NCERT Solutions for Class 10 Hindi (Sparsh 2) अध्याय 8: बड़े भाई साहब
यह पृष्ठ कक्षा 10 हिंदी की पुस्तक स्पर्श (भाग 2) के अध्याय 8 ‘बड़े भाई साहब’ (लेखक – प्रेमचंद) का पूरा समाधान देता है – पाठ्यपुस्तक के सभी प्रश्न-अभ्यास के उत्तर, सार, शब्दार्थ, अतिरिक्त प्रश्न, MCQ तथा अभिकथन-कारण के साथ।
लेखक परिचय – प्रेमचंद
प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई 1880 को वाराणसी के निकट लमही गाँव में हुआ था। उनका मूल नाम धनपत राय था; उन्होंने उर्दू में ‘नवाब राय’ और हिंदी में ‘प्रेमचंद’ नाम से लेखन किया। आजीविका के लिए वे स्कूल-मास्टरी, इंस्पेक्टरी और मैनेजरी करने के साथ-साथ ‘हंस’ और ‘माधुरी’ जैसी प्रमुख पत्रिकाओं का संपादन भी करते रहे। आम आदमी के दुख-दर्द के बेजोड़ चितेरे प्रेमचंद को उनके जीवनकाल में ही ‘कथा सम्राट’ तथा ‘उपन्यास सम्राट’ कहा जाने लगा था। उन्होंने अपनी रचनाओं में उन वंचित और शोषित लोगों को मुख्य पात्र बनाया जिन्हें समाज में केवल प्रताड़ना और लांछन ही मिले थे। उनकी कहानियाँ मानसरोवर के आठ खंडों में संकलित हैं और गोदान, गबन, प्रेमाश्रम, सेवासदन, निर्मला, कर्मभूमि, रंगभूमि आदि उनके प्रमुख उपन्यास हैं। 8 अक्तूबर 1936 को उनका देहावसान हुआ।
पाठ का सार
‘बड़े भाई साहब’ प्रेमचंद की एक प्रसिद्ध व्यंग्यप्रधान कहानी है, जिसमें दो भाइयों के माध्यम से तत्कालीन शिक्षा-प्रणाली पर तीखा व्यंग्य किया गया है। कथावाचक (छोटा भाई) अपने बड़े भाई साहब से उम्र में पाँच साल छोटा था, पर पढ़ाई में केवल तीन दर्जे पीछे। बड़े भाई स्वभाव से बहुत अध्ययनशील, गंभीर और अनुशासनप्रिय थे। वे चाहते थे कि शिक्षा की बुनियाद मजबूत हो, इसलिए एक-एक दर्जे में दो-दो, तीन-तीन साल लगाते थे और छोटे भाई पर पूरी निगरानी रखते थे।
छोटे भाई का मन पढ़ने में बिलकुल न लगता; मौका पाते ही वह खेल-कूद में निकल जाता। बड़े भाई साहब उसे डाँटते, लंबे-लंबे उपदेश देते और शिक्षा का भयंकर चित्र खींचकर उसे डराते। छोटा भाई हर बार टाइम-टेबल बनाता, पर उस पर अमल न कर पाता। संयोग ऐसा हुआ कि बड़े भाई साहब फेल हो गए और छोटा भाई बिना अधिक मेहनत किए दर्जे में अव्वल आ गया। इससे छोटे भाई में कुछ अभिमान आ गया और बड़े भाई का रोब उस पर कम हो गया।
बड़े भाई साहब ने उसे रावण, शैतान और शाहेरूम के उदाहरण देकर समझाया कि घमंड का अंत बुरा होता है तथा केवल इम्तिहान पास कर लेना कोई चीज़ नहीं, असली चीज़ बुद्धि का विकास है। उन्होंने रटंत-विद्या, समय की पाबंदी पर लंबे निबंध और अल्जब्रा-ज्यामिति जैसी ‘बेकार’ पढ़ाई पर खुलकर व्यंग्य किया। एक दिन छोटे भाई को कनकौआ (पतंग) लूटते देख बड़े भाई ने उसे फिर समझाया, पर इस बार उनकी बातों में कठोरता नहीं, स्नेह और जीवन-अनुभव की गहराई थी। उन्होंने कहा कि वे उम्र में बड़े हैं और दुनिया का तजुर्बा किताबी ज्ञान से कहीं बढ़कर है। छोटे भाई का मन श्रद्धा से भर गया और उसने नतमस्तक होकर भाई साहब की बात मान ली। तभी एक कटा हुआ कनकौआ ऊपर से गुज़रा और बड़े भाई साहब स्वयं उछलकर उसकी डोर पकड़कर बेतहाशा दौड़ पड़े – इस प्रकार उनके भीतर छिपा बच्चा भी प्रकट हो गया।
मूलभाव / संदेश
यह कहानी एक ओर बड़े-छोटे भाई के स्नेह, उत्तरदायित्व और स्वाभाविक बालमन को दर्शाती है, तो दूसरी ओर रटने पर आधारित, पुस्तक-केंद्रित शिक्षा-प्रणाली पर करारा व्यंग्य करती है। लेखक का संदेश है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना या तथ्य रटना नहीं, बल्कि बुद्धि का विकास और जीवन को समझना है। किताबी ज्ञान से बढ़कर दुनिया का व्यावहारिक अनुभव है, और बड़ों का अनुभव सदा आदरणीय रहता है।
कठिन शब्द-अर्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| तालीम | शिक्षा |
| पुख्ता | मज़बूत |
| तंबीह | डाँट-डपट, चेतावनी |
| जन्मसिद्ध | जन्म से प्राप्त |
| सामंजस्य | तालमेल |
| मसलन | उदाहरण के तौर पर |
| इबारत | लेख, लिखावट |
| चेष्टा | कोशिश, प्रयत्न |
| जमात | कक्षा, दर्जा |
| हर्फ़ | अक्षर |
| लताड़ | डाँट-फटकार |
| सूक्ति-बाण | व्यंग्यात्मक/तीखे कथन |
| अवहेलना | तिरस्कार, उपेक्षा |
| नसीहत | सलाह, उपदेश |
| फ़जीहत | अपमान, बेइज़्ज़ती |
| अव्वल | प्रथम, सबसे आगे |
| आधिपत्य | प्रभुत्व, साम्राज्य |
| स्वाधीन | स्वतंत्र |
| महीप | राजा |
| अभिमान | घमंड |
| मुमतहिन | परीक्षक |
| हिमाकत | मूर्खता, बेवकूफ़ी |
| प्राणांतक | प्राण ले लेने वाला |
| कांतिहीन | चेहरे पर चमक न होना, फीका |
| स्वच्छंदता | आज़ादी, मनमानी |
| सहिष्णुता | सहनशीलता |
| कनकौआ | पतंग |
| अदब | आदर, इज़्ज़त |
| ज़हीन | प्रतिभावान, बुद्धिमान |
| तजुर्बा | अनुभव |
| बदहवास | बेहाल, घबराया हुआ |
| मुहताज | दूसरे पर आश्रित |
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास के उत्तर
मौखिक – निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए
1. कथा नायक की रुचि किन कार्यों में थी?
2. बड़े भाई साहब छोटे भाई से हर समय पहला सवाल क्या पूछते थे?
3. दूसरी बार पास होने पर छोटे भाई के व्यवहार में क्या परिवर्तन आया?
4. बड़े भाई साहब छोटे भाई से उम्र में कितने बड़े थे और वे कौन-सी कक्षा में पढ़ते थे?
5. बड़े भाई साहब दिमाग को आराम देने के लिए क्या करते थे?
लिखित (क) – निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25–30 शब्दों में) लिखिए
1. छोटे भाई ने अपनी पढ़ाई का टाइम-टेबल बनाते समय क्या-क्या सोचा और फिर उसका पालन क्यों नहीं कर पाया?
2. एक दिन जब गुल्ली-डंडा खेलने के बाद छोटा भाई बड़े भाई साहब के सामने पहुँचा तो उनकी क्या प्रतिक्रिया हुई?
3. बड़े भाई साहब को अपने मन की इच्छाएँ क्यों दबानी पड़ती थीं?
4. बड़े भाई साहब छोटे भाई को क्या सलाह देते थे और क्यों?
5. छोटे भाई ने बड़े भाई साहब के नरम व्यवहार का क्या फायदा उठाया?
लिखित (ख) – निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50–60 शब्दों में) लिखिए
1. बड़े भाई की डाँट-फटकार अगर न मिलती, तो क्या छोटा भाई कक्षा में अव्वल आता? अपने विचार प्रकट कीजिए।
2. इस पाठ में लेखक ने समूची शिक्षा के किन तौर-तरीकों पर व्यंग्य किया है? क्या आप उनके विचार से सहमत हैं?
3. बड़े भाई साहब के अनुसार जीवन की समझ कैसे आती है?
4. छोटे भाई के मन में बड़े भाई साहब के प्रति श्रद्धा क्यों उत्पन्न हुई?
5. बड़े भाई की स्वभावगत विशेषताएँ बताइए।
6. बड़े भाई साहब ने ज़िंदगी के अनुभव और किताबी ज्ञान में से किसे और क्यों महत्त्वपूर्ण कहा है?
7. बताइए पाठ के किन अंशों से पता चलता है कि –
(क) छोटा भाई अपने भाई साहब का आदर करता है।
(ख) भाई साहब को ज़िंदगी का अच्छा अनुभव है।
(ग) भाई साहब के भीतर भी एक बच्चा है।
(घ) भाई साहब छोटे भाई का भला चाहते हैं।
लिखित (ग) – निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए
1. इम्तिहान पास कर लेना कोई चीज़ नहीं, असल चीज़ है बुद्धि का विकास।
2. फिर भी जैसे मौत और विपत्ति के बीच भी आदमी मोह और माया के बंधन में जकड़ा रहता है, मैं फटकार और घुड़कियाँ खाकर भी खेल-कूद का तिरस्कार न कर सकता था।
3. बुनियाद ही पुख्ता न हो, तो मकान कैसे पायेदार बने?
4. आँखें आसमान की ओर थीं और मन उस आकाशगामी पथिक की ओर, जो मंद गति से झूमता पतन की ओर चला आ रहा था, मानो कोई आत्मा स्वर्ग से निकलकर विरक्त मन से नए संस्कार ग्रहण करने जा रही हो।
भाषा अध्ययन
1. निम्नलिखित शब्दों के दो-दो पर्यायवाची शब्द लिखिए – नसीहत, रोष, आज़ादी, राजा, ताज्जुब
| शब्द | पर्यायवाची शब्द |
|---|---|
| नसीहत | सलाह, उपदेश |
| रोष | क्रोध, गुस्सा |
| आज़ादी | स्वतंत्रता, स्वाधीनता |
| राजा | नृप, भूपति (महीप) |
| ताज्जुब | आश्चर्य, विस्मय |
2. प्रेमचंद की भाषा बहुत पैनी और मुहावरेदार है। नीचे दिए मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए – सिर पर नंगी तलवार लटकना, आड़े हाथों लेना, अंधे के हाथ बटेर लगना, लोहे के चने चबाना, दाँतों पसीना आना, ऐरा-गैरा नत्थू-खैरा।
| मुहावरा | अर्थ | वाक्य-प्रयोग |
|---|---|---|
| सिर पर नंगी तलवार लटकना | निरंतर भय या संकट बना रहना | परीक्षा निकट आते ही मेरे सिर पर नंगी तलवार लटकने लगी। |
| आड़े हाथों लेना | कड़ी आलोचना करना, खरी-खोटी सुनाना | देर से आने पर शिक्षक ने रोहन को आड़े हाथों लिया। |
| अंधे के हाथ बटेर लगना | बिना परिश्रम संयोगवश सफलता मिल जाना | बिना पढ़े ही पास हो जाना तो अंधे के हाथ बटेर लगने जैसा है। |
| लोहे के चने चबाना | अत्यंत कठिन कार्य करना | इस कठिन प्रतियोगिता को जीतना लोहे के चने चबाने के समान है। |
| दाँतों पसीना आना | बहुत परिश्रम/कठिनाई का सामना करना | गणित का यह प्रश्न हल करने में मेरे दाँतों पसीना आ गया। |
| ऐरा-गैरा नत्थू-खैरा | कोई भी साधारण/महत्त्वहीन व्यक्ति | यह कठिन काम कोई ऐरा-गैरा नत्थू-खैरा नहीं कर सकता। |
3. निम्नलिखित तत्सम, तद्भव, देशी, आगत शब्दों को दिए गए उदाहरणों के आधार पर छाँटकर लिखिए – (तत्सम: जन्मसिद्ध; तद्भव: आँख; देशज: दाल-भात; आगत: पोज़ीशन, फ़जीहत)। शेष शब्द – तालीम, जल्दबाज़ी, पुख्ता, हाशिया, चेष्टा, जमात, हर्फ़, सूक्तिबाण, जानलेवा, आँखफोड़, घुड़कियाँ, आधिपत्य, पन्ना, मेला-तमाशा, मसलन, स्पेशल, स्कीम, फटकार, प्रात:काल, विद्वान, निपुण, भाई साहब, अवहेलना, टाइम-टेबल।
| तत्सम | तद्भव | देशज | आगत (अंग्रेज़ी एवं उर्दू/अरबी-फ़ारसी) |
|---|---|---|---|
| जन्मसिद्ध, चेष्टा, आधिपत्य, प्रात:काल, विद्वान, निपुण, अवहेलना | आँख, आँखफोड़, घुड़कियाँ, पन्ना | दाल-भात, जानलेवा, मेला-तमाशा, सूक्तिबाण | पोज़ीशन, फ़जीहत, तालीम, जल्दबाज़ी, पुख्ता, हाशिया, जमात, हर्फ़, मसलन, स्पेशल, स्कीम, फटकार, भाई साहब, टाइम-टेबल |
4. क्रियाएँ मुख्यतः दो प्रकार की होती हैं – सकर्मक और अकर्मक। नीचे दिए वाक्यों में बताइए कि कौन-सी क्रिया है – सकर्मक या अकर्मक।
| वाक्य | क्रिया का प्रकार |
|---|---|
| (क) उन्होंने वहीं हाथ पकड़ लिया। | सकर्मक |
| (ख) फिर चोरों-सा जीवन कटने लगा। | अकर्मक |
| (ग) शैतान का हाल भी पढ़ा ही होगा। | सकर्मक |
| (घ) मैं यह लताड़ सुनकर आँसू बहाने लगता। | सकर्मक |
| (ङ) समय की पाबंदी पर एक निबंध लिखो। | सकर्मक |
| (च) मैं पीछे-पीछे दौड़ रहा था। | अकर्मक |
5. ‘इक’ प्रत्यय लगाकर शब्द बनाइए – विचार, इतिहास, संसार, दिन, नीति, प्रयोग, अधिकार
| मूल शब्द | ‘इक’ प्रत्यय युक्त शब्द |
|---|---|
| विचार | वैचारिक |
| इतिहास | ऐतिहासिक |
| संसार | सांसारिक |
| दिन | दैनिक |
| नीति | नैतिक |
| प्रयोग | प्रायोगिक |
| अधिकार | आधिकारिक |
योग्यता विस्तार एवं परियोजना कार्य
योग्यता विस्तार: (1) प्रेमचंद की कहानियाँ मानसरोवर के आठ भागों में संकलित हैं – इनमें से कुछ कहानियाँ पढ़कर कक्षा में सुनाइए तथा कुछ का मंचन भी कीजिए। (2) ‘शिक्षा रटंत विद्या नहीं है’ विषय पर कक्षा में परिचर्चा कीजिए। (3) ‘क्या पढ़ाई और खेल-कूद साथ-साथ चल सकते हैं’ विषय पर वाद-विवाद आयोजित कीजिए। (4) ‘क्या परीक्षा पास कर लेना ही योग्यता का आधार है’ विषय पर कक्षा में चर्चा कीजिए।
परियोजना कार्य: (1) अपने माता-पिता या बड़े सदस्यों से बातचीत करके पता लगाइए कि बेहतर ढंग से ज़िंदगी जीने के लिए उन्हें किस बात ने सहायता दी – समझदारी/पुराने अनुभव या किताबी पढ़ाई? (2) छात्रावास में रहने वाली अपनी छोटी बहन/छोटे भाई को उसकी पढ़ाई-लिखाई के संबंध में एक पत्र लिखिए। (ये गतिविधियाँ विद्यार्थी स्वयं अपने अनुभव और परिवेश के आधार पर करें।)
अतिरिक्त प्रश्न
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. बड़े भाई साहब किस भवन की बुनियाद मज़बूत डालना चाहते थे और क्यों?
2. छोटे भाई का मन पढ़ाई में क्यों नहीं लगता था?
3. बड़े भाई साहब ने रावण, शैतान और शाहेरूम के उदाहरण क्यों दिए?
4. छोटे भाई ने टाइम-टेबल में किसे ‘बिलकुल उड़ा’ दिया था?
5. कहानी का अंत किस घटना से होता है और वह क्या प्रकट करती है?
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
1. ‘बड़े भाई साहब’ कहानी के माध्यम से प्रेमचंद ने तत्कालीन शिक्षा-प्रणाली पर जो व्यंग्य किया है, उसे सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।
2. बड़े भाई साहब और छोटे भाई के चरित्र की तुलना कीजिए।
3. इस कहानी से हमें क्या प्रेरणा/शिक्षा मिलती है?
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
1. ‘बड़े भाई साहब’ कहानी के लेखक कौन हैं?
(क) जयशंकर प्रसाद
(ख) प्रेमचंद
(ग) महादेवी वर्मा
(घ) यशपाल
2. बड़े भाई साहब छोटे भाई से उम्र में कितने साल बड़े थे?
(क) तीन साल
(ख) चार साल
(ग) पाँच साल
(घ) छह साल
3. कहानी के आरंभ में बड़े भाई साहब कौन-सी जमात (कक्षा) में पढ़ते थे?
(क) पाँचवीं
(ख) सातवीं
(ग) आठवीं
(घ) नौवीं
4. बड़े भाई साहब का सबसे पहला सवाल क्या होता था?
(क) क्या पढ़ा?
(ख) कहाँ थे?
(ग) खाना खाया?
(घ) टाइम-टेबल बनाया?
5. छोटे भाई की रुचि किसमें थी?
(क) पढ़ाई-लिखाई में
(ख) चित्रकला में
(ग) खेल-कूद में
(घ) संगीत में
6. बड़े भाई साहब के अनुसार ‘असली चीज़’ क्या है?
(क) इम्तिहान पास करना
(ख) अच्छे नंबर लाना
(ग) बुद्धि का विकास
(घ) नाम कमाना
7. बड़े भाई साहब ने घमंड के दुष्परिणाम बताने के लिए किसका उदाहरण नहीं दिया?
(क) रावण
(ख) शैतान
(ग) शाहेरूम
(घ) सिकंदर
8. ‘कनकौआ’ का अर्थ है –
(क) पक्षी
(ख) पतंग
(ग) गेंद
(घ) गुड़िया
9. बड़े भाई साहब के अनुसार जीवन की समझ कैसे आती है?
(क) किताबें पढ़ने से
(ख) परीक्षा पास करने से
(ग) दुनिया देखने/अनुभव से
(घ) डिग्री प्राप्त करने से
10. कहानी के अंत में बड़े भाई साहब क्या करते हैं?
(क) छोटे भाई को डाँटते हैं
(ख) पढ़ने बैठ जाते हैं
(ग) कटे कनकौए की डोर पकड़कर दौड़ पड़ते हैं
(घ) टाइम-टेबल बनाते हैं
अभिकथन-कारण (Assertion–Reason)
नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए –
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।
1. अभिकथन (A): बड़े भाई साहब एक-एक दर्जे में दो-दो, तीन-तीन साल लगा देते थे।
कारण (R): वे शिक्षा की बुनियाद मज़बूत डालना चाहते थे।
2. अभिकथन (A): छोटा भाई टाइम-टेबल बनाकर भी उस पर अमल नहीं कर पाता था।
कारण (R): खेल-कूद का आकर्षण उसे अनायास अपनी ओर खींच ले जाता था।
3. अभिकथन (A): बड़े भाई साहब छोटे भाई के सामने खेल-कूद से स्वयं को रोकते थे।
कारण (R): उन्हें खेल-कूद बिलकुल पसंद नहीं था।
4. अभिकथन (A): छोटे भाई के मन में बड़े भाई साहब के प्रति श्रद्धा उत्पन्न हो गई।
कारण (R): भाई साहब ने स्नेहपूर्वक समझाया कि वे केवल उसका हित और रक्षा चाहते हैं।
5. अभिकथन (A): बड़े भाई साहब ने किताबी ज्ञान को जीवन के अनुभव से अधिक महत्त्वपूर्ण बताया।
कारण (R): उनके अनुसार समझ किताबें पढ़ने से नहीं, दुनिया देखने से आती है।
परीक्षा-युक्तियाँ एवं सामान्य गलतियाँ
परीक्षा-युक्तियाँ
- आशय स्पष्ट करने वाले प्रश्नों में पहले कथन का सरल अर्थ, फिर उसका भाव और अंत में संदर्भ जोड़ें।
- कहानी के सटीक उदाहरण (रावण-शैतान-शाहेरूम, टाइम-टेबल, कनकौआ-प्रसंग) याद रखें – ये उत्तर को सशक्त बनाते हैं।
- 50–60 शब्दों वाले प्रश्नों में शब्द-सीमा का ध्यान रखें; अनावश्यक विस्तार से बचें।
- व्यंग्य से जुड़े प्रश्न में ‘शिक्षा का उद्देश्य रटना नहीं, बुद्धि का विकास’ मूल बिंदु अवश्य लिखें।
- शब्दार्थ और मुहावरों को वाक्य-प्रयोग सहित याद करें – भाषा-अध्ययन में अंक सुनिश्चित होते हैं।
सामान्य गलतियाँ
- बड़े भाई साहब को केवल कठोर मान लेना – उनके स्नेह और त्याग की भावना का उल्लेख न करना।
- लेखक का नाम गलत लिखना – इस कहानी के लेखक ‘प्रेमचंद’ हैं।
- उम्र और कक्षा के अंतर में भ्रम – उम्र में पाँच साल बड़े, पर केवल तीन दर्जे आगे।
- आशय-स्पष्टीकरण में केवल वाक्य दोहरा देना, उसका भाव न समझाना।
- सकर्मक-अकर्मक क्रिया में कर्म की उपस्थिति/अनुपस्थिति जाँचे बिना उत्तर लिखना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
‘बड़े भाई साहब’ कहानी के लेखक कौन हैं?
इस कहानी के लेखक प्रेमचंद हैं, जिन्हें ‘कथा सम्राट’ भी कहा जाता है।
बड़े भाई साहब छोटे भाई से उम्र और कक्षा में कितने बड़े थे?
वे उम्र में पाँच साल बड़े थे, परंतु पढ़ाई में केवल तीन दर्जे आगे थे – अर्थात् बड़े भाई नौवीं में और छोटा भाई पाँचवीं में पढ़ता था।
इस कहानी से क्या शिक्षा/संदेश मिलता है?
शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा पास करना या रटना नहीं, बल्कि बुद्धि का विकास है; किताबी ज्ञान से बढ़कर जीवन का अनुभव है और बड़ों का अनुभव सदा आदरणीय है।
प्रश्न NCERT स्पर्श (भाग 2) पुस्तक से ज्यों-के-त्यों लिए गए हैं; उत्तर ClearStudy द्वारा मौलिक रूप से तैयार एवं जाँचे गए हैं।
