कक्षा 9 हिंदी (गंगा) अध्याय 3 ‘संवादहीन’ – प्रश्न-उत्तर, सार एवं व्याख्या (NCERT 2026–27)

यह पृष्ठ कक्षा 9 हिंदी की नई पुस्तक गंगा (गद्य खंड) के अध्याय 3 ‘संवादहीन’ (लेखक – शेखर जोशी) का पूरा समाधान देता है।

कक्षा: 9 विषय: हिंदी पुस्तक: गंगा (गद्य खंड) अध्याय: 3 लेखक: शेखर जोशी विधा: कहानी सत्र: 2026–27

लेखक परिचय – शेखर जोशी

शेखर जोशी का जन्म सन् 1932 में अल्मोड़ा, उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) में हुआ था। उनका पहला कहानी संग्रह कोसी का घटवार सन् 1958 में प्रकाशित हुआ। उनकी अन्य प्रमुख रचनाएँ हैं – साथ के लोग, दाज्यू, हलवाहा, नौरंगी बीमार है, आदमी का डर, डांगरी वाले, मेरा पहाड़ (कहानी संग्रह), एक पेड़ की याद (शब्दचित्र-संग्रह), स्मृति में रहें वे (संस्मरण), मेरा ओलिया गाँव (आत्मवृत्त)। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी मध्यवर्गीय समाज के जीवन-मूल्यों तथा कारखानों में काम करने वाले मजदूरों के संघर्षों को अपनी कहानियों में प्रमुखता से उभारा है। उन्हें ‘महावीर प्रसाद द्विवेदी पुरस्कार’, ‘साहित्य भूषण सम्मान’, ‘मैथिलीशरण गुप्त सम्मान’ तथा ‘श्रीलाल शुक्ल स्मृति इफको साहित्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। सन् 2022 में उनका निधन हुआ।

पाठ का सार

‘संवादहीन’ एक ग्रामीण वृद्धा के अकेलेपन की संवेदनशील कहानी है। कहानी के दो मुख्य पात्र हैं – ताई और मिट्ठू (तोता)। कभी ताई का बड़ा घर पूत-परिवार, बहू-बेटियों, नौकर-चाकर और गाय-ढोर से भरा-पूरा था, पर समय के साथ बहू-बेटे शहर चले गए, बेटियाँ अपनी गृहस्थी में रम गईं और सारी संपत्ति धीरे-धीरे पराए हाथों में चली गई। अब उस सूने खंडहर जैसे घर में अकेली ताई रह गईं।

गनपत एक पहाड़ी तोता ले आया, जो ताई के अकेलेपन का सहारा बन गया। ताई की सारी ममता मिट्ठू पर उमड़ पड़ी – वे उसके लिए दाल-भात बनातीं, रोटी बचातीं और उसे राम-राम, सीताराम बोलना सिखातीं। मिट्ठू उनका संवाद-साथी बन गया; उससे बातें करके सूना घर फिर रौनक से भर उठा।

एक बार ताई कुंभ-स्नान के लिए प्रयागराज जाने लगीं तो मिट्ठू को जगन मास्टर की पत्नी (मास्टराइन) के पास छोड़ गईं। जगन मास्टर आदर्शवादी और स्वतंत्र विचारों के व्यक्ति थे; पिंजरे में बंद मिट्ठू को देखकर वे बेचैन हो जाते। उन्होंने मिट्ठू को रोज खुली हवा में छोड़ना शुरू किया, और एक दिन मिट्ठू रोशनदान से होकर उड़ गया। जगन मास्टर बहुत पछताए पर मिट्ठू न लौटा।

ताई के लौटने पर सदमे की आशंका से गाँववालों ने गनपत की सलाह पर मिट्ठू जैसा ही एक दूसरा (एवजी) तोता ला रखा। जगन मास्टर उसे भी राम-राम सिखाने का प्रयास करते रहे, पर वह कुछ न बोला। कुंभ-स्नान से लौटकर ताई सीधे जगन मास्टर के घर पहुँचीं, पर एवजी तोता उन्हें देखकर चुप ही रहा। ताई अपने मिट्ठू को पुकारती रह गईं, पर उनके सूनेपन का साथी न जाने किन अमराइयों में खो चुका था। इस प्रकार कहानी पलायन, अकेलेपन तथा आदर्श और यथार्थ के द्वंद्व को मार्मिक ढंग से व्यक्त करती है।

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
ढोरपालतू गोजातीय पशु, चौपाया, डंगर
तकाजाआवश्यकता, अनुरोध, बार-बार माँगना
कुशाग्रतीव्र बुद्धि, कुश की नोंक जैसा तीक्ष्ण
पौ फटनाप्रातःकाल का प्रकाश होना, तड़का होना
अचकचानाभौचक्का होना, चौंक उठना
निहालप्रसन्न, हर तरह से तृप्त
सत्ताअस्तित्व, अधिकार, प्रभुत्व
अतलअथाह, तलहीन
प्रसंगप्रकरण, संबंध, विषय का तारतम्य
रोबीलाप्रभावशाली, रौब वाला
तुनकमिजाजछोटी बातों पर नाराज हो जाने वाला, चिड़चिड़ा
वियोगविछोह, विरह, अभाव
साँकलजंजीर, सिकड़ी, शृंखला
टोहखोज, पता, देखभाल
देहरीदरवाजे की चौखट की निचली लकड़ी
मिजाजस्वभाव, तबीयत, प्रकृति, घमंड
प्रायश्चितपाप का शोधन करने के लिए किया गया कर्म
कौतूहलवशउत्सुकता या जिज्ञासावश
मशगूलकार्यरत, किसी काम में लगा हुआ
अर्जनकमाना, संग्रह करना
एवजीबदले में काम करने वाला, स्थानापन्न
आग्नेयअग्नि से उत्पन्न, अग्नि जैसा (क्रोधभरी दृष्टि)
जूनवक्त, वेला, दिन का एक भाग

मेरे उत्तर मेरे तर्क

निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं।

1. कहानी में ताई और मिट्ठू का संबंध किस भाव को दर्शाता है?

(क) परोपकार और त्याग

(ख) ममता और स्नेह

(ग) करुणा और क्रोध

(घ) जिज्ञासा और सहायता

उत्तर(ख) ममता और स्नेह।अकेली ताई की सारी ममता मिट्ठू पर बरस पड़ी; वे उसके लिए भोजन बनातीं और उसे संतान-सा प्रेम देतीं – यही ममता और स्नेह का परिचय है।

2. जगन मास्टर द्वारा मिट्ठू को पिंजरे से बाहर निकालना किस भावना या मूल्य का संकेत देता है?

(क) अनुशासन और परंपरा

(ख) उदासीनता और असावधानी

(ग) आत्मगौरव और विद्रोह

(घ) करुणा और नैतिकता

उत्तर(घ) करुणा और नैतिकता।पिंजरे में बंद मिट्ठू की यातना देखकर जगन मास्टर को करुणा होती थी और स्वतंत्रता के प्रति उनकी नैतिक भावना उन्हें मिट्ठू को खुली हवा देने को प्रेरित करती है।

3. मिट्ठू का उड़ जाना किस विचार को प्रस्तुत करता है?

(क) भोजन की खोज

(ख) प्रेम की आकांक्षा

(ग) स्वतंत्रता की चाह

(घ) पक्षियों में सम्मान की प्रवृत्ति

उत्तर(ग) स्वतंत्रता की चाह।रोशनदान के बाहर खुली दुनिया देखते ही मिट्ठू उड़ गया – यह हर प्राणी की स्वतंत्रता की स्वाभाविक चाह को दर्शाता है।

4. ताई के जीवन के दुख का मुख्य कारण क्या था?

(क) सम्मान और प्रतिष्ठा में कमी आना

(ख) परिवार से दूरी और संवाद का अभाव

(ग) आर्थिक विपन्नता और निर्धनता

(घ) मिट्ठू के प्रति प्रेम और संवाद

उत्तर(ख) परिवार से दूरी और संवाद का अभाव।बहू-बेटों के शहर चले जाने से ताई अकेली पड़ गईं; अपनों से दूरी और बातचीत के अभाव ने ही उनके अकेलेपन और दुख को जन्म दिया।

5. कहानी में मानव-समाज में व्याप्त किस विसंगति को उजागर किया गया है?

(क) मजबूरी

(ख) कर्मपरायणता

(ग) अकेलापन

(घ) संवादधर्मिता

उत्तर(ग) अकेलापन।पलायन के कारण बुजुर्गों का गाँव में अकेले रह जाना – यही समकालीन समाज की वह विसंगति है जिसे कहानी मार्मिक ढंग से उजागर करती है।

मेरी समझ मेरे विचार

1. “भगवान! कैसे नैया पार लगेगी?” ताई इस वाक्य में किस ‘नैया’ की बात कर रही हैं? वे यह बात क्यों कह रही हैं?

उत्तरताई यहाँ अपने जीवन रूपी नाव (नैया) की बात कर रही हैं।वृद्धावस्था, अकेलापन और सूने घर के कारण उन्हें अपना शेष जीवन काटना कठिन लगता है, इसलिए वे भगवान से अपनी जीवन-नैया पार लगाने की प्रार्थना करती हैं।

2. “धीरे-धीरे सब पराए हाथ में चला गया।” इस वाक्य में किस घटना की ओर संकेत किया गया है?

उत्तरयह ताई के संपन्न परिवार के बिखरने तथा उनकी जमीन-जायदाद, खेती-बाड़ी और कारबार के धीरे-धीरे दूसरों के हाथों चले जाने की ओर संकेत करता है।बहू-बेटे शहर चले गए, बेटियाँ अपनी गृहस्थी में रम गईं और देखभाल के अभाव में सारी संपत्ति पराई हो गई।

3. “ताई की सारी ममता मिट्ठू पर बरस पड़ी।” क्यों?

उत्तरताई बिलकुल अकेली थीं; उनका परिवार बिखर चुका था और घर सूना पड़ा था।गनपत द्वारा लाया गया तोता मिट्ठू उनके अकेलेपन का सहारा और संवाद का माध्यम बन गया, इसलिए उनकी सारी (संतान-विहीन) ममता उसी पर उमड़ पड़ी।

4. “अब ताई को इस बात की पूरी जानकारी रहने लगी थी कि किसके खेत में हरी मिर्चें तैयार हो गई हैं और किस पेड़ में फसल के आखिरी अमरूद बचे हैं।” इस वाक्य द्वारा ताई के व्यक्तित्व में आए परिवर्तनों के विषय में क्या-क्या पता चलता है?

उत्तरपहले जो ताई अपने लिए चूल्हा जलाने में भी आलस कर जाती थीं, अब मिट्ठू के लिए सजग और सक्रिय हो गईं।मिट्ठू के प्रति प्रेम ने उनमें उत्साह, देखभाल और जिम्मेदारी की भावना भर दी।इससे पता चलता है कि एक प्रिय साथी मिल जाने से उनका जीवन फिर उद्देश्यपूर्ण और जीवंत हो उठा।

5. “जगन मास्टर दूसरे मिजाज के आदमी थे।” जगन मास्टर का व्यक्तित्व कैसा था? कहानी में से उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

उत्तरजगन मास्टर स्वतंत्र विचारों के, आदर्शवादी और संवेदनशील व्यक्ति थे। उन्होंने कुछ नियम-सिद्धांत बना रखे थे और दूसरों की स्वतंत्रता में बाधा नहीं डालना चाहते थे।पिंजरे में बंद मिट्ठू को देखकर वे बेचैन हो जाते और स्वयं को दोषी अनुभव करते थे।इसी आदर्शवाद के कारण उन्होंने मिट्ठू को रोज खुली हवा में छोड़ा, जिससे वह उड़ गया – यह उनके आदर्श और यथार्थ के द्वंद्व को दर्शाता है।

6. कहानी का शीर्षक ‘संवादहीन’ किसके लिए सबसे अधिक सार्थक प्रतीत होता है— ताई, जगन मास्टर, मिट्ठू या नया तोता? कारण सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तरशीर्षक सबसे अधिक ताई के लिए सार्थक है, क्योंकि मिट्ठू ही उनका एकमात्र संवाद-साथी था।मिट्ठू के उड़ जाने और एवजी तोते के मौन रहने के कारण ताई पूरी तरह संवादहीन हो जाती हैं – उनका बोलने-बतियाने वाला साथी ही छिन जाता है।नया (एवजी) तोता भी संवादहीन है, अतः शीर्षक उन दोनों की मूक स्थिति तथा आधुनिक जीवन के अकेलेपन को व्यक्त करता है। (विद्यार्थी अपना मत कारण सहित दें।)

7. “अब ये ही दो प्राणी गाँव के बीच में स्थित बड़े घर के उस सूने खंडहर में एक-दूसरे को सहारा देने के लिए रह गए थे।” ताई के बड़े-से घर को सूना खंडहर क्यों कहा गया होगा?

उत्तरकभी भरा-पूरा वह घर अब उजड़ चुका था – परिवार बिखर गया, नौकर-चाकर चले गए और सारी रौनक समाप्त हो गई।केवल ताई और मिट्ठू ही बचे थे, इसलिए वह विशाल घर सूनेपन और भाँय-भाँय करते खंडहर जैसा प्रतीत होता था।

मेरे प्रश्न (उपयुक्त प्रश्न पहचानिए)

नीचे दिए गए उत्तर के लिए कौन-सा प्रश्न उपयुक्त है, पहचानिए।

उत्तरउपयुक्त प्रश्न
ताई के अकेलेपन को मिट्ठू ने सहारा दिया।प्रश्न क – ताई के सूनेपन को किसने सहारा दिया था?
ताई के लौटने से पहले मिट्ठू उड़ गया था।प्रश्न ख – ताई के प्रयागराज से लौटने से पहले क्या अनहोनी हुई?
गाँववालों को डर था कि ताई को सच्चाई जानकर सदमा लगेगा।प्रश्न क – गाँववाले ताई की वापसी से क्यों चिंतित थे?
कहानी का शीर्षक ‘संवादहीन’ जीवन के मौन का प्रतीक है।प्रश्न ख – शीर्षक ‘संवादहीन’ का क्या भावार्थ है?

मेरे अनुभव मेरे विचार

1. “कभी-कभार गाँव में थोड़ी देर के लिए भी न्यौते-बुलावे में जातीं, तो दस बार खिड़की-दरवाजों की साँकलें टोहकर देखतीं…” ताई की तरह जब आप अपने घर या परिवार से दूर होते हैं, तो किसी वस्तु या व्यक्ति की चिंता आपको भीतर से कैसे परेशान करती है?

उत्तर (संभावित)जब मैं घर से दूर होता हूँ तो अपने परिवार, विशेषकर माता-पिता और छोटे भाई-बहनों की चिंता बार-बार मन में आती है।कभी अपने पालतू जीव या किसी प्रिय वस्तु की भी याद सताती है और बार-बार उनके बारे में सोचता रहता हूँ, जिससे मन बेचैन रहता है। (विद्यार्थी अपना अनुभव लिखें।)

2. “आखिर वह भी तो बोलता-बतियाता प्राणी है।” क्या आप मानते हैं कि पशु-पक्षियों में भी संवेदनाएँ होती हैं? अपने किसी अनुभव का वर्णन करते हुए लिखिए।

उत्तरहाँ, मैं मानता हूँ कि पशु-पक्षियों में भी संवेदनाएँ होती हैं – वे प्रेम, भय, खुशी और दुख अनुभव करते हैं।उदाहरण के लिए, पालतू कुत्ता अपने मालिक को देखकर पूँछ हिलाकर प्रेम जताता है और उसके दुखी होने पर पास बैठ जाता है। (विद्यार्थी अपना अनुभव जोड़ें।)

3. “गनपत ने ही एक सुझाव दिया कि मिट्ठू की ही सूरत-शक्ल का एक दूसरा तोता ले आया जाए ताकि ताई को भ्रम में रखा जा सके…” ताई को भ्रम में रखना उचित था या नहीं? तर्क सहित अपने विचार लिखिए।

उत्तरपक्ष में: ताई वृद्ध एवं भावुक थीं; सच जानकर उन्हें गहरा सदमा लग सकता था, इसलिए उन्हें दुख से बचाने के लिए यह सहानुभूतिपूर्ण प्रयास था।विपक्ष में: किसी को धोखे या भ्रम में रखना नैतिक दृष्टि से उचित नहीं; सच्चाई देर-सबेर सामने आ ही जाती है, जैसे एवजी तोते के मौन से ताई को आभास हो गया।मेरा मत: भावना अच्छी थी, पर बेहतर होता कि उन्हें धीरे-धीरे, सहानुभूति के साथ सच्चाई बता दी जाती। (अपना तर्कसंगत मत दें।)

4. “ताई सोच रही थीं कि उन्हें देखते ही मिट्ठू ‘राम राम सीताराम’ की रट लगाकर आसमान सिर पर उठा लेगा।” क्या कभी ऐसा हुआ कि आपने सोचा कुछ और, हुआ कुछ और? उस अनुभव को लिखिए।

उत्तर (संभावित)हाँ, एक बार मैंने सोचा था कि परीक्षा कठिन आएगी, पर प्रश्नपत्र बहुत सरल निकला; इसके विपरीत एक खेल जिसमें मुझे जीत का विश्वास था, उसमें हार गया।इससे मैंने सीखा कि जीवन में परिणाम हमेशा अपेक्षा के अनुसार नहीं होते। (विद्यार्थी अपना अनुभव लिखें।)

5. “मिट्ठू अब पिंजरे में रहने के इतने आदी हो चुके थे कि उन्होंने बाहर आने की कोई इच्छा नहीं प्रकट की।” क्या प्राणी सचमुच पिंजरे में रहने के आदी हो सकते हैं? अपने उत्तर के समर्थन में अपने आस-पास से उदाहरण भी दीजिए।

उत्तरहाँ, लंबे समय तक बंधन में रहने से प्राणी उस वातावरण के आदी हो जाते हैं और स्वतंत्रता मिलने पर भी तुरंत उसका उपयोग नहीं करते।जैसे लंबे समय से पिंजरे में पले पक्षी या बँधे पशु, द्वार खुलने पर भी बाहर निकलने में झिझकते हैं।फिर भी स्वतंत्रता उनकी मूल प्रवृत्ति है – अवसर और साहस मिलने पर वे उड़ ही जाते हैं, जैसा मिट्ठू ने किया। (अपने आस-पास से उदाहरण दें।)

कहानी का अंत

‘संवादहीन’ कहानी के अंत को किस श्रेणी में रखा जा सकता है? कारण सहित बताइए। आप इस कहानी का नया अंत किस प्रकार करना चाहेंगे?

उत्तरइस कहानी का अंत मुख्यतः दुखांत एवं यथार्थवादी है (इसे मुक्त अंत भी कहा जा सकता है)।कारण – ताई का एकमात्र संवाद-साथी मिट्ठू खो जाता है और वे फिर अकेली, संवादहीन रह जाती हैं; यह अंत जीवन की कठोर सच्चाई जैसा प्रतीत होता है और पाठक को सोचने पर विवश करता है।नया अंत (संभावित): कुछ दिनों बाद असली मिट्ठू स्वयं उड़कर अपने पुराने घर लौट आता और ताई की गोद में आकर फिर ‘राम-राम सीताराम’ बोलने लगता – जिससे ताई का सूनापन दूर हो जाता। (विद्यार्थी अपनी कल्पना से नया अंत लिखें।)

व्याकरण की बात

जीव-जंतु वाले मुहावरे

उत्तर (उदाहरण)हाथों के तोते उड़ना – घबरा जाना, होश उड़ जाना।अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना – अपनी प्रशंसा स्वयं करना।ऊँट के मुँह में जीरा – बहुत कम मात्रा में मिलना।बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद – गुणी वस्तु का मूल्य न समझना।अंधे के आगे रोना, अपने नैन खोना; मगरमच्छ के आँसू बहाना; नाच न जाने आँगन टेढ़ा।

ध्वन्यात्मक शब्द

उत्तर (उदाहरण)फड़फड़ाहट – तोते ने पंखों की फड़फड़ाहट के साथ उड़ान भरी।सरसराहट – हवा से पत्तों में सरसराहट हुई।गड़गड़ाहट – बादलों की गड़गड़ाहट सुनकर बच्चे डर गए।झनझनाहट – चूड़ियों की झनझनाहट गूँज उठी।खटखटाहट – दरवाजे की खटखटाहट से वह जाग गया।

शब्द-युग्म (अर्थ एवं वाक्य-प्रयोग)

शब्द-युग्मअर्थवाक्य-प्रयोग
वक्त-बेवक्तसमय-असमय (विपरीतार्थक)मिट्ठू वक्त-बेवक्त भोजन का तकाजा करता था।
नियम-सिद्धांतनियम और आदर्श (समानार्थक)जगन मास्टर ने अपने नियम-सिद्धांत बना रखे थे।
शादी-ब्याहविवाह-संबंधी आयोजन (समानार्थक)गाँव में शादी-ब्याह की धूम रहती है।
तीज-त्योहारपर्व-उत्सव (समानार्थक)तीज-त्योहार पर सब परिवार मिलकर खुशियाँ मनाते हैं।

खोजबीन शब्दों की (दिए गए अनुच्छेद से)

उत्तर‘तंग’ का विपरीतार्थक शब्द – ढीलीमुहावरा – पसीना-पसीना होना (पंख तौलना भी)क्रिया – पुकारते / सँभालतेसंज्ञा – धोती / पेड़ / डाल / बागसर्वनाम – वहविशेषण – ढीली / दूसरेकारक चिह्न – से / को / परकर्ता – वह (जगन मास्टर) तथा मिट्ठू

अर्थ के आधार पर वाक्य (पुस्तक से उदाहरण)

उत्तरविधानवाचक – “जगन मास्टर ने पिंजरे का दरवाजा खोल दिया।”निषेधवाचक – “मिट्ठू ने कोई हरकत नहीं की।”प्रश्नवाचक – “मिट्ठू! अब कैसे कटेगी?”विस्मयादिबोधक – “ये गए! वो गए!!”आज्ञावाचक – “राम-राम कहो, सीताराम कहो।”इच्छावाचक – “जीते रहो बेटा, जुग-जुग जिओ!”संदेहवाचक – “ताई के सूनेपन का साथी न जाने किन अमराइयों में घूम रहा होगा।”संकेतवाचक – “जब खेती-बाड़ी नहीं, कारबार नहीं, तो नौकर-चाकर किस दम पर टिकते!”

अतिरिक्त प्रश्न

अति लघु उत्तरीय

1. ‘संवादहीन’ कहानी के लेखक कौन हैं?

उत्तरइस कहानी के लेखक शेखर जोशी हैं।

2. ताई को मिट्ठू किसने लाकर दिया था?

उत्तरगनपत ने ताई को एक प्यारा-सा पहाड़ी तोता (मिट्ठू) लाकर दिया था।

3. ताई किस तीर्थ पर स्नान के लिए गई थीं?

उत्तरताई प्रयागराज में कुंभ-स्नान के लिए गई थीं।

लघु उत्तरीय

4. मिट्ठू ताई के लिए केवल एक तोता क्यों नहीं था?

उत्तरमिट्ठू ताई के अकेलेपन का सहारा, संवाद का माध्यम और ममता का केंद्र था।उससे बातें करके ताई का सूना जीवन रौनक से भर जाता था, इसलिए वह उनके लिए संतान के समान प्रिय और एक जीवित साथी था – केवल पालतू पक्षी नहीं।

5. जगन मास्टर मिट्ठू को पिंजरे से बाहर क्यों निकालते थे और इसका क्या परिणाम हुआ?

उत्तरआदर्शवादी जगन मास्टर पिंजरे में बंद मिट्ठू को देखकर बेचैन हो जाते और उसे खुली हवा देकर अपने ‘पाप’ का प्रायश्चित करना चाहते थे।परिणामस्वरूप एक दिन मिट्ठू रोशनदान से होकर उड़ गया और लाख पुकारने पर भी वापस नहीं आया।

दीर्घ उत्तरीय

6. ‘संवादहीन’ कहानी आधुनिक जीवन की किन समस्याओं को उजागर करती है? स्पष्ट कीजिए।

उत्तरपलायन: रोजगार और सुविधाओं के लिए बहू-बेटों का गाँव छोड़कर शहर बस जाना।बुजुर्गों का अकेलापन: परिवार के बिखर जाने से वृद्धों का गाँव में अकेले, संवादहीन रह जाना।आदर्श और यथार्थ का द्वंद्व: जगन मास्टर का आदर्शवाद, जो यथार्थ में मिट्ठू के खो जाने का कारण बन जाता है।इस प्रकार कहानी मनुष्य और पशु-पक्षी के स्नेहपूर्ण संबंध के साथ-साथ समकालीन समाज की संवेदनहीनता एवं अकेलेपन को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करती है।

अभ्यास MCQ & अभिकथन-कारण

1. ताई और मिट्ठू किस घर में रहते थे?

(क) जगन मास्टर के घर

(ख) गाँव के बीच स्थित सूने बड़े घर में

(ग) गनपत के घर

(घ) शहर के एक मकान में

उत्तर(ख) गाँव के बीच स्थित सूने बड़े घर में।

2. मिट्ठू कैसे उड़ गया?

(क) ताई ने उसे छोड़ दिया

(ख) पिंजरा टूट गया

(ग) जगन मास्टर के बाहर निकालने पर रोशनदान से होकर

(घ) किसी ने चुरा लिया

उत्तर(ग) जगन मास्टर के बाहर निकालने पर रोशनदान से होकर।

3. ‘एवजी मिट्ठू’ का क्या अर्थ है?

(क) असली मिट्ठू

(ख) मिट्ठू के बदले लाया गया दूसरा तोता

(ग) मिट्ठू का बच्चा

(घ) पिंजरे का नाम

उत्तर(ख) मिट्ठू के बदले लाया गया दूसरा (स्थानापन्न) तोता।

4. कहानी में जगन मास्टर किस ग्रंथ का अध्ययन करते दिखाए गए हैं?

(क) रामायण

(ख) गीता-रहस्य

(ग) महाभारत

(घ) वेद

उत्तर(ख) गीता-रहस्य।

अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।

1. अभिकथन (A): ताई की सारी ममता मिट्ठू पर उमड़ पड़ी।

कारण (R): ताई अकेली थीं और मिट्ठू उनके अकेलेपन का एकमात्र सहारा बन गया था।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

2. अभिकथन (A): जगन मास्टर ने जान-बूझकर मिट्ठू को उड़ा दिया।

कारण (R): वे मिट्ठू से ईर्ष्या करते थे।

उत्तर(घ) A गलत है (मिट्ठू अनजाने में उड़ गया, जान-बूझकर नहीं) और R भी गलत है – अतः सही कथन यह है कि दोनों ही असत्य हैं; दिए विकल्पों में निकटतम (घ) है क्योंकि A असत्य है।

3. अभिकथन (A): कहानी का शीर्षक ‘संवादहीन’ ताई की अंतिम स्थिति के लिए सार्थक है।

कारण (R): मिट्ठू के खो जाने के बाद ताई का कोई संवाद-साथी नहीं रहता।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

‘संवादहीन’ कहानी के लेखक कौन हैं?

इस कहानी के लेखक शेखर जोशी हैं, जो ग्रामीण एवं मध्यवर्गीय जीवन के संवेदनशील चित्रण के लिए जाने जाते हैं।

कहानी के मुख्य पात्र कौन हैं?

कहानी के मुख्य पात्र ताई और मिट्ठू (तोता) हैं; जगन मास्टर और उनकी पत्नी (मास्टराइन) सहायक पात्र हैं।

कहानी का शीर्षक ‘संवादहीन’ क्यों रखा गया है?

क्योंकि मिट्ठू के उड़ जाने के बाद ताई का एकमात्र संवाद-साथी छिन जाता है और एवजी तोता मौन रहता है; इस तरह ताई का जीवन संवादहीन हो जाता है।

कहानी कौन-सी सामाजिक समस्याओं को उजागर करती है?

यह कहानी पलायन, बुजुर्गों का अकेलापन तथा आदर्श और यथार्थ के द्वंद्व जैसी समकालीन समस्याओं को उजागर करती है।

प्रश्न NCERT गंगा पुस्तक से ज्यों-के-त्यों लिए गए हैं; उत्तर ClearStudy द्वारा मौलिक रूप से तैयार एवं जाँचे गए हैं।

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