वहाँ की श्वेत बालू, नीला निर्मल जल एवं पारदर्शी समुद्रतल अत्यन्त सुन्दर हैं।
5. अभिकथन (A): रामायण-काल में अण्डमान का नाम ‘हण्डुकमान्’ था।
कारण (R): ‘हण्डुकमान्’ शब्द को प्रायः ‘हनूमान्’ शब्द का परिवर्तित रूप माना जाता है।
परीक्षा-सुझाव एवं सामान्य त्रुटियाँ
परीक्षा-सुझाव (Exam Tips)
- राजधानी (श्रीविजयपुरम्), पूर्व नाम (पोर्ट-ब्लेयर) एवं नाम-इतिहास (हण्डुकमान् → अगादेमन् → अङ्गादेमन्) याद रखें – इन पर अक्सर प्रश्न आते हैं।
- द्वीपों के पुराने एवं नये नाम (रॉस् → नेताजी, नील → शहीद, हैवलॉक् → स्वराज) की तालिका कण्ठस्थ करें।
- शब्दार्थ (कारागारम्, सोढवान्, जनजातिः, मुक्तामालाः आदि) हिन्दी एवं अंग्रेज़ी दोनों में याद रखें।
- ‘पूर्णवाक्येन उत्तरम्’ वाले प्रश्नों में पूरा संस्कृत वाक्य लिखें, केवल एक शब्द नहीं।
- समास-रूप (द्वीपानां समूहः = द्वीपसमूहः) एवं विशेषण-विशेष्य मेलन का अभ्यास करें।
सामान्य त्रुटियाँ (Common Mistakes)
- राजधानी को ‘निकोबार’ या ‘कालापानी’ लिख देना – राजधानी श्रीविजयपुरम् है।
- सावरकर के कष्ट-काल को गलत संख्या में लिखना – यह ‘दश वर्षाणि’ है।
- जनजातियों के नामों की वर्तनी में भूल (ओङ्गी, जारवा, सेण्टिनली) – ध्यानपूर्वक लिखें।
- विशेषण-विशेष्य का लिङ्ग-वचन-विभक्ति में मेल न करना (नीलं समुद्रम्, विविधवर्णाः मत्स्याः)।
- सेल्युलर कारागार को यजुर्वेद/अन्य प्रसंग से जोड़ देना – यह अण्डमान का इतिहास है।
पाठ्यपुस्तक संदर्भ: NCERT दीपकम्, कक्षा 7, पाठ 11, पृष्ठ 115–126; उपलब्ध प्रति का पुनर्मुद्रण 2026–27। उत्तर और व्याख्याएँ ClearStudy की मौलिक शिक्षण सामग्री हैं; खुली गतिविधियों के उत्तर नमूने हैं। आधिकारिक NCERT पुस्तक पोर्टल।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
दीपकम् कक्षा 7 पाठ 11 ‘द्वीपेषु रम्यः द्वीपोऽण्डमानः’ किस विषय पर है?
यह संवाद-शैली का पाठ भारत के केन्द्रशासित प्रदेश अण्डमान-द्वीपसमूह पर आधारित है – इसमें इसकी राजधानी श्रीविजयपुरम्, नाम-इतिहास, सेल्युलर (कालापानी) कारागार, स्वातन्त्र्यवीर सावरकर, यहाँ की जनजातियाँ, पर्यटन-स्थल एवं लोगों की आजीविका का वर्णन है।
सेल्युलर कारागार को ‘कालापानी’ क्यों कहते हैं और इसका सावरकर से क्या सम्बन्ध है?
अण्डमान का तीन तल वाला सेल्युलर कारागार समुद्र से घिरा था और यहाँ बन्दियों को असहनीय कष्ट दिया जाता था, इसी कारण इसे ‘कालापानी’ कहते हैं। इसी कारागार में स्वातन्त्र्यवीर सावरकर ने मातृभूमि की रक्षा हेतु दस वर्ष तक घोर कष्ट सहा।
अण्डमान में कौन-सी प्रमुख जनजातियाँ निवास करती हैं?
अण्डमान में अण्डमानी, ओङ्गी, जारवा एवं सेण्टिनली जैसी विशिष्ट जनजातियाँ निवास करती हैं। सेण्टिनली जनजाति समाज से दूर रहती है तथा उसकी जनसंख्या बहुत कम है।
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