Class 7 Sanskrit Deepakam Chapter 11 Solutions — द्वीपेषु रम्यः द्वीपोऽण्डमानः

Class 7 Sanskrit Deepakam Chapter 11 solutions: संवाद का हिन्दी अर्थ, आठ अभ्यासों के उत्तर, विशेषण-विशेष्य, सर्वनाम, समास और परियोजनाओं के नमूने पढ़ें।

Class: 7 Subject: Sanskrit Book: Deepakam (दीपकम्) Chapter: 11 (एकादशः पाठः) पाठ: द्वीपेषु रम्यः द्वीपोऽण्डमानः प्रति का पुनर्मुद्रण: 2026–27

पाठ का अवलोकन (Chapter Overview)

दीपकम् कक्षा 7 का एकादश पाठ ‘द्वीपेषु रम्यः द्वीपोऽण्डमानः’ एक रोचक संवाद-शैली का पाठ है। इसमें अध्यापिका भारत के मानचित्र पर अण्डमान-द्वीपसमूह दिखाते हुए छात्रों को इस सुन्दर केन्द्रशासित प्रदेश के विषय में बताती हैं। पाठ में बताया गया है कि इसकी राजधानी ‘श्रीविजयपुरम्’ है (पूर्व नाम पोर्ट-ब्लेयर), तथा यहाँ ‘सेल्युलर’ (कालापानी) कारागार है, जहाँ स्वातन्त्र्यवीर सावरकर ने दस वर्ष घोर कष्ट सहा। छात्र इसके इतिहास, यहाँ निवास करने वाली जनजातियों (अण्डमानी, ओङ्गी, जारवा, सेण्टिनली), पर्यटन-स्थलों (राधानगर-तट, स्वराजद्वीप, नॉर्थ-बे आदि) एवं लोगों की आजीविका के विषय में जानते हैं। पाठ का केन्द्रीय भाव भारत की प्राकृतिक सुन्दरता, राष्ट्रीय गौरव एवं स्वातन्त्र्य-इतिहास के प्रति श्रद्धा है।

रामायणकालीन नाम और नाम-व्युत्पत्ति के उत्तर पुस्तक में दिए विवरण के अनुसार हैं; इन्हें स्वतंत्र अभिलेखीय इतिहास के रूप में प्रमाणित नहीं किया गया है। संस्कृत अभ्यास में पाठ का उत्तर लिखें और ऐतिहासिक अध्ययन में स्रोत अलग जाँचें। अण्डमान एक द्वीपसमूह है; संघ राज्यक्षेत्र का पूरा नाम अण्डमान एवं निकोबार द्वीपसमूह है।

पाठ-परिचय / प्रसंग

यह पाठ एक संवादात्मक गद्य-पाठ है, जिसमें अध्यापिका एवं विद्यार्थियों के बीच अण्डमान-द्वीपसमूह के विषय में बातचीत होती है। पाठ के अन्त में ‘अण्डमान-प्रशस्तिः’ नामक श्लोक भी दिए गए हैं, जिनसे पाठ का शीर्षक ‘द्वीपेषु रम्यः द्वीपोऽण्डमानः’ (अर्थात् ‘द्वीपों में रमणीय द्वीप अण्डमान है’) लिया गया है। पाठ का उद्देश्य छात्रों को सरल संवाद-संस्कृत के माध्यम से भारत के एक महत्त्वपूर्ण केन्द्रशासित प्रदेश की भौगोलिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक जानकारी देना तथा संस्कृत में स्थान-वर्णन की शब्दावली से परिचित कराना है।

मूल पाठ + अन्वय/भावार्थ

अतिरिक्त प्रश्न, MCQ और अभिकथन-कारण ClearStudy के अभ्यास हैं। मूल पुस्तक भी साथ में पढ़ें।

संवाद-भाग 1 – चित्र-दर्शनम्

अध्यापिका – छात्राः! एतत् चित्रं पश्यन्तु। एतत् आकर्षकं खलु?
छात्राः – आम् आचार्ये! बहु आकर्षकम् अस्ति।
अध्यापिका – एतत् स्थानं कुत्र अस्ति, भवन्तः जानन्ति किम्?
छात्राः – नैव आचार्ये!
अध्यापिका – सावधानं पश्यन्तु। एतत् स्थानम् अस्माकं देशस्य कश्चन रमणीयः द्वीपः अस्ति। एतस्य विषये किञ्चित् अद्य जानीमः।

भावार्थ: अध्यापिका छात्रों को एक चित्र दिखाकर पूछती हैं कि यह आकर्षक है न? छात्र हाँ कहते हैं पर स्थान नहीं जानते। अध्यापिका बताती हैं कि यह हमारे देश का एक रमणीय द्वीप है, जिसके विषय में आज वे कुछ जानेंगे।

संवाद-भाग 2 – अण्डमान-परिचयः, राजधानी एवं नाम-इतिहासः

अध्यापिका – (भारतस्य मानचित्रे अण्डमान-द्वीपसमूहं दर्शयन्ती) एषः भारतस्य अष्टसु केन्द्रशासितप्रदेशेषु अन्यतमः अण्डमान-द्वीपसमूहः अस्ति। एतस्य राजधानी ‘श्रीविजयपुरम्’ अस्ति। पूर्वम् आङ्ग्लशासनेन अस्य नाम ‘पोर्ट-ब्लेयर’ इति दत्तम् आसीत्।
सर्वे उत्साहिताः बालाः – महोदये! वयम् एतस्य विषये किञ्चित् अधिकं ज्ञातुम् इच्छामः।
अध्यापिका – अस्तु। भोः सूर्यांश! भवान् किमपि वक्तुम् इच्छति इति प्रतिभाति।
सूर्यांशः – सत्यं महोदये! ह्यः भवती एतस्य पाठस्य विषये सङ्केतं दत्तवती। तदा अहं गृहं गत्वा जालपुटे एतस्य अन्वेषणम् अकरवम्।
अध्यापिका – समीचीनं सूर्यांश! भवान् किम् अन्विष्टवान् तत्र?
सूर्यांशः – महोदये! रामायणकाले अस्य द्वीपस्य नाम ‘हण्डुकमान्’ आसीत्। एषः शब्दः प्रायः ‘हनूमान्’ इति शब्दस्य परिवर्तितं रूपम्। प्रथमशताब्द्याम् अस्य नाम ‘अगादेमन्’ इति आसीत्। ततः परं ‘अङ्गादेमन्’ जातम् इति सर्वकारस्य आधिकारिक-जालपुटे अहं दृष्टवान्।
दीपेशः – अहो! अस्य नाम्नः इतिहासः अद्भुतः अस्ति। किन्नु खलु भारतस्य इतिहासे अस्य द्वीपस्य काचित् विशिष्टा भूमिका अस्ति?
अध्यापिका – आम्, महती भूमिका अस्ति अस्य द्वीपस्य।

भावार्थ: अध्यापिका मानचित्र पर दिखाती हैं कि अण्डमान-द्वीपसमूह भारत के आठ केन्द्रशासित प्रदेशों में से एक है, जिसकी राजधानी ‘श्रीविजयपुरम्’ है (अंग्रेज़ी शासन में नाम पोर्ट-ब्लेयर था)। सूर्यांश बताता है कि उसने इण्टरनेट (जालपुट) पर खोज की कि रामायण-काल में इसका नाम ‘हण्डुकमान्’ (हनूमान का परिवर्तित रूप) था, प्रथम शताब्दी में ‘अगादेमन्’ तथा बाद में ‘अङ्गादेमन्’ हो गया। अध्यापिका बताती हैं कि भारत के इतिहास में इस द्वीप की महान भूमिका है।

संवाद-भाग 3 – सेल्युलर कारागारः (कालापानी) एवं सावरकरः

दीपा – कीदृशी भूमिका महोदये! कृपया सूचयतु।
अध्यापिका – अस्मिन् द्वीपे ‘सेल्युलर’ इति कारागारम् अस्ति। अस्य कारागारस्य अपरं नाम ‘कालापानी’ इत्यपि अस्ति।
सुधीरः – (साश्चर्यम्) आचार्ये! अस्य कः अभिप्रायः?
सुरेखा – ‘कालापानी’ इति शब्दं श्रुत्वा एव भीतिः भवति।
अध्यापिका – सत्यमेव। भारतस्य स्वातन्त्र्यार्थं युद्धरतानां क्रान्तिकारिणां दमनार्थं ब्रिटिशजनैः निर्मितं त्रितलात्मकम् एतत् कारागारम्। अत्रैव महान् देशभक्तः स्वातन्त्र्यवीरः सावरकरः मातृभूमेः रक्षणाय दश वर्षाणि यावत् कल्पनातीतं घोरं कष्टं सोढवान्।
मुकुन्दः – अहो! धन्याः ते स्वातन्त्र्यवीराः। तेषां बलिदानेन एव वयं सुखेन जीवामः।
सूर्यांशः – आचार्ये! एतत् स्थानं ‘यूनेस्को’-संस्थायाः वैश्विकसम्पदः सूच्याम् अपि संरक्षितम्।

भावार्थ: अध्यापिका बताती हैं कि इस द्वीप में ‘सेल्युलर’ कारागार है, जिसका दूसरा नाम ‘कालापानी’ है। यह तीन तल वाला कारागार अंग्रेज़ों ने स्वतन्त्रता-सेनानियों के दमन हेतु बनाया था। यहीं स्वातन्त्र्यवीर सावरकर ने मातृभूमि की रक्षा के लिए दस वर्ष तक भयानक कष्ट सहा। पुस्तक में UNESCO का उल्लेख है; वर्तमान Tentative List स्थिति के लिए तथ्य-जाँच टिप्पणी देखें।

संवाद-भाग 4 – जनजातयः, पर्यटनस्थलानि एवं आजीविका

ऋचा – महोदये! किम् अस्मिन् द्वीपे जनाः अपि निवसन्ति?
अध्यापिका – आम्, तत्र काश्चन अण्डमानी, ओङ्गी, जारवा, सेण्टिनली इत्यादयः विशिष्टाः जनजातयः निवसन्ति। … सेण्टिनली-जनजातीयाः समाजात् दूरे तिष्ठन्ति। तेषां जनसंख्या अपि स्वल्पा एव।
सुरुचिः – महोदये! अत्र भ्रमणाय विशिष्टानि स्थानानि कानि?
राजर्षिः – आम् महोदये! अहम् एकदा पित्रा सह भ्रमणाय तत्र अगच्छम्। वयं तत्र सर्वत्र प्रकृतेः हारित्यं नीलसमुद्रं च दृष्टवन्तः। वयं महात्मगान्धि-मरीन-राष्ट्रियम् उद्यानम्, नॉर्थ-बे-द्वीपम्, समुद्रिका-नौसेना-समुद्रीय-सङ्ग्रहालयं, कालापत्थर-तटम्, विजयनगर-तटं च दृष्टवन्तः। तत्र राधानगर-तटस्य अत्यन्तं विशिष्टं स्थानम् अस्ति।
अध्यापिका – स्वराजद्वीपे एलीफेण्टा-तटे, नॉर्थ-बे-अन्तरीपे च सिन्धुतलविहारं, स्कूबाडाइविङ्ग्, स्नॉर्कलिङ्ग् इत्यादयः विविधाः गतिविधयः चलन्ति।
छात्राः – महोदये! अण्डमान-जनाः आजीविकार्थं किं कुर्वन्ति?
अध्यापिका – तत्र मुक्तामालाः, शुक्तिशिल्पानि, नारिकेल-शिल्पानि, उपस्कराः च इत्यादीनाम् उत्पादनेन वाणिज्येन च तेषाम् आजीविका चलति। केचन कृषिकार्येण मत्स्यव्यापारेण च जीविकां निर्वहन्ति।

भावार्थ: अण्डमान में अण्डमानी, ओङ्गी, जारवा, सेण्टिनली आदि विशेष जनजातियाँ निवास करती हैं; सेण्टिनली समाज से दूर रहती है। राजर्षि बताता है कि उसने अपने पिता के साथ वहाँ भ्रमण किया तथा हरियाली, नीला समुद्र, महात्मा गांधी मरीन राष्ट्रीय उद्यान, नॉर्थ-बे, संग्रहालय, कालापत्थर-तट, विजयनगर-तट एवं विशेष रूप से राधानगर-तट देखा। स्वराजद्वीप एवं नॉर्थ-बे में स्कूबा-डाइविंग, स्नॉर्कलिंग आदि गतिविधियाँ होती हैं। यहाँ के लोग मोती की मालाएँ, शुक्ति-शिल्प, नारियल-शिल्प, मसाले आदि के व्यापार तथा कृषि एवं मत्स्य-व्यापार से आजीविका चलाते हैं।

अण्डमान-प्रशस्तिः (श्लोक)

हुतात्मनां पूततपःस्थलीयं विनायकादिस्तुतिभाजनानाम्।
स्वराष्ट्रधर्मं ननु शिक्षयन्ती सुदर्शनीया भुवि तीर्थकल्पा॥

राष्ट्रस्य गौरवस्थानमितिहासे महत्स्थलम्।
असकृद्दर्शने योग्यमण्डमानो विराजते॥

हरितविपिनरम्यैः संवृतो द्वीपवृन्दैः लसति परमवाच्यां नीलसिन्धोस्तटस्थः।
प्रथितभुवि निकोबार्-सेल्युलर्-लोकलोके प्रकृतिकृतिपरोऽयं राजते मेऽण्डमानः॥
— अण्डमान-प्रशस्तिः (दीपकम् पाठ 11)

भावार्थ: ये प्रशस्ति-श्लोक अण्डमान की महिमा गाते हैं – यह बलिदानी हुतात्माओं (सावरकर आदि) की पवित्र तपःस्थली एवं तीर्थ के समान है, राष्ट्र के गौरव का स्थान है, बार-बार दर्शनीय है तथा हरे-भरे वनों एवं नीले समुद्र से घिरे द्वीपों से सुशोभित है।

सार (Hindi Summary)

‘द्वीपेषु रम्यः द्वीपोऽण्डमानः’ पाठ संवाद-शैली में लिखा गया है। अध्यापिका कक्षा में छात्रों को एक आकर्षक चित्र दिखाती हैं और बताती हैं कि यह हमारे देश का रमणीय द्वीप – अण्डमान-द्वीपसमूह है, जो भारत के आठ केन्द्रशासित प्रदेशों में से एक है। इसकी राजधानी ‘श्रीविजयपुरम्’ है, जिसका पुराना नाम (अंग्रेज़ी शासन में) ‘पोर्ट-ब्लेयर’ था। छात्र सूर्यांश इण्टरनेट पर खोज करके बताता है कि रामायण-काल में इसका नाम ‘हण्डुकमान्’ (हनूमान का परिवर्तित रूप) था, फिर ‘अगादेमन्’ एवं ‘अङ्गादेमन्’ हुआ।

अध्यापिका बताती हैं कि इस द्वीप की भारत के स्वतन्त्रता-इतिहास में महान भूमिका रही है। यहाँ तीन तल वाला ‘सेल्युलर’ कारागार है, जिसे ‘कालापानी’ भी कहते हैं। अंग्रेज़ों ने स्वतन्त्रता-सेनानियों के दमन के लिए इसे बनवाया था। यहीं स्वातन्त्र्यवीर सावरकर ने मातृभूमि की रक्षा हेतु दस वर्ष तक कल्पना से परे घोर कष्ट सहा। संबन्धित औपनिवेशिक दण्ड-बस्ती UNESCO की Tentative List में प्रस्तावित है; यह स्थायी विश्व धरोहर सूची में स्वीकृति से अलग है। द्वीप पर अण्डमानी, ओङ्गी, जारवा एवं सेण्टिनली जैसी विशिष्ट जनजातियाँ निवास करती हैं।

छात्र राजर्षि बताता है कि उसने अपने पिता के साथ वहाँ भ्रमण किया तथा वहाँ की हरियाली, नीला निर्मल समुद्र, महात्मा गांधी मरीन राष्ट्रीय उद्यान, नॉर्थ-बे-द्वीप, समुद्री संग्रहालय, कालापत्थर-तट, विजयनगर-तट एवं विशेष रूप से अविस्मरणीय राधानगर-तट देखा। स्वराजद्वीप एवं नॉर्थ-बे में स्कूबा-डाइविंग, स्नॉर्कलिंग, सी-वॉक (सिन्धुतलविहार) जैसी गतिविधियाँ होती हैं। यहाँ के लोग मोती की मालाएँ, शुक्ति-शिल्प, नारियल-शिल्प एवं मसालों के व्यापार तथा कृषि एवं मत्स्य-व्यापार से आजीविका चलाते हैं। पाठ के अन्त में सभी मिलकर ‘अण्डमान-प्रशस्तिः’ का सस्वर गान करते हैं। इस प्रकार यह पाठ भारत की प्राकृतिक सुन्दरता, राष्ट्रीय गौरव एवं स्वातन्त्र्य-इतिहास के प्रति श्रद्धा का संदेश देता है।

नीले समुद्री जल में प्राकृतिक भूरा और गेरुआ प्रवाल, पीली-काली तथा रुपहली मछलियाँ
मौलिक कल्पनात्मक समुद्री दृश्य: प्रवाल और मछलियाँ। यह किसी खास अण्डमान स्थल की वास्तविक तस्वीर या वर्तमान प्रवाल-स्थिति का सर्वेक्षण नहीं है।

शब्दार्थ (Word-meanings)

शब्दः (Sanskrit)हिन्दी अर्थEnglish meaning
द्वीपःटापूIsland
आकर्षकम्मनोहर, रमणीयAttractive
जालपुटेवेबसाइट/इण्टरनेट परOn the website
अन्वेषणम्खोजSearch
केन्द्रशासितप्रदेशःकेन्द्रशासित प्रदेशUnion territory
स्वातन्त्र्यार्थम्स्वतन्त्रता के लियेFor freedom
युद्धरतानाम्लड़ाई में लगे हुओं केOf those engrossed in battle
कल्पनातीतम्चिन्तन से परेBeyond imagination
घोरम्भयानकTerrible / dreadful
वैश्विकसम्पदःविश्व-धरोहर काOf world heritage
सोढवान्सहन कियाBore / endured
सूच्याम्सूची मेंIn the list
कारागारम्कारागृह, बन्दीगृहPrison
त्रितलात्मकम्तीन तल काThree-storied
यावत्तकUntil
जनजातिःवनवासी, आदिवासीTribal
श्वेतरेणुःश्वेत बालूWhite sand
पारदर्शीआर-पार दिखने वालाTransparent
हारित्यम्हरियाली कोGreenery
मुक्तामालाःमोतियों की मालाओं कोPearl necklaces
नारिकेलम्नारियलCoconut
उपस्कराःमसालेSeasoning
शिल्पानिशिल्पकलाSculpture / craft
कच्छपःकछुआTurtle / tortoise; here a marine turtle
प्रवालप्रस्तरैःमूँगे की चट्टानों सेBy the coral reefs

तथ्य-जाँच (11 अक्टूबर 2026): अभ्यास 3(च) का पुस्तक-आधारित रिक्त-स्थान उत्तर “यूनेस्को” है। पर विश्व धरोहर की स्थायी सूची में दर्ज होना और Tentative List में प्रस्तावित होना अलग हैं। UNESCO के वर्तमान रिकॉर्ड में Colonial Penal Settlement of Andaman Islands, जिसमें सेल्युलर जेल शामिल है, 22 मई 2026 को Tentative List में प्रस्तुत है। इसे स्वीकृत World Heritage inscription न कहें। UNESCO का आधिकारिक रिकॉर्ड। राजधानी का वर्तमान प्रशासनिक नाम Sri Vijaya Puram है। अण्डमान एवं निकोबार प्रशासन।

अभ्यासः (वयम् अभ्यासं कुर्मः)

1. पाठं पठित्वा अधोलिखितानि पदानि परस्परं मेलयन्तु —

(पाठ पढ़कर स्तंभ ‘क’ एवं ‘ख’ के पदों का सही मिलान कीजिए।)

कख (मूल विकल्प)
हान्दुमान्एलीफेण्टा
कालापानीश्वेतरेणुः
जारवासावरकरः
स्वराजद्वीपःसेल्यूलरकारागारः
राधानगरतटःजनजातिः
स्वातन्त्र्यवीरःअण्डमानः
सही मिलान (उत्तर) (क) हान्दुमान् (हण्डुकमान्) → अण्डमानः (द्वीप का प्राचीन नाम) (ख) कालापानी → सेल्यूलरकारागारः (सेल्युलर जेल का अपर नाम) (ग) जारवा → जनजातिः (अण्डमान की एक जनजाति) (घ) स्वराजद्वीपः → एलीफेण्टा (स्वराजद्वीप में एलीफेण्टा-तट) (ङ) राधानगरतटः → श्वेतरेणुः (राधानगर-तट की श्वेत बालू) (च) स्वातन्त्र्यवीरः → सावरकरः (कालापानी में बन्दी स्वातन्त्र्यवीर)

2. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखन्तु —

(क) रामायणकाले अण्डमानद्वीपस्य नाम किम् आसीत्?

उत्तररामायणकाले अण्डमानद्वीपस्य नाम ‘हण्डुकमान्’ आसीत्। (एषः शब्दः ‘हनूमान्’ इति शब्दस्य परिवर्तितं रूपम् इति मन्यते।)

(ख) स्वातन्त्र्यवीरः सावरकरः कति वर्षाणि कष्टं सोढवान्?

उत्तरस्वातन्त्र्यवीरः सावरकरः सेल्युलर-कारागारे मातृभूमेः रक्षणाय दश वर्षाणि यावत् कल्पनातीतं घोरं कष्टं सोढवान्।

(ग) अण्डमानद्वीपे काः जनजातयः निवसन्ति?

उत्तरअण्डमानद्वीपे अण्डमानी, ओङ्गी, जारवा, सेण्टिनली इत्यादयः विशिष्टाः जनजातयः निवसन्ति।

(घ) अण्डमानद्वीपे आजीविकार्थं जनाः किं कुर्वन्ति?

उत्तरअण्डमानद्वीपे जनाः मुक्तामालानां, शुक्तिशिल्पानां, नारिकेल-शिल्पानाम्, उपस्कराणां च उत्पादनेन वाणिज्येन च आजीविकां चालयन्ति। केचन जनाः कृषिकार्येण मत्स्यव्यापारेण च जीविकां निर्वहन्ति।

(ङ) अन्ते सर्वे मिलित्वा कं श्लोकं गायन्ति?

उत्तरअन्ते सर्वे मिलित्वा ‘अण्डमान-प्रशस्तेः’ श्लोकं (‘हुतात्मनां पूततपःस्थलीयम्…’) गायन्ति, यः अण्डमानस्य महिमानं वर्णयति।

3. पाठं दृष्ट्वा रिक्तस्थानानि पूरयन्तु —

उत्तर (क) अण्डमानद्वीपस्य राजधानी श्रीविजयपुरम् अस्ति। (ख) सूर्यांशः गृहं गत्वा जालपुटे अण्डमानस्य अन्वेषणम् अकरोत्। (ग) प्रथमशताब्द्याम् अस्य नाम अगादेमन् इति आसीत्। (घ) अस्मिन् द्वीपे सेल्युलर (कालापानी) इति कारागारम् अस्ति। (ङ) वयं स्वातन्त्र्यवीराणां बलिदानेन सुखेन जीवामः। (च) कालापानी यूनेस्को संस्थायाः वैश्विकसम्पदः सूच्यां संरक्षितम्। (छ) कृषिकार्येण मत्स्यव्यापारेण च जीविकां निर्वहन्ति।

4. विशेषण-विशेष्य का सही मिलान

पुस्तक के दिए पदों में लिङ्ग, वचन और विभक्ति मिलाएँ।

विशेषणविशेष्यअर्थ
नीलम्समुद्रम्नीला समुद्र
सुन्दरतमेषुसमुद्रतटेषुसबसे सुन्दर समुद्रतटों में
स्वीयाःरीतिपरम्पराःअपनी रीति-परम्पराएँ
विविधवर्णाःमत्स्याःविविध रंग की मछलियाँ
स्थानीयेआपणेस्थानीय बाजार में
प्रथमम्स्थानम्पहला स्थान

5. पट्टिकातः समुचितानि पदानि चित्वा विशेषणानुसारं विशेष्यपदं लिखन्तु —

पट्टिका (शब्द-मञ्जूषा): वृक्षान्, गुरुकुलम्, गृहे, तटस्य, पाठशालां, पुस्तकानि, शाटिकायां, गजाय, युवती, मार्गः

उत्तर (विशेषण + विशेष्य) (क) नूतने → गृहे (नये घर में) (ख) पवित्रं → गुरुकुलम् (पवित्र गुरुकुल) (ग) रक्तायां → शाटिकायां (लाल साड़ी में) (घ) उत्तमानि → पुस्तकानि (उत्तम पुस्तकें) (ङ) सुदीर्घः → मार्गः (लम्बा मार्ग) (च) सुन्दरी → युवती (सुन्दर युवती) (छ) उन्नतान् → वृक्षान् (ऊँचे वृक्षों को) (ज) विशालां → पाठशालाम् (विशाल पाठशाला को) (झ) स्थूलाय → गजाय (मोटे हाथी के लिये) (ञ) तस्य → तटस्य (उस तट का)

6. पट्टिकातः सर्वनामविशेषणपदानि चित्वा वाक्यानि पूरयन्तु —

पट्टिका: ते, तस्मिन्, तत्, तेषां, एषा, तौ, तस्यै, ताः, तेन, सः

उत्तर (क) तेषां पुष्पाणाम् उद्यानम् अस्ति। (ख) एषा वृद्धा आपणं गच्छति। (ग) तस्मिन् चित्रे चन्द्रयानम् अस्ति। (घ) सः शिक्षकः संस्कृतं पाठयति। (ङ) ते बालकाः जलं पिबन्ति। (च) तत् पुष्पम् आकर्षकम् अस्ति। (छ) तेन कन्दुकेन क्रीडन्ति। (ज) ताः शिक्षिकाः गीतं शिक्षयन्ति। (झ) तौ मयूरौ नृत्यतः। (ञ) तस्यै बालिकायै पुस्तकानि यच्छ।

अभ्यास 6(छ): तेन कन्दुकेन — उस गेंद से। “तेन” गेंद के साथ तृतीया एकवचन का सर्वनाम-विशेषण है; यहाँ “ताः” लिखने से मञ्जूषा का अपेक्षित मिलान छूटता है।

7. पाठे प्रयुक्तानि अव्ययपदानि क्रियापदानि च चित्वा समुचिते स्थाने लिखन्तु —

यथा – अव्यय: कुत्र; क्रियापद: स्मरामि।

अव्ययानि (उत्तर)क्रियापदानि (उत्तर)
कुत्र, पूर्वम्, अत्र, ततः, यावत्, अधुना, सर्वत्र, एव, इव, अपिस्मरामि, पश्यन्तु, जानीमः, अस्ति, इच्छामः, अकरवम्, अकरोत्, निवसन्ति, गायामः, गमिष्यामः

8. निम्नलिखितानां पदानां स्वरूपं सावधानं दृष्ट्वा उदाहरणानुसारं लिखन्तु —

यथा – समुद्रस्य मध्ये → समुद्रमध्ये (समास-रूप)।

उत्तर (क) द्वीपानां समूहः → द्वीपसमूहः (ख) रामायणस्य काले → रामायणकाले (ग) भारतस्य भूमिः → भारतभूमिः (घ) उद्योगस्य विषयः → उद्योगविषयः (ङ) देशस्य भक्तः → देशभक्तः (च) समुद्रस्य तलम् → समुद्रतलम्

परियोजनाकार्यम् (Project Work)

1. ‘अण्डमान’ क्षेत्र के विभिन्न स्थानों एवं तटों के चित्र एकत्र करके शीर्षक सहित संग्रह-पुस्तिका में लगाइए।
2. आप अपने माता-पिता/शिक्षकों के साथ किसी पर्वतीय या तटीय प्रदेश में भ्रमण के लिये गए हों, तो उसका एक अनुच्छेद में वर्णन लिखिए।

मार्गदर्शनम्ये दोनों रचनात्मक/परियोजना-कार्य हैं। चित्र-संग्रह कीजिए तथा अपने भ्रमण-अनुभव का सरल भाषा में अनुच्छेद-वर्णन कीजिए।

योग्यताविस्तरः (व्याकरण/ज्ञान-तालिकाः)

पाठ के ‘योग्यताविस्तरः’ भाग में अण्डमान से जुड़े कुछ शब्दों एवं नाम-परिवर्तनों की जानकारी दी गई है।

1. विशिष्ट-पद-स्पष्टीकरणम्

पदम्स्पष्टीकरणम् (अर्थ)
श्रीविजयपुरम्भारत सरकार द्वारा ‘पोर्ट-ब्लेयर’ का नाम बदलकर ‘श्रीविजयपुरम्’ रखा गया।
स्कूबा-डैविङ्ग्श्वसन-गैस वाले सिलिण्डर और रेगुलेटर की सहायता से जल के भीतर तैरना। सामान्य स्कूबा में संपीडित वायु प्रयुक्त होती है; इसे केवल शुद्ध ऑक्सीजन का सिलिण्डर न समझें। श्वसन-गैस का PADI संदर्भ।
स्नॉर्कलिङ्ग्उपनेत्र (मास्क) पहनकर समुद्र-जल के ऊपरी भाग में तैरना/तैरते हुए देखना।
सिन्धु-तल-विहारः‘सी-वॉक’ के नाम से प्रसिद्ध; इसमें लोग समुद्र की तली तक जाते हैं।
कोरल्-रीफ्प्रवाल-शैलसमूह (मूँगे की चट्टानें) को कोरल-रीफ कहते हैं।

2. द्वीपानां पुरातनं नाम एवं नूतनं नाम

पुरातनं नामनूतनं नाम
रॉस्-द्वीपःनेताजी-सुभाषचन्द्रबोस-द्वीपः
नील-द्वीपःशहीद-द्वीपः
हैवलॉक्-द्वीपःस्वराज-द्वीपः

परियोजना के उपयोगी नमूने

चित्र-संग्रह: सेल्युलर जेल, राधानगर तट, स्वराज द्वीप, नारियल-शिल्प और प्रवाल के प्रमाणित चित्र उपयुक्त हैं। हर चित्र के नीचे स्थान, स्रोत और संक्षिप्त विवरण लिखें; कल्पित चित्र को ऐतिहासिक या वास्तविक फोटो न बताएं।

भ्रमण-वर्णन — कल्पित संस्कृत नमूना: अहं मातापितृभ्यां सह समुद्रतटम् अगच्छम्। तत्र नीलं जलं श्वेतां वालुकां च अपश्यम्। वयं तटस्य सौन्दर्यम् अपश्याम। वयं परिवेशं स्वच्छम् अरक्षाम। एषः अनुभवः मम स्मरणीयः अस्ति। यह नमूना है; अपने वास्तविक अनुभव के अनुसार स्थान और क्रियाएँ बदलें।

अतिरिक्त प्रश्न (Extra Questions)

अतिरिक्त लघु प्रश्न — ClearStudy अभ्यास

1. अण्डमान-द्वीपसमूह की राजधानी का नाम क्या है तथा पहले इसका क्या नाम था?

उत्तरअण्डमान-द्वीपसमूह की राजधानी का नाम श्रीविजयपुरम् है। पहले अंग्रेज़ी शासन में इसका नाम पोर्ट-ब्लेयर था, जिसे भारत सरकार ने बदलकर श्रीविजयपुरम् कर दिया।

2. ‘सेल्युलर’ कारागार को ‘कालापानी’ क्यों कहा जाता है?

उत्तरअण्डमान का तीन तल वाला ‘सेल्युलर’ कारागार दूरस्थ अण्डमान में था और यहाँ बन्दियों को असहनीय कष्ट सहना पड़ता था। इस दण्ड-प्रसंग का प्रचलित नाम ‘कालापानी’ प्रसिद्ध हुआ।

3. स्वातन्त्र्यवीर सावरकर का अण्डमान से क्या सम्बन्ध है?

उत्तरमहान देशभक्त स्वातन्त्र्यवीर सावरकर को इसी सेल्युलर (कालापानी) कारागार में बन्दी बनाया गया था। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए यहाँ दस वर्ष तक कल्पना से परे घोर कष्ट सहन किया।

4. अण्डमान में पर्यटन के कौन-कौन से प्रमुख स्थान हैं?

उत्तरअण्डमान में महात्मा गांधी मरीन राष्ट्रीय उद्यान, नॉर्थ-बे-द्वीप, समुद्री संग्रहालय, कालापत्थर-तट, विजयनगर-तट, स्वराजद्वीप तथा विशेष रूप से अविस्मरणीय राधानगर-तट प्रमुख पर्यटन-स्थल हैं।

5. पाठ का शीर्षक ‘द्वीपेषु रम्यः द्वीपोऽण्डमानः’ का क्या अर्थ है?

उत्तरइस शीर्षक का अर्थ है – ‘(सभी) द्वीपों में रमणीय/सुन्दर द्वीप अण्डमान है।’ यह पंक्ति पाठ के अन्त में दी गई ‘अण्डमान-प्रशस्तिः’ से ली गई है, जो अण्डमान की प्राकृतिक सुन्दरता एवं गौरव का वर्णन करती है।

अतिरिक्त व्याख्यात्मक प्रश्न — ClearStudy अभ्यास

6. अण्डमान-द्वीपसमूह की भारत के स्वतन्त्रता-इतिहास में क्या भूमिका रही है? लिखिए।

उत्तरअण्डमान-द्वीपसमूह की भारत के स्वतन्त्रता-संग्राम में महान भूमिका रही है। यहाँ अंग्रेज़ों ने तीन तल वाला ‘सेल्युलर’ कारागार बनवाया था, जिसे ‘कालापानी’ भी कहते हैं। इसका उद्देश्य स्वतन्त्रता के लिए संघर्ष कर रहे क्रान्तिकारियों का दमन करना था।इसी कारागार में महान देशभक्त स्वातन्त्र्यवीर सावरकर ने मातृभूमि की रक्षा के लिए दस वर्ष तक अकल्पनीय एवं भयानक कष्ट सहे। अनेक स्वतन्त्रता-सेनानियों ने यहाँ बलिदान दिया, जिनके त्याग के कारण ही आज हम सुखपूर्वक जीवन जी रहे हैं। यह ऐतिहासिक राष्ट्रीय स्मारक है; वर्तमान UNESCO रिकॉर्ड में सम्बन्धित औपनिवेशिक दण्ड-बस्ती Tentative List में प्रस्तावित है और राष्ट्र के गौरव एवं बलिदान का पवित्र तीर्थ माना जाता है।

7. अण्डमान-द्वीपसमूह की प्राकृतिक सुन्दरता एवं वहाँ के लोगों की आजीविका का वर्णन कीजिए।

उत्तरअण्डमान-द्वीपसमूह प्राकृतिक सुन्दरता का अद्भुत भण्डार है। यहाँ चारों ओर हरियाली, नीला निर्मल समुद्र, श्वेत बालू एवं पारदर्शी जल है। राधानगर-तट, कालापत्थर-तट, विजयनगर-तट, महात्मा गांधी मरीन राष्ट्रीय उद्यान एवं नॉर्थ-बे-द्वीप विशेष दर्शनीय हैं। स्वराजद्वीप एवं नॉर्थ-बे में स्कूबा-डाइविंग, स्नॉर्कलिंग एवं सी-वॉक जैसी गतिविधियाँ होती हैं, जहाँ रंग-बिरंगी मछलियाँ, कछुए एवं मूँगे की चट्टानें दिखती हैं।यहाँ के लोग मुख्यतः मोती की मालाएँ, शुक्ति-शिल्प, नारियल-शिल्प एवं मसालों के उत्पादन तथा व्यापार से अपनी आजीविका चलाते हैं। कुछ लोग कृषि-कार्य एवं मत्स्य-व्यापार से जीविका अर्जित करते हैं। इस प्रकार अण्डमान सौन्दर्य के साथ-साथ आर्थिक दृष्टि से भी समृद्ध है।

8. अण्डमान-द्वीप के नाम का इतिहास एवं वहाँ निवास करने वाली जनजातियों का परिचय दीजिए।

उत्तरअण्डमान-द्वीप का नाम-इतिहास रोचक है। रामायण-काल में इसका नाम ‘हण्डुकमान्’ था, जो ‘हनूमान’ शब्द का परिवर्तित रूप माना जाता है। प्रथम शताब्दी में इसका नाम ‘अगादेमन्’ था, जो बाद में ‘अङ्गादेमन्’ एवं अन्ततः ‘अण्डमान’ हो गया।इस द्वीप पर अनेक विशिष्ट जनजातियाँ निवास करती हैं – अण्डमानी, ओङ्गी, जारवा एवं सेण्टिनली। सरकार ने अण्डमानी, ओङ्गी एवं जारवा जनजातियों की आजीविका के लिए नारियल के उद्यानों का निर्माण किया है। सेण्टिनली जनजाति समाज से दूर रहती है तथा उसकी जनसंख्या भी बहुत कम है। ये जनजातियाँ अण्डमान की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान हैं।

MCQ & अभिकथन-कारण

1. अण्डमान-द्वीपसमूह की राजधानी कौन-सी है?

(क) पोर्ट-ब्लेयर

(ख) श्रीविजयपुरम्

(ग) निकोबार

(घ) कालापानी

उत्तर(ख) श्रीविजयपुरम्।

2. रामायणकाल में अण्डमान का नाम क्या था?

(क) अगादेमन्

(ख) अङ्गादेमन्

(ग) हण्डुकमान्

(घ) श्रीविजयपुरम्

उत्तर(ग) हण्डुकमान्।

3. ‘सेल्युलर’ कारागार का दूसरा नाम क्या है?

(क) कालापत्थर

(ख) कालापानी

(ग) नॉर्थ-बे

(घ) राधानगर

उत्तर(ख) कालापानी।

4. सावरकर ने कालापानी में कितने वर्ष कष्ट सहा?

(क) पाँच वर्ष

(ख) सात वर्ष

(ग) दश वर्ष

(घ) पन्द्रह वर्ष

उत्तर(ग) दश वर्ष।

5. सेल्युलर कारागार कितने तल का था?

(क) एक तल

(ख) दो तल

(ग) तीन तल (त्रितलात्मकम्)

(घ) चार तल

उत्तर(ग) तीन तल (त्रितलात्मकम्)।

6. निम्नलिखित में से कौन अण्डमान की जनजाति नहीं है?

(क) जारवा

(ख) ओङ्गी

(ग) सेण्टिनली

(घ) आङ्गिरस

उत्तर(घ) आङ्गिरस। (अण्डमानी, ओङ्गी, जारवा, सेण्टिनली जनजातियाँ हैं।)

7. हैवलॉक्-द्वीप का नूतन (नया) नाम क्या है?

(क) शहीद-द्वीपः

(ख) नेताजी-सुभाषचन्द्रबोस-द्वीपः

(ग) स्वराज-द्वीपः

(घ) नील-द्वीपः

उत्तर(ग) स्वराज-द्वीपः।

8. अण्डमान का कौन-सा तट श्वेत बालू एवं पारदर्शी जल के लिए विशेष प्रसिद्ध है?

(क) कालापत्थर-तट

(ख) राधानगर-तट

(ग) विजयनगर-तट

(घ) एलीफेण्टा-तट

उत्तर(ख) राधानगर-तट।

9. अण्डमान के लोग मुख्यतः किससे आजीविका चलाते हैं?

(क) केवल खनन से

(ख) मुक्तामाला, शिल्प, मसाले एवं मत्स्य-व्यापार से

(ग) केवल कारखानों से

(घ) केवल पशुपालन से

उत्तर(ख) मुक्तामाला, शिल्प, मसाले एवं मत्स्य-व्यापार से।

10. पुस्तक के अभ्यास 3(च) में किस संस्था का नाम अपेक्षित है?

(क) यूनिसेफ

(ख) यूनेस्को

(ग) डब्ल्यू.एच.ओ.

(घ) नाटो

उत्तर(ख) यूनेस्को।
उत्तर-कुंजी: 1-(ख), 2-(ग), 3-(ख), 4-(ग), 5-(ग), 6-(घ), 7-(ग), 8-(ख), 9-(ख), 10-(ख)

अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।

1. अभिकथन (A): अण्डमान-द्वीप की भारत के स्वतन्त्रता-इतिहास में महान भूमिका है।

कारण (R): यहाँ स्थित सेल्युलर (कालापानी) कारागार में अनेक क्रान्तिकारियों एवं स्वातन्त्र्यवीर सावरकर ने घोर कष्ट सहा।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

2. अभिकथन (A): अण्डमान-द्वीपसमूह की राजधानी का नाम श्रीविजयपुरम् है।

कारण (R): यह नाम सदा से ही श्रीविजयपुरम् रहा है और अंग्रेज़ों ने इसे कभी नहीं बदला।

उत्तर(ग) A सही है, किन्तु R गलत है – पूर्व में अंग्रेज़ी शासन में इसका नाम ‘पोर्ट-ब्लेयर’ था, जिसे बाद में श्रीविजयपुरम् किया गया।

3. अभिकथन (A): सेण्टिनली जनजाति समाज से दूर रहती है।

कारण (R): उनकी जनसंख्या बहुत कम है तथा वे मुख्यधारा के समाज से सम्पर्क नहीं रखते।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

4. अभिकथन (A): राधानगर-तट का स्थान अत्यन्त विशिष्ट एवं अविस्मरणीय है।

कारण (R): वहाँ की श्वेत बालू, नीला निर्मल जल एवं पारदर्शी समुद्रतल अत्यन्त सुन्दर हैं।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

5. अभिकथन (A): रामायण-काल में अण्डमान का नाम ‘हण्डुकमान्’ था।

कारण (R): ‘हण्डुकमान्’ शब्द को प्रायः ‘हनूमान्’ शब्द का परिवर्तित रूप माना जाता है।

उत्तर(ख) A और R दोनों सही हैं, किन्तु R, A की सीधी व्याख्या नहीं है (R केवल शब्द-व्युत्पत्ति बताता है)।

परीक्षा-सुझाव एवं सामान्य त्रुटियाँ

परीक्षा-सुझाव (Exam Tips)

  • राजधानी (श्रीविजयपुरम्), पूर्व नाम (पोर्ट-ब्लेयर) एवं नाम-इतिहास (हण्डुकमान् → अगादेमन् → अङ्गादेमन्) याद रखें – इन पर अक्सर प्रश्न आते हैं।
  • द्वीपों के पुराने एवं नये नाम (रॉस् → नेताजी, नील → शहीद, हैवलॉक् → स्वराज) की तालिका कण्ठस्थ करें।
  • शब्दार्थ (कारागारम्, सोढवान्, जनजातिः, मुक्तामालाः आदि) हिन्दी एवं अंग्रेज़ी दोनों में याद रखें।
  • ‘पूर्णवाक्येन उत्तरम्’ वाले प्रश्नों में पूरा संस्कृत वाक्य लिखें, केवल एक शब्द नहीं।
  • समास-रूप (द्वीपानां समूहः = द्वीपसमूहः) एवं विशेषण-विशेष्य मेलन का अभ्यास करें।

सामान्य त्रुटियाँ (Common Mistakes)

  • राजधानी को ‘निकोबार’ या ‘कालापानी’ लिख देना – राजधानी श्रीविजयपुरम् है।
  • सावरकर के कष्ट-काल को गलत संख्या में लिखना – यह ‘दश वर्षाणि’ है।
  • जनजातियों के नामों की वर्तनी में भूल (ओङ्गी, जारवा, सेण्टिनली) – ध्यानपूर्वक लिखें।
  • विशेषण-विशेष्य का लिङ्ग-वचन-विभक्ति में मेल न करना (नीलं समुद्रम्, विविधवर्णाः मत्स्याः)।
  • सेल्युलर कारागार को यजुर्वेद/अन्य प्रसंग से जोड़ देना – यह अण्डमान का इतिहास है।

पाठ्यपुस्तक संदर्भ: NCERT दीपकम्, कक्षा 7, पाठ 11, पृष्ठ 115–126; उपलब्ध प्रति का पुनर्मुद्रण 2026–27। उत्तर और व्याख्याएँ ClearStudy की मौलिक शिक्षण सामग्री हैं; खुली गतिविधियों के उत्तर नमूने हैं। आधिकारिक NCERT पुस्तक पोर्टल।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

दीपकम् कक्षा 7 पाठ 11 ‘द्वीपेषु रम्यः द्वीपोऽण्डमानः’ किस विषय पर है?

यह संवाद-शैली का पाठ भारत के केन्द्रशासित प्रदेश अण्डमान-द्वीपसमूह पर आधारित है – इसमें इसकी राजधानी श्रीविजयपुरम्, नाम-इतिहास, सेल्युलर (कालापानी) कारागार, स्वातन्त्र्यवीर सावरकर, यहाँ की जनजातियाँ, पर्यटन-स्थल एवं लोगों की आजीविका का वर्णन है।

सेल्युलर कारागार को ‘कालापानी’ क्यों कहते हैं और इसका सावरकर से क्या सम्बन्ध है?

अण्डमान का तीन तल वाला सेल्युलर कारागार समुद्र से घिरा था और यहाँ बन्दियों को असहनीय कष्ट दिया जाता था, इसी कारण इसे ‘कालापानी’ कहते हैं। इसी कारागार में स्वातन्त्र्यवीर सावरकर ने मातृभूमि की रक्षा हेतु दस वर्ष तक घोर कष्ट सहा।

अण्डमान में कौन-सी प्रमुख जनजातियाँ निवास करती हैं?

अण्डमान में अण्डमानी, ओङ्गी, जारवा एवं सेण्टिनली जैसी विशिष्ट जनजातियाँ निवास करती हैं। सेण्टिनली जनजाति समाज से दूर रहती है तथा उसकी जनसंख्या बहुत कम है।

अतिरिक्त प्रश्न, MCQ और अभिकथन-कारण ClearStudy के अभ्यास हैं। मूल पुस्तक भी साथ में पढ़ें।

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