NCERT Solutions for Class 10 Hindi (Sparsh 2) अध्याय 5: तोप – प्रश्न-उत्तर, सार एवं भावार्थ (NCERT 2026–27)

यह पृष्ठ कक्षा 10 हिंदी की पुस्तक स्पर्श (भाग 2) के अध्याय 5 ‘तोप’ (कवि – वीरेन डंगवाल) का संपूर्ण समाधान प्रस्तुत करता है – कविता का सार, पंक्तियों का भावार्थ, शब्दार्थ, सभी प्रश्न-अभ्यास के उत्तर, अतिरिक्त प्रश्न, MCQ एवं अभिकथन-कारण।

कक्षा: 10 विषय: हिंदी पुस्तक: स्पर्श (भाग 2) अध्याय: 5 कवि: वीरेन डंगवाल विधा: कविता सत्र: 2026–27

कवि परिचय – वीरेन डंगवाल

वीरेन डंगवाल का जन्म 5 अगस्त 1947 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के कीर्तिनगर में हुआ था। उन्होंने आरंभिक शिक्षा नैनीताल में और उच्च शिक्षा इलाहाबाद में प्राप्त की। पेशे से प्राध्यापक रहे डंगवाल पत्रकारिता से भी जुड़े रहे। समाज के साधारण जन और हाशिए पर पड़े जीवन के विलक्षण ब्योरे तथा दृश्य उनकी कविताओं की विशेषता माने जाते हैं। उन्होंने ऐसी बहुत-सी चीज़ों और जीव-जंतुओं को अपनी कविता का आधार बनाया, जिन्हें हम देखकर भी अनदेखा कर देते हैं। उनके दो काव्य-संग्रह ‘इसी दुनिया में’ और ‘दुष्चक्र में सृष्टा’ प्रकाशित हुए। पहले संग्रह पर श्रीकांत वर्मा पुरस्कार और दूसरे पर साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित अनेक सम्मान उन्हें मिले। उन्होंने कई महत्त्वपूर्ण कवियों की अन्य भाषाओं की कविताओं का हिंदी में अनुवाद भी किया। 28 सितंबर 2015 को उनका देहावसान हुआ।

कविता का सार

‘तोप’ कविता में कवि वीरेन डंगवाल ने कंपनी बाग के मुहाने पर रखी सन् 1857 की एक पुरानी तोप के माध्यम से एक गहरा ऐतिहासिक एवं सामाजिक संदेश दिया है। यह तोप अब विरासत के रूप में हमें मिली है, इसलिए उसकी बड़ी देखभाल होती है और उसे कंपनी बाग की तरह साल में दो बार चमका दिया जाता है। कभी यही तोप बड़ी ताकतवर हुआ करती थी। 1857 की क्रांति के समय इसने देश को आज़ाद कराने निकले अनेक अच्छे-अच्छे वीर-सूरमाओं को मौत के घाट उतार दिया था और उनके परखच्चे उड़ा दिए थे। अपने ज़माने में यह तोप अत्याचार और दमन का प्रतीक थी।

परंतु समय सबसे बड़ा बलवान है। आज वही प्रचंड तोप शांत और निरर्थक होकर खड़ी है। सुबह-शाम कंपनी बाग में आने वाले बहुत-से सैलानी उसे देखने आते हैं और वह मानो उन्हें अपनी वीरता की कहानियाँ सुनाती है। अब तो स्थिति यह है कि उस पर छोटे बच्चे घुड़सवारी करते हैं और जब वे थक-हारकर चले जाते हैं तो उसके ऊपर बैठकर चिड़ियाँ गपशप करती हैं। कभी-कभी शरारत में गौरैया जैसी छोटी चिड़ियाँ उसके भीतर भी घुस जाती हैं।

इन छोटी-छोटी चिड़ियों के माध्यम से कवि एक बड़ा सत्य उद्घाटित करते हैं – तोप चाहे कितनी भी बड़ी और शक्तिशाली क्यों न हो, एक दिन उसका मुँह बंद होना ही है, अर्थात् अत्याचारी सत्ता और शक्ति का अंत निश्चित है। यह कविता हमें याद दिलाती है कि कभी ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापार के बहाने भारत आई थी और धीरे-धीरे हमारी शासक बन बैठी, पर अंततः हमारे पूर्वजों ने उस सत्ता को उखाड़ फेंका। कविता का संदेश है कि हमें इन प्रतीकों से सबक लेकर सदा सजग रहना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी अन्यायी शक्ति यहाँ फिर पाँव न जमा सके।

कविता का भावार्थ

1. “कंपनी बाग के मुहाने पर / धर रखी गई है यह 1857 की तोप / इसकी होती है बड़ी सँभाल” – कवि कहते हैं कि कंपनी बाग के प्रवेश-द्वार पर सन् 1857 की एक पुरानी तोप रखी हुई है। विरासत में मिली होने के कारण इसकी बहुत देखभाल की जाती है और कंपनी बाग की तरह इसे भी साल में दो बार चमका दिया जाता है।

2. “सुबह-शाम कंपनी बाग में आते हैं बहुत से सैलानी / उन्हें बताती है यह तोप / कि मैं बड़ी जबर / उड़ा दिए थे मैंने / अच्छे-अच्छे सूरमाओं के धज्जे” – बाग में आने वाले सैलानियों को यह तोप मानो अपनी पुरानी ताकत का बखान करती है कि वह बहुत शक्तिशाली थी और उसने अपने समय में बड़े-बड़े वीरों को नष्ट कर दिया था।

3. “अब तो बहरहाल / छोटे लड़कों की घुड़सवारी से अगर यह फ़ारिग हो / तो उसके ऊपर बैठकर / चिड़ियाँ ही अकसर करती हैं गपशप” – आज उस प्रचंड तोप की दशा यह है कि बच्चे उस पर घुड़सवारी करते हैं और जब वे चले जाते हैं तो उस पर बैठकर चिड़ियाँ बातें करती हैं। यह शक्ति के पराभव का प्रतीक है।

4. “वे बताती हैं कि दरअसल कितनी भी बड़ी हो तोप / एक दिन तो होना ही है उसका मुँह बंद” – नन्ही चिड़ियाँ यह बड़ा सत्य बता जाती हैं कि तोप चाहे कितनी भी बड़ी और ताकतवर क्यों न हो, एक दिन उसे शांत और निष्क्रिय होना ही पड़ता है – अर्थात् हर अत्याचारी शक्ति का अंत निश्चित है।

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
मुहानेप्रवेश-द्वार पर, मुख पर
धर रखीरखी गई
सँभालदेखभाल, रखरखाव
विरासतपूर्व पीढ़ियों से प्राप्त वस्तु, धरोहर
सैलानीदर्शनीय स्थलों पर आने वाले यात्री, सैर करने वाले
जबरशक्तिशाली, बलवान, ज़बरदस्त
सूरमा(ओं)वीर, बहादुर, शूरवीर
धज्जे (उड़ाना)चिथड़े-चिथड़े करना, नष्ट कर देना
बहरहालजैसी भी स्थिति हो, फिर भी, हर हाल में
फ़ारिगमुक्त, खाली, फुरसत में
घुड़सवारीघोड़े पर सवारी (यहाँ तोप पर बैठकर खेलना)
गपशपइधर-उधर की बातें, बातचीत
शैतानीनटखटपन, शरारत
गौरैयाएक छोटी चिड़िया
दरअसलवास्तव में, असल में
मुँह बंद होनाशांत/निष्क्रिय हो जाना, निरर्थक हो जाना
कंपनी बागगुलाम भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा जगह-जगह बनवाए गए बाग-बगीचों में से एक (कानपुर का बाग)
तोपएक बड़ा अस्त्र जिससे गोले दागे जाते हैं; यहाँ सत्ता-शक्ति का प्रतीक
निस्तेजतेजहीन, शक्तिहीन
दमनअत्याचार, दबाना

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास के उत्तर

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए—

1. विरासत में मिली चीज़ों की बड़ी सँभाल क्यों होती है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तरविरासत में मिली चीज़ें हमारे पूर्वजों, हमारे इतिहास और हमारी संस्कृति की प्रतीक होती हैं, इसलिए उनकी बड़ी देखभाल की जाती है।ये वस्तुएँ हमें अपने अतीत की उपलब्धियों, गौरव और संघर्षों की याद दिलाती हैं तथा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती हैं।कुछ धरोहरें हमें यह भी बताती हैं कि हमारे पूर्वजों से कहाँ चूक हुई थी, जिसके कारण देश को दुख और दमन झेलना पड़ा – इन गलतियों को दोहराने से बचने के लिए भी ऐसी चीज़ों को सहेजकर रखा जाता है। तोप भी ऐसी ही एक विरासत है, इसलिए उसे साल में दो बार चमकाया जाता है।

2. इस कविता से आपको तोप के विषय में क्या जानकारी मिलती है?

उत्तरकविता से ज्ञात होता है कि यह तोप सन् 1857 की है और कंपनी बाग के मुहाने पर रखी हुई है। विरासत होने के कारण इसकी बड़ी सँभाल होती है और साल में दो बार इसे चमकाया जाता है।अपने समय में यह तोप बहुत शक्तिशाली थी; इसने 1857 की क्रांति में देश को स्वतंत्र कराने निकले अनेक वीर-सूरमाओं के धज्जे उड़ा दिए थे, अर्थात् यह अंग्रेजों के दमन का साधन थी।आज वही तोप शांत और निरर्थक हो चुकी है – बच्चे उस पर खेलते हैं और चिड़ियाँ उस पर बैठकर गपशप करती हैं। इस प्रकार यह तोप शक्ति की क्षणभंगुरता का प्रतीक बन गई है।

3. कंपनी बाग में रखी तोप क्या सीख देती है?

उत्तरकंपनी बाग में रखी तोप हमें यह सीख देती है कि शक्ति, सत्ता और अत्याचार सदा एक समान नहीं रहते – इनका अंत निश्चित है।जो तोप कभी बड़े-बड़े वीरों को नष्ट कर देती थी, आज वह स्वयं शांत होकर पड़ी है और छोटी-सी चिड़िया भी उस पर निडर होकर बैठ जाती है। इससे सिद्ध होता है कि अहंकार और अत्याचार पर टिकी कोई भी शक्ति अंततः निस्तेज हो जाती है।यह तोप हमें यह भी चेताती है कि हमें सदा सजग रहना चाहिए, ताकि भविष्य में ईस्ट इंडिया कंपनी जैसी कोई अन्यायी शक्ति यहाँ फिर पाँव न जमा सके।

4. कविता में तोप को दो बार चमकाने की बात की गई है। ये दो अवसर कौन-से होंगे?

उत्तरकविता में तोप को साल में दो बार चमकाने की बात कही गई है। संभवतः ये दो अवसर हमारे दो प्रमुख राष्ट्रीय पर्व हैं –(क) स्वतंत्रता दिवस – 15 अगस्त, और(ख) गणतंत्र दिवस – 26 जनवरी।इन्हीं राष्ट्रीय अवसरों पर ऐतिहासिक धरोहरों एवं सरकारी स्थलों की विशेष साफ़-सफ़ाई और सजावट की जाती है, इसलिए तोप को भी इन्हीं दो अवसरों पर चमकाया जाता होगा।

(ख) निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए—

1. “अब तो बहरहाल / छोटे लड़कों की घुड़सवारी से अगर यह फ़ारिग हो / तो उसके ऊपर बैठकर / चिड़ियाँ ही अकसर करती हैं गपशप।”

भावइन पंक्तियों में तोप की वर्तमान दयनीय एवं निरर्थक दशा का चित्रण है। कभी जो तोप अत्यंत शक्तिशाली थी, आज उसकी हालत यह है कि छोटे बच्चे उस पर बैठकर घुड़सवारी का खेल खेलते हैं।जब बच्चे खेलकर चले जाते हैं, तब उससे फुरसत पाकर चिड़ियाँ उस पर बैठकर गपशप करती हैं। इससे स्पष्ट होता है कि शक्ति और सत्ता स्थायी नहीं होती – समय के साथ बड़ी-से-बड़ी ताकत भी शांत और महत्त्वहीन हो जाती है।

2. “वे बताती हैं कि दरअसल कितनी भी बड़ी हो तोप / एक दिन तो होना ही है उसका मुँह बंद।”

भावइन पंक्तियों में नन्ही चिड़ियों के माध्यम से एक गहरा सत्य प्रकट किया गया है कि तोप चाहे कितनी भी बड़ी और ताकतवर क्यों न हो, एक-न-एक दिन उसका मुँह बंद होना ही है, अर्थात् वह निष्क्रिय और निरर्थक हो ही जाएगी।यहाँ तोप अत्याचारी सत्ता एवं शक्ति की प्रतीक है। कवि का संदेश है कि अन्याय और दमन पर टिकी कोई भी शक्ति हमेशा नहीं रहती – उसका पतन और अंत निश्चित है।

3. “उड़ा दिए थे मैंने / अच्छे-अच्छे सूरमाओं के धज्जे।”

भावइन पंक्तियों में तोप अपने अतीत के गर्व का बखान करती है। वह बताती है कि अपने ज़माने में वह बहुत शक्तिशाली थी और उसने 1857 की क्रांति में देश को स्वतंत्र कराने निकले बड़े-बड़े वीरों एवं योद्धाओं को मार डाला था, उनके चिथड़े उड़ा दिए थे।इन पंक्तियों से अंग्रेजों के दमनकारी अत्याचार और हमारे वीर सेनानियों के बलिदान दोनों का संकेत मिलता है। तोप का यह घमंड आगे चलकर समय के सामने व्यर्थ सिद्ध हो जाता है।

भाषा अध्ययन एवं योग्यता विस्तार

भाषा अध्ययन 1. कवि ने इस कविता में शब्दों का सटीक और बेहतरीन प्रयोग किया है। इसकी एक पंक्ति देखिए ‘धर रखी गई है यह 1857 की तोप’। ‘धर’ शब्द देशज है और कवि ने इसका कई अर्थों में प्रयोग किया है – ‘रखना’, ‘धरोहर’ और ‘संचय’ के रूप में।

उत्तरयह कथन कवि की भाषा-कुशलता को दर्शाता है। ‘धर’ एक देशज शब्द है, जिसे कवि ने बहुअर्थी रूप में प्रयोग किया है –(क) रखना – ‘धर रखी गई है’ अर्थात् तोप को किसी स्थान पर रखा गया है।(ख) धरोहर – यह तोप विरासत/धरोहर के रूप में सुरक्षित रखी गई है।(ग) संचय – इतिहास की स्मृति को संजोकर/संचित रखने के अर्थ में भी।इस प्रकार एक ही छोटे शब्द में कवि ने अनेक अर्थ भर दिए हैं, जो उनकी सटीक शब्द-चयन-क्षमता का प्रमाण है।

भाषा अध्ययन 2. ‘तोप’ शीर्षक कविता का भाव समझते हुए इसका गद्य में रूपांतरण कीजिए।

उत्तरकंपनी बाग के प्रवेश-द्वार पर सन् 1857 की एक पुरानी तोप रखी हुई है। विरासत में मिली होने के कारण इसकी बड़ी देखभाल की जाती है और साल में दो बार इसे चमकाया जाता है।सुबह-शाम बाग में बहुत-से सैलानी आते हैं, जिन्हें यह तोप मानो बताती है कि वह बहुत शक्तिशाली थी और उसने अपने समय में बड़े-बड़े वीरों को नष्ट कर दिया था।परंतु अब उसकी दशा बदल चुकी है। छोटे बच्चे उस पर बैठकर घुड़सवारी का खेल खेलते हैं और जब वे चले जाते हैं तो उस पर बैठकर चिड़ियाँ गपशप करती हैं; कभी-कभी गौरैया जैसी छोटी चिड़ियाँ उसके भीतर भी घुस जाती हैं। ये नन्ही चिड़ियाँ यही सिखाती हैं कि तोप चाहे कितनी भी बड़ी हो, एक दिन उसका मुँह बंद होना ही है – अर्थात् हर अत्याचारी शक्ति का अंत निश्चित है।

योग्यता विस्तार / परियोजना कार्य

संकेत1. कविता रचना करते समय उपयुक्त शब्दों का चयन और उनका सही स्थान पर प्रयोग बहुत महत्त्वपूर्ण है – विद्यार्थी किसी परिचित वस्तु (जैसे पुराना पेड़, घड़ी या किला) पर एक छोटी कविता लिखने का प्रयास करें और शब्द-चयन का महत्त्व समझें।2. तेज़ी से बढ़ती जनसंख्या और घनी आबादी वाली जगहों के आसपास पार्कों का होना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि ये शुद्ध हवा देते हैं, प्रदूषण घटाते हैं, बच्चों को खेलने और बड़ों को टहलने-विश्राम का स्थान देते हैं तथा पर्यावरण-संतुलन बनाए रखते हैं। (कक्षा में परिचर्चा कीजिए।)परियोजना कार्य – स्वतंत्रता सेनानियों की गाथा से संबंधित कोई पुस्तक पुस्तकालय से प्राप्त कर पढ़िए और कक्षा में सुनाइए। (यह व्यावहारिक कार्य विद्यार्थी स्वयं करें।)

अतिरिक्त प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न

1. कविता में ‘तोप’ किसका प्रतीक है?

उत्तरकविता में ‘तोप’ अंग्रेजी सत्ता के दमन, अत्याचार और शक्ति के अहंकार की प्रतीक है, जो समय के साथ निस्तेज होकर अपना महत्त्व खो देती है।

2. तोप कब और किस स्थान की है? वह अब कहाँ रखी गई है?

उत्तरयह तोप सन् 1857 की है, जो ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल से जुड़ी है। वह अब कंपनी बाग के मुहाने (प्रवेश-द्वार) पर विरासत के रूप में रखी गई है।

3. कविता में चिड़ियों का क्या महत्त्व है?

उत्तरछोटी-छोटी निर्बल चिड़ियाँ कविता का केंद्रीय संदेश देती हैं। वे प्रतीक हैं कि कमज़ोर समझी जाने वाली शक्ति भी अंततः सबसे बड़ी ताकत पर भारी पड़ सकती है – जो तोप कभी वीरों को मार देती थी, उसी पर अब चिड़ियाँ निडर होकर बैठती हैं और यह सत्य बताती हैं कि हर शक्ति का अंत निश्चित है।

4. कवि ने तोप को बार-बार चमकाने की बात क्यों कही है?

उत्तरतोप विरासत/धरोहर के रूप में रखी गई है, इसलिए राष्ट्रीय पर्वों जैसे विशेष अवसरों पर उसकी विशेष देखभाल की जाती है और साल में दो बार उसे चमकाया जाता है, ताकि वह स्वच्छ और सुरक्षित बनी रहे और आगंतुक उसके इतिहास को जान सकें।

5. ‘एक दिन तो होना ही है उसका मुँह बंद’ पंक्ति का क्या आशय है?

उत्तरइसका आशय है कि कोई भी शक्ति या अत्याचारी सत्ता चाहे कितनी ही बड़ी क्यों न हो, वह सदा नहीं रहती; एक-न-एक दिन उसका दमन समाप्त हो जाता है और वह शांत एवं निष्क्रिय हो जाती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

6. ‘तोप’ कविता का मूल भाव/उद्देश्य स्पष्ट कीजिए।

उत्तर‘तोप’ कविता का मूल भाव यह है कि शक्ति, सत्ता और अत्याचार स्थायी नहीं होते। 1857 की तोप जैसी प्रचंड शक्ति भी आज शांत होकर पड़ी है और निर्बल चिड़ियाँ उस पर बैठ जाती हैं।कवि इस ऐतिहासिक प्रतीक के माध्यम से यह संदेश देते हैं कि अहंकार और दमन का अंत निश्चित है। साथ ही यह कविता हमें याद दिलाती है कि ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापार के बहाने आकर हमारी शासक बन बैठी थी, पर अंततः हमारे पूर्वजों ने उसे उखाड़ फेंका।कविता का उद्देश्य हमें सजग रहने की प्रेरणा देना है, ताकि भविष्य में कोई अन्यायी शक्ति देश पर फिर अधिकार न जमा सके। इस प्रकार यह कविता इतिहास से सबक लेने और स्वतंत्रता के मूल्य को समझने की सीख देती है।

7. इस कविता में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए।

उत्तरकविता में करारा व्यंग्य निहित है। जो तोप कभी बड़े-बड़े सूरमाओं के धज्जे उड़ा देती थी और अपनी शक्ति पर गर्व करती थी, आज उसी पर छोटे बच्चे घुड़सवारी का खेल खेलते हैं और चिड़ियाँ बैठकर गपशप करती हैं।तोप के घमंड और उसकी वर्तमान दयनीय दशा के विरोधाभास में ही व्यंग्य छिपा है। कवि व्यंग्यपूर्वक यह बताते हैं कि शक्ति का अहंकार व्यर्थ है – समय किसी की शक्ति को नहीं बख्शता और हर अत्याचारी सत्ता को एक दिन निरर्थक होना ही पड़ता है।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)

1. ‘तोप’ कविता के कवि कौन हैं?

(क) नागार्जुन

(ख) वीरेन डंगवाल

(ग) मंगलेश डबराल

(घ) सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’

उत्तर(ख) वीरेन डंगवाल।

2. कविता में वर्णित तोप किस वर्ष की है?

(क) 1757

(ख) 1847

(ग) 1857

(घ) 1947

उत्तर(ग) 1857।

3. तोप कहाँ रखी गई है?

(क) किले के भीतर

(ख) कंपनी बाग के मुहाने पर

(ग) संग्रहालय में

(घ) नदी के किनारे

उत्तर(ख) कंपनी बाग के मुहाने पर।

4. तोप को साल में कितनी बार चमकाया जाता है?

(क) एक बार

(ख) दो बार

(ग) तीन बार

(घ) चार बार

उत्तर(ख) दो बार।

5. ‘सूरमा’ शब्द का अर्थ है—

(क) कायर

(ख) वीर/बहादुर

(ग) सैलानी

(घ) किसान

उत्तर(ख) वीर/बहादुर।

6. तोप पर बैठकर कौन गपशप करती हैं?

(क) छोटे बच्चे

(ख) सैलानी

(ग) चिड़ियाँ

(घ) सैनिक

उत्तर(ग) चिड़ियाँ।

7. कविता में तोप किसका प्रतीक है?

(क) वीरता एवं बलिदान का

(ख) सत्ता के दमन एवं शक्ति के अहंकार का

(ग) शांति का

(घ) प्रकृति-प्रेम का

उत्तर(ख) सत्ता के दमन एवं शक्ति के अहंकार का।

8. कविता का केंद्रीय संदेश क्या है?

(क) धन ही सर्वोपरि है

(ख) प्रत्येक अत्याचारी शक्ति का अंत निश्चित है

(ग) युद्ध आवश्यक है

(घ) तोप का संरक्षण करना चाहिए

उत्तर(ख) प्रत्येक अत्याचारी शक्ति का अंत निश्चित है।

9. कौन-सी छोटी चिड़िया कभी-कभी तोप के भीतर घुस जाती है?

(क) कोयल

(ख) तोता

(ग) गौरैया

(घ) मैना

उत्तर(ग) गौरैया।

10. ‘कंपनी बाग’ का संबंध किससे है?

(क) किसी निजी कंपनी से

(ख) ईस्ट इंडिया कंपनी से

(ग) नगरपालिका से

(घ) किसी राजा से

उत्तर(ख) ईस्ट इंडिया कंपनी से।
उत्तर-कुंजी (MCQ): 1-(ख), 2-(ग), 3-(ख), 4-(ख), 5-(ख), 6-(ग), 7-(ख), 8-(ख), 9-(ग), 10-(ख)।

अभिकथन-कारण (Assertion–Reason)

निर्देश: नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।

1. अभिकथन (A): तोप की बड़ी सँभाल की जाती है और साल में दो बार उसे चमकाया जाता है।

कारण (R): वह विरासत में मिली एक ऐतिहासिक धरोहर है।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

2. अभिकथन (A): आज तोप पर चिड़ियाँ निडर होकर बैठ जाती हैं।

कारण (R): तोप अब निस्तेज एवं निष्क्रिय हो चुकी है।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

3. अभिकथन (A): तोप अपने समय में बहुत शक्तिशाली थी।

कारण (R): उसने 1857 की क्रांति में अनेक वीर-सूरमाओं को नष्ट कर दिया था।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

4. अभिकथन (A): ‘तोप’ कविता केवल एक पुरानी तोप का वर्णन है।

कारण (R): कविता में तोप अत्याचारी सत्ता के पतन का प्रतीक है और गहरा संदेश देती है।

उत्तर(घ) A गलत है, R सही है – कविता मात्र वर्णन नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक एवं संदेशपूर्ण है।

5. अभिकथन (A): कविता हमें सजग रहने की प्रेरणा देती है।

कारण (R): ताकि भविष्य में कोई अन्यायी शक्ति देश पर फिर अधिकार न जमा सके।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।
उत्तर-कुंजी (A–R): 1-(क), 2-(क), 3-(क), 4-(घ), 5-(क)।

परीक्षा-युक्तियाँ एवं सामान्य गलतियाँ

परीक्षा-युक्तियाँ

  • कवि का नाम वीरेन डंगवाल और तोप का वर्ष 1857 अवश्य याद रखें – ये बार-बार पूछे जाते हैं।
  • भाव स्पष्ट करते समय पहले पंक्ति का सामान्य अर्थ लिखें, फिर उसमें छिपे प्रतीक एवं संदेश को स्पष्ट करें।
  • ‘तोप’ को सत्ता/दमन का और ‘चिड़ियों’ को निर्बल जनता एवं समय की शक्ति का प्रतीक बताएँ – यही कविता का केंद्रीय भाव है।
  • उत्तरों में ‘विरासत’, ‘निस्तेज’, ‘व्यंग्य’ और ‘सजगता’ जैसे शब्दों का प्रयोग अंक बढ़ाता है।

सामान्य गलतियाँ

  • तोप को केवल एक हथियार बताकर उसके प्रतीकात्मक अर्थ की उपेक्षा कर देना।
  • वर्ष 1857 के स्थान पर 1947 लिख देना।
  • तोप को दो बार चमकाने के अवसरों में राष्ट्रीय पर्वों (15 अगस्त, 26 जनवरी) का उल्लेख न करना।
  • भाव-स्पष्टीकरण में पंक्ति को ज्यों-का-त्यों दोहरा देना, उसका अर्थ एवं संदेश न लिखना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

‘तोप’ कविता के कवि कौन हैं?

‘तोप’ कविता के कवि वीरेन डंगवाल हैं, जिनका जन्म 5 अगस्त 1947 को उत्तराखंड में हुआ था और जिन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

कविता में तोप किसका प्रतीक है?

कविता में तोप अंग्रेजी सत्ता के दमन, अत्याचार और शक्ति के अहंकार का प्रतीक है, जो समय के साथ निस्तेज होकर अपना महत्त्व खो देती है।

तोप को साल में दो बार चमकाने के अवसर कौन-से हैं?

संभवतः ये दो राष्ट्रीय पर्व हैं – स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), जब ऐतिहासिक धरोहरों की विशेष देखभाल की जाती है।

प्रश्न NCERT स्पर्श पुस्तक से ज्यों-के-त्यों लिए गए हैं; उत्तर ClearStudy द्वारा मौलिक रूप से तैयार एवं जाँचे गए हैं।

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