NCERT Solutions for Class 10 Hindi (Sparsh 2) अध्याय 10: तताँरा-वामीरो कथा

यह पृष्ठ कक्षा 10 हिंदी की पुस्तक स्पर्श (भाग 2) के अध्याय 10 ‘तताँरा-वामीरो कथा’ (लेखक – लीलाधर मंडलोई) का पूरा समाधान देता है – पाठ्यपुस्तक के सभी प्रश्न-अभ्यास के उत्तर, सार, शब्दार्थ, अतिरिक्त प्रश्न, MCQ एवं अभिकथन-कारण।

कक्षा: 10 विषय: हिंदी पुस्तक: स्पर्श (भाग 2) अध्याय: 10 लेखक: लीलाधर मंडलोई विधा: कहानी (अंडमानी लोककथा का पुनर्लेखन) सत्र: 2026–27

लेखक परिचय – लीलाधर मंडलोई

लीलाधर मंडलोई का जन्म सन् 1954 में जन्माष्टमी के दिन छिंदवाड़ा जिले (मध्य प्रदेश) के एक छोटे-से गाँव गुढ़ी में हुआ था। उनकी शिक्षा-दीक्षा भोपाल और रायपुर में हुई। सन् 1987 में प्रसारण की उच्च शिक्षा के लिए कॉमनवेल्थ रिलेशंस ट्रस्ट, लंदन की ओर से उन्हें आमंत्रित किया गया। वे प्रसार भारती (दूरदर्शन) के महानिदेशक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। मूलतः कवि लीलाधर मंडलोई की कविताओं में छत्तीसगढ़ अंचल की बोली की मिठास और वहाँ के जनजीवन का सजीव चित्रण मिलता है। अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह की जनजातियों पर लिखा उनका गद्य अपने आप में एक समाजशास्त्रीय अध्ययन भी है। लोककथा, लोकगीत, यात्रा-वृत्तांत, डायरी, रिपोर्ताज और आलोचना-लेखन उनकी रुचि के क्षेत्र रहे हैं। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं – घर-घर घूमा, रात-बिरात, मगर एक आवाज़, देखा-अनदेखा और काला पानी।

पाठ का सार

‘तताँरा-वामीरो कथा’ अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में प्रचलित एक मार्मिक लोककथा का पुनर्लेखन है, जिसे लेखक लीलाधर मंडलोई ने अपने शब्दों में प्रस्तुत किया है। कथा के अनुसार सदियों पहले लिटिल अंडमान और कार-निकोबार द्वीप आपस में जुड़े हुए थे। उसी समय एक सुंदर गाँव के पास तताँरा नामक एक नेक, परिश्रमी और शक्तिशाली युवक रहता था। वह सदा दूसरों की सहायता के लिए तत्पर रहता और समूचे द्वीपवासियों की सेवा करना अपना परम कर्तव्य समझता था। इसी कारण सभी द्वीप-निवासी उसका आदर करते थे। वह सदा अपनी कमर में एक लकड़ी की तलवार बाँधे रहता, जिसके विषय में लोगों का विश्वास था कि उसमें अद्भुत दैवी शक्ति है।

एक शाम समुद्र किनारे टहलते हुए तताँरा ने एक मधुर गीत सुना। गीत की ओर बढ़ते हुए उसने लपाती गाँव की सुंदर युवती वामीरो को गाते देखा। ऊँची लहर के भीग जाने से वामीरो गाना भूल गई। तताँरा ने उससे परिचय और गीत पूरा करने का बार-बार आग्रह किया; वामीरो ने रूखाई से अपने गाँव का नियम याद दिलाते हुए उत्तर देने से मना कर दिया, फिर भी जाते-जाते उसने अपना नाम बता दिया। दोनों एक-दूसरे की ओर आकर्षित हो गए और प्रतिदिन उसी समुद्री चट्टान पर मिलने लगे। किंतु दोनों भिन्न गाँवों के थे और गाँव की रीति के अनुसार विवाह एक ही गाँव में करना आवश्यक था।

कुछ समय बाद पासा गाँव में ‘पशु-पर्व’ का आयोजन हुआ। वहाँ तताँरा को वामीरो दिखाई दी, जो उसे देखते ही फूट-फूटकर रोने लगी। वामीरो की माँ ने सबके सामने तताँरा को अपमानित किया और गाँववाले भी उसके विरोध में आवाज़ें उठाने लगे। यह अपमान तताँरा के लिए असहनीय था। क्रोध में आकर उसने अपनी तलवार निकाली और शक्ति भरकर उसे धरती में घोंप दिया तथा पूरी ताकत से खींचने लगा। धरती चरमराकर फटने लगी और द्वीप दो टुकड़ों में बँट गया। एक ओर तताँरा रह गया और दूसरी ओर वामीरो। तताँरा का हिस्सा समुद्र में समाने लगा और वह लहूलुहान होकर बहता हुआ कहाँ गया, कोई नहीं जान सका। वामीरो उसकी खोज में पागल हो गई और उसने खाना-पीना छोड़ दिया। माना जाता है कि इसी घटना से कार-निकोबार से लिटिल अंडमान अलग हुआ। तताँरा-वामीरो के इस त्यागमय बलिदान के बाद निकोबारी लोग दूसरे गाँवों में भी आपस में वैवाहिक संबंध करने लगे।

मूलभाव / संदेश

यह कथा बताती है कि प्रेम जोड़ता है और घृणा दूरी बढ़ाती है। जब रूढ़ियाँ और परंपराएँ बंधन बनकर मनुष्य के स्वाभाविक प्रेम और सुख के मार्ग में बाधा बन जाएँ, तो उनका टूट जाना ही श्रेयस्कर है। तताँरा और वामीरो का बलिदान व्यर्थ नहीं गया – उसने एक अमानवीय रूढ़ि को तोड़कर समाज में सुखद परिवर्तन की राह खोली। यही कारण है कि आज भी द्वीपवासी इस युगल को गर्व और श्रद्धा के साथ याद करते हैं।

कठिन शब्द-अर्थ

शब्दअर्थ
शृंखलाक्रम, कड़ी
आदिमप्रारंभिक, सबसे पुराना
विभक्तबँटा हुआ, अलग हुआ
लोककथाजन-समाज में प्रचलित कथा
आत्मीयअपना, घनिष्ठ
साहसिक कारनामासाहसपूर्ण कार्य
विलक्षणअसाधारण, अनोखा
बयारशीतल-मंद वायु
तंद्राएकाग्रता, झपकी जैसी अवस्था
चैतन्यचेतना, सजग
विकलबेचैन, व्याकुल
संचार(भावना का) उत्पन्न होना
असंगतअनुचित, बेमेल
सम्मोहितमुग्ध, वशीभूत
झुँझलानाचिढ़ना, खीझना
अन्यमनस्कताजिसका चित्त कहीं और हो
निर्निमेषबिना पलक झपकाए, अपलक
अचंभितचकित, हैरान
रोमांचितपुलकित
निश्चलस्थिर, अचल
अफ़वाहउड़ती खबर
उफननाउबलना, उमड़ना
निषेध परंपरावह परंपरा जिस पर रोक लगी हो
शमनशांत करना
घोंपनाभोंकना, गड़ाना
दरारफटने के कारण पड़ा रेखा जैसा लंबा छिद्र
निंदित / निंदा करनाबुरा-भला कहना, अपमान करना
किंकर्तव्यविमूढ़जिसे यह न सूझे कि क्या करे
विह्वलव्याकुल, घबराया हुआ
याचकमाँगने वाला, प्रार्थी

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास के उत्तर

मौखिक – निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए

1. तताँरा-वामीरो कहाँ की कथा है?

उत्तरतताँरा-वामीरो अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह (निकोबार) की प्रसिद्ध लोककथा है।

2. वामीरो अपना गाना क्यों भूल गई?

उत्तरअचानक एक ऊँची लहर उठकर वामीरो को भिगो गई, जिससे वह हड़बड़ाहट में अपना गाना भूल गई।

3. तताँरा ने वामीरो से क्या याचना की?

उत्तरतताँरा ने वामीरो से याचना की कि वह अधूरा छोड़ा हुआ मधुर गीत पूरा करे, अपना नाम बताए और अगले दिन भी उसी चट्टान पर अवश्य आए।

4. तताँरा और वामीरो के गाँव की क्या रीति थी?

उत्तरउनके गाँव की रीति थी कि विवाह एक ही गाँव में होना चाहिए; दूसरे गाँव के युवक-युवती के बीच वैवाहिक संबंध करना परंपरा के विरुद्ध (निषिद्ध) था।

5. क्रोध में तताँरा ने क्या किया?

उत्तरक्रोध में तताँरा ने अपनी तलवार निकालकर पूरी शक्ति से धरती में घोंप दी और उसे जोर से खींचने लगा, जिससे धरती फटने लगी और द्वीप दो टुकड़ों में बँट गया।

लिखित (क) – निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए

1. तताँरा की तलवार के बारे में लोगों का क्या मत था?

उत्तरलोगों का मत था कि लकड़ी की होने पर भी तताँरा की तलवार में अद्भुत दैवी शक्ति है। तताँरा के साहसिक कारनामों के कारण लोग उसकी तलवार को एक विलक्षण रहस्य मानते थे।

2. वामीरो ने तताँरा को बेरुखी से क्या जवाब दिया?

उत्तरवामीरो ने कड़े स्वर में कहा कि पहले वह अपना परिचय दे और बताए कि उसे घूरने तथा ऐसा असंगत प्रश्न पूछने का क्या कारण है। उसने कहा कि अपने गाँव के अतिरिक्त किसी अन्य गाँव के युवक के प्रश्नों का उत्तर देने को वह बाध्य नहीं है।

3. तताँरा-वामीरो की त्यागमयी मृत्यु से निकोबार में क्या परिवर्तन आया?

उत्तरतताँरा-वामीरो के बलिदान के बाद निकोबारवासियों ने अपनी रूढ़िवादी परंपरा त्याग दी और वे दूसरे गाँवों में भी आपस में वैवाहिक संबंध करने लगे। इस प्रकार एक अमानवीय रूढ़ि समाप्त हुई।

4. निकोबार के लोग तताँरा को क्यों पसंद करते थे?

उत्तरतताँरा नेक, मददगार और परोपकारी युवक था जो सदा दूसरों की सहायता के लिए तत्पर रहता था। अपने आकर्षक व्यक्तित्व, आत्मीय स्वभाव और त्यागपूर्ण सेवा-भाव के कारण निकोबार के लोग उसे बहुत पसंद करते और उसका आदर करते थे।

लिखित (ख) – निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए

1. निकोबार द्वीपसमूह के विभक्त होने के बारे में निकोबारियों का क्या विश्वास है?

उत्तरनिकोबारियों का विश्वास है कि प्राचीन काल में लिटिल अंडमान और कार-निकोबार एक ही द्वीप थे। तताँरा और वामीरो के प्रेम का अपमान होने पर क्रोधित तताँरा ने अपनी दैवी शक्ति वाली तलवार धरती में घोंपकर खींची, जिससे धरती फट गई और द्वीप दो टुकड़ों में बँट गया। उनका मानना है कि तताँरा की तलवार से ही कार-निकोबार से लिटिल अंडमान अलग हुआ, जो आज 96 कि.मी. दूर स्थित है।

2. तताँरा खूब परिश्रम करने के बाद कहाँ गया? वहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

उत्तरदिनभर के अथक परिश्रम के बाद एक शाम तताँरा समुद्र किनारे टहलने निकल पड़ा। वहाँ का दृश्य अत्यंत मनोरम था – सूरज क्षितिज के नीचे डूबने को था और अपनी अंतिम रंग-बिरंगी किरणें समुद्र पर बिखेर रहा था। समुद्र से ठंडी-मंद बयार आ रही थी। पक्षियों की सायंकालीन चहचहाहट धीरे-धीरे शांत हो रही थी और लहरों का मधुर संगीत वातावरण को और भी मोहक बना रहा था।

3. वामीरो से मिलने के बाद तताँरा के जीवन में क्या परिवर्तन आया?

उत्तरवामीरो से मिलने के बाद तताँरा का गंभीर और शांत जीवन बदल गया। उसका मन अब किसी काम में नहीं लगता था और वह हर समय वामीरो के विचारों में खोया रहता। वामीरो की प्रतीक्षा में उसके लिए एक-एक पल पहाड़ की तरह भारी हो गया था। जीवन में पहली बार वह इस प्रकार विचलित, अचंभित और रोमांचित हुआ। उसका हृदय व्यथित और बेचैन रहने लगा।

4. प्राचीन काल में मनोरंजन और शक्ति-प्रदर्शन के लिए किस प्रकार के आयोजन किए जाते थे?

उत्तरप्राचीन काल में निकोबार में ‘पशु-पर्व’ जैसे आयोजन किए जाते थे। इसमें हृष्ट-पुष्ट पशुओं का प्रदर्शन होता था तथा पशुओं से युवकों की शक्ति-परीक्षा प्रतियोगिता भी होती थी। वर्ष में एक बार होने वाले इस पर्व में सभी गाँवों के लोग भाग लेते थे। बाद में नृत्य-संगीत और सामूहिक भोजन का भी आयोजन किया जाता था, जिससे यह पर्व मनोरंजन एवं शक्ति-प्रदर्शन दोनों का केंद्र बन जाता था।

5. रूढ़ियाँ जब बंधन बन बोझ बनने लगें तब उनका टूट जाना ही अच्छा है। क्यों? स्पष्ट कीजिए।

उत्तररूढ़ियाँ आरंभ में समाज की व्यवस्था के लिए बनाई जाती हैं, किंतु समय बदलने पर जब वे अर्थहीन होकर मनुष्य की स्वतंत्रता, प्रेम और सुख में बाधक बन जाती हैं, तब वे बंधन और बोझ बन जाती हैं। ऐसी रूढ़ियाँ समाज की प्रगति रोकती हैं और मनुष्य को अनावश्यक कष्ट देती हैं। तताँरा-वामीरो की एक-ही-गाँव-में-विवाह की रूढ़ि ने दो प्रेमियों की जान ले ली। अतः ऐसी हानिकारक रूढ़ियों का टूट जाना ही समाज के हित में होता है।

लिखित (ग) – निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए

1. जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा।

आशयपशु-पर्व में जब तताँरा का अपमान असहनीय हो गया और गुस्से को शांत करने का कोई उपाय न सूझा, तब उसने अपने भीतर का सारा क्रोध अपनी तलवार में भर दिया और उसे पूरी शक्ति से धरती में घोंपकर जोर से खींचने लगा। आशय यह है कि अपमान और विवशता से उपजा उसका तीव्र क्रोध एक विनाशकारी शक्ति बनकर फूट पड़ा, जिसने अंततः धरती को ही चीरकर रख दिया।

2. बस आस की एक किरण थी जो समुद्र की देह पर डूबती किरणों की तरह कभी भी डूब सकती थी।

आशयतताँरा वामीरो की प्रतीक्षा में था और उसके मन में आशंका भी थी कि वह आएगी या नहीं। आशय यह है कि तताँरा के मन में वामीरो के आने की जो आशा थी, वह उतनी ही क्षीण और अनिश्चित थी जितनी समुद्र पर डूबते सूरज की अंतिम किरणें – जो किसी भी क्षण समाप्त हो सकती हैं। अर्थात् उसकी आशा बहुत कमज़ोर और कभी भी टूट जाने वाली थी।

भाषा अध्ययन

1. निम्नलिखित वाक्यों के सामने दिए कोष्ठक में (✓) का चिह्न लगाकर बताएँ कि वह वाक्य किस प्रकार का है –

उत्तर(क) निकोबारी उसे बेहद प्रेम करते थे। → विधानवाचक(ख) तुमने एकाएक इतना मधुर गाना अधूरा क्यों छोड़ दिया? → प्रश्नवाचक(ग) वामीरो की माँ क्रोध में उफन उठी। → विधानवाचक(घ) क्या तुम्हें गाँव का नियम नहीं मालूम? → प्रश्नवाचक(ङ) वाह! कितना सुंदर नाम है। → विस्मयादिबोधक(च) मैं तुम्हारा रास्ता छोड़ दूँगा। → विधानवाचक

2. निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए – (क) सुध-बुध खोना (ख) बाट जोहना (ग) खुशी का ठिकाना न रहना (घ) आग बबूला होना (ङ) आवाज़ उठाना

उत्तर(क) सुध-बुध खोना – मधुर संगीत सुनकर तताँरा अपनी सुध-बुध खो बैठा।(ख) बाट जोहना – माँ दिनभर अपने बेटे की बाट जोहती रही।(ग) खुशी का ठिकाना न रहना – परीक्षा में प्रथम आने पर रमेश की खुशी का ठिकाना न रहा।(घ) आग बबूला होना – बेटे की शरारत देखकर पिताजी आग बबूला हो गए।(ङ) आवाज़ उठाना – अन्याय के विरुद्ध हमें मिलकर आवाज़ उठानी चाहिए।

3. नीचे दिए गए शब्दों में से मूल शब्द और प्रत्यय अलग करके लिखिए – चर्चित, साहसिक, छटपटाहट, शब्दहीन।

उत्तर
शब्दमूल शब्दप्रत्यय
चर्चितचर्चाइत
साहसिकसाहसइक
छटपटाहटछटपटआहट
शब्दहीनशब्दहीन

4. नीचे दिए गए शब्दों में उचित उपसर्ग लगाकर शब्द बनाइए – आकर्षक, ज्ञात, कोमल, होश, घटना।

उत्तर
उपसर्गशब्दनया शब्द
अनआकर्षकअनाकर्षक
ज्ञातअज्ञात
सुकोमलसुकोमल
बेहोशबेहोश
दुर्घटनादुर्घटना

5. निम्नलिखित वाक्यों को निर्देशानुसार परिवर्तित कीजिए –

उत्तर(क) जीवन में पहली बार मैं इस तरह विचलित हुआ हूँ। (मिश्र वाक्य) → यह पहली बार है कि जीवन में मैं इस तरह विचलित हुआ हूँ।(ख) फिर तेज़ कदमों से चलती हुई तताँरा के सामने आकर ठिठक गई। (संयुक्त वाक्य) → फिर वह तेज़ कदमों से चली और तताँरा के सामने आकर ठिठक गई।(ग) वामीरो कुछ सचेत हुई और घर की तरफ़ दौड़ी। (सरल वाक्य) → वामीरो कुछ सचेत होकर घर की तरफ़ दौड़ी।(घ) तताँरा को देखकर वह फूटकर रोने लगी। (संयुक्त वाक्य) → वामीरो ने तताँरा को देखा और फूटकर रोने लगी।(ङ) रीति के अनुसार दोनों को एक ही गाँव का होना आवश्यक था। (मिश्र वाक्य) → रीति यह थी कि दोनों को एक ही गाँव का होना आवश्यक था।

6. नीचे दिए गए वाक्य पढ़िए तथा ‘और’ शब्द के विभिन्न प्रयोगों पर ध्यान दीजिए – (बताइए कि प्रत्येक में ‘और’ का प्रयोग किस अर्थ में हुआ है।)

उत्तर(क) पास में सुंदर और शक्तिशाली युवक रहा करता था। → दो पदों को जोड़ना।(ख) वह कुछ और सोचने लगी। → ‘अन्य’ के अर्थ में।(ग) एक आकृति कुछ साफ़ हुई… कुछ और… कुछ और। → क्रमशः / धीरे-धीरे के अर्थ में।(घ) अचानक वामीरो कुछ सचेत हुई और घर की तरफ़ दौड़ गई। → दो उपवाक्यों को जोड़ने के अर्थ में।(ङ) वामीरो का दुख उसे और गहरा कर रहा था। → ‘अधिकता’ के अर्थ में।(च) उसने थोड़ा और करीब जाकर पहचानने की चेष्टा की। → ‘निकटता’ के अर्थ में।

7. नीचे दिए गए शब्दों के विलोम शब्द लिखिए – भय, मधुर, सभ्य, मूक, तरल, उपस्थिति, सुखद।

उत्तर
शब्दविलोम
भयनिर्भय / अभय
मधुरकटु
सभ्यअसभ्य
मूकवाचाल / मुखर
तरलठोस
उपस्थितिअनुपस्थिति
सुखददुखद

8. नीचे दिए गए शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए – समुद्र, आँख, दिन, अँधेरा, मुक्त।

उत्तर
शब्दपर्यायवाची
समुद्रसागर, जलधि
आँखनयन, नेत्र
दिनदिवस, वासर
अँधेरातम, तिमिर
मुक्तस्वतंत्र, आज़ाद

9. नीचे दिए गए शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए – किंकर्तव्यविमूढ़, विह्वल, भयाकुल, याचक, आकंठ।

उत्तरकिंकर्तव्यविमूढ़ – अचानक आई विपत्ति देखकर वह किंकर्तव्यविमूढ़ हो गया।विह्वल – बेटे को सकुशल देखकर माँ विह्वल हो उठी।भयाकुल – भूकंप के झटके से सभी लोग भयाकुल हो गए।याचक – तताँरा याचक की भाँति वामीरो से नाम पूछता रहा।आकंठ – वह काम के बोझ में आकंठ डूबा हुआ था।

10. ‘किसी तरह आँचरहित एक ठंडा और ऊबाऊ दिन गुज़रने लगा’ वाक्य में दिन के लिए किन-किन विशेषणों का प्रयोग किया गया है? आप दिन के लिए कोई तीन विशेषण और सुझाइए।

उत्तरइस वाक्य में दिन के लिए आँचरहित, ठंडा और ऊबाऊ विशेषणों का प्रयोग किया गया है।तीन अन्य विशेषण: सुहावना, उदास, लंबा (अथवा – धूपभरा, सुनहरा, थका देने वाला)।

11. इस पाठ में ‘देखना’ क्रिया के कई रूप आए हैं – इन विभिन्न शब्द-प्रयोगों में क्या अंतर है? वाक्य-प्रयोग द्वारा स्पष्ट कीजिए। (निहारना, ताकना, घूरना, निर्निमेष ताकना, नज़र पड़ना)

उत्तरनिहारना (प्रेम/मुग्धता से देखना) – तताँरा डूबते सूरज को निहारता रहा।ताकना (एकटक देखना) – वह चुपचाप उसकी ओर ताकता रहा।घूरना (तीखी/अशिष्ट दृष्टि से देखना) – अजनबी को घूरना अच्छी बात नहीं।निर्निमेष ताकना (बिना पलक झपकाए देखना) – दोनों एक-दूसरे को निर्निमेष ताकते रहे।नज़र पड़ना (अचानक दिख जाना) – अंततः उसकी नज़र एक युवती पर पड़ी।इसी प्रकार ‘बोलना’ क्रिया के विभिन्न रूप – कहना, फुसफुसाना, चिल्लाना, बड़बड़ाना, गुनगुनाना आदि हैं।

12. नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित पदबंधों का प्रकार बताइए – (क) उसकी कल्पना में वह एक अद्भुत साहसी युवक था। (ख) तताँरा को मानो कुछ होश आया। (ग) वह भागा-भागा वहाँ पहुँच जाता। (घ) तताँरा की तलवार एक विलक्षण रहस्य थी। (ङ) उसकी व्याकुल आँखें वामीरो को ढूँढ़ने में व्यस्त थीं।

उत्तर(क) एक अद्भुत साहसी युवक → संज्ञा पदबंध।(ख) कुछ होश आया → क्रिया पदबंध।(ग) भागा-भागा → क्रियाविशेषण पदबंध।(घ) एक विलक्षण रहस्य → संज्ञा पदबंध।(ङ) व्याकुल आँखें → विशेषण पदबंध।

योग्यता-विस्तार एवं परियोजना कार्य

योग्यता-विस्तार: (1) पुस्तकालय की सहायता से विभिन्न प्रदेशों की लोककथाओं का अध्ययन कीजिए। (2) भारत के नक्शे में अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह की पहचान कर उसकी भौगोलिक स्थिति की जानकारी प्राप्त कीजिए। (3) इन द्वीपों की प्रमुख जनजातियों की विशेषताओं का अध्ययन कीजिए। (4) दिसंबर 2004 में आई सुनामी का इस द्वीपसमूह पर पड़े प्रभाव की जानकारी एकत्र कीजिए।

संकेत – अंडमान-निकोबार 500 से अधिक द्वीपों की शृंखला है; इसकी राजधानी पोर्ट ब्लेयर है। यहाँ जारवा, सेंटिनली, ओंगे, ग्रेट अंडमानी और निकोबारी जैसी आदिम जनजातियाँ निवास करती हैं। 26 दिसंबर 2004 की सुनामी से इस द्वीपसमूह में भारी जन-धन की हानि हुई थी। ये कार्य विद्यार्थी पुस्तकालय/मानचित्र की सहायता से स्वयं पूरा करें।

परियोजना कार्य: अपने घर-परिवार के बुज़ुर्ग सदस्यों से कुछ लोककथाएँ सुनिए और उन कथाओं को अपने शब्दों में कक्षा में सुनाइए। (यह विद्यार्थी द्वारा स्वयं करने वाली गतिविधि है।)

अतिरिक्त प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न (30-40 शब्द)

1. तताँरा अपनी तलवार के साथ कैसा व्यवहार करता था?

उत्तरतताँरा अपनी कमर में सदा एक लकड़ी की तलवार बाँधे रहता था। वह उसे कभी स्वयं से अलग नहीं होने देता था और न ही दूसरों के सामने उसका उपयोग करता था। लोग उस तलवार में अद्भुत दैवी शक्ति का होना मानते थे।

2. वामीरो तताँरा से मिलने के बाद घर पहुँचकर बेचैन क्यों हो उठी?

उत्तरघर पहुँचकर वामीरो तताँरा से मुक्त होने की झूठी छटपटाहट महसूस करने लगी। वह उसे भूलना चाहती थी क्योंकि दूसरे गाँव के युवक से संबंध परंपरा के विरुद्ध था; पर तताँरा का याचना भरा चेहरा बार-बार उसकी आँखों में तैरता रहा और वह उसे भूल न सकी।

3. पशु-पर्व में वामीरो को देखकर तताँरा की क्या दशा हुई?

उत्तरपशु-पर्व में नारियल के पेड़ के पीछे छिपी वामीरो तताँरा को देखते ही फूट-फूटकर रोने लगी। उसका रुदन देखकर तताँरा विह्वल हो उठा और किंकर्तव्यविमूढ़ हो गया – उससे कुछ कहते ही नहीं बन रहा था।

4. वामीरो की माँ ने तताँरा के साथ कैसा व्यवहार किया?

उत्तरवामीरो के रुदन को सुनकर उसकी माँ वहाँ पहुँची और दोनों को साथ देखकर आग बबूला हो उठी। सारे गाँववालों की उपस्थिति में यह दृश्य उसे अपमानजनक लगा और उसने क्रोध में तताँरा को तरह-तरह से अपमानित किया।

5. तताँरा-वामीरो की कथा आज भी क्यों याद की जाती है?

उत्तरआज न तताँरा है, न वामीरो, किंतु उनकी प्रेमकथा घर-घर में सुनाई जाती है। उनके त्यागमय बलिदान ने एक अमानवीय रूढ़ि को तोड़कर समाज में सुखद परिवर्तन लाया। इसीलिए द्वीपवासी इस युगल को गर्व और श्रद्धा के साथ याद करते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (100-120 शब्द)

1. ‘तताँरा-वामीरो कथा’ के माध्यम से लेखक क्या संदेश देना चाहता है? विस्तार से लिखिए।

उत्तरइस लोककथा के माध्यम से लेखक यह संदेश देता है कि प्रेम जोड़ता है और घृणा दूरी बढ़ाती है। समाज में बनी रूढ़ियाँ और परंपराएँ जब अपना औचित्य खो देती हैं और मनुष्य के स्वाभाविक प्रेम, सुख तथा स्वतंत्रता में बाधक बन जाती हैं, तब वे बंधन और बोझ बन जाती हैं।तताँरा और वामीरो की एक ही गाँव में विवाह की रूढ़ि ने दो निश्छल प्रेमियों की जान ले ली। किंतु उनका बलिदान व्यर्थ नहीं गया – इसी से निकोबारी समाज ने यह कुप्रथा त्याग दी और अलग-अलग गाँवों में वैवाहिक संबंध करने लगे।अतः लेखक यह बताना चाहता है कि जो प्रेम समाज के लिए अपने जीवन तक का बलिदान कर देता है, समाज उसे सदा याद रखता है और हानिकारक रूढ़ियों को तोड़ देना ही श्रेयस्कर है।

2. तताँरा के चरित्र की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

उत्तरतताँरा निकोबार द्वीप का एक आदर्श युवक है। उसके चरित्र की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –(क) परोपकारी और सेवाभावी: वह सदा दूसरों की सहायता के लिए तत्पर रहता और समूचे द्वीपवासियों की सेवा को अपना परम कर्तव्य मानता था।(ख) नेक और आत्मीय: उसके आकर्षक व्यक्तित्व और आत्मीय स्वभाव के कारण लोग उसके करीब रहना चाहते थे।(ग) साहसी एवं शक्तिशाली: अपने साहसिक कारनामों के कारण वह पूरे द्वीप में चर्चित था।(घ) विनम्र किंतु स्वाभिमानी: वह वामीरो से विनम्रता से याचना करता है, पर अपमान सहन न कर पाने पर उसका स्वाभिमान भड़क उठता है।इस प्रकार तताँरा त्याग, प्रेम और स्वाभिमान का प्रतीक है।

3. इस कथा में निकोबार द्वीप के प्राकृतिक सौंदर्य और लोकजीवन का चित्रण किस प्रकार हुआ है?

उत्तरलेखक ने इस कथा में निकोबार द्वीप के प्राकृतिक सौंदर्य का सजीव चित्रण किया है। समुद्र किनारे डूबता सूरज, क्षितिज पर बिखरी रंग-बिरंगी किरणें, ठंडी-मंद बयार, पक्षियों की सायंकालीन चहचहाहट और लहरों का मधुर संगीत – ये सब दृश्य पाठक के मन को मोह लेते हैं।लोकजीवन की दृष्टि से लेखक ने निकोबारी समाज की परंपराओं को दर्शाया है – जैसे विवाह एक ही गाँव में करने की रीति तथा ‘पशु-पर्व’ का आयोजन, जिसमें पशु-प्रदर्शन, शक्ति-परीक्षा, नृत्य-संगीत और सामूहिक भोजन होता था।गीत-संगीत के प्रति इस समाज का अनुराग और लोककथाओं को पीढ़ी-दर-पीढ़ी दोहराने की परंपरा भी इस चित्रण में स्पष्ट झलकती है।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)

1. ‘तताँरा-वामीरो कथा’ के लेखक कौन हैं?

(क) प्रेमचंद

(ख) लीलाधर मंडलोई

(ग) निदा फ़ाज़ली

(घ) रवींद्र केलेकर

2. तताँरा किस द्वीप का निवासी था?

(क) कार-निकोबार

(ख) लपाती

(ग) पासा

(घ) पोर्ट ब्लेयर

3. वामीरो किस गाँव की रहने वाली थी?

(क) पासा

(ख) लपाती

(ग) कार-निकोबार

(घ) लिटिल अंडमान

4. तताँरा सदा अपने साथ क्या बाँधे रहता था?

(क) लोहे की तलवार

(ख) धनुष-बाण

(ग) लकड़ी की तलवार

(घ) भाला

5. वामीरो पहली बार तताँरा को क्या करती हुई मिली?

(क) नृत्य करती हुई

(ख) गीत गाती हुई

(ग) मछली पकड़ती हुई

(घ) सोती हुई

6. वामीरो अपना गाना क्यों भूल गई?

(क) तताँरा को देखकर

(ख) ऊँची लहर से भीग जाने पर

(ग) माँ की आवाज़ सुनकर

(घ) डर के कारण

7. पासा गाँव में किस पर्व का आयोजन हुआ?

(क) फूल-पर्व

(ख) नृत्य-पर्व

(ग) पशु-पर्व

(घ) जल-पर्व

8. क्रोधित तताँरा ने अपनी तलवार कहाँ घोंपी?

(क) समुद्र में

(ख) पेड़ में

(ग) धरती में

(घ) चट्टान में

9. तताँरा-वामीरो की कथा वास्तव में क्या समझाती है?

(क) युद्ध की महत्ता

(ख) हानिकारक रूढ़ियों का टूटना श्रेयस्कर है

(ग) धन का महत्त्व

(घ) पशुओं से प्रेम

10. कथा के अनुसार तताँरा की तलवार से कौन-सा द्वीप अलग हुआ?

(क) पोर्ट ब्लेयर

(ख) ग्रेट निकोबार

(ग) लिटिल अंडमान

(घ) लपाती

उत्तर-कुंजी: 1–(ख), 2–(ग) पासा का, 3–(ख), 4–(ग), 5–(ख), 6–(ख), 7–(ग), 8–(ग), 9–(ख), 10–(ग)।

संकेत – प्रश्न 2: पाठ के अनुसार तताँरा ‘पासा’ गाँव का तथा वामीरो ‘लपाती’ गाँव की थी।

अभिकथन-कारण (Assertion-Reason)

निर्देश – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।

1. अभिकथन (A): निकोबारी लोग तताँरा का बहुत आदर करते थे।

कारण (R): तताँरा नेक, परोपकारी और सेवाभावी युवक था जो सबकी सहायता करता था।

2. अभिकथन (A): वामीरो तताँरा को भूलना चाहती थी।

कारण (R): दूसरे गाँव के युवक से संबंध उनकी परंपरा के विरुद्ध था।

3. अभिकथन (A): क्रोध में तताँरा ने धरती में तलवार घोंपकर खींची।

कारण (R): वह केवल अपनी तलवार की दैवी शक्ति का प्रदर्शन करना चाहता था।

4. अभिकथन (A): तताँरा-वामीरो के बलिदान के बाद निकोबारी दूसरे गाँवों में भी विवाह-संबंध करने लगे।

कारण (R): उनके बलिदान ने एक अमानवीय रूढ़ि को तोड़ दिया।

5. अभिकथन (A): वामीरो तताँरा को देखते ही फूट-फूटकर रोने लगी।

कारण (R): वह तताँरा से घृणा करती थी।

उत्तर-कुंजी: 1–(क), 2–(क), 3–(ग) [A सही, R गलत – उसने अपमान से उपजे क्रोध को शांत करने के लिए ऐसा किया, न कि शक्ति-प्रदर्शन के लिए], 4–(क), 5–(ग) [A सही, R गलत – वह घृणा नहीं, गहरे प्रेम एवं विवशता के कारण रोई]।

परीक्षा-युक्तियाँ एवं सामान्य गलतियाँ

परीक्षा-युक्तियाँ

  • पात्रों के सही नाम याद रखें – तताँरा (पासा गाँव) और वामीरो (लपाती गाँव); लेखक लीलाधर मंडलोई
  • आशय/व्याख्या वाले प्रश्नों में पहले संदर्भ बताएँ, फिर पंक्ति का भाव सरल भाषा में स्पष्ट करें।
  • शब्द-सीमा का ध्यान रखें – 25-30 या 50-60 शब्दों वाले उत्तर उतने ही शब्दों में लिखें।
  • मूलभाव वाले प्रश्न में ‘प्रेम जोड़ता है, घृणा तोड़ती है’ तथा ‘हानिकारक रूढ़ि का टूटना श्रेयस्कर’ अवश्य लिखें।

सामान्य गलतियाँ

  • तताँरा को लपाती गाँव का और वामीरो को पासा गाँव की लिख देना – यह उलटा है (तताँरा = पासा, वामीरो = लपाती)।
  • तलवार को लोहे की मान लेना – वह लकड़ी की थी, जिसमें दैवी शक्ति मानी जाती थी।
  • शीर्षक की मात्राएँ छोड़ना – सही वर्तनी है ‘तताँरा’ (चंद्रबिंदु सहित), ‘वामीरो’।
  • आशय प्रश्न में पंक्ति को ज्यों-का-त्यों दोहरा देना – भाव अपने शब्दों में स्पष्ट करना आवश्यक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

‘तताँरा-वामीरो कथा’ के लेखक कौन हैं?

इस पाठ के लेखक लीलाधर मंडलोई हैं, जिन्होंने अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह की इस प्रसिद्ध लोककथा को अपने शब्दों में पुनः लिखा है।

तताँरा-वामीरो कहाँ की कथा है?

यह अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह (निकोबार) में प्रचलित एक लोककथा है, जो लिटिल अंडमान और कार-निकोबार द्वीप के अलग होने से जुड़ी है।

इस कथा से क्या शिक्षा मिलती है?

यह कथा सिखाती है कि प्रेम जोड़ता है और घृणा दूरी बढ़ाती है; जब रूढ़ियाँ बंधन और बोझ बन जाएँ तो उनका टूट जाना ही समाज के हित में होता है।

प्रश्न NCERT स्पर्श (भाग 2) पुस्तक से ज्यों-के-त्यों लिए गए हैं; उत्तर ClearStudy द्वारा मौलिक रूप से तैयार एवं जाँचे गए हैं।

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