कक्षा 6 हिंदी (मल्हार) पाठ 12 – हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान (यात्रा-वृत्तांत) प्रश्न-उत्तर एवं सार (NCERT 2026–27)

यह पृष्ठ कक्षा 6 हिंदी की नई पुस्तक मल्हार के पाठ 12 ‘हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान’ (लेखक – रामधारी सिंह ‘दिनकर’) का पूरा समाधान देता है – यात्रा-वृत्तांत का सार, शब्दार्थ तथा पाठ की सभी गतिविधियों (मेरी समझ से, पंक्तियों पर चर्चा, सोच-विचार के लिए, मिलकर करें मिलान, शब्दों की बात, पाठ से आगे आदि) के मौलिक एवं परीक्षा-उपयोगी उत्तर।

कक्षा: 6 विषय: हिंदी पुस्तक: मल्हार पाठ: 12 लेखक: रामधारी सिंह ‘दिनकर’ विधा: यात्रा-वृत्तांत (गद्य) सत्र: 2026–27

लेखक परिचय – रामधारी सिंह ‘दिनकर’

रामधारी सिंह ‘दिनकर’ (1908–1974) हिंदी के प्रसिद्ध कवि एवं लेखक थे, जिन्हें ‘राष्ट्रकवि’ के नाम से सम्मानित किया गया। उनका जन्म बिहार के सिमरिया (जिला बेगूसराय) गाँव में हुआ था। उनकी रचनाओं की प्रमुख विशेषता है – भारत एवं भारतीय संस्कृति का गौरव-गान; उनमें वीरता, उत्साह एवं देश-प्रेम का भाव अधिक मिलता है। स्वतंत्रता मिलने के बाद भी भारत का गौरव उनकी रचनाओं का विषय बना रहा। रश्मिरथी एवं उर्वशी उनकी प्रसिद्ध काव्य-कृतियाँ हैं और उर्वशी पर उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला। उन्होंने बच्चों के लिए भी अनेक पुस्तकें लिखीं, जैसे — मिर्च का मज़ा, चाँद का कुर्ता, पढ़क्कू की सूझ एवं सूरज का ब्याह। प्रस्तुत पाठ उनकी मॉरिशस-यात्रा पर आधारित एक रोचक यात्रा-वृत्तांत है।

पाठ का सार

‘हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का लिखा एक यात्रा-वृत्तांत है, जिसमें उन्होंने अपनी मॉरिशस-यात्रा का जीवंत वर्णन किया है। लेखक 15 जुलाई को दिल्ली से, 16 जुलाई को बंबई (मुंबई) से और 17 जुलाई को नैरोबी से मॉरिशस के लिए रवाना हुए। नैरोबी (केन्या) में उन्हें एक रात और दो दिन रुकने का अवसर मिला, तो उन्होंने वहाँ का प्रसिद्ध नेशनल पार्क देखा।

नैरोबी का नेशनल पार्क कोई चिड़ियाघर नहीं, बल्कि शहर से बाहर फैला एक विशाल जंगल है, जिसमें घास अधिक और पेड़ कम हैं तथा अच्छी सड़कें बनी हुई हैं। पर्यटक अपनी गाड़ियों में घूमते हैं। काफ़ी देर ढूँढ़ने के बाद लेखक को सात-आठ सिंह आराम करते दिखाई दिए, जिन्हें घेरकर आठ-दस मोटरें खड़ी थीं। आश्चर्य की बात यह थी कि सिंहों ने पर्यटकों की ओर देखा तक नहीं – मानो वे लोग पेड़-पौधों एवं घास-फूस से भी कम महत्त्व के हों। फिर लेखक ने देखा कि एक झुंड में खड़े हिरन सिंहों को देखकर चौकन्ने हो गए और एक ‘गोल’ (वृत्त) बनाकर खड़े रहे, क्योंकि सिंह झुंड से पिछड़ जाने वाले अकेले जानवर का ही शिकार करते हैं।

नैरोबी से लेखक बी.ओ.ए.सी. के जहाज़ से पाँच घंटे की उड़ान के बाद रात लगभग दस बजे मॉरिशस पहुँचे। वर्षा एवं अँधेरे में भी बहुत-से लोग उनके स्वागत में खड़े थे, जिसे देखकर लेखक को लगा कि वे छोटे पैमाने पर भारत में ही आ पहुँचे हैं। मॉरिशस हिंद महासागर का ‘मोती’ एवं ‘सबसे खूबसूरत सितारा’ है। वहाँ की 67 प्रतिशत जनसंख्या भारतीय मूल की है और 53 प्रतिशत लोग हिंदू हैं। राजधानी पोर्टलुई की गलियों के नाम कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद, बम्बई हैं; एक मोहल्ले का नाम काशी है; वहाँ बनारस, गोकुल एवं ब्रह्मस्थान भी हैं। हिंदी, भोजपुरी एवं क्रेयोल वहाँ बोली जाती हैं।

लेखक बताते हैं कि मॉरिशस में ऊख (गन्ने) की खेती एवं चीनी-उद्योग की सफलता भारतीय लोगों के परिश्रम का ही फल है; मॉरिशस की असली ताकत वहाँ बसे भारतीय ही हैं। उन्होंने अनेक अत्याचार सहे, पर अपने धर्म एवं संस्कृति पर डटे रहे और उस द्वीप को छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला – यह ऐसी सफलता है जिस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। मॉरिशस के मंदिर एवं शिवालय अत्यंत स्वच्छ एवं सुंदर हैं। वहाँ का सबसे बड़ा पर्व शिवरात्रि है, जब लोग श्वेत वस्त्र पहनकर, गाँधी टोपी लगाकर, काँवर में ‘परी-तालाब’ (अब गंगा-तालाब) का जल भरकर अपने गाँव के शिवालय में चढ़ाते हैं। इस प्रकार लेखक मॉरिशस को भारतीय संस्कृति की प्राणवत्ता एवं चिरायुता का जीवंत उदाहरण बताते हैं।

शब्दार्थ

कठिन शब्दअर्थ
रवाना होनाप्रस्थान करना, चल पड़ना
अतएवइसलिए, अतः
लोभ जगनामन में इच्छा/ललक उठना
सर्वत्रहर जगह, चारों ओर
पर्यटकघूमने-फिरने वाले यात्री, सैलानी
दृष्टिपातनज़र डालना, देखना
तुच्छातितुच्छअत्यंत तुच्छ, बहुत मामूली
जम्हाई लेनानींद/थकान में मुँह खोलकर साँस खींचना
खरपातघास-फूस, खर-पतवार
ताड़ लेनाभाँप लेना, पहले से समझ लेना
चौकन्नासतर्क, सावधान
ठिठकनारुक जाना, ठहर जाना
सहज प्रवृत्तिस्वाभाविक आदत/अंतःप्रेरणा
निरापदखतरे से रहित, सुरक्षित
रक्तचापनसों में बहते रक्त का दबाव (ब्लड प्रेशर)
द्वीपचारों ओर पानी से घिरा भू-भाग, टापू
रकबाक्षेत्रफल, फैलाव
राजभाषाराजकाज की भाषा, सरकारी भाषा
ऊखगन्ना, ईख
प्राणवती / प्राणवत्ताप्राण/जीवन-शक्ति से भरी हुई; जीवंतता
चिरायुलंबी आयु वाला, चिरस्थायी
सुरम्यअत्यंत सुंदर, मनोहर
काँवरबाँस का डंडा जिसके दोनों सिरों पर जल आदि लेकर जाते हैं

मेरी समझ से

(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए—

(1) हिरण समूह में क्यों खड़े थे?

• भागने पर उन्हें सिंह के आक्रमण का डर था।

• वे भाग चुके हिरणों के लौटने की प्रतीक्षा में थे।

• वे बीच खड़े असावधान जिराफ की रक्षा कर रहे थे।

• सिंह उनसे उदासीन थे अतः उन्हें कोई खतरा नहीं था।

उत्तर★ भागने पर उन्हें सिंह के आक्रमण का डर था।सिंह झुंड का नहीं, बल्कि झुंड से पिछड़कर अकेले भागने वाले जानवर का शिकार करते हैं। इसी कारण हिरन भागना सुरक्षित न समझकर एक गोल (समूह) में सटकर खड़े रहे।

(2) मॉरिशस छोटे पैमाने पर भारतवर्ष ही है। कैसे?

• गन्ने की खेती अधिकतर भारतीयों द्वारा की जाती है।

• अधिकतर जनसंख्या भारत से जाने वालों की है।

• सभी भारतवासी परी तालाब पर एकत्रित होते हैं।

• भारत की बहुत-सी विशेषताएँ वहाँ दिखाई देती हैं।

उत्तर★ भारत की बहुत-सी विशेषताएँ वहाँ दिखाई देती हैं। (तथा ★ अधिकतर जनसंख्या भारत से जाने वालों की है।)मॉरिशस की अधिकांश जनसंख्या भारतीय मूल की है, वहाँ हिंदी-भोजपुरी बोली जाती है, गलियों के नाम भारतीय शहरों पर हैं, मंदिर-शिवालय एवं भारतीय पर्व-त्योहार हैं – इसलिए वहाँ भारत की अनेक विशेषताएँ दिखाई देती हैं और वह ‘छोटा-सा हिंदुस्तान’ प्रतीत होता है।

(ख) अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?

उत्तरयह समूह में मिलकर करने वाली चर्चा-गतिविधि है। उत्तर चुनते समय हमने पाठ में दिए गए तथ्यों एवं संदर्भों को आधार बनाया।पहले प्रश्न का उत्तर पाठ की उस पंक्ति से तय किया जिसमें कहा गया है कि सिंह पिछड़े हुए अकेले जानवर का शिकार करते हैं, इसलिए हिरन भागने को सुरक्षित न समझकर समूह में खड़े रहे। दूसरे प्रश्न का उत्तर पाठ में दिए गए आँकड़ों (67% भारतीय जनसंख्या, भारतीय नामों वाली गलियाँ, मंदिर-त्योहार) के आधार पर चुना। चर्चा करने से हम एक-दूसरे के तर्क समझ पाते हैं।

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया?

“भारत में बैठे-बैठे हम यह नहीं समझ पाते कि भारतीय संस्कृति कितनी प्राणवती और चिरायु है। किंतु, मॉरिशस जाकर हम अपनी संस्कृति की प्राणवत्ता का ज्ञान आसानी से प्राप्त कर लेते हैं।”

अर्थ/विचारइन पंक्तियों का अर्थ है कि अपने ही देश में रहते हुए हम अपनी संस्कृति की महानता एवं जीवन-शक्ति को ठीक से नहीं पहचान पाते, क्योंकि वह हमारे लिए रोज़मर्रा की बात बन जाती है।परंतु जब हम मॉरिशस जैसी दूर की धरती पर देखते हैं कि भारत से सैकड़ों वर्ष पहले गए लोगों ने आज तक अपनी भाषा, धर्म, पर्व एवं रीति-रिवाज जीवित रखे हैं, तब हमें समझ आता है कि भारतीय संस्कृति कितनी प्राणवती (जीवन-शक्ति से भरी) एवं चिरायु (दीर्घजीवी) है। दूर रहकर ही उसकी असली ताकत का अनुभव होता है।

सोच-विचार के लिए

इस यात्रा-वृत्तांत को एक बार फिर से पढ़िए और निम्नलिखित के बारे में पता लगाकर लिखिए—

(क) “नैरोबी का नेशनल पार्क चिड़ियाघर नहीं है।” नेशनल पार्क और चिड़ियाघर में क्या अंतर है?

उत्तरनेशनल पार्क: यह जंगली जानवरों का प्राकृतिक एवं खुला आवास होता है, जहाँ पशु-पक्षी अपने स्वाभाविक वातावरण में स्वतंत्र रूप से रहते हैं। पर्यटक गाड़ियों में बैठकर उन्हें दूर से देखते हैं।चिड़ियाघर: यह एक छोटा, बना-बनाया स्थान होता है, जहाँ जानवरों को पिंजरों या बाड़ों में बंद करके रखा जाता है ताकि लोग उन्हें पास से देख सकें। वहाँ जानवर बंधन में रहते हैं, जबकि नेशनल पार्क में वे आज़ाद एवं प्राकृतिक जीवन जीते हैं।

(ख) “हम लोग पेड़-पौधे और खरपात से भी बदतर समझे गए।” वे कौन थे जिन्होंने लेखक और अन्य लोगों को पेड़-पौधों और खरपात से भी बदतर समझ लिया था? उन्होंने ऐसा क्यों समझ लिया था?

उत्तरयहाँ ‘वे’ नेशनल पार्क के सिंह थे, जिन्होंने लेखक एवं अन्य पर्यटकों को पेड़-पौधों एवं घास-फूस से भी कम महत्त्व का समझ लिया।उन्होंने ऐसा इसलिए समझा क्योंकि वे रोज़ अनेक मोटरें एवं पर्यटक देखने के अभ्यस्त हो चुके थे; उन्हें मनुष्यों से न कोई डर था, न उनमें कोई रुचि। आधे घंटे तक मोटरें घेरे रहीं, फिर भी किसी सिंह ने पर्यटकों की ओर एक बार भी नज़र नहीं उठाई – मानो वे लोग उनके लिए तुच्छ एवं ध्यान देने योग्य न हों।

(ग) “मॉरिशस की असली ताकत भारतीय लोग ही हैं।” पाठ में इस कथन के समर्थन में कौन-सा तर्क दिया गया है?

उत्तरपाठ में बताया गया है कि मॉरिशस एक कृषि-प्रधान द्वीप है और चीनी (ऊख से बनी) वहाँ का प्रमुख एवं लगभग एकमात्र उद्योग है।यदि भारतीय वंश के लोग वहाँ न गए होते, तो ऊख की खेती असंभव हो जाती और चीनी के कारखाने कभी न बढ़ते। ऊख की खेती एवं चीनी-व्यवसाय की सारी सफलता भारतीयों के परिश्रम का ही फल है – इसी तर्क से सिद्ध होता है कि मॉरिशस की असली ताकत वहाँ बसे भारतीय लोग ही हैं।

(घ) “उस द्वीप को उन्होंने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।” भारत से गए लोगों ने मॉरिशस को हिंदुस्तान जैसा कैसे बना दिया है?

उत्तरभारत से गए लोगों ने मॉरिशस में अपनी संस्कृति को पूरी तरह जीवित रखा। उन्होंने वहाँ शिवालय एवं मंदिर बनाए, रामचरितमानस का पाठ एवं गायन किया तथा शिवरात्रि जैसे भारतीय पर्व मनाए।उन्होंने गलियों एवं मोहल्लों के नाम कलकत्ता, मद्रास, बम्बई, काशी आदि भारतीय नगरों पर रखे; हिंदी एवं भोजपुरी बोली जीवित रखी और एक झील का नाम परी-तालाब (बाद में गंगा-तालाब) रखा। अनेक अत्याचार एवं प्रलोभन सहकर भी वे अपने धर्म पर डटे रहे – इस प्रकार उन्होंने भाषा, धर्म, पर्व एवं रहन-सहन से मॉरिशस को छोटा-सा हिंदुस्तान बना दिया।

मिलकर करें मिलान

पाठ में से कुछ शब्द चुनकर स्तंभ 1 में दिए गए हैं। उनसे संबंधित वाक्य स्तंभ 2 में दिए गए हैं। शब्दों का सही मिलान कीजिए।

स्तंभ 1 (शब्द)स्तंभ 2 (सही परिचय)
1. अफ़्रीकाएशिया के बाद दुनिया का सबसे बड़ा महाद्वीप है।
2. नैरोबीअफ़्रीका महाद्वीप के एक देश ‘केन्या’ की राजधानी है।
3. रक्तचापरक्त-वाहिनियों (नसों) में बहते रक्त द्वारा उनकी दीवारों पर डाले गए दबाव का नाम है।
4. बी.ओ.ए.सी.‘ब्रिटिश ओवरसीज एयरवेज कॉरपोरेशन’ का छोटा रूप; एक पुरानी विदेशी विमान कंपनी।
5. भूमध्य रेखापृथ्वी के चारों ओर एक काल्पनिक वृत्त, जो पृथ्वी को उत्तरी और दक्षिणी भाग में बाँटता है।
6. देशांतर रेखाग्लोब पर उत्तर से दक्षिण की ओर खींची जाने वाली काल्पनिक रेखाएँ; ये उत्तरी ध्रुव को दक्षिणी ध्रुव से मिलाती हैं।
7. तुलसीदासश्रीराम के जीवन पर आधारित अमर ग्रंथ ‘रामचरितमानस’ लिखने वाले कवि का नाम।
8. क्रेयोलदो भाषाओं के मिलने से बनी नई भाषा का नाम।
9. काँवरबाँस का मज़बूत डंडा (काँवड़/बहंगी), जिसके दोनों सिरों पर बँधी टोकरियों में यात्री गंगाजल आदि ले जाते हैं।
सही मिलान1 → एशिया के बाद दुनिया का सबसे बड़ा महाद्वीप2 → केन्या की राजधानी3 → नसों में बहते रक्त का दबाव4 → ब्रिटिश ओवरसीज एयरवेज कॉरपोरेशन (विमान कंपनी)5 → पृथ्वी को उत्तरी-दक्षिणी भाग में बाँटने वाला काल्पनिक वृत्त6 → उत्तर-दक्षिण ध्रुवों को मिलाने वाली काल्पनिक रेखाएँ7 → रामचरितमानस के रचयिता कवि8 → दो भाषाओं के मेल से बनी नई भाषा9 → बाँस का डंडा जिससे यात्री गंगाजल ले जाते हैं

यात्रा-वृत्तांत की रचना

“इतने में कोई मील-भर की दूरी पर हिरनों का एक झुंड दिखाई पड़ा। अब दो जवान सिंह उठे और दो ओर को चल दिए। एक तो थोड़ा-सा आगे बढ़कर एक जगह बैठ गया, लेकिन दूसरा घास के बीच छिपता हुआ मोर्चे पर आगे बढ़ने लगा।” – इन वाक्यों को पढ़कर ऐसा लगता है मानो हम लेखक की आँखों से स्वयं वह दृश्य देख रहे हैं। इस पाठ को फिर से पढ़िए और इसकी रचना पर ध्यान दीजिए। आपको जो विशेष बातें दिखाई दें, उन्हें लिखिए।

उत्तर1. क्रमबद्ध यात्रा-वर्णन: लेखक ने बताया है कि वह एक स्थान से दूसरे स्थान तक कैसे और कब पहुँचा – तिथि (15, 16, 17 जुलाई), समय (शाम 4 बजे उड़ान, रात 10 बजे आगमन) एवं स्थानों (दिल्ली, बंबई, नैरोबी, मॉरिशस) का स्पष्ट क्रम दिया गया है।2. आँखोंदेखा सजीव चित्रण: सिंहों, हिरनों एवं जिराफ का वर्णन इतना जीवंत है कि पाठक स्वयं को घटनास्थल पर अनुभव करता है।3. तथ्य एवं आँकड़े: मॉरिशस की लंबाई-चौड़ाई, जनसंख्या-प्रतिशत आदि तथ्य देकर वर्णन को विश्वसनीय बनाया गया है।4. भावनात्मक एवं सांस्कृतिक दृष्टि: लेखक ने केवल दृश्य ही नहीं देखे, बल्कि भारतीय संस्कृति एवं देशवासियों के प्रति गर्व एवं अपनेपन का भाव भी व्यक्त किया है। सरल, रोचक एवं प्रवाहपूर्ण भाषा इसकी विशेषता है।

अनुमान या कल्पना से

अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए—

(क) “मॉरिशस वह देश है, जहाँ बनारस भी है, गोकुल भी है और ब्रह्मस्थान भी।” मॉरिशस में लोगों ने गली-मोहल्लों के नाम इस तरह के क्यों रखे होंगे?

उत्तरमॉरिशस में बसे अधिकांश लोग भारत (विशेषकर बिहार एवं उत्तर प्रदेश) से गए थे। अपने देश एवं तीर्थ-स्थानों से बिछुड़ने के बाद भी उनके मन में मातृभूमि की गहरी याद एवं लगाव बना रहा।इसी अपनेपन एवं स्मृति को जीवित रखने के लिए उन्होंने गली-मोहल्लों एवं स्थानों के नाम बनारस, गोकुल, काशी आदि भारतीय तीर्थों एवं नगरों पर रखे, ताकि परदेस में भी उन्हें अपने देश के होने का अनुभव हो और आने वाली पीढ़ियाँ अपनी जड़ों से जुड़ी रहें।

(ख) “कोई सात-आठ सिंह लेटे या सोए हुए थे और उन्हें घेरकर आठ-दस मोटरें खड़ी थीं।” पर्यटक जंगली जानवरों को घेरे रहते हैं। क्या इसका उन पशुओं पर कोई प्रभाव पड़ता होगा? अपने उत्तर के कारण भी बताइए। (संकेत— राष्ट्रीय पार्क के बंदरों, सिंहों का व्यवहार भी बदल गया है।)

उत्तरहाँ, पर्यटकों के निरंतर घेरे रहने का जानवरों के स्वाभाविक व्यवहार पर प्रभाव अवश्य पड़ता है।पाठ में ही इसके प्रमाण हैं – बंदर मोटर रुकते ही घेर लेते हैं, क्योंकि उन्हें पर्यटकों से फल-बिस्कुट मिलने की आदत पड़ गई है; और सिंह मनुष्यों से न डरते हैं, न उनकी ओर देखते हैं, क्योंकि वे रोज़ अनेक गाड़ियाँ एवं लोग देखने के अभ्यस्त हो गए हैं। लगातार मानवीय उपस्थिति से जानवर अपना प्राकृतिक भय, सतर्कता एवं भोजन ढूँढ़ने की आदत खो सकते हैं, जो उनके लिए ठीक नहीं।

(ग) “हिरनों का एक झुंड दिखाई पड़ा, जिनके बीच एक जिराफ बिल्कुल बेवकूफ की तरह खड़ा था।” सिंहों के आस-पास होने के बाद भी जिराफ क्यों खड़ा रहा होगा?

उत्तर (अनुमान)जिराफ का कद बहुत ऊँचा एवं शरीर बड़ा होता है, इसलिए संभवतः उसे सिंहों से उतना भय नहीं था – वह स्वयं को अपेक्षाकृत सुरक्षित समझ रहा होगा।हो सकता है कि वह सिंहों की उपस्थिति को ठीक से भाँप न पाया हो, या ऊँचाई से चारों ओर देख रहा हो; या फिर हिरनों के झुंड के बीच रहकर सुरक्षित अनुभव कर रहा हो। इसी कारण वह बिना भागे चुपचाप खड़ा रहा।

(घ) “मॉरिशस के मध्य में एक झील है, जिसका संबंध हिंदुओं ने परियों से बिठा दिया है और उस झील का नाम अब परी-तालाब हो गया है।” उस झील का नाम ‘परी-तालाब’ क्यों पड़ा होगा?

उत्तर (अनुमान)झील का जल बहुत स्वच्छ, सुंदर एवं शांत रहा होगा और उसका वातावरण मनोहर एवं रहस्यमय लगता होगा।ऐसे सुंदर एवं पवित्र स्थान को लोगों ने अलौकिक मानकर उसका संबंध परियों से जोड़ दिया – यह कल्पना की गई होगी कि वहाँ परियाँ निवास करती या आती हैं। इसी श्रद्धा एवं सुंदरता के कारण उस झील का नाम ‘परी-तालाब’ पड़ गया।

(ङ) आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि लगभग 50 साल पहले ‘परी-तालाब’ का नाम बदलकर ‘गंगा-तालाब’ कर दिया गया है। मॉरिशस के लोगों ने यह नाम क्यों रखा होगा?

उत्तर (अनुमान)हिंदू धर्म में गंगा को सबसे पवित्र नदी माना जाता है। मॉरिशस के भारतीय मूल के हिंदू अपने धर्म एवं भारत की पवित्र गंगा से गहरा लगाव रखते हैं।शिवरात्रि पर वे इसी तालाब का जल भरकर शिवजी को चढ़ाते थे, इसलिए इस तालाब को गंगा जैसा पवित्र मानकर एवं अपनी श्रद्धा प्रकट करने के लिए उन्होंने इसका नाम बदलकर ‘गंगा-तालाब’ रख दिया, ताकि परदेस में भी गंगा की पवित्रता एवं अपनेपन का अनुभव हो सके।

शब्दों की बात

संज्ञा के स्थान पर (सर्वनाम)

(क) “हिरनों ने ताड़ लिया कि उन पर सिंहों की नज़र पड़ रही है। अतएव वे चरना भूलकर चौकन्ने हो उठे।” इन पंक्तियों में रेखांकित शब्द (उन, वे) ‘हिरनों’ के स्थान पर आए हैं। ‘हिरन’ एक संज्ञा है और जो शब्द संज्ञा के स्थान पर आते हैं, उन्हें ‘सर्वनाम’ कहते हैं। नीचे दिए वाक्यों में सर्वनाम पहचानिए—

1. “हाँ, बच्चे हाफ पैंट पहन सकते हैं, लेकिन गाँधी टोपी उस दिन उन्हें भी पहननी पड़ती है।”

उत्तरसर्वनाम शब्द – उस (उस दिन) तथा उन्हें (बच्चों के लिए प्रयुक्त)।

2. “भारतीयों ने अत्याचार तो सहे, लेकिन प्रलोभनों को ठुकरा दिया। वे अपने धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप में भगवान ने उन्हें भेज दिया था, उस द्वीप को उन्होंने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।”

उत्तरसर्वनाम शब्द – वे, अपने, जिस, उन्हें, उस, उन्होंने (ये सभी ‘भारतीयों’ अथवा ‘द्वीप’ के स्थान पर प्रयुक्त हुए हैं)।

(ख) ऊपर दिए गए दोनों वाक्यों को सर्वनाम की जगह संज्ञा शब्द लगाकर लिखिए।

उत्तर1. “हाँ, बच्चे हाफ पैंट पहन सकते हैं, लेकिन गाँधी टोपी शिवरात्रि के दिन बच्चों को भी पहननी पड़ती है।”2. “भारतीयों ने अत्याचार तो सहे, लेकिन प्रलोभनों को ठुकरा दिया। भारतीय भारतीयों के धर्म पर डटे रहे और जिस द्वीप में भगवान ने भारतीयों को भेज दिया था, उस द्वीप को भारतीयों ने छोटा-सा हिंदुस्तान बना डाला।” (इससे स्पष्ट होता है कि सर्वनाम के बिना वाक्य बार-बार एक ही संज्ञा दोहराने के कारण भद्दा एवं लंबा हो जाता है।)

पहचान पाठ के आधार पर

आपने इस यात्रा-वृत्तांत में तीन देशों के नाम पढ़े – भारत, केन्या और मॉरिशस। पाठ में दी गई जानकारी के आधार पर केन्या एवं मॉरिशस को पहचानिए।

उत्तरकेन्या: यह अफ़्रीका महाद्वीप का एक देश है। इसकी राजधानी नैरोबी है, जहाँ शहर से बाहर एक बहुत बड़ा नेशनल पार्क (खुला जंगल) है, जिसमें सिंह, हिरन, बंदर, जिराफ आदि जंगली जानवर स्वतंत्र रूप से रहते हैं।मॉरिशस: यह हिंद महासागर में बसा एक छोटा द्वीप (टापू) है, जो भूमध्य रेखा से लगभग बीस डिग्री दक्षिण में है। इसकी राजधानी पोर्टलुई है। इसकी लंबाई लगभग 29 मील एवं चौड़ाई लगभग 30 मील है। वहाँ की अधिकांश जनसंख्या भारतीय मूल की है, इसलिए इसे ‘छोटा-सा हिंदुस्तान’ भी कहा गया है।

पाठ से आगे (अन्य गतिविधियाँ)

आपकी बात

(क) “वहाँ जो कुछ देखा, वह जन्मभर कभी नहीं भूलेगा।” क्या आपने कभी ऐसा कुछ देखा, सुना या पढ़ा है जिसे आप कभी नहीं भूल सकेंगे? उसके बारे में बताइए।

उत्तर (नमूना)यह आपके अपने अनुभव पर आधारित प्रश्न है। नमूने के रूप में – एक बार जब मैं अपने परिवार के साथ चिड़ियाघर/किसी पहाड़ी स्थान/किसी मेले में गया, तो वहाँ का अद्भुत दृश्य मेरे मन में सदा के लिए बस गया। उस दिन की हर बात आज भी मुझे ज्यों-की-त्यों याद है – उस अनुभव को मैं जीवनभर नहीं भूल सकूँगा। आप अपने जीवन की किसी ऐसी ही यादगार घटना को अपने शब्दों में लिख सकते हैं।

(ख) ‘मुलाकात’ शब्द का अर्थ है ‘मिलना’; पर यहाँ इसका भाव है शेरों को पास से देखना। आपने अब तक किन-किन पशु-पक्षियों से ‘मुलाकात’ की है? वह मुलाकात कहाँ हुई थी? बताइए।

उत्तर (नमूना)मैंने अब तक गाय, बकरी, कुत्ता, बिल्ली, तोता, कबूतर, गिलहरी जैसे पशु-पक्षियों से ‘मुलाकात’ अपने घर एवं आस-पास की है।चिड़ियाघर/अभयारण्य में मैंने शेर, हाथी, हिरन, मोर एवं बंदर को पास से देखा। नदी या तालाब के किनारे बगुले एवं मछलियों से भी ‘मुलाकात’ हुई। (आप अपने अनुभव के अनुसार उत्तर लिख सकते हैं।)

(ग) “यह ऐसी सफलता की बात है, जिस पर सभी भारतीयों को गर्व होना चाहिए।” आपको किन-किन बातों पर गर्व होता है? बताइए।

उत्तर (नमूना)मुझे अपने देश भारत की समृद्ध संस्कृति, अनेकता में एकता, वीर सैनिकों, महान वैज्ञानिकों एवं हमारी प्राचीन सभ्यता पर गर्व होता है।मुझे अपने परिवार के संस्कारों, अपनी मातृभाषा तथा अपने देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों (जैसे अंतरिक्ष अभियान) पर भी गर्व होता है। साथ ही अपने अच्छे कार्यों एवं ईमानदारी पर भी मुझे गर्व का अनुभव होता है।

कक्षा और घर की भाषाएँ

भारत एक बहुभाषी देश है। आप कौन-कौन सी भाषाएँ बोल-समझ लेते हैं? आपके मित्र एवं परिजन कौन-कौन सी भाषाएँ बोल-समझ लेते हैं? दी गई तालिका को पूरा कीजिए।

उत्तर (नमूना)यह आपकी अपनी जानकारी पर आधारित गतिविधि है। पहले मित्रों एवं परिजनों से पूछताछ कीजिए, फिर भाषाओं के नाम लिखकर उनकी कुल संख्या गिनिए। नमूने के रूप में—
क्रम संख्यामैं जिन भाषाओं को बोल-समझ लेता/लेती हूँमेरे मित्र जिन भाषाओं को बोल-समझ लेते हैंमेरे परिजन जिन भाषाओं को बोल-समझ लेते हैं
1हिंदीहिंदीहिंदी
2अंग्रेज़ीअंग्रेज़ीभोजपुरी
3(अपनी क्षेत्रीय भाषा)उर्दू(अपनी क्षेत्रीय भाषा)
कुल संख्या333

प्रशंसा या सराहना विभिन्न प्रकार से

“यह द्वीप हिंद महासागर का मोती है, भारत-समुद्र का सबसे खूबसूरत सितारा है।” इसमें ‘दिनकर’ ने द्वीप की तुलना मोती और तारे से करके सराहना की है। नीचे दी तालिका में पहले नाम लिखिए, फिर प्रत्येक की प्रशंसा में अलग-अलग ढंग से एक-एक वाक्य लिखिए।

उत्तर (नमूना)यह रचनात्मक गतिविधि है; प्रत्येक बार अलग तरह से प्रशंसा करनी है। नमूने के रूप में—
नामप्रशंसा या सराहना का वाक्य
स्वयंमैं हर काम लगन एवं ईमानदारी से करता हूँ।
परिजनमेरी माँ का स्नेह शीतल छाया के समान है।
शिक्षकमेरे शिक्षक ज्ञान के दीपक हैं, जो हमारा भविष्य रोशन करते हैं।
मित्रमेरा मित्र सच्चे हीरे की तरह अनमोल है।
पशुगाय हमारी माता के समान पूज्य एवं उपकारी है।
स्थानहमारा गाँव हरियाली से भरा स्वर्ग जैसा सुंदर है।
सब्ज़ीपालक स्वास्थ्य का खज़ाना है।
पेड़नीम का पेड़ हमारा सच्चा हितैषी वैद्य है।

चित्रात्मक सूचना (इंफोग्राफिक्स)

(क) ‘चित्रात्मक सूचना’ के आधार पर मॉरिशस के बारे में एक अनुच्छेद लिखिए। (ख) अपनी पसंद के किसी विषय पर इसी प्रकार की ‘चित्रात्मक सूचना’ की रचना कीजिए।

उत्तर (मार्गदर्शन)(क) मॉरिशस पर अनुच्छेद: मॉरिशस हिंद महासागर में बसा एक सुंदर द्वीप है, जिसे ‘हिंद महासागर का मोती’ कहा जाता है। इसकी लंबाई लगभग 29 मील एवं चौड़ाई 30 मील है तथा क्षेत्रफल लगभग 720 वर्गमील है। यहाँ की 67 प्रतिशत जनसंख्या भारतीय मूल की एवं 53 प्रतिशत लोग हिंदू हैं। इसकी राजधानी पोर्टलुई है, राजभाषा अंग्रेज़ी है, पर लोग क्रेयोल एवं भोजपुरी भी बोलते हैं। ऊख की खेती एवं चीनी यहाँ का प्रमुख उद्योग है। यहाँ का सबसे बड़ा पर्व शिवरात्रि है।(ख) अपने विद्यालय, किसी विशेष दिवस या जीवन की किसी घटना पर कागज़ पर चित्र चिपकाकर/बनाकर कम शब्दों में कलात्मक रूप से सूचना लिखिए। यह कार्य आप समूह में या कंप्यूटर की सहायता से भी कर सकते हैं।

हस्ताक्षर

अपनी पहचान प्रकट करने के लिए अपने नाम को किसी विशेष ढंग से लिखना ‘हस्ताक्षर’ कहलाता है। दिए गए स्थान पर अपने हस्ताक्षर पाँच बार कीजिए।

उत्तर (गतिविधि)यह स्वयं करने वाली गतिविधि है। ध्यान रखें कि आपके पाँचों हस्ताक्षर एक जैसे हों, अलग-अलग न हों, क्योंकि हस्ताक्षर जीवनभर अनेक कार्यों (प्रार्थना-पत्र, परीक्षा, बैंक आदि) में आपकी पहचान के रूप में काम आते हैं। यदि अभी तक आपने अपने हस्ताक्षर निर्धारित नहीं किए हैं, तो आज ही निर्धारित कर सकते हैं।

पत्र

पाठ में ‘दिनकर’ जी का लिखा एक पत्र दिया गया है। उसे पढ़कर नीचे दिए प्रश्नों के उत्तर दीजिए—

(क) पत्र किसने लिखा है?

उत्तरपत्र रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ने लिखा है।

(ख) पत्र किसे लिखा गया है?

उत्तरपत्र ‘मान्यवर चतुर्वेदी जी’ को लिखा गया है।

(ग) पत्र किस तिथि को लिखा गया है?

उत्तरपत्र 8-7-67 (8 जुलाई 1967) को लिखा गया है।

(घ) पत्र किस स्थान से लिखा गया है?

उत्तरपत्र नई दिल्ली (सफ़दरजंग लेन, नई दिल्ली) से लिखा गया है।

(ङ) पत्र पाने वाले के नाम से पहले किस शब्द का प्रयोग किया गया है?

उत्तरपत्र पाने वाले के नाम से पहले आदरसूचक शब्द ‘मान्यवर’ का प्रयोग किया गया है।

(च) पत्र-लेखक ने अपने नाम से पहले अपने लिए क्या शब्द लिखा है?

उत्तरपत्र-लेखक ने अपने नाम से पहले अपने लिए ‘आपका’ शब्द लिखा है (“आपका दिनकर”)।

उलझन सुलझाओ

(क) “जहाज़ नैरोबी से शाम 4 बजे उड़ा तो 5 घंटों की उड़ान के बाद रात 9 बजे मॉरिशस पहुँचना चाहिए था। लेकिन वह पहुँचा लगभग दस बजे। क्यों?”

उत्तरइसका कारण है दोनों स्थानों के ‘समय-क्षेत्र’ (टाइम ज़ोन) का अंतर। मॉरिशस केन्या (नैरोबी) से कुछ पूर्व की ओर है, इसलिए वहाँ की घड़ी नैरोबी से लगभग एक घंटा आगे चलती है।गणित से – नैरोबी के समयानुसार जहाज़ शाम 4 बजे उड़ा और 5 घंटे बाद नैरोबी के समय से रात 9 बजे पहुँचा; पर मॉरिशस की घड़ी एक घंटा आगे होने के कारण वहाँ उस समय लगभग रात 10 बज रहे थे। इसी समय-अंतर के कारण घड़ी में 9 के बजाय लगभग 10 बजे।

(ख) दो घड़ियों के अनुसार (एक भारत का समय, दूसरी मॉरिशस का) नीचे दिए प्रश्नों के उत्तर दीजिए—

उत्तर (मार्गदर्शन)यह घड़ियों के चित्र देखकर हल करने वाली गतिविधि है। सामान्य जानकारी के अनुसार भारत का समय मॉरिशस से लगभग डेढ़ घंटा (1 घंटा 30 मिनट) आगे रहता है।• मॉरिशस और भारत के समय में अंतर: लगभग 1 घंटा 30 मिनट। • सूर्योदय पहले कहाँ: भारत में (क्योंकि भारत मॉरिशस से पूर्व की ओर है)। • जब भारत में दोपहर 12 बजे होंगे, तब मॉरिशस में: लगभग सुबह 10:30 बजे होंगे। (अपनी घड़ियों के चित्र देखकर सही समय भर दीजिए।)

आज की पहेली

यहाँ एक वाक्य दिया गया है – “येला मालथ येला घौलश।” (संकेत – ‘मेरा’, ‘कख’)। इसका क्या अर्थ है?

उत्तर (मार्गदर्शन)यह एक शब्द-पहेली है, जिसमें अक्षरों का क्रम उलट-पुलट करके (कूट भाषा में) वाक्य लिखा गया है। दिए गए संकेत ‘मेरा’ की सहायता से शब्दों के अक्षरों को सुलझाकर सही वाक्य बनाया जा सकता है।इस प्रकार की पहेली का उद्देश्य शब्दों एवं अक्षरों के साथ खेलते हुए सोचने-समझने की क्षमता बढ़ाना है। अपने शिक्षक एवं साथियों की सहायता से अक्षरों को सही क्रम में रखकर इसका अर्थ निकालिए।

खोजबीन के लिए

उत्तर (गतिविधि)पुस्तक में दिए गए क्यू.आर. कोड की सहायता से ये रचनाएँ पढ़ी, देखी एवं समझी जा सकती हैं – चाँद का कुर्ता, मिर्च का मज़ा, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जीवनी तथा हिमालय के पर्वतीय प्रदेश की मनोरम यात्रा। इनसे ‘दिनकर’ जी की रचना-शैली एवं यात्रा-वर्णन की कला को और गहराई से समझा जा सकता है।

अतिरिक्त प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न (30–40 शब्द)

1. लेखक नैरोबी में कहाँ घूमने गए और वहाँ उन्होंने क्या देखा?

उत्तरलेखक नैरोबी के नेशनल पार्क में घूमने गए, जो शहर से बाहर एक विशाल खुला जंगल है। वहाँ उन्होंने सात-आठ सिंहों को आराम करते देखा, साथ ही बंदर, लंगूर, हिरनों का झुंड एवं एक जिराफ भी देखा।

2. सिंहों ने पर्यटकों की ओर ध्यान क्यों नहीं दिया?

उत्तरसिंह रोज़ अनेक मोटरें एवं पर्यटक देखने के अभ्यस्त हो चुके थे। उन्हें मनुष्यों से न डर था, न रुचि। इसी कारण उन्होंने पर्यटकों को पेड़-पौधों एवं घास-फूस से भी कम महत्त्व का समझकर एक बार भी उनकी ओर नज़र नहीं उठाई।

3. लेखक को मॉरिशस पहुँचते ही ऐसा क्यों लगा कि वे ‘छोटे पैमाने पर भारत’ में आ गए हैं?

उत्तररात, अँधेरे एवं वर्षा के बावजूद हवाई अड्डे पर बहुत-से लोग लेखक के स्वागत में खड़े थे। इस आत्मीय स्वागत एवं वहाँ की भारतीय जनसंख्या को देखकर लेखक को लगा मानो वे छोटे पैमाने पर भारत में ही आ पहुँचे हों।

4. पाठ के आधार पर मॉरिशस की भाषाओं के बारे में बताइए।

उत्तरमॉरिशस की राजभाषा अंग्रेज़ी है तथा संस्कृति की भाषा फ्रेंच है। आम जनता क्रेयोल बोलती है, जो दो भाषाओं के मेल से बनी है। इसके बाद भोजपुरी वहाँ की दूसरी प्रमुख जनभाषा है तथा हिंदी का भी व्यापक प्रचार है।

5. शिवरात्रि के दिन मॉरिशस के हिंदू क्या-क्या करते हैं?

उत्तरशिवरात्रि पर मॉरिशस के हिंदू श्वेत वस्त्र एवं गाँधी टोपी पहनकर, कंधों पर काँवर लेकर जुलूस बाँधकर परी-तालाब (गंगा-तालाब) पर आते हैं। वहाँ से जल भरकर अपने गाँव के शिवालय लौटते हैं और बड़ी भक्ति-भावना से शिवजी को जल चढ़ाते हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (100–120 शब्द)

6. ‘हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान’ पाठ में लेखक ने नेशनल पार्क के अनुभव का वर्णन किस प्रकार किया है?

उत्तरलेखक नैरोबी के नेशनल पार्क में गए, जो शहर से बाहर फैला एक विशाल खुला जंगल है, जिसमें घास अधिक एवं पेड़ कम हैं। काफ़ी देर ढूँढ़ने के बाद उन्हें सात-आठ सिंह आराम करते दिखे, जिन्हें घेरकर आठ-दस मोटरें खड़ी थीं।आश्चर्य की बात यह थी कि सिंहों ने पर्यटकों की ओर देखा तक नहीं – मानो वे लोग घास-फूस से भी तुच्छ हों। एक सिंह ने जम्हाई ली, दूसरे ने देह तानी, पर किसी ने नज़र न उठाई। फिर लेखक ने देखा कि हिरनों का झुंड सिंहों को भाँपकर चौकन्ना हो गया और गोल बनाकर खड़ा रहा, क्योंकि सिंह झुंड से पिछड़े अकेले जानवर का शिकार करते हैं। यह जीवंत दृश्य लेखक के लिए जीवनभर न भूलने वाला अनुभव बन गया।

7. “मॉरिशस छोटे पैमाने पर भारत ही है” – इस कथन को पाठ के आधार पर विस्तार से समझाइए।

उत्तरमॉरिशस की लगभग 67 प्रतिशत जनसंख्या भारतीय मूल की एवं 53 प्रतिशत लोग हिंदू हैं। वहाँ हिंदी एवं भोजपुरी व्यापक रूप से बोली जाती हैं। राजधानी पोर्टलुई की गलियों के नाम कलकत्ता, मद्रास, हैदराबाद एवं बम्बई हैं; एक मोहल्ले का नाम काशी है तथा वहाँ बनारस, गोकुल एवं ब्रह्मस्थान भी हैं।मॉरिशस के हर प्रमुख गाँव में शिवालय है, जहाँ रामचरितमानस का पाठ एवं गायन होता है। वहाँ शिवरात्रि जैसे भारतीय पर्व धूमधाम से मनाए जाते हैं और लोग काँवर लेकर गंगा-तालाब जाते हैं। भाषा, धर्म, पर्व, स्थानों के नाम एवं रहन-सहन – इन सभी में भारत की झलक मिलती है। इसी कारण लेखक मॉरिशस को छोटे पैमाने पर भारत अर्थात् ‘छोटा-सा हिंदुस्तान’ कहते हैं।

8. इस यात्रा-वृत्तांत से हमें क्या प्रेरणा एवं संदेश मिलता है?

उत्तरइस यात्रा-वृत्तांत से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि अपनी भाषा, धर्म, संस्कृति एवं संस्कारों को कभी नहीं छोड़ना चाहिए, चाहे हम कहीं भी रहें। मॉरिशस गए भारतीयों ने अनेक अत्याचार एवं प्रलोभन सहकर भी अपनी संस्कृति को सैकड़ों वर्षों तक जीवित रखा एवं परदेस को छोटा-सा हिंदुस्तान बना दिया।पाठ यह भी सिखाता है कि परिश्रम से असंभव को संभव बनाया जा सकता है – भारतीयों ने अपने श्रम से ऊख की खेती एवं चीनी-उद्योग को सफल बनाया। साथ ही, अपने मंदिरों एवं तीर्थ-स्थानों को स्वच्छ एवं सुंदर रखने की प्रेरणा भी मिलती है। संक्षेप में, यह पाठ देश-प्रेम, संस्कृति-प्रेम, परिश्रम एवं स्वच्छता का सुंदर संदेश देता है।

अभ्यास MCQ & अभिकथन-कारण

1. ‘हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान’ पाठ के लेखक कौन हैं?

(क) सूरदास

(ख) रामधारी सिंह ‘दिनकर’

(ग) तुलसीदास

(घ) महादेवी वर्मा

उत्तर(ख) रामधारी सिंह ‘दिनकर’।

2. यह पाठ किस विधा (साहित्य-रूप) में लिखा गया है?

(क) कहानी

(ख) कविता

(ग) यात्रा-वृत्तांत

(घ) नाटक

उत्तर(ग) यात्रा-वृत्तांत।

3. नैरोबी किस देश की राजधानी है?

(क) मॉरिशस

(ख) केन्या

(ग) भारत

(घ) फ्रांस

उत्तर(ख) केन्या।

4. सिंह किसका शिकार करते हैं?

(क) पूरे झुंड का

(ख) झुंड से पिछड़कर अकेले भागने वाले जानवर का

(ग) केवल बंदरों का

(घ) केवल जिराफ का

उत्तर(ख) झुंड से पिछड़कर अकेले भागने वाले जानवर का।

5. मॉरिशस को पाठ में किस उपमा से सराहा गया है?

(क) हिंद महासागर का मोती एवं सबसे खूबसूरत सितारा

(ख) रेगिस्तान का फूल

(ग) आकाश का चाँद

(घ) पहाड़ों का राजा

उत्तर(क) हिंद महासागर का मोती एवं सबसे खूबसूरत सितारा।

6. मॉरिशस की लगभग कितने प्रतिशत जनसंख्या भारतीय मूल की है?

(क) 30 प्रतिशत

(ख) 53 प्रतिशत

(ग) 67 प्रतिशत

(घ) 90 प्रतिशत

उत्तर(ग) 67 प्रतिशत। (53 प्रतिशत लोग हिंदू हैं।)

7. मॉरिशस का प्रमुख (लगभग एकमात्र) उद्योग कौन-सा है?

(क) कपड़ा

(ख) चीनी (ऊख से)

(ग) मछली पालन

(घ) चाय

उत्तर(ख) चीनी (ऊख से)।

8. मॉरिशस का सबसे बड़ा (सर्वश्रेष्ठ) धार्मिक पर्व कौन-सा है?

(क) दीपावली

(ख) होली

(ग) शिवरात्रि

(घ) दशहरा

उत्तर(ग) शिवरात्रि।

9. ‘परी-तालाब’ का नाम लगभग 50 साल पहले बदलकर क्या रख दिया गया?

(क) शिव-तालाब

(ख) गंगा-तालाब

(ग) काशी-तालाब

(घ) मोती-तालाब

उत्तर(ख) गंगा-तालाब।

10. ‘बी.ओ.ए.सी.’ क्या था?

(क) एक भारतीय बैंक

(ख) एक पुरानी विदेशी विमान कंपनी

(ग) एक समाचार-पत्र

(घ) एक विद्यालय

उत्तर(ख) एक पुरानी विदेशी विमान कंपनी (ब्रिटिश ओवरसीज एयरवेज कॉरपोरेशन)।
उत्तर-कुंजी: 1-(ख), 2-(ग), 3-(ख), 4-(ख), 5-(क), 6-(ग), 7-(ख), 8-(ग), 9-(ख), 10-(ख)

अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।

1. अभिकथन (A): हिरन सिंहों को देखकर भागने के बजाय एक गोल (समूह) में खड़े रहे।

कारण (R): सिंह झुंड का नहीं, बल्कि झुंड से पिछड़कर अकेले भागने वाले जानवर का शिकार करते हैं।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

2. अभिकथन (A): नैरोबी का नेशनल पार्क एक चिड़ियाघर है।

कारण (R): वहाँ जानवरों को पिंजरों में बंद करके रखा जाता है।

उत्तर(घ) A गलत है (नेशनल पार्क चिड़ियाघर नहीं, बल्कि खुला जंगल है जहाँ जानवर स्वतंत्र रहते हैं), और R भी पार्क के संदर्भ में गलत है – पिंजरे तो चिड़ियाघर में होते हैं। (अतः A गलत; R पार्क पर लागू नहीं होता।)

3. अभिकथन (A): मॉरिशस को ‘छोटा-सा हिंदुस्तान’ कहा गया है।

कारण (R): वहाँ की अधिकांश जनसंख्या भारतीय मूल की है और भारत की अनेक विशेषताएँ वहाँ दिखाई देती हैं।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

4. अभिकथन (A): मॉरिशस में ऊख की खेती एवं चीनी-उद्योग की सफलता भारतीय लोगों के कारण है।

कारण (R): यदि भारतीय वंश के लोग वहाँ न गए होते, तो ऊख की खेती असंभव हो जाती और चीनी के कारखाने न बढ़ते।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

5. अभिकथन (A): मॉरिशस के सिंहों ने पर्यटकों को तुच्छ समझकर उनकी ओर नहीं देखा।

कारण (R): सिंह रोज़ अनेक पर्यटकों एवं मोटरों को देखने के अभ्यस्त हो चुके थे, इसलिए उन्हें मनुष्यों से न डर था, न रुचि।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

परीक्षा-उपयोगी सुझाव एवं सामान्य भूलें

परीक्षा-उपयोगी सुझाव

  • विधा अवश्य याद रखें – यह पाठ यात्रा-वृत्तांत (गद्य) है, कहानी या कविता नहीं।
  • लेखक का पूरा नाम — रामधारी सिंह ‘दिनकर’ (राष्ट्रकवि) — शुद्ध वर्तनी में लिखें।
  • तथ्य-आधारित संख्याएँ याद रखें – 67% भारतीय जनसंख्या, 53% हिंदू, राजधानी पोर्टलुई, सबसे बड़ा पर्व शिवरात्रि, परी-तालाब → गंगा-तालाब।
  • नेशनल पार्क एवं चिड़ियाघर का अंतर तथा ‘सिंह झुंड से पिछड़े जानवर का शिकार करते हैं’ – ये प्रायः पूछे जाते हैं।

सामान्य भूलें (इनसे बचें)

  • पाठ का शीर्षक ‘हिंद महासागर’ भर लिखना – पूरा शीर्षक ‘हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान’ है।
  • नैरोबी को देश एवं केन्या को शहर समझ लेना – केन्या देश है, नैरोबी उसकी राजधानी।
  • मॉरिशस को महाद्वीप कहना – यह हिंद महासागर में बसा एक छोटा द्वीप है।
  • 67% (भारतीय मूल) एवं 53% (हिंदू) के आँकड़ों को आपस में उलट देना।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

‘हिंद महासागर में छोटा-सा हिंदुस्तान’ पाठ के लेखक कौन हैं?

इस पाठ के लेखक राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ (1908–1974) हैं। यह उनकी मॉरिशस-यात्रा पर आधारित एक यात्रा-वृत्तांत है।

यह पाठ किस विधा का है?

यह पाठ ‘यात्रा-वृत्तांत’ (गद्य) है, जिसमें लेखक ने अपनी मॉरिशस-यात्रा का सजीव एवं रोचक वर्णन किया है।

मॉरिशस को ‘छोटा-सा हिंदुस्तान’ क्यों कहा गया है?

क्योंकि वहाँ की लगभग 67% जनसंख्या भारतीय मूल की है, हिंदी-भोजपुरी बोली जाती है, गलियों के नाम भारतीय नगरों पर हैं तथा मंदिर, शिवालय एवं शिवरात्रि जैसे भारतीय पर्व वहाँ मनाए जाते हैं – इस प्रकार वहाँ भारत की अनेक विशेषताएँ दिखाई देती हैं।

नैरोबी के नेशनल पार्क में लेखक ने क्या देखा?

लेखक ने वहाँ सात-आठ सिंह आराम करते देखे, जिन्होंने पर्यटकों की ओर देखा तक नहीं; साथ ही बंदर, लंगूर, हिरनों का चौकन्ना झुंड एवं एक जिराफ भी देखा।

पाठ-अंश एवं प्रश्न/गतिविधि-शीर्षक NCERT मल्हार पुस्तक से ज्यों-के-त्यों लिए गए हैं; सार एवं उत्तर ClearStudy द्वारा मौलिक रूप से तैयार किए गए हैं।

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