NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श 2) अध्याय 14: कारतूस – प्रश्न-उत्तर, सार एवं व्याख्या (NCERT 2026–27)
यह पृष्ठ कक्षा 10 हिंदी की पुस्तक स्पर्श (भाग 2) के अध्याय 14 ‘कारतूस’ (एकांकी) का पूरा एवं विश्वसनीय समाधान देता है। यह एकांकी हबीब तनवीर द्वारा रचित है और इसमें स्वतंत्रता-सेनानी वज़ीर अली की निडरता एवं साहस का रोमांचक चित्रण है। यहाँ पाठ का सार, कठिन शब्दार्थ, पाठ्यपुस्तक के सभी प्रश्न-अभ्यास के उत्तर, अतिरिक्त प्रश्न, MCQ एवं अभिकथन-कारण दिए गए हैं।
लेखक परिचय – हबीब तनवीर
हबीब तनवीर का जन्म सन् 1923 में छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुआ था। उन्होंने सन् 1944 में नागपुर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और इसके बाद ब्रिटेन की नाटक अकादमी से नाट्य-लेखन का अध्ययन करने गए। दिल्ली लौटकर उन्होंने पेशेवर नाट्य-मंच की स्थापना की। नाटककार, कवि, पत्रकार, नाट्य-निर्देशक और अभिनेता – इन अनेक रूपों में ख्याति प्राप्त हबीब तनवीर ने लोकनाट्य के क्षेत्र में भी महत्त्वपूर्ण कार्य किया। उन्हें अनेक पुरस्कारों, फ़ेलोशिप तथा पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उनके प्रमुख नाटक हैं – आगरा बाज़ार, चरनदास चोर, देख रहे हैं नैन और हिरमा की अमर कहानी। उन्होंने बसंत ऋतु का सपना, शाजापुर की शांति बाई, मिट्टी की गाड़ी और मुद्राराक्षस नाटकों का आधुनिक रूपांतर भी किया। सन् 2009 में उनका निधन हुआ।
पाठ का सार
‘कारतूस’ एक एकांकी है, जिसमें अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध संघर्षरत जाँबाज़ स्वतंत्रता-सेनानी वज़ीर अली के साहस और सूझबूझ का रोमांचक वर्णन है। पाठ-प्रवेश के अनुसार अंग्रेज़ इस देश में व्यापारी के भेष में आए थे, परंतु धीरे-धीरे उनकी ईस्ट इंडिया कंपनी ने रियासतों पर कब्ज़ा जमाना शुरू कर दिया। उनकी नीयत उजागर होते ही उन्हें हिंदुस्तान से खदेड़ने के प्रयास भी शुरू हो गए। वज़ीर अली ऐसा ही एक निडर सेनानी था, जिसका एकमात्र लक्ष्य अंग्रेज़ों को देश से बाहर करना था।
एकांकी का दृश्य सन् 1799 में गोरखपुर के जंगल में कर्नल कॉलिंज के खेमे के भीतर का है। रात का समय है, चाँदनी छिटकी हुई है और अंदर लैंप जल रहा है। कर्नल कॉलिंज और लेफ़्टीनेंट आपस में बातें कर रहे हैं। कई हफ़्तों से खेमा डालकर वे वज़ीर अली को पकड़ने का प्रयास कर रहे हैं, पर वह हाथ नहीं आ रहा। लेफ़्टीनेंट सिपाहियों के तंग आने की बात करता है और कहता है कि वज़ीर अली आदमी है या भूत, समझ नहीं आता।
कर्नल बताता है कि वज़ीर अली के कारनामे सुनकर रॉबिनहुड याद आ जाता है। उसने कुछ ही महीनों के शासन में अवध के दरबार को अंग्रेज़ी असर से लगभग मुक्त कर दिया था। बातचीत में सआदत अली (आसिफ़उद्दौला का भाई और वज़ीर अली का दुश्मन), टीपू सुल्तान, अफ़ग़ानिस्तान के बादशाह शाहे-ज़मा तथा शमसुद्दौला का ज़िक्र आता है। कर्नल बताता है कि कंपनी ने वज़ीर अली को पद से हटाकर बनारस भेज दिया और सालाना वज़ीफ़ा तय कर दिया था। बाद में गवर्नर-जनरल ने उसे कलकत्ता तलब किया, तो वज़ीर अली ने कंपनी के वकील से शिकायत की, पर वकील ने उल्टा बुरा-भला कहा, जिससे क्रुद्ध होकर वज़ीर अली ने उसे खंजर से मार डाला और आज़मगढ़ की ओर भाग गया।
तभी एक सवार तेज़ी से घोड़ा दौड़ाते हुए खेमे की ओर आता है। वह कर्नल से अकेले में मिलना चाहता है। सबको बाहर भेजकर सवार कर्नल से कहता है कि वज़ीर अली को गिरफ़्तार करने के लिए उसे कुछ कारतूस चाहिए। कर्नल उसे दस कारतूस दे देता है। कारतूस लेकर सवार मुस्कुराते हुए धन्यवाद देता है और अपना नाम बताता है – ‘वज़ीर अली’। वह कहता है कि कारतूस देने के कारण वह कर्नल की जान बख़्श रहा है, और निडरता से बाहर चला जाता है। कर्नल हक्का-बक्का रह जाता है। लेफ़्टीनेंट के पूछने पर कि कौन था, कर्नल दबी ज़बान से स्वयं से कहता है – ‘एक जाँबाज़ सिपाही।’ इस प्रकार वज़ीर अली शेर की माँद में पहुँचकर भी अपने अदम्य साहस का परिचय देता है।
मूलभाव / उद्देश्य
इस एकांकी का मूल उद्देश्य भारतीय स्वतंत्रता-संग्राम के प्रारंभिक दौर के एक निर्भीक सेनानी वज़ीर अली के अदम्य साहस, देशभक्ति और बुद्धि-कौशल को उभारना है। यह दर्शाता है कि अंग्रेज़ों के विशाल लाव-लश्कर के सामने भी मुट्ठी भर साहसी लोग किस प्रकार दमख़म से डटे रहे। वज़ीर अली का शत्रु के खेमे में अकेले पहुँचकर उन्हीं से कारतूस माँग लेना और जान बख़्शकर लौट जाना उसके अदम्य आत्मविश्वास, निडरता और सूझबूझ का परिचायक है।
शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| खेमा | डेरा, अस्थायी पड़ाव, तंबू |
| अफ़साने (अफ़साना) | कहानियाँ, किस्से |
| कारनामे (कारनामा) | ऐसे काम जो याद रहें, उल्लेखनीय कार्य |
| हुकूमत | शासन, राज्य |
| पैदाइश | जन्म |
| तख़्त | सिंहासन, राजगद्दी |
| मसलहत | उचित कारण, हित-स्वार्थ, युक्ति |
| ऐश-पसंद | भोग-विलास पसंद करने वाला |
| जाँबाज़ | जान की बाज़ी लगाने वाला, निडर वीर |
| दमख़म | शक्ति और दृढ़ता |
| ज़ाती तौर से | व्यक्तिगत रूप से |
| वज़ीफ़ा | परवरिश के लिए दी जाने वाली राशि, छात्रवृत्ति |
| मुकर्रर | तय करना, निश्चित करना |
| तलब किया | बुलाया, याद किया |
| हुक्मरां / हुक्मराँ | शासक, हाकिम |
| हिफ़ाज़त | सुरक्षा, रक्षा |
| गर्द | धूल |
| क़ाफ़िला | एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र जाने वाले यात्रियों का समूह |
| शुब्हा | संदेह, शक |
| गुंजाइश | संभावना, अवसर |
| तन्हाई | एकांत, अकेलापन |
| दीवार हमगोश दारद | दीवारों के भी कान होते हैं |
| मुकाम | पड़ाव, ठहरने का स्थान |
| लावलश्कर | सेना का बड़ा समूह और युद्ध-सामग्री |
| कारतूस | पीतल और दफ़्ती आदि की एक नली जिसमें गोली तथा बारूद भरी रहती है |
मौखिक
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए—
1. कर्नल कॉलिंज का खेमा जंगल में क्यों लगा हुआ था?
2. वज़ीर अली से सिपाही क्यों तंग आ चुके थे?
3. कर्नल ने सवार पर नज़र रखने के लिए क्यों कहा?
4. सवार ने क्यों कहा कि वज़ीर अली की गिरफ़्तारी बहुत मुश्किल है?
लिखित (क) – (25–30 शब्दों में)
1. वज़ीर अली के अफ़साने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद क्यों आ जाती थी?
2. सआदत अली कौन था? उसने वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत क्यों समझा?
3. सआदत अली को अवध के तख़्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का क्या मकसद था?
4. कंपनी के वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली ने अपनी हिफ़ाज़त कैसे की?
5. सवार के जाने के बाद कर्नल क्यों हक्का-बक्का रह गया?
लिखित (ख) – (50–60 शब्दों में)
1. लेफ़्टीनेंट को ऐसा क्यों लगा कि कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है?
2. वज़ीर अली ने कंपनी के वकील का कत्ल क्यों किया?
3. सवार ने कर्नल से कारतूस कैसे हासिल किए?
4. वज़ीर अली एक जाँबाज़ सिपाही था, कैसे? स्पष्ट कीजिए।
लिखित (ग) – निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए
1. मुट्ठीभर आदमी और ये दमख़म।
2. गर्द तो ऐसे उड़ रही है जैसे कि पूरा एक काफ़िला चला आ रहा हो मगर मुझे तो एक ही सवार नज़र आता है।
भाषा अध्ययन
1. निम्नलिखित शब्दों का एक-एक पर्याय लिखिए—खिलाफ़, पाक, उम्मीद, हासिल, कामयाब, वज़ीफ़ा, नफ़रत, हमला, इंतज़ार, मुमकिन
2. निम्नलिखित मुहावरों का अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए—आँखों में धूल झोंकना, कूट-कूट कर भरना, काम तमाम कर देना, जान बख़्श देना, हक्का-बक्का रह जाना।
3. कारक वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया के साथ संबंध बताता है। निम्नलिखित वाक्यों में कारकों को रेखांकित कर उनके नाम लिखिए—(क) जंगल की ज़िंदगी बड़ी खतरनाक होती है। (ख) कंपनी के खिलाफ़ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई। (ग) वज़ीर को उसके पद से हटा दिया गया। (घ) फ़ौज के लिए कारतूस की आवश्यकता थी। (ङ) सिपाही घोड़े पर सवार था।
4. क्रिया का लिंग और वचन सामान्यतः कर्ता और कर्म के लिंग और वचन के अनुसार निर्धारित होता है… कर्ता और कर्म के परसर्ग सहित होने पर क्रिया एकवचन पुल्लिंग में ही प्रयुक्त होती है। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ने’ लगाकर उन्हें दुबारा लिखिए—(क) घोड़ा पानी पी रहा था। (ख) बच्चे दशहरे का मेला देखने गए। (ग) रॉबिनहुड गरीबों की मदद करता था। (घ) देशभर के लोग उसकी प्रशंसा कर रहे थे।
5. निम्नलिखित वाक्यों में उचित विराम-चिह्न लगाइए—(क) कर्नल ने कहा सिपाहियो इस पर नज़र रखो ये किस तरफ़ जा रहा है (ख) सवार ने पूछा आपने इस मुकाम पर क्यों खेमा डाला है इतने लावलश्कर की क्या ज़रूरत है (ग) खेमे के अंदर दो व्यक्ति बैठे बातें कर रहे थे चाँदनी छिटकी हुई थी और बाहर सिपाही पहरा दे रहे थे एक व्यक्ति कह रहा था दुश्मन कभी भी हमला कर सकता है
योग्यता विस्तार & परियोजना
योग्यता विस्तार: (1) पुस्तकालय से रॉबिनहुड के साहसिक कारनामों के बारे में जानकारी प्राप्त कीजिए। (2) वृंदावनलाल वर्मा की कहानी ‘इब्राहीम गार्दी’ पढ़िए और कक्षा में सुनाइए। – ये विद्यार्थी द्वारा स्वयं करने योग्य पठन-कार्य हैं।
परियोजना: (1) ‘कारतूस’ एकांकी का मंचन अपने विद्यालय में कीजिए। (2) ‘एकांकी’ और ‘नाटक’ में अंतर बताइए तथा कुछ नाटकों और एकांकियों की सूची तैयार कीजिए।
संकेत – एकांकी और नाटक में अंतर: एकांकी एक ही अंक में, सीमित पात्रों, एक घटना और छोटी अवधि में पूरी हो जाती है; जबकि नाटक अनेक अंकों में, अधिक पात्रों एवं अनेक घटनाओं को लेकर विस्तृत होता है। नाटक उदाहरण: अंधेर नगरी, आषाढ़ का एक दिन, आधे-अधूरे। एकांकी उदाहरण: कारतूस, रीढ़ की हड्डी, बहू की विदा।
अतिरिक्त प्रश्न
लघु उत्तरीय प्रश्न (30–40 शब्द)
1. ‘कारतूस’ एकांकी का समय, स्थान और काल बताइए।
2. वज़ीर अली की क्या योजना (स्कीम) थी?
3. खेमे में आए सवार ने कर्नल से क्या माँगा और बदले में क्या कहा?
4. एकांकी के अंत में कर्नल ने वज़ीर अली के लिए क्या कहा और क्यों?
5. ‘कारतूस’ एकांकी से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (100–120 शब्द)
1. वज़ीर अली के चरित्र की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
2. एकांकी के शीर्षक ‘कारतूस’ की सार्थकता सिद्ध कीजिए।
3. कर्नल कॉलिंज और वज़ीर अली के चरित्र की तुलना कीजिए।
अभ्यास MCQ
नीचे दिए बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर चुनिए। उत्तर-कुंजी नीचे दी गई है।
1. ‘कारतूस’ एकांकी के लेखक कौन हैं?
(क) प्रेमचंद
(ख) हबीब तनवीर
(ग) रामवृक्ष बेनीपुरी
(घ) यशपाल
2. एकांकी की घटना किस वर्ष की है?
(क) सन् 1857
(ख) सन् 1799
(ग) सन् 1923
(घ) सन् 1880
3. कर्नल कॉलिंज का खेमा कहाँ लगा हुआ था?
(क) बनारस के जंगल में
(ख) आज़मगढ़ के किले में
(ग) गोरखपुर के जंगल में
(घ) नेपाल की सीमा पर
4. वज़ीर अली का दुश्मन कौन था?
(क) शमसुद्दौला
(ख) टीपू सुल्तान
(ग) शाहे-ज़मा
(घ) सआदत अली
5. वज़ीर अली के कारनामे सुनकर कर्नल को किसकी याद आ जाती थी?
(क) नेपोलियन की
(ख) रॉबिनहुड की
(ग) सिकंदर की
(घ) टीपू सुल्तान की
6. वज़ीर अली ने किसका कत्ल किया था?
(क) कर्नल कॉलिंज का
(ख) सआदत अली का
(ग) कंपनी के वकील का
(घ) लेफ़्टीनेंट का
7. कत्ल करने के बाद वज़ीर अली किस ओर भाग गया?
(क) कलकत्ता
(ख) आज़मगढ़
(ग) दिल्ली
(घ) बनारस
8. सवार ने कर्नल से कितने कारतूस माँगे और कितने मिले?
(क) पाँच कारतूस
(ख) कुछ कारतूस माँगे, दस मिले
(ग) बीस कारतूस
(घ) कोई कारतूस नहीं मिला
9. खेमे में आया सवार वास्तव में कौन था?
(क) कंपनी का जासूस
(ख) सआदत अली का आदमी
(ग) स्वयं वज़ीर अली
(घ) नेपाल का दूत
10. एकांकी के अंत में कर्नल ने वज़ीर अली को क्या कहा?
(क) एक खतरनाक डाकू
(ख) एक जाँबाज़ सिपाही
(ग) एक चालाक जासूस
(घ) एक साधारण सवार
अभिकथन-कारण (Assertion-Reason)
नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए— (क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।
1. अभिकथन (A): वज़ीर अली कर्नल के खेमे में अकेला पहुँच गया।
कारण (R): वह अत्यंत निडर एवं जाँबाज़ सिपाही था।
2. अभिकथन (A): वज़ीर अली ने कंपनी के वकील का कत्ल कर दिया।
कारण (R): वकील ने उसकी शिकायत की परवाह न कर उल्टा उसे बुरा-भला सुना दिया।
3. अभिकथन (A): सआदत अली अंग्रेज़ों का मित्र था।
कारण (R): उसने कंपनी को अपनी आधी जायदाद और दस लाख रुपये नकद दे दिए थे।
4. अभिकथन (A): कर्नल ने सवार को सहर्ष कारतूस दे दिए।
कारण (R): कर्नल वज़ीर अली का घनिष्ठ मित्र था।
5. अभिकथन (A): सवार के जाने के बाद कर्नल हक्का-बक्का रह गया।
कारण (R): जिस वज़ीर अली को वह ढूँढ़ रहा था, वही स्वयं आकर उसी से कारतूस ले गया था।
परीक्षा-युक्तियाँ
परीक्षा में अच्छे अंक कैसे पाएँ
- लेखक हबीब तनवीर (1923–2009) तथा विधा ‘एकांकी’ अवश्य याद रखें – यह छोटे प्रश्न में पूछा जाता है।
- घटना का समय (सन् 1799), स्थान (गोरखपुर का जंगल) और मुख्य पात्र (कर्नल कॉलिंज, लेफ़्टीनेंट, सवार/वज़ीर अली) रटकर रखें।
- कारतूस माँगने वाले प्रसंग (क्लाइमेक्स) को उदाहरण सहित लिखें – यही एकांकी का सार है।
- आशय स्पष्टीकरण में पहले कथन का संदर्भ (किसने, किससे कहा) और फिर भाव लिखें।
- उर्दू-शब्दों (जाँबाज़, हुक्मराँ, हिफ़ाज़त, वज़ीफ़ा) की सही वर्तनी एवं नुक़्ता लगाने का ध्यान रखें।
सामान्य गलतियाँ
इन गलतियों से बचें
- लेखक का नाम ‘हबीब तनवीर’ है – इसे अन्य लेखकों से न मिलाएँ।
- वज़ीर अली का दुश्मन सआदत अली था, टीपू सुल्तान नहीं – पात्रों में भ्रम न करें।
- वज़ीर अली ने कर्नल का नहीं, बल्कि कंपनी के वकील का कत्ल किया था।
- खेमे में आए सवार को अलग पात्र न समझें – वह स्वयं वज़ीर अली था।
- कारतूस की संख्या – कर्नल ने सवार को दस कारतूस दिए थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
‘कारतूस’ पाठ के लेखक कौन हैं और यह किस विधा की रचना है?
‘कारतूस’ पाठ के लेखक हबीब तनवीर (1923–2009) हैं। यह एक एकांकी (एक अंक वाला नाटक) है, जो कक्षा 10 हिंदी की पुस्तक स्पर्श (भाग 2) के अध्याय 14 में संकलित है।
एकांकी का मुख्य पात्र वज़ीर अली कौन था?
वज़ीर अली अवध का एक निडर एवं देशभक्त स्वतंत्रता-सेनानी था, जिसका एकमात्र लक्ष्य अंग्रेज़ों को हिंदुस्तान से बाहर करना था। वह अपने अदम्य साहस और बुद्धि-कौशल के लिए प्रसिद्ध था।
वज़ीर अली ने कर्नल से कारतूस कैसे प्राप्त किए?
वज़ीर अली एक सवार के रूप में कर्नल कॉलिंज के खेमे में पहुँचा और वज़ीर अली को पकड़ने के बहाने उससे कारतूस माँगे। कर्नल ने उसे न पहचानकर दस कारतूस दे दिए। तब उसने अपना नाम वज़ीर अली बताकर कर्नल की जान बख़्शी और निडरता से चला गया।
सभी प्रश्न NCERT स्पर्श (भाग 2) पुस्तक से ज्यों-के-त्यों लिए गए हैं; उत्तर मौलिक, परीक्षा-उपयोगी एवं विशेषज्ञ-जाँचे हुए हैं। सत्र 2026–27।
