Class 8 Sanskrit Deepakam Appendix 3 — धातुरूपाणि
Class 8 Sanskrit Deepakam Appendix 3 धातुरूपाणि: नौ धातुओं के पाँच लकारों की 45 सारणियाँ, पुरुष-वचन, परस्मैपद–आत्मनेपद और हिन्दी अभ्यास।
दीपकम् में 13 मुख्य पाठ हैं। यह परिशिष्ट सहायक संदर्भ सामग्री है; नीचे दिए गए अभ्यास ClearStudy के मौलिक अभ्यास हैं, NCERT के मुद्रित प्रश्न नहीं।
धातुरूप कैसे चुनें?
धातु क्रिया के मूल अर्थ का आधार है। क्रियारूप चुनने के लिए धातु, पद, लकार, पुरुष और वचन देखें। इस परिशिष्ट में परस्मैपद की सात और आत्मनेपद की दो धातुएँ पाँच लकारों में हैं: कुल 45 मूल सारणियाँ।
इस पुस्तक के परिशिष्ट में लट्, लृट्, लङ्, लोट् और विधिलिङ् हैं। अन्य लकारों की पूर्ण सारणियाँ यहाँ शामिल नहीं हैं। पृष्ठ 180 ‘टिप्पणी’ के लिए खाली पृष्ठ है; वहाँ हल करने योग्य मुद्रित अभ्यास नहीं है।
पुरुष और वचन — हिन्दी/अंग्रेज़ी नामों से भ्रम न करें
| संस्कृत पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष | सः / सा / तत् | तौ / ते / ते | ते / ताः / तानि |
| मध्यमपुरुष | त्वम् | युवाम् | यूयम् |
| उत्तमपुरुष | अहम् | आवाम् | वयम् |
परस्मैपद और आत्मनेपद अलग प्रत्यय-समूहों के नाम हैं। उन्हें हमेशा ‘दूसरे के लिए काम’ और ‘अपने लिए काम’ का सीधा अनुवाद न मानें। आत्मनेपद रूप अपने-आप कर्मवाच्य नहीं हो जाता। पुस्तक में सेव् और लभ् के दिए रूप आत्मनेपद हैं।
पाँच लकार — अर्थ और उदाहरण
| लकार | इस स्तर पर मुख्य प्रयोग | गम् का प्रथमपुरुष एकवचन | मौलिक वाक्य |
|---|---|---|---|
| लट् | वर्तमान | गच्छति | सः विद्यालयं गच्छति। — वह विद्यालय जाता है। |
| लृट् | भविष्य | गमिष्यति | सः विद्यालयं गमिष्यति। — वह विद्यालय जाएगा। |
| लङ् | भूतकाल | अगच्छत् | सः विद्यालयम् अगच्छत्। — वह विद्यालय गया। |
| लोट् | आज्ञा / आग्रह / प्रेरणा | गच्छतु | सः विद्यालयं गच्छतु। — वह विद्यालय जाए। |
| विधिलिङ् | विधि / सम्भावना / उचित होने का भाव | गच्छेत् | सः विद्यालयं गच्छेत्। — उसे विद्यालय जाना चाहिए। |
अन्तिम अर्थ पूरे वाक्य और प्रसंग पर निर्भर है। लोट् और विधिलिङ् को केवल समय बताने वाले काल न समझें; वे आदेश, इच्छा, उपयुक्तता आदि भाव भी व्यक्त करते हैं।
परस्मैपद: लट् — वर्तमान
भू — लट् — वर्तमान
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | भवति | भवतः | भवन्ति |
| मध्यमपुरुष — तुम | भवसि | भवथः | भवथ |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | भवामि | भवावः | भवामः |
गम् — लट् — वर्तमान
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | गच्छति | गच्छतः | गच्छन्ति |
| मध्यमपुरुष — तुम | गच्छसि | गच्छथः | गच्छथ |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | गच्छामि | गच्छावः | गच्छामः |
पा — लट् — वर्तमान
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | पिबति | पिबतः | पिबन्ति |
| मध्यमपुरुष — तुम | पिबसि | पिबथः | पिबथ |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | पिबामि | पिबावः | पिबामः |
नी — लट् — वर्तमान
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | नयति | नयतः | नयन्ति |
| मध्यमपुरुष — तुम | नयसि | नयथः | नयथ |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | नयामि | नयावः | नयामः |
स्था — लट् — वर्तमान
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | तिष्ठति | तिष्ठतः | तिष्ठन्ति |
| मध्यमपुरुष — तुम | तिष्ठसि | तिष्ठथः | तिष्ठथ |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | तिष्ठामि | तिष्ठावः | तिष्ठामः |
दृश् — लट् — वर्तमान
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | पश्यति | पश्यतः | पश्यन्ति |
| मध्यमपुरुष — तुम | पश्यसि | पश्यथः | पश्यथ |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | पश्यामि | पश्यावः | पश्यामः |
इष् — लट् — वर्तमान
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | इच्छति | इच्छतः | इच्छन्ति |
| मध्यमपुरुष — तुम | इच्छसि | इच्छथः | इच्छथ |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | इच्छामि | इच्छावः | इच्छामः |
परस्मैपद: लृट् — भविष्य
भू — लृट् — भविष्य
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | भविष्यति | भविष्यतः | भविष्यन्ति |
| मध्यमपुरुष — तुम | भविष्यसि | भविष्यथः | भविष्यथ |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | भविष्यामि | भविष्यावः | भविष्यामः |
गम् — लृट् — भविष्य
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | गमिष्यति | गमिष्यतः | गमिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुष — तुम | गमिष्यसि | गमिष्यथः | गमिष्यथ |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | गमिष्यामि | गमिष्यावः | गमिष्यामः |
पा — लृट् — भविष्य
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | पास्यति | पास्यतः | पास्यन्ति |
| मध्यमपुरुष — तुम | पास्यसि | पास्यथः | पास्यथ |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | पास्यामि | पास्यावः | पास्यामः |
नी — लृट् — भविष्य
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | नेष्यति | नेष्यतः | नेष्यन्ति |
| मध्यमपुरुष — तुम | नेष्यसि | नेष्यथः | नेष्यथ |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | नेष्यामि | नेष्यावः | नेष्यामः |
स्था — लृट् — भविष्य
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | स्थास्यति | स्थास्यतः | स्थास्यन्ति |
| मध्यमपुरुष — तुम | स्थास्यसि | स्थास्यथः | स्थास्यथ |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | स्थास्यामि | स्थास्यावः | स्थास्यामः |
दृश् — लृट् — भविष्य
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | द्रक्ष्यति | द्रक्ष्यतः | द्रक्ष्यन्ति |
| मध्यमपुरुष — तुम | द्रक्ष्यसि | द्रक्ष्यथः | द्रक्ष्यथ |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | द्रक्ष्यामि | द्रक्ष्यावः | द्रक्ष्यामः |
इष् — लृट् — भविष्य
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | एषिष्यति | एषिष्यतः | एषिष्यन्ति |
| मध्यमपुरुष — तुम | एषिष्यसि | एषिष्यथः | एषिष्यथ |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | एषिष्यामि | एषिष्यावः | एषिष्यामः |
परस्मैपद: लङ् — भूतकाल
भू — लङ् — भूतकाल
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | अभवत् | अभवताम् | अभवन् |
| मध्यमपुरुष — तुम | अभवः | अभवतम् | अभवत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | अभवम् | अभवाव | अभवाम |
गम् — लङ् — भूतकाल
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | अगच्छत् | अगच्छताम् | अगच्छन् |
| मध्यमपुरुष — तुम | अगच्छः | अगच्छतम् | अगच्छत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | अगच्छम् | अगच्छाव | अगच्छाम |
पा — लङ् — भूतकाल
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | अपिबत् | अपिबताम् | अपिबन् |
| मध्यमपुरुष — तुम | अपिबः | अपिबतम् | अपिबत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | अपिबम् | अपिबाव | अपिबाम |
नी — लङ् — भूतकाल
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | अनयत् | अनयताम् | अनयन् |
| मध्यमपुरुष — तुम | अनयः | अनयतम् | अनयत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | अनयम् | अनयाव | अनयाम |
स्था — लङ् — भूतकाल
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | अतिष्ठत् | अतिष्ठताम् | अतिष्ठन् |
| मध्यमपुरुष — तुम | अतिष्ठः | अतिष्ठतम् | अतिष्ठत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | अतिष्ठम् | अतिष्ठाव | अतिष्ठाम |
दृश् — लङ् — भूतकाल
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | अपश्यत् | अपश्यताम् | अपश्यन् |
| मध्यमपुरुष — तुम | अपश्यः | अपश्यतम् | अपश्यत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | अपश्यम् | अपश्याव | अपश्याम |
इष् — लङ् — भूतकाल
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | ऐच्छत् | ऐच्छताम् | ऐच्छन् |
| मध्यमपुरुष — तुम | ऐच्छः | ऐच्छतम् | ऐच्छत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | ऐच्छम् | ऐच्छाव | ऐच्छाम |
परस्मैपद: लोट् — आज्ञार्थ
भू — लोट् — आज्ञार्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | भवतु | भवताम् | भवन्तु |
| मध्यमपुरुष — तुम | भव | भवतम् | भवत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | भवानि | भवाव | भवाम |
गम् — लोट् — आज्ञार्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | गच्छतु | गच्छताम् | गच्छन्तु |
| मध्यमपुरुष — तुम | गच्छ | गच्छतम् | गच्छत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | गच्छानि | गच्छाव | गच्छाम |
पा — लोट् — आज्ञार्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | पिबतु | पिबताम् | पिबन्तु |
| मध्यमपुरुष — तुम | पिब | पिबतम् | पिबत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | पिबानि | पिबाव | पिबाम |
नी — लोट् — आज्ञार्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | नयतु | नयताम् | नयन्तु |
| मध्यमपुरुष — तुम | नय | नयतम् | नयत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | नयानि | नयाव | नयाम |
स्था — लोट् — आज्ञार्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | तिष्ठतु | तिष्ठताम् | तिष्ठन्तु |
| मध्यमपुरुष — तुम | तिष्ठ | तिष्ठतम् | तिष्ठत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | तिष्ठानि | तिष्ठाव | तिष्ठाम |
दृश् — लोट् — आज्ञार्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | पश्यतु | पश्यताम् | पश्यन्तु |
| मध्यमपुरुष — तुम | पश्य | पश्यतम् | पश्यत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | पश्यानि | पश्याव | पश्याम |
इष् — लोट् — आज्ञार्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | इच्छतु | इच्छताम् | इच्छन्तु |
| मध्यमपुरुष — तुम | इच्छ | इच्छतम् | इच्छत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | इच्छानि | इच्छाव | इच्छाम |
परस्मैपद: विधिलिङ् — विध्यर्थ
भू — विधिलिङ् — विध्यर्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | भवेत् | भवेताम् | भवेयुः |
| मध्यमपुरुष — तुम | भवेः | भवेतम् | भवेत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | भवेयम् | भवेव | भवेम |
गम् — विधिलिङ् — विध्यर्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | गच्छेत् | गच्छेताम् | गच्छेयुः |
| मध्यमपुरुष — तुम | गच्छेः | गच्छेतम् | गच्छेत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | गच्छेयम् | गच्छेव | गच्छेम |
पा — विधिलिङ् — विध्यर्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | पिबेत् | पिबेताम् | पिबेयुः |
| मध्यमपुरुष — तुम | पिबेः | पिबेतम् | पिबेत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | पिबेयम् | पिबेव | पिबेम |
नी — विधिलिङ् — विध्यर्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | नयेत् | नयेताम् | नयेयुः |
| मध्यमपुरुष — तुम | नयेः | नयेतम् | नयेत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | नयेयम् | नयेव | नयेम |
स्था — विधिलिङ् — विध्यर्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | तिष्ठेत् | तिष्ठेताम् | तिष्ठेयुः |
| मध्यमपुरुष — तुम | तिष्ठेः | तिष्ठेतम् | तिष्ठेत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | तिष्ठेयम् | तिष्ठेव | तिष्ठेम |
दृश् — विधिलिङ् — विध्यर्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | पश्येत् | पश्येताम् | पश्येयुः |
| मध्यमपुरुष — तुम | पश्येः | पश्येतम् | पश्येत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | पश्येयम् | पश्येव | पश्येम |
इष् — विधिलिङ् — विध्यर्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | इच्छेत् | इच्छेताम् | इच्छेयुः |
| मध्यमपुरुष — तुम | इच्छेः | इच्छेतम् | इच्छेत |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | इच्छेयम् | इच्छेव | इच्छेम |
आत्मनेपद: लट् — वर्तमान
सेव् — लट् — वर्तमान
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | सेवते | सेवेते | सेवन्ते |
| मध्यमपुरुष — तुम | सेवसे | सेवेथे | सेवध्वे |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | सेवे | सेवावहे | सेवामहे |
लभ् — लट् — वर्तमान
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | लभते | लभेते | लभन्ते |
| मध्यमपुरुष — तुम | लभसे | लभेथे | लभध्वे |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | लभे | लभावहे | लभामहे |
आत्मनेपद: लृट् — भविष्य
सेव् — लृट् — भविष्य
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | सेविष्यते | सेविष्येते | सेविष्यन्ते |
| मध्यमपुरुष — तुम | सेविष्यसे | सेविष्येथे | सेविष्यध्वे |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | सेविष्ये | सेविष्यावहे | सेविष्यामहे |
लभ् — लृट् — भविष्य
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | लप्स्यते | लप्स्येते | लप्स्यन्ते |
| मध्यमपुरुष — तुम | लप्स्यसे | लप्स्येथे | लप्स्यध्वे |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | लप्स्ये | लप्स्यावहे | लप्स्यामहे |
आत्मनेपद: लङ् — भूतकाल
सेव् — लङ् — भूतकाल
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | असेवत | असेवेताम् | असेवन्त |
| मध्यमपुरुष — तुम | असेवथाः | असेवेथाम् | असेवध्वम् |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | असेवे | असेवावहि | असेवामहि |
लभ् — लङ् — भूतकाल
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | अलभत | अलभेताम् | अलभन्त |
| मध्यमपुरुष — तुम | अलभथाः | अलभेथाम् | अलभध्वम् |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | अलभे | अलभावहि | अलभामहि |
आत्मनेपद: लोट् — आज्ञार्थ
सेव् — लोट् — आज्ञार्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | सेवताम् | सेवेताम् | सेवन्ताम् |
| मध्यमपुरुष — तुम | सेवस्व | सेवेथाम् | सेवध्वम् |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | सेवै | सेवावहै | सेवामहै |
लभ् — लोट् — आज्ञार्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | लभताम् | लभेताम् | लभन्ताम् |
| मध्यमपुरुष — तुम | लभस्व | लभेथाम् | लभध्वम् |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | लभै | लभावहै | लभामहै |
आत्मनेपद: विधिलिङ् — विध्यर्थ
सेव् — विधिलिङ् — विध्यर्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | सेवेत | सेवेयाताम् | सेवेरन् |
| मध्यमपुरुष — तुम | सेवेथाः | सेवेयाथाम् | सेवेध्वम् |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | सेवेय | सेवेवहि | सेवेमहि |
लभ् — विधिलिङ् — विध्यर्थ
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथमपुरुष — वह/वे | लभेत | लभेयाताम् | लभेरन् |
| मध्यमपुरुष — तुम | लभेथाः | लभेयाथाम् | लभेध्वम् |
| उत्तमपुरुष — मैं/हम | लभेय | लभेवहि | लभेमहि |
इन रूपों में सावधानी रखें
- दृश् → पश्यति, लेकिन भविष्य में द्रक्ष्यति। ‘पश्यिष्यति’ बनाकर अनुमान न लगाएँ।
- नी → नयति, भविष्य में नेष्यति; पा → पिबति, भविष्य में पास्यति।
- इष् → इच्छति, भविष्य में एषिष्यति, लङ् में ऐच्छत्। धातु का दिखाई देने वाला रूप बदलता है।
- लभ् → लभते, भविष्य में लप्स्यते। केवल हर वर्तमान रूप में ‘इष्य’ जोड़ना सही नहीं।
- त्वं गच्छसि वर्तमान है; त्वं गच्छ आज्ञा है। गच्छताम् और गच्छन्तु क्रमशः प्रथमपुरुष द्विवचन और बहुवचन हैं।
- भवती सेवते में भवती आदरसूचक सर्वनाम है; क्रिया प्रथमपुरुष एकवचन है। यह नियम शब्दरूप वाले परिशिष्ट से जोड़कर समझें।
ClearStudy अभ्यास — उत्तर सहित
ये मौलिक पुनरावृत्ति प्रश्न हैं। पहले पुरुष, वचन और लकार पहचानें, फिर ऊपर की सारणी में उत्तर देखें।
| प्रश्न | उत्तर और पहचान |
|---|---|
| 1. अहं ___। (गम्, लट्) | गच्छामि — उत्तमपुरुष एकवचन। |
| 2. आवां ___। (गम्, लट्) | गच्छावः — उत्तमपुरुष द्विवचन। |
| 3. युवां ___। (भू, लट्) | भवथः — मध्यमपुरुष द्विवचन। |
| 4. ते ___। (दृश्, लृट्) | द्रक्ष्यन्ति — प्रथमपुरुष बहुवचन। |
| 5. त्वं ___। (पा, लोट्) | पिब — मध्यमपुरुष एकवचन। |
| 6. सः ___। (इष्, लङ्) | ऐच्छत् — प्रथमपुरुष एकवचन। |
| 7. सः ___। (नी, विधिलिङ्) | नयेत् — प्रथमपुरुष एकवचन। |
| 8. वयं ___। (सेव्, लट्) | सेवामहे — उत्तमपुरुष बहुवचन, आत्मनेपद। |
| 9. सः ___। (लभ्, लृट्) | लप्स्यते — प्रथमपुरुष एकवचन, आत्मनेपद। |
| 10. अयं बालकः सेवते — सेवते का लकार और पद? | लट्, आत्मनेपद, प्रथमपुरुष एकवचन। |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या धातुरूपाणि दीपकम् का पाठ 16 है?
नहीं। hsde116.pdf में परिशिष्टम् ३ — धातुरूपाणि है। दीपकम् के 13 मुख्य पाठों के बाद यह सहायक संदर्भ सामग्री आती है।
प्रथमपुरुष, मध्यमपुरुष और उत्तमपुरुष कैसे पहचानें?
वह/वे या उनके स्थान पर संज्ञा आए तो प्रथमपुरुष; त्वम्/युवाम्/यूयम् के लिए मध्यमपुरुष; अहम्/आवाम्/वयम् के लिए उत्तमपुरुष। क्रिया का वचन भी कर्ता से मिलाएँ।
कौन-सी धातुएँ इस परिशिष्ट में हैं?
परस्मैपद में भू, गम्, पा, नी, स्था, दृश् और इष् हैं। आत्मनेपद में सेव् और लभ् हैं। प्रत्येक के पाँच लकार दिए हैं।
क्या आत्मनेपद हमेशा कर्मवाच्य होता है?
नहीं। आत्मनेपद प्रत्ययों का समूह है। सेवते और लभते जैसे यहाँ दिए रूपों में कर्ता क्रिया करता है। कर्मवाच्य की पहचान केवल ते जैसे अन्त से नहीं होती।
मूल पुस्तक का स्रोत: NCERT का आधिकारिक पाठ्यपुस्तक पोर्टल। इस पृष्ठ की व्याख्या और मौलिक अभ्यास ClearStudy के हैं।
