कक्षा 7 हिंदी मल्हार पाठ 2 — तीन बुद्धिमान प्रश्न उत्तर और सार
तीन बुद्धिमान प्रश्न उत्तर: कक्षा 7 हिंदी मल्हार पाठ 2 की लोककथा में अवलोकन और तार्किक सोच का महत्त्व समझें। सार, शब्दार्थ, सभी अभ्यास, कारक, सूचनापत्र और पहेलियों के हल पढ़ें। व्यक्तिगत और कल्पना वाले उत्तर नमूने हैं।
स्रोत: NCERT मल्हार पाठ 2 की PDF, मुद्रित पृष्ठ 14–28; पहेली-उत्तर पृष्ठ 152, पुनर्मुद्रण 2026–27। व्यक्तिगत, कल्पनात्मक और समूह-कार्य वाले उत्तर नमूने हैं; अपने अनुभव के अनुसार लिखें।
लोककथा के विषय में
पुस्तक इस पाठ को लोककथा के रूप में प्रस्तुत करती है और किसी रचनाकार का नाम नहीं देती। लोककथाएँ लोक-परंपरा में सुनाई जाती रही कथाएँ हैं; उनके अलग रूप और संकलन मिल सकते हैं। यहाँ पिता बेटों को बारीक अवलोकन और बुद्धि का विकास करने की सीख देता है। तीन भाई दिखे-सुने संकेतों से अनुमान लगाते हैं और अंत में अपनी बात का आधार बताते हैं।
पाठ का सार
किसी समय एक निर्धन व्यक्ति के तीन बेटे थे। उसके पास न रुपया-पैसा था और न सोना-चाँदी, इसलिए वह सदा अपने बेटों को समझाता था कि वे एक दूसरे प्रकार का धन संचित करें – हर वस्तु और स्थिति को पूर्णतः समझने-जानने का प्रयास करें, ताकि कोई बात उनकी दृष्टि से न बच पाए। उसने कहा कि रुपये-पैसे के स्थान पर उनके पास पैनी दृष्टि और सोने-चाँदी के स्थान पर तीव्र बुद्धि होगी, तो उन्हें कभी किसी प्रकार की कमी न रहेगी।
पिता के देहांत के बाद तीनों भाई जीविका की खोज में यात्रा पर निकल पड़े। वीरान घाटियों और ऊँचे पहाड़ों को पार करते हुए वे चालीस दिन तक चलते रहे। थककर, पैरों में छाले लिए वे अंततः एक बड़े नगर के निकट पहुँचे। नगर के पास पहुँचते ही सबसे बड़े भाई ने धरती देखकर कहा कि यहाँ से थोड़ी देर पहले एक बहुत बड़ा ऊँट गुज़रा है; मँझले भाई ने कहा कि वह ऊँट एक आँख से नहीं देख पाता; और सबसे छोटे भाई ने बताया कि उस पर एक महिला और एक बच्चा सवार थे।
कुछ ही देर में एक घुड़सवार उनके पास से निकला, जो अपना खोया ऊँट ढूँढ़ रहा था। जब भाइयों ने ऊँट के सारे लक्षण ठीक-ठीक बता दिए तो घुड़सवार को शक हुआ कि उन्होंने ही ऊँट चुराया है और उसकी पत्नी-बेटे को मार डाला है। वह उन्हें राजा के पास ले गया। राजा ने पहले तो भाइयों को चोर मानकर डाँटा, पर भाइयों ने शांति से कहा कि उन्होंने ऊँट देखा तक नहीं; उन्होंने तो केवल अपनी पैनी दृष्टि और बुद्धि से अनुमान लगाया था।
राजा ने उनकी परीक्षा लेने के लिए एक पेटी मँगवाई। तीनों भाइयों ने ध्यान से देखा कि पेटी कैसे लाई और रखी गई। बड़े भाई ने बताया कि पेटी में कोई छोटी-सी गोल वस्तु है, मँझले ने कहा कि वह अनार है और छोटे ने कहा कि वह कच्चा है। पेटी खुलने पर सचमुच कच्चा अनार निकला। राजा चकित रह गया। भाइयों ने समझाया कि उन्होंने पैरों के चिह्नों, चरी हुई घास, रेत के निशानों और पेटी में लुढ़कने की ध्वनि तथा उद्यान की दिशा और अनारों की अवस्था देखकर अनुमान लगाए थे। राजा ने उनकी निर्दोषता मानी, उनका आदर-सत्कार किया और प्रशंसा करते हुए कहा कि भले ही उनके पास सांसारिक धन न हो, पर उनके पास बुद्धि का बहुत बड़ा कोष है। उसने तीनों को अपने दरबार में रख लिया।
संकेत से निष्कर्ष — कथा में किस भाई ने क्या देखा?
| भाई / प्रसंग | दिखा या सुना संकेत | कथा का अनुमान |
|---|---|---|
| बड़ा — ऊँट | धूल पर बड़े पदचिह्न | बहुत बड़ा ऊँट गुज़रा |
| मँझला — ऊँट | दाईं ओर घास चरी, बाईं ओर ज्यों की त्यों | ऊँट एक आँख से नहीं देख पाता |
| छोटा — सवारी | ऊँट के घुटने टेकने के चिह्न; पास स्त्री के जूतों और छोटे पैरों के निशान | महिला और बच्चा सवार थे |
| बड़ा — पेटी | पेटी सहजता से उठी; रखते समय छोटी वस्तु लुढ़कने की ध्वनि | कोई हल्की, छोटी गोल वस्तु |
| मँझला — पेटी | पेटी उद्यान की दिशा से आई; आसपास अनार के पेड़ | अनार |
| छोटा — अनार | खिड़की से उस समय उद्यान के सभी अनार कच्चे दिखे | कच्चा अनार |
कथा में ये अनुमान सही निकलते हैं। वास्तविक जीवन में एक संकेत के अन्य कारण भी हो सकते हैं; अनुमान को पक्का प्रमाण मानकर किसी पर आरोप न लगाएँ। यहाँ अनार पहचानने के लिए सूँघने का उल्लेख नहीं है।

शब्दार्थ
| कठिन शब्द | अर्थ |
|---|---|
| निर्धन | गरीब, धनहीन |
| संचित करना | इकट्ठा करना, जमा करना |
| पैनी दृष्टि | तीक्ष्ण/सूक्ष्म नज़र, गहरी अवलोकन-शक्ति |
| तीव्र बुद्धि | तेज़ समझ, कुशाग्र बुद्धि |
| उन्नीस रहना | किसी से थोड़ा कम/पीछे रहना |
| चल बसना | देहांत हो जाना, मर जाना |
| श्रमिक | मेहनत-मज़दूरी करने वाला, मज़दूर |
| चरवाहा | पशु चराने वाला |
| सुनसान-वीरान | निर्जन, जहाँ कोई न हो |
| लाँघना | पार करना, फलाँगना |
| थककर चूर होना | बहुत अधिक थक जाना |
| छाले पड़ना | त्वचा पर फफोले बन जाना |
| संभवतः | शायद, हो सकता है |
| घुड़सवार | घोड़े पर सवार व्यक्ति |
| शंका | संदेह, अविश्वास |
| रेवड़ | पशुओं का झुंड |
| भटकना | रास्ता भूल जाना |
| धमकाना | डराना, भय दिखाना |
| फुसफुसाना | धीमे-धीमे कान में कहना |
| उद्यान | बगीचा, बाग |
| आवभगत | आदर-सत्कार, खातिरदारी |
| निर्दोष | बेकसूर, जिसका कोई दोष न हो |
| असाधारण | अनोखा, सामान्य से कहीं बढ़कर |
| तीक्ष्ण | तेज़, पैना |
| ज्ञानेंद्रियाँ | ज्ञान देने वाली पाँच इंद्रियाँ (आँख, कान, नाक, जीभ, त्वचा) |
मेरी समझ से
(क) लोककथा के आधार पर नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
(1) लोककथा में पिता ने अपने बेटों से ‘धन संचय करने’ को कहा। उनकी इस बात का क्या अर्थ हो सकता है?
• खेती-बारी करना और धन इकट्ठा करना
• पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना
• ऊँट का व्यापार करना
• गाँव छोड़कर किसी नगर में जाकर बसना
(2) तीनों भाइयों ने अपने ज्ञान और बुद्धि का उपयोग करके ऊँट के बारे में बहुत-कुछ बता दिया। इससे क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
• बुद्धि का प्रयोग करके ऊँट के बारे में सब-कुछ बताया जा सकता है।
• समस्या को सुलझाने के लिए ध्यान से निरीक्षण करना महत्वपूर्ण है।
• किसी व्यक्ति का ज्ञान, बुद्धि और धन ही सबसे बड़ी ताकत है।
• ऊँट के बारे में जानने के लिए दूसरों पर भरोसा करना चाहिए।
(3) राजा ने भाइयों की बुद्धिमत्ता पर विश्वास क्यों किया?
• भाइयों ने अपनी बात को तर्क के साथ समझाया।
• राजा को ऊँट के स्वामी की बातों पर संदेह था।
• राजा ने स्वयं ऊँट और पेटी की जाँच कर ली थी।
• भाइयों ने राजा को अपनी बात में उलझा लिया था।
(4) लोककथा के पात्रों और घटनाओं के आधार पर, राजा के निर्णय के पीछे कौन-सा मूल्य छिपा है?
• दोषी को कड़ा से कड़ा दंड देना हर समस्या का सबसे बड़ा समाधान है।
• अच्छी तरह जाँच किए बिना किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए।
• राजा की प्रत्येक बात और निर्णय को सदा सही माना जाना चाहिए।
• ऊँट की चोरी के निर्णय के लिए सेवक की बुद्धि का उपयोग करना चाहिए।
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने भिन्न-भिन्न उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने।
पंक्तियों पर चर्चा
पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया?
(क) “रुपये-पैसे के स्थान पर तुम्हारे पास पैनी दृष्टि होगी और सोने-चाँदी के स्थान पर तीव्र बुद्धि होगी। ऐसा धन संचित कर लेने पर तुम्हें कभी किसी प्रकार की कमी न रहेगी और तुम दूसरों की तुलना में उन्नीस नहीं रहोगे।”
(ख) “हर वस्तु और स्थिति को पूर्णतः समझने और जानने का प्रयास करो। कुछ भी तुम्हारी दृष्टि से न बच पाए।”
(ग) “हमने अपने परिवेश को पैनी दृष्टि से देखने और बुद्धि से सोचने के प्रयास में बहुत समय लगाया है।”
मिलकर करें मिलान
इस लोककथा में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे स्तंभ 1 में दिए गए हैं। उनके भाव या अर्थ से मिलते-जुलते वाक्य स्तंभ 2 में दिए गए हैं। स्तंभ 1 के वाक्यों को स्तंभ 2 के उपयुक्त वाक्यों से सुमेलित कीजिए।
| स्तंभ 1 | स्तंभ 2 |
|---|---|
| 1. कुछ समय पश्चात् पिता चल बसे। | 1. घोड़े पर सवार व्यक्ति ने तीनों भाइयों को अविश्वास से देखा। |
| 2. हम कहीं भी क्यों न हों, भूखे नहीं मरेंगे। | 2. थोड़े समय के बाद पिता का देहांत हो गया। |
| 3. घुड़सवार ने तीनों भाइयों को शंका की दृष्टि से देखा। | 3. लोग इतने अचंभित थे कि उनका आश्चर्य व्यक्त करना कठिन था। |
| 4. बचपन से ही हमें ऐसी आदत पड़ गई है कि हम कुछ भी अपनी दृष्टि से नहीं चूकने देते। | 4. बचपन से ही हमें आदत हो गई है कि हम हर छोटी-बड़ी वस्तु पर ध्यान अवश्य देते हैं। |
| 5. लोगों के आश्चर्य का कोई ठिकाना न था। | 5. हम चाहे जहाँ भी हों, हमें खाने के लिए कुछ-न-कुछ मिल ही जाएगा। |
मूल दाएँ स्तंभ की संख्या में सही मिलान: 1→2, 2→5, 3→1, 4→4, 5→3।
सोच-विचार के लिए
(क) ऊँट को देखे बिना जानकारी: बड़े भाई ने बड़े पदचिह्न, मँझले ने एक ओर चरी घास और छोटे ने बैठने व सवारी के निशान देखे। ऊपर की सारणी में संकेत और अनुमान अलग दिए हैं।
(ख) सबसे अधिक महत्त्व — नमूना: मेरे अनुसार अवलोकन और तार्किक सोच प्रमुख हैं। भाइयों ने संकेत ध्यान से देखे और उनसे कारण जोड़े। सत्यवादिता भी महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि दबाव में वे अपनी बात से नहीं हटे। दूसरे चयन को भी घटना और तर्क से स्पष्ट किया जा सकता है।
(ग) राजा की सोच क्यों बदली? पेटी खोलने पर भाइयों का अनुमान सही निकला। उन्होंने वस्तु के आकार, उद्यान की दिशा और अनार की अवस्था के आधार बताए। कथा में राजा ने उनकी बुद्धिमत्ता पहचानकर उन्हें निर्दोष माना।
(घ) स्वामी का संदेह और बेहतर उपाय: बिना बताए ऊँट के लक्षण सुनकर उसे लगा कि भाइयों ने चोरी की होगी। उसे उनकी बात और संकेतों की जाँच करनी चाहिए थी तथा बताए रास्ते पर ऊँट और परिवार की खोज करनी चाहिए थी। आरोप ही प्रमाण नहीं है।
(ङ) पिता की सीख: उसके पास भौतिक संपत्ति कम थी। वह चाहता था कि बेटे अवलोकन और समझ विकसित करके आत्मनिर्भर बनें। इससे उसके अनुभव, दूरदृष्टि और संतानों की चिंता का पता चलता है। इसका अर्थ यह नहीं कि भोजन, धन या मेहनत का महत्त्व समाप्त हो जाता है।
(च) राजा की परीक्षा क्या बताती है? पहले उसका चोर मानकर धमकाना जल्दबाज़ी दिखाता है। बाद में वह जिज्ञासा से परीक्षा लेता, कारण सुनता और अपना मत बदलता है। उसमें सीखने और पुनर्विचार की क्षमता दिखाई देती है। वास्तविक जाँच केवल ऐसी एक पहेली पर निर्भर नहीं होनी चाहिए।
(छ) अपनाने योग्य विशेषता — नमूना: मैं ध्यान से देखने और बिना घबराए अपने तर्क बताने की आदत अपनाना चाहूँगा/चाहूँगी। इससे समस्या सुलझाने और अपनी बात स्पष्ट रखने में मदद मिलती है।
अनुमान और कल्पना से
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए।
(क) यदि राजा ने बिना जाँच के भाइयों को दोषी ठहरा दिया होता तो इस लोककथा का क्या परिणाम होता?
(ख) यदि भाइयों ने अनार के बारे में सही अनुमान न लगाया होता तो लोककथा का अंत किस प्रकार होता? अपने विचार व्यक्त करें।
(ग) लोककथा में यदि तीनों भाई ऊँट को खोजने जाते तो उन्हें कौन-कौन सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था?
(घ) यदि राजा के स्थान पर आप होते तो भाइयों की परीक्षा लेने के लिए किस प्रकार के सवाल या गतिविधियाँ करते? अपनी कल्पना साझा करें।
शब्द से जुड़े शब्द
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘मस्तिष्क’ और ‘बुद्धि’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए।
लोककथा को सुनाना
लोककथा को रोचक और प्रभावशाली ढंग से सुनाने के लिए पुस्तक में कुछ सुझाव (कथा सुनाना) दिए गए हैं। उन सुझावों को ध्यान में रखते हुए नीचे संक्षेप में मार्गदर्शन दिया गया है।
कारक (भाषा की बात)
संज्ञा या सर्वनाम के साथ प्रयुक्त होने वाले ‘ने, को, पर, से, के द्वारा, का, में, के लिए, की, के’ आदि शब्दों को कारक या परसर्ग कहते हैं। नीचे दिए गए वाक्यों में उपयुक्त कारक भरकर इन्हें पूरा कीजिए।
1. “हमने तो तुम्हारे ऊँट ____ देखा तक नहीं”, भाइयों ____ परेशान होते हुए कहा।
2. “मैं अपने रेवड़ों ____ पहाड़ों ____ लिये जा रहा था”, उसने कहा, “और मेरी पत्नी मेरे छोटे-से बेटे ____ साथ एक बड़े-से ऊँट ____ मेरे पीछे-पीछे आ रही थी।”
3. राजा ____ उसी समय अपने मंत्री ____ बुलाया और उसके कान ____ कुछ फुसफुसाया।
4. यह सुनकर राजा ____ पेटी ____ पास लाने ____ आदेश दिया। सेवकों ____ तुरंत आदेश पूरा किया। राजा ____ सेवकों ____ पेटी खोलने ____ लिए कहा।
कारक अभ्यास में मुख्य भराव: (1) को, ने; (2) को, पर, के, पर; (3) ने, को, में; (4) ने, को, का, ने, ने, से/को, के। “राजा ने सेवकों से पेटी खोलने के लिए कहा” और “सेवकों को … कहा” दोनों प्रचलित रूप हैं। “को” लगने पर शुद्ध रूप “तुम्हारे ऊँट को” है।
सूचनापत्र
कल्पना कीजिए कि आप इस लोककथा के वह घुड़सवार हैं जिसका ऊँट खो गया है। आप अपने ऊँट को खोजने के लिए एक सूचना कागज़ पर लिखकर पूरे शहर में जगह-जगह चिपकाना चाहते हैं। अपनी कल्पना और लोककथा में दी गई जानकारी के आधार पर एक सूचनापत्र लिखिए।
आपकी बात
(पाठ से आगे) नीचे दिए प्रश्न आपके अपने अनुभव से जुड़े हैं। नमूने के रूप में मार्गदर्शन दिया गया है; आप अपने अनुभव के अनुसार लिख सकते हैं।
1. लोककथा में तीन भाइयों की पैनी दृष्टि की बात कही गई है। क्या आपने कभी अपनी पैनी दृष्टि का प्रयोग किसी समस्या को हल करने के लिए किया है? उस समस्या और आपके द्वारा दिए गए हल के विषय में लिखिए।
2. लोककथा में बताया गया है कि भाइयों ने “बचपन से हर वस्तु पर ध्यान देने की आदत डाली।” यदि आपने ऐसा किया है तो आपको अपने जीवन में इसके क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
3. लोककथा में भाइयों को यात्रा करते समय अनेक कठिनाइयाँ आईं, जैसे – भूख, थकान और पैरों में छाले। आप अपने दैनिक जीवन में किन-किन कठिनाइयों का सामना करते हैं? लिखिए।
4. भाइयों ने बिना देखे ही ऊँट के बारे में सही-सही बातें बताईं। क्या आपको लगता है कि अनुभव और समझ से देखे बिना भी सही निर्णय लिया जा सकता है? क्या आपने भी कभी ऐसा किया है?
5. जब ऊँट के स्वामी ने भाइयों पर शंका की तो भाइयों ने बिना गुस्सा किए शांति से उत्तर दिया। क्या आपको लगता है कि कभी किसी को संदेह होने पर हमें भी शांत रहकर उत्तर देना चाहिए? क्या आपने कभी ऐसी स्थिति का सामना किया है?
6. राजा ने भाइयों की बुद्धिमानी देखकर बहुत आश्चर्य व्यक्त किया। क्या आपको कभी किसी की सोच, समझ या किसी विशेष कौशल को देखकर आश्चर्य हुआ है? क्या आपने कभी किसी से कुछ ऐसा सीखा है जो आपके लिए बिलकुल नया और चौंकाने वाला हो?
7. लोककथा में पिता ने अपने बेटों को यह सलाह दी कि वे समझ और ज्ञान जमा करें। क्या आपको कभी किसी बड़े व्यक्ति से ऐसी कोई सलाह मिली है जो आपके जीवन में उपयोगी रही हो? क्या आप भी अपने अनुभव से किसी को ऐसी सलाह देंगे?
8. भाइयों ने अपने ऊपर लगे आरोपों के होते हुए भी सदा सच्चाई का साथ दिया। क्या आपको लगता है कि सदा सच बोलना महत्वपूर्ण है, भले ही स्थिति कठिन क्यों न हो? क्या आपको किसी समय ऐसा लगा है कि आपकी सच्चाई ने आपको समस्याओं से बाहर निकाला हो?
पाठ से आगे (अन्य गतिविधियाँ)
ध्यान से देखना-सुनना-अनुभव करना
इस लोककथा में तीनों भाई आसपास की प्रत्येक घटना और वस्तु को ध्यान से देखते, सुनते, सूँघते और अनुभव करते हैं अर्थात् अपनी ज्ञानेंद्रियों और बुद्धि का पूरा उपयोग करते हैं। पुस्तक में दो खेल दिए गए हैं।
स्पर्श/गंध/स्वाद गतिविधि शिक्षक की देखरेख में करें। स्वाद के लिए केवल पहचानी हुई सुरक्षित खाद्य वस्तुएँ दें; अज्ञात पौधा, खिलौना, कपड़ा, किताब या मसाला अंधाधुंध न चखें। पट्टी बाँधे विद्यार्थी को चलने न दें। कथानक में प्रमुख संकेत देखने और सुनने के हैं; पाँचों इंद्रियों का उपयोग हर अनुमान में हुआ नहीं बताया गया है।
आज की पहेली — पुस्तक की सूची और तर्क
1. गिरगिट: लंबी पूँछ, कीटों का आहार, रंग बदलना और आसपास देखती आँखों के संकेत इस प्राणी की ओर हैं। पुस्तक के पृष्ठ 152 की सूची में भी यही उत्तर है।
2. पीले के बगल में नीला डिब्बा: लाल के पास नीला और हरा दोनों हैं। पीला न लाल के पास है, न हरे के पास; इसलिए उसे नीले के पास होना पड़ेगा। चार डिब्बे एक सीधी कतार में हों तो दो उलटे क्रम संभव हैं:
अथवा इसका उल्टा: पीला → नीला → लाल → हरा। दोनों में पीले का पड़ोसी नीला है।
खोजबीन के लिए
पुस्तक में दी गई इंटरनेट कड़ियों (‘सुनो लोककथा’, ‘दुनिया की छत’, ‘भूल चूक लेनी देनी’) के माध्यम से अनेक अन्य रोचक लोककथाएँ देखी-सुनी जा सकती हैं।
ClearStudy के अतिरिक्त प्रश्न
यह अतिरिक्त अभ्यास NCERT के मुद्रित अभ्यास से अलग है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (30–40 शब्द)
1. पिता ने अपने बेटों को कौन-सा ‘धन’ संचित करने की सलाह दी और क्यों?
2. तीनों भाई यात्रा पर क्यों निकले?
3. घुड़सवार ने भाइयों पर ऊँट चुराने का संदेह क्यों किया?
4. राजा ने भाइयों की परीक्षा कैसे ली?
5. अंत में राजा ने भाइयों के विषय में क्या कहा और क्या किया?
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (100–120 शब्द)
6. ‘तीन बुद्धिमान’ लोककथा का मूल भाव (केंद्रीय संदेश) अपने शब्दों में लिखिए।
7. इस लोककथा के तीनों भाइयों के चरित्र की विशेषताएँ लिखिए।
8. इस लोककथा से हमें क्या-क्या शिक्षाएँ मिलती हैं? सोदाहरण लिखिए।
ClearStudy अभ्यास MCQ और अभिकथन-कारण
1. ‘तीन बुद्धिमान’ किस प्रकार की रचना है?
(क) कविता
(ख) निबंध
(ग) लोककथा (कहानी)
(घ) नाटक
2. पिता ने अपने बेटों को किस प्रकार का धन संचित करने को कहा?
(क) सोना-चाँदी
(ख) रुपया-पैसा
(ग) पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि
(घ) खेत और पशु
3. भाई कितने दिनों तक लगातार चलते रहे?
(क) बीस दिन
(ख) तीस दिन
(ग) चालीस दिन
(घ) पचास दिन
4. सबसे बड़े भाई ने धरती देखकर क्या बताया?
(क) यहाँ से एक घोड़ा गया है
(ख) यहाँ से एक बहुत बड़ा ऊँट गया है
(ग) यहाँ से एक हाथी गया है
(घ) यहाँ से एक बैलगाड़ी गई है
5. मँझले भाई ने यह कैसे जाना कि ऊँट एक आँख से नहीं देख पाता?
(क) ऊँट को सामने देखकर
(ख) सड़क के एक ओर की घास चरी थी, दूसरी ओर की नहीं
(ग) घुड़सवार के बताने पर
(घ) राजा के बताने पर
6. घुड़सवार भाइयों को कहाँ ले गया?
(क) अपने घर
(ख) मंदिर
(ग) राजा के भवन में
(घ) बाज़ार में
7. राजा ने भाइयों की परीक्षा लेने के लिए किसका उपयोग किया?
(क) एक तलवार
(ख) एक बड़ी पेटी
(ग) एक घोड़ा
(घ) एक थैला
8. पेटी में क्या रखा हुआ था?
(क) पका हुआ आम
(ख) कच्चा अनार
(ग) सोने के सिक्के
(घ) एक पत्र
9. छोटे भाई ने अनार के कच्चा होने का अनुमान कैसे लगाया?
(क) पेटी खोलकर देखकर
(ख) उद्यान में सभी अनार उस समय कच्चे थे, इसलिए
(ग) राजा के बताने पर
(घ) सूँघकर
10. अंत में राजा ने भाइयों के साथ क्या किया?
(क) उन्हें दंड दिया
(ख) उन्हें कारागार में डाल दिया
(ग) उनका आदर-सत्कार कर अपने दरबार में रख लिया
(घ) उन्हें नगर से निकाल दिया
अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।
1. अभिकथन (A): भाइयों ने बिना ऊँट को देखे ही उसके विषय में सही बता दिया।
कारण (R): उन्होंने पैरों के निशान, चरी हुई घास और रेत के चिह्नों का बारीकी से निरीक्षण किया था।
2. अभिकथन (A): पिता के पास बेटों को देने के लिए बहुत सोना-चाँदी था।
कारण (R): पिता एक निर्धन व्यक्ति था जिसके पास रुपया-पैसा या सोना-चाँदी नहीं था।
3. अभिकथन (A): राजा ने भाइयों को बिना जाँच किए तुरंत दंड दे दिया।
कारण (R): राजा ने पहले पेटी द्वारा भाइयों की बुद्धिमत्ता की परीक्षा ली, फिर निर्णय किया।
4. अभिकथन (A): चोर कहे जाने पर भी भाइयों ने शांति से उत्तर दिया।
कारण (R): भाई सच्चे एवं धैर्यवान थे और जानते थे कि वे निर्दोष हैं।
5. अभिकथन (A): राजा ने भाइयों को अपने दरबार में रख लिया।
कारण (R): राजा उनकी असाधारण पैनी दृष्टि और तीक्ष्ण बुद्धि से अत्यंत प्रभावित हुआ था।
परीक्षा-उपयोगी सुझाव (Exam Tips)
- कथा के तीन प्रमुख प्रसंग क्रम से याद रखें – पिता की सीख, ऊँट के विषय में अनुमान, तथा पेटी की परीक्षा।
- हर अनुमान के पीछे का कारण अवश्य लिखें (जैसे – घास का एक ओर चरा होना → ऊँट एक आँख से अंधा); निष्कर्ष के साथ उसका कारण स्पष्ट करना सीखें।
- कथा का केंद्रीय संदेश – ‘ज्ञान एवं अवलोकन ही सच्चा धन है’ – उत्तर के अंत में अवश्य जोड़ें।
- मूल्य-आधारित प्रश्न (राजा की न्यायप्रियता, सत्य का साथ) के लिए कथा की घटनाओं का उदाहरण दें।
सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)
- इसे कविता समझ लेना – यह एक लोककथा (कहानी) है, इसका कोई एक रचनाकार नहीं है।
- तीनों भाइयों के अनुमानों को आपस में मिला देना – बड़ा भाई → ऊँट का बड़ा होना, मँझला → एक आँख से अंधा, छोटा → महिला व बच्चे का सवार होना।
- पेटी में ‘पका अनार’ लिख देना – उसमें कच्चा अनार था।
- कारक भरते समय ‘ने’ और ‘को’ में भ्रम करना – इस अभ्यास में “भाइयों ने कहा” और “मंत्री को बुलाया” जैसे वाक्यों का प्रयोग देखें। हर कर्ता के साथ “ने” और हर कर्म के साथ “को” लगाना आवश्यक नहीं होता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
‘तीन बुद्धिमान’ पाठ की विधा क्या है और इसके रचनाकार कौन हैं?
‘तीन बुद्धिमान’ एक लोककथा (कहानी) है। लोककथा होने के कारण इसका कोई एक निश्चित रचनाकार नहीं है; यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी मौखिक रूप में चलती रही कहानी है जिसे बाद में संकलित किया गया है।
पिता ने अपने बेटों को कौन-सा धन संचित करने को कहा था?
पिता ने बेटों को रुपये-पैसे और सोने-चाँदी के स्थान पर पैनी दृष्टि (गहरी अवलोकन-शक्ति) और तीव्र बुद्धि रूपी धन संचित करने को कहा, क्योंकि यह धन कभी समाप्त नहीं होता।
भाइयों ने बिना ऊँट देखे उसके विषय में कैसे बताया?
उन्होंने धूल पर बने पैरों के निशान, सड़क के एक ओर चरी हुई घास तथा रेत पर महिला के जूतों एवं बच्चे के छोटे पैरों के चिह्नों का बारीकी से निरीक्षण करके ऊँट के विषय में सही अनुमान लगाया।
राजा ने भाइयों को निर्दोष क्यों माना?
पेटी की परीक्षा में भाइयों ने बिना खोले ही बता दिया कि उसमें कच्चा अनार है। प्रत्येक अनुमान का तार्किक कारण समझाने पर राजा को विश्वास हो गया कि वे चोर नहीं, बल्कि असाधारण बुद्धिमान हैं, इसलिए उसने उन्हें निर्दोष माना।
कहानी (लोककथा) एवं प्रश्न/गतिविधि-शीर्षक NCERT मल्हार पुस्तक से ज्यों-के-त्यों लिए गए हैं; सार एवं उत्तर ClearStudy द्वारा मौलिक रूप से तैयार किए गए हैं।
