NCERT Solutions for Class 10 Hindi (Sparsh 2) अध्याय 5: तोप – प्रश्न-उत्तर, सार एवं भावार्थ (NCERT 2026–27)
यह पृष्ठ कक्षा 10 हिंदी की पुस्तक स्पर्श (भाग 2) के अध्याय 5 ‘तोप’ (कवि – वीरेन डंगवाल) का संपूर्ण समाधान प्रस्तुत करता है – कविता का सार, पंक्तियों का भावार्थ, शब्दार्थ, सभी प्रश्न-अभ्यास के उत्तर, अतिरिक्त प्रश्न, MCQ एवं अभिकथन-कारण।
कवि परिचय – वीरेन डंगवाल
वीरेन डंगवाल का जन्म 5 अगस्त 1947 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्तिनगर में हुआ था। उन्होंने आरंभिक शिक्षा नैनीताल में और उच्च शिक्षा इलाहाबाद में प्राप्त की। पेशे से प्राध्यापक रहे डंगवाल पत्रकारिता से भी जुड़े रहे। समाज के साधारण जन और हाशिए पर पड़े जीवन के विलक्षण ब्योरे तथा दृश्य उनकी कविताओं की विशेषता माने जाते हैं। उन्होंने ऐसी बहुत-सी चीज़ों और जीव-जंतुओं को अपनी कविता का आधार बनाया, जिन्हें हम देखकर भी अनदेखा कर देते हैं। उनके दो काव्य-संग्रह ‘इसी दुनिया में’ और ‘दुष्चक्र में सृष्टा’ प्रकाशित हुए। पहले संग्रह पर श्रीकांत वर्मा पुरस्कार और दूसरे पर साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित अनेक सम्मान उन्हें मिले। उन्होंने कई महत्त्वपूर्ण कवियों की अन्य भाषाओं की कविताओं का हिंदी में अनुवाद भी किया। 28 सितंबर 2015 को उनका देहावसान हुआ।
कविता का सार
‘तोप’ कविता में कवि वीरेन डंगवाल ने कंपनी बाग के मुहाने पर रखी सन् 1857 की एक पुरानी तोप के माध्यम से एक गहरा ऐतिहासिक एवं सामाजिक संदेश दिया है। यह तोप अब विरासत के रूप में हमें मिली है, इसलिए उसकी बड़ी देखभाल होती है और उसे कंपनी बाग की तरह साल में दो बार चमका दिया जाता है। कभी यही तोप बड़ी ताकतवर हुआ करती थी। 1857 की क्रांति के समय इसने देश को आज़ाद कराने निकले अनेक अच्छे-अच्छे वीर-सूरमाओं को मौत के घाट उतार दिया था और उनके परखच्चे उड़ा दिए थे। अपने ज़माने में यह तोप अत्याचार और दमन का प्रतीक थी।
परंतु समय सबसे बड़ा बलवान है। आज वही प्रचंड तोप शांत और निरर्थक होकर खड़ी है। सुबह-शाम कंपनी बाग में आने वाले बहुत-से सैलानी उसे देखने आते हैं और वह मानो उन्हें अपनी वीरता की कहानियाँ सुनाती है। अब तो स्थिति यह है कि उस पर छोटे बच्चे घुड़सवारी करते हैं और जब वे थक-हारकर चले जाते हैं तो उसके ऊपर बैठकर चिड़ियाँ गपशप करती हैं। कभी-कभी शरारत में गौरैया जैसी छोटी चिड़ियाँ उसके भीतर भी घुस जाती हैं।
इन छोटी-छोटी चिड़ियों के माध्यम से कवि एक बड़ा सत्य उद्घाटित करते हैं – तोप चाहे कितनी भी बड़ी और शक्तिशाली क्यों न हो, एक दिन उसका मुँह बंद होना ही है, अर्थात् अत्याचारी सत्ता और शक्ति का अंत निश्चित है। यह कविता हमें याद दिलाती है कि कभी ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापार के बहाने भारत आई थी और धीरे-धीरे हमारी शासक बन बैठी, पर अंततः हमारे पूर्वजों ने उस सत्ता को उखाड़ फेंका। कविता का संदेश है कि हमें इन प्रतीकों से सबक लेकर सदा सजग रहना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी अन्यायी शक्ति यहाँ फिर पाँव न जमा सके।
कविता का भावार्थ
1. “कंपनी बाग के मुहाने पर / धर रखी गई है यह 1857 की तोप / इसकी होती है बड़ी सँभाल” – कवि कहते हैं कि कंपनी बाग के प्रवेश-द्वार पर सन् 1857 की एक पुरानी तोप रखी हुई है। विरासत में मिली होने के कारण इसकी बहुत देखभाल की जाती है और कंपनी बाग की तरह इसे भी साल में दो बार चमका दिया जाता है।
2. “सुबह-शाम कंपनी बाग में आते हैं बहुत से सैलानी / उन्हें बताती है यह तोप / कि मैं बड़ी जबर / उड़ा दिए थे मैंने / अच्छे-अच्छे सूरमाओं के धज्जे” – बाग में आने वाले सैलानियों को यह तोप मानो अपनी पुरानी ताकत का बखान करती है कि वह बहुत शक्तिशाली थी और उसने अपने समय में बड़े-बड़े वीरों को नष्ट कर दिया था।
3. “अब तो बहरहाल / छोटे लड़कों की घुड़सवारी से अगर यह फ़ारिग हो / तो उसके ऊपर बैठकर / चिड़ियाँ ही अकसर करती हैं गपशप” – आज उस प्रचंड तोप की दशा यह है कि बच्चे उस पर घुड़सवारी करते हैं और जब वे चले जाते हैं तो उस पर बैठकर चिड़ियाँ बातें करती हैं। यह शक्ति के पराभव का प्रतीक है।
4. “वे बताती हैं कि दरअसल कितनी भी बड़ी हो तोप / एक दिन तो होना ही है उसका मुँह बंद” – नन्ही चिड़ियाँ यह बड़ा सत्य बता जाती हैं कि तोप चाहे कितनी भी बड़ी और ताकतवर क्यों न हो, एक दिन उसे शांत और निष्क्रिय होना ही पड़ता है – अर्थात् हर अत्याचारी शक्ति का अंत निश्चित है।
शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| मुहाने | प्रवेश-द्वार पर, मुख पर |
| धर रखी | रखी गई |
| सँभाल | देखभाल, रखरखाव |
| विरासत | पूर्व पीढ़ियों से प्राप्त वस्तु, धरोहर |
| सैलानी | दर्शनीय स्थलों पर आने वाले यात्री, सैर करने वाले |
| जबर | शक्तिशाली, बलवान, ज़बरदस्त |
| सूरमा(ओं) | वीर, बहादुर, शूरवीर |
| धज्जे (उड़ाना) | चिथड़े-चिथड़े करना, नष्ट कर देना |
| बहरहाल | जैसी भी स्थिति हो, फिर भी, हर हाल में |
| फ़ारिग | मुक्त, खाली, फुरसत में |
| घुड़सवारी | घोड़े पर सवारी (यहाँ तोप पर बैठकर खेलना) |
| गपशप | इधर-उधर की बातें, बातचीत |
| शैतानी | नटखटपन, शरारत |
| गौरैया | एक छोटी चिड़िया |
| दरअसल | वास्तव में, असल में |
| मुँह बंद होना | शांत/निष्क्रिय हो जाना, निरर्थक हो जाना |
| कंपनी बाग | गुलाम भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा जगह-जगह बनवाए गए बाग-बगीचों में से एक (कानपुर का बाग) |
| तोप | एक बड़ा अस्त्र जिससे गोले दागे जाते हैं; यहाँ सत्ता-शक्ति का प्रतीक |
| निस्तेज | तेजहीन, शक्तिहीन |
| दमन | अत्याचार, दबाना |
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास के उत्तर
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
1. विरासत में मिली चीज़ों की बड़ी सँभाल क्यों होती है? स्पष्ट कीजिए।
2. इस कविता से आपको तोप के विषय में क्या जानकारी मिलती है?
3. कंपनी बाग में रखी तोप क्या सीख देती है?
4. कविता में तोप को दो बार चमकाने की बात की गई है। ये दो अवसर कौन-से होंगे?
(ख) निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए—
1. “अब तो बहरहाल / छोटे लड़कों की घुड़सवारी से अगर यह फ़ारिग हो / तो उसके ऊपर बैठकर / चिड़ियाँ ही अकसर करती हैं गपशप।”
2. “वे बताती हैं कि दरअसल कितनी भी बड़ी हो तोप / एक दिन तो होना ही है उसका मुँह बंद।”
3. “उड़ा दिए थे मैंने / अच्छे-अच्छे सूरमाओं के धज्जे।”
भाषा अध्ययन एवं योग्यता विस्तार
भाषा अध्ययन 1. कवि ने इस कविता में शब्दों का सटीक और बेहतरीन प्रयोग किया है। इसकी एक पंक्ति देखिए ‘धर रखी गई है यह 1857 की तोप’। ‘धर’ शब्द देशज है और कवि ने इसका कई अर्थों में प्रयोग किया है – ‘रखना’, ‘धरोहर’ और ‘संचय’ के रूप में।
भाषा अध्ययन 2. ‘तोप’ शीर्षक कविता का भाव समझते हुए इसका गद्य में रूपांतरण कीजिए।
योग्यता विस्तार / परियोजना कार्य
अतिरिक्त प्रश्न
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. कविता में ‘तोप’ किसका प्रतीक है?
2. तोप कब और किस स्थान की है? वह अब कहाँ रखी गई है?
3. कविता में चिड़ियों का क्या महत्त्व है?
4. कवि ने तोप को बार-बार चमकाने की बात क्यों कही है?
5. ‘एक दिन तो होना ही है उसका मुँह बंद’ पंक्ति का क्या आशय है?
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
6. ‘तोप’ कविता का मूल भाव/उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।
7. इस कविता में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
1. ‘तोप’ कविता के कवि कौन हैं?
(क) नागार्जुन
(ख) वीरेन डंगवाल
(ग) मंगलेश डबराल
(घ) सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
2. कविता में वर्णित तोप किस वर्ष की है?
(क) 1757
(ख) 1847
(ग) 1857
(घ) 1947
3. तोप कहाँ रखी गई है?
(क) किले के भीतर
(ख) कंपनी बाग के मुहाने पर
(ग) संग्रहालय में
(घ) नदी के किनारे
4. तोप को साल में कितनी बार चमकाया जाता है?
(क) एक बार
(ख) दो बार
(ग) तीन बार
(घ) चार बार
5. ‘सूरमा’ शब्द का अर्थ है—
(क) कायर
(ख) वीर/बहादुर
(ग) सैलानी
(घ) किसान
6. तोप पर बैठकर कौन गपशप करती हैं?
(क) छोटे बच्चे
(ख) सैलानी
(ग) चिड़ियाँ
(घ) सैनिक
7. कविता में तोप किसका प्रतीक है?
(क) वीरता एवं बलिदान का
(ख) सत्ता के दमन एवं शक्ति के अहंकार का
(ग) शांति का
(घ) प्रकृति-प्रेम का
8. कविता का केंद्रीय संदेश क्या है?
(क) धन ही सर्वोपरि है
(ख) प्रत्येक अत्याचारी शक्ति का अंत निश्चित है
(ग) युद्ध आवश्यक है
(घ) तोप का संरक्षण करना चाहिए
9. कौन-सी छोटी चिड़िया कभी-कभी तोप के भीतर घुस जाती है?
(क) कोयल
(ख) तोता
(ग) गौरैया
(घ) मैना
10. ‘कंपनी बाग’ का संबंध किससे है?
(क) किसी निजी कंपनी से
(ख) ईस्ट इंडिया कंपनी से
(ग) नगरपालिका से
(घ) किसी राजा से
अभिकथन-कारण (Assertion–Reason)
निर्देश: नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।
1. अभिकथन (A): तोप की बड़ी सँभाल की जाती है और साल में दो बार उसे चमकाया जाता है।
कारण (R): वह विरासत में मिली एक ऐतिहासिक धरोहर है।
2. अभिकथन (A): आज तोप पर चिड़ियाँ निडर होकर बैठ जाती हैं।
कारण (R): तोप अब निस्तेज एवं निष्क्रिय हो चुकी है।
3. अभिकथन (A): तोप अपने समय में बहुत शक्तिशाली थी।
कारण (R): उसने 1857 की क्रांति में अनेक वीर-सूरमाओं को नष्ट कर दिया था।
4. अभिकथन (A): ‘तोप’ कविता केवल एक पुरानी तोप का वर्णन है।
कारण (R): कविता में तोप अत्याचारी सत्ता के पतन का प्रतीक है और गहरा संदेश देती है।
5. अभिकथन (A): कविता हमें सजग रहने की प्रेरणा देती है।
कारण (R): ताकि भविष्य में कोई अन्यायी शक्ति देश पर फिर अधिकार न जमा सके।
परीक्षा-युक्तियाँ एवं सामान्य गलतियाँ
परीक्षा-युक्तियाँ
- कवि का नाम वीरेन डंगवाल और तोप का वर्ष 1857 अवश्य याद रखें – ये बार-बार पूछे जाते हैं।
- भाव स्पष्ट करते समय पहले पंक्ति का सामान्य अर्थ लिखें, फिर उसमें छिपे प्रतीक एवं संदेश को स्पष्ट करें।
- ‘तोप’ को सत्ता/दमन का और ‘चिड़ियों’ को निर्बल जनता एवं समय की शक्ति का प्रतीक बताएँ – यही कविता का केंद्रीय भाव है।
- उत्तरों में ‘विरासत’, ‘निस्तेज’, ‘व्यंग्य’ और ‘सजगता’ जैसे शब्दों का प्रयोग अंक बढ़ाता है।
सामान्य गलतियाँ
- तोप को केवल एक हथियार बताकर उसके प्रतीकात्मक अर्थ की उपेक्षा कर देना।
- वर्ष 1857 के स्थान पर 1947 लिख देना।
- तोप को दो बार चमकाने के अवसरों में राष्ट्रीय पर्वों (15 अगस्त, 26 जनवरी) का उल्लेख न करना।
- भाव-स्पष्टीकरण में पंक्ति को ज्यों-का-त्यों दोहरा देना, उसका अर्थ एवं संदेश न लिखना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
‘तोप’ कविता के कवि कौन हैं?
‘तोप’ कविता के कवि वीरेन डंगवाल हैं, जिनका जन्म 5 अगस्त 1947 को उत्तराखंड में हुआ था और जिन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
कविता में तोप किसका प्रतीक है?
कविता में तोप अंग्रेजी सत्ता के दमन, अत्याचार और शक्ति के अहंकार का प्रतीक है, जो समय के साथ निस्तेज होकर अपना महत्त्व खो देती है।
तोप को साल में दो बार चमकाने के अवसर कौन-से हैं?
संभवतः ये दो राष्ट्रीय पर्व हैं – स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), जब ऐतिहासिक धरोहरों की विशेष देखभाल की जाती है।
प्रश्न NCERT स्पर्श पुस्तक से ज्यों-के-त्यों लिए गए हैं; उत्तर ClearStudy द्वारा मौलिक रूप से तैयार एवं जाँचे गए हैं।
