कक्षा 7 संस्कृत दीपकम् पाठ 10 दशमः कः? हल (NCERT 2026–27)
यह पृष्ठ कक्षा 7 संस्कृत दीपकम् (दीपकम्) पाठ 10 ‘दशमः कः?’ का सम्पूर्ण समाधान देता है – मूल पाठ (कथा) के साथ अन्वय/भावार्थ, सार, शब्दार्थ तथा पाठ के अभ्यासः के प्रत्येक प्रश्न एवं उप-भाग के मौलिक, परीक्षा-उपयोगी उत्तर, साथ ही संख्यावाचक एवं पूरणवाचक शब्दों की व्याकरण-तालिकाएँ, अतिरिक्त प्रश्न, MCQ, अभिकथन-कारण एवं FAQ। यह एक रोचक कथा है जिसमें दस बालक नदी पार करते हैं किन्तु गिनती में स्वयं को भूल जाने के कारण स्वयं को नौ ही समझ बैठते हैं।
- पाठ का अवलोकन (Chapter Overview)
- पाठ-परिचय / प्रसंग
- मूल पाठ + अन्वय/भावार्थ
- सार (Hindi Summary)
- शब्दार्थ (Word-meanings)
- अभ्यासः (वयम् अभ्यासं कुर्मः)
- अत्र इदम् अवधेयम् & योग्यताविस्तरः (व्याकरण-तालिकाः)
- अतिरिक्त प्रश्न (Extra Questions)
- MCQ & अभिकथन-कारण
- परीक्षा-सुझाव एवं सामान्य त्रुटियाँ
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
पाठ का अवलोकन (Chapter Overview)
दीपकम् कक्षा 7 का दशम पाठ ‘दशमः कः?’ (दसवाँ कौन है?) एक मनोरंजक एवं शिक्षाप्रद गद्य-कथा है। पाठ का आरम्भ संस्कृत-ओलम्पियाड-परीक्षा से सम्बन्धित एक रोचक संवाद से होता है, जिसमें प्रथम, द्वितीय आदि स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों के नाम पूछे जाते हैं और इसी क्रम में ‘दशमः कः?’ (दसवाँ कौन?) प्रश्न उठता है। इसी से मुख्य कथा का सूत्रपात होता है। मुख्य कथा में दस बालक नदी में स्नान करने जाते हैं। नदी पार करने के बाद नायक यह जानना चाहता है कि सभी पार हुए या नहीं। प्रत्येक बालक गिनती करते समय स्वयं को गिनना भूल जाता है, अतः सभी को नौ ही गिनता है और सोचता है कि दसवाँ नदी में डूब गया। अन्ततः एक पथिक उन्हें ठीक से गिनकर बताता है कि ‘दसवाँ तो तुम स्वयं हो’। पाठ का केन्द्रीय संदेश यह है कि हमें अपने आप को भी गणना में सम्मिलित करना चाहिए तथा यह पाठ पूरणवाचक एवं संख्यावाचक शब्दों (प्रथमः, द्वितीयः … दशमः) का अभ्यास भी कराता है।
पाठ-परिचय / प्रसंग
यह पाठ एक प्रसिद्ध लोककथा पर आधारित है, जो सरल संस्कृत गद्य में लिखी गई है। पाठ का आरम्भिक संवाद विद्यालय की संस्कृत-ओलम्पियाड-परीक्षा के परिणाम पर केन्द्रित है – जिसमें विद्याधरः प्रथम, प्रीतिः द्वितीय एवं हेमलता तृतीय स्थान प्राप्त करती है, और छात्रगण क्रमशः चतुर्थ, पञ्चम, नवम स्थान बताते हैं। जब ‘दशमः कः?’ पूछा जाता है, तब आचार्य कहते हैं कि आज हम ‘दशम’ के विषय में एक कथा पढ़ेंगे। मुख्य कथा का उद्देश्य संख्यावाचक एवं पूरणवाचक (प्रथमः, द्वितीयः, तृतीयः … दशमः) शब्दों का व्यावहारिक अभ्यास कराना तथा यह शिक्षा देना है कि किसी कार्य को सावधानीपूर्वक एवं स्वयं को भी सम्मिलित करते हुए सम्पन्न करना चाहिए।
मूल पाठ + अन्वय/भावार्थ
(NCERT दीपकम् पाठ 10 की मूल गद्य-कथा, ज्यों-के-त्यों; नीचे प्रत्येक अनुच्छेद का सरल भावार्थ दिया गया है।)
सार (Hindi Summary)
‘दशमः कः?’ पाठ का आरम्भ विद्यालय की संस्कृत-ओलम्पियाड-परीक्षा के परिणाम पर एक रोचक संवाद से होता है, जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाले छात्रों के नाम बताए जाते हैं और ‘दशमः कः?’ (दसवाँ कौन?) प्रश्न उठता है। इसी प्रसंग से आचार्य ‘दशम’ से सम्बन्धित एक कथा सुनाते हैं।
कथा इस प्रकार है – एक बार दस बालक नदी में स्नान करने जाते हैं। स्नान के बाद वे तैरकर नदी के दूसरे किनारे पर पहुँच जाते हैं। उनका नायक यह जानना चाहता है कि सभी बालक पार हुए या नहीं। एक बालक सबको पंक्ति में खड़ा करके गिनता है, परन्तु वह स्वयं को गिनना भूल जाता है, अतः केवल नौ ही गिनता है। दूसरा बालक भी इसी प्रकार स्वयं को छोड़कर गिनता है और नौ ही पाता है। इससे सभी यह सोचकर दुखी हो जाते हैं कि दसवाँ बालक नदी में डूब गया, और चुपचाप खड़े रह जाते हैं।
तभी एक पथिक वहाँ आता है। दुखी बालकों से उनके दुख का कारण पूछने पर नायक सारी बात बताता है। पथिक उन्हें गिनता है तो वहाँ दस बालक ही होते हैं। वह नायक से बालकों को गिनवाता है; नायक फिर नौ ही गिनता है। तब पथिक कहता है – ‘दसवाँ तो तुम स्वयं हो।’ यह सुनकर सभी प्रसन्न हो जाते हैं और आनन्द से घर लौट जाते हैं। इस कथा से यह शिक्षा मिलती है कि किसी भी गणना या कार्य में हमें स्वयं को भी सम्मिलित करना नहीं भूलना चाहिए। साथ ही यह पाठ संख्यावाचक एवं पूरणवाचक (प्रथमः, द्वितीयः … दशमः) शब्दों का सुन्दर अभ्यास कराता है।
शब्दार्थ (Word-meanings)
| शब्दः (Sanskrit) | संस्कृत-अर्थः | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|---|
| तीर्त्वा | सन्तरणं कृत्वा | तैरकर | Having swum |
| स्नानाय | स्नाननिमित्तम् | नहाने के लिए | For bathing |
| चिरम् | बहुकालपर्यन्तम् | देर तक | For a long time |
| उत्तीर्णाः | पारं गताः | पार हुए | Crossed over |
| अपरः | अन्यः | दूसरा | Another |
| आत्मानम् | स्वम् | स्वयं को | Oneself |
| मग्नः | विलीनः | डूब गया | Drowned |
| विषण्णाः | खिन्नाः | दुःखी हुए | Saddened |
| तूष्णीम् | निःशब्दम् | मौन / चुप | Silent |
| पथिकः | मार्गगन्ता | यात्री / राहगीर | Traveller |
| अगणयत् | गणनां कृतवान् | गिना | Counted |
| प्रहृष्टाः | आनन्दिताः | प्रसन्न / हर्षित | Delighted |
| कतमः | कियत्-संख्यात्मकः | कौन-सा | Which one |
| पङ्क्तौ | आवल्याम् | पंक्ति में | In a row / line |
| निश्चयम् अकुर्वन् | निर्णयं कृतवन्तः | निश्चय किया | (They) decided |
| अतिष्ठन् | स्थिताः अभवन् | खड़े रह गए | (They) stood / remained |
| आदिशत् | आज्ञां दत्तवान् | आदेश दिया | (He) ordered |
| मिलित्वा | संगत्य | मिलकर | Together |
| आनन्देन | हर्षेण | प्रसन्नता से | With joy |
अभ्यासः (वयम् अभ्यासं कुर्मः)
1. कोष्ठकात् समीचीनम् उत्तरं चित्वा लिखन्तु —
(क) कति बालकाः स्नातुं गताः ? (पञ्च, द्वादश, दश)
(ख) कतमः बालकः नद्यां मग्नः इति निश्चयम् अकुर्वन् ? (प्रथमः, दशमः, पञ्चमः)
(ग) दशमः कः आसीत् ? (नायकः, पथिकः, नदी)
(घ) कः सम्यक्रूपेण बालकान् गणितवान् ? (नायकः, पथिकः, बालकः)
(ङ) बालकाः कां तीर्त्वा पारं गताः ? (पुष्करिणीम्, समुद्रम्, नदीम्)
2. पाठस्य आधारेण एकवाक्येन प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखन्तु —
(क) दश बालकाः किमर्थं नदीम् अगच्छन् ?
(ख) नायकः किम् अपृच्छत् ?
(ग) बालकाः स्नानाय कुत्र अगच्छन् ?
(घ) बालकाः किं निश्चयम् अकुर्वन् ?
(ङ) बालकाः कथं गृहम् अगच्छन् ?
3. पट्टिकातः उचितं विशेषणपदं योजयित्वा वाक्यानि रचयन्तु —
पट्टिका (अङ्गुलयः): अङ्गुष्ठः – १ (प्रथमा), तर्जनी – २ (द्वितीया), मध्यमा – ३ (तृतीया), अनामिका – ४ (चतुर्थी), कनिष्ठिका – ५ (पञ्चमी)। पूरणवाचक पद – प्रथमा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पञ्चमी।
4. पट्टिकां दृष्ट्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखन्तु —
सप्ताहः – प्रथमः दिवसः: रविवासरः, द्वितीयः: सोमवासरः, तृतीयः: मङ्गलवासरः, चतुर्थः: बुधवासरः, पञ्चमः: गुरुवासरः, षष्ठः: शुक्रवासरः, सप्तमः: शनिवासरः।
(क) सप्ताहस्य प्रथमः दिवसः कः ?
(ख) सप्ताहस्य कतमः दिवसः रविवासरः अस्ति ?
(ग) सप्ताहस्य षष्ठः दिवसः कः ?
(घ) सप्ताहस्य कतमः दिवसः शनिवासरः अस्ति ?
(ङ) सप्ताहस्य अन्तिमः दिवसः कः अस्ति ?
5. वाटिकां दृष्ट्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखन्तु —
भारतीय-द्वादशमासाः (क्रमशः): चैत्रः, वैशाखः, ज्येष्ठः, आषाढः, श्रावणः, भाद्रपदः, आश्विनः, कार्तिकः, मार्गशीर्षः, पौषः, माघः, फाल्गुनः।
(क) मासेषु पञ्चमः मासः कः ?
(ख) मार्गशीर्षः कतमः मासः अस्ति ?
(ग) मासेषु दशमः मासः कः ?
(घ) कार्त्तिकः कतमः मासः अस्ति ?
(ङ) मासेषु अन्तिमः मासः कः ?
6. मञ्जूषां पश्यन्तु, उत्तरं लिखन्तु —
आङ्ग्लमासाः (क्रमशः): जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मै, जून, जुलै, अगस्त, सितम्बर, अक्तूबर, नवम्बर, दिसम्बर।
(क) आङ्ग्लमासेषु दशमः मासः ?
(ख) फरवरीमासः … मासः अस्ति ।
(ग) आङ्ग्लमासेषु अष्टमः मासः ?
(घ) सितम्बरमासः … मासः अस्ति ।
(ङ) आङ्ग्लमासेषु अन्तिमः मासः ?
7. अधोलिखिते गद्यांशे अङ्कानां स्थाने संख्यावाचकशब्दान् लिखन्तु —
यथा – (१) पाठशाला = एका पाठशाला।
अत्र इदम् अवधेयम् & योग्यताविस्तरः (व्याकरण-तालिकाः)
1. अत्र इदम् अवधेयम् – पूरणवाचक शब्द
संख्यावाचक-शब्दों के पूरणार्थ (क्रम बताने) के लिए ‘प्रथमः’, ‘द्वितीयः’, ‘तृतीयः’ इत्यादि शब्द बनते हैं।
यथा – एकम् → पूरणार्थे = प्रथमः / प्रथमा / प्रथमम् ।
द्वे → पूरणार्थे = द्वितीयः / द्वितीया / द्वितीयम् ।
त्रीणि → पूरणार्थे = तृतीयः / तृतीया / तृतीयम् इत्यादयः ।
2. योग्यताविस्तरः – संख्येयशब्दाः एवं पूरणशब्दाः (१–२०)
| संख्या | संख्यावाचक | पुंलिङ्ग (पूरण) | स्त्रीलिङ्ग (पूरण) | नपुंसकलिङ्ग (पूरण) |
|---|---|---|---|---|
| १ | एकम् | प्रथमः | प्रथमा | प्रथमम् |
| २ | द्वे | द्वितीयः | द्वितीया | द्वितीयम् |
| ३ | त्रीणि | तृतीयः | तृतीया | तृतीयम् |
| ४ | चत्वारि | चतुर्थः | चतुर्थी | चतुर्थम् |
| ५ | पञ्च | पञ्चमः | पञ्चमी | पञ्चमम् |
| ६ | षट् | षष्ठः | षष्ठी | षष्ठम् |
| ७ | सप्त | सप्तमः | सप्तमी | सप्तमम् |
| ८ | अष्ट | अष्टमः | अष्टमी | अष्टमम् |
| ९ | नव | नवमः | नवमी | नवमम् |
| १० | दश | दशमः | दशमी | दशमम् |
| ११ | एकादश | एकादशः | एकादशी | एकादशम् |
| १२ | द्वादश | द्वादशः | द्वादशी | द्वादशम् |
| १५ | पञ्चदश | पञ्चदशः | पञ्चदशी | पञ्चदशम् |
| २० | विंशतिः | विंशः | विंशी | विंशम् |
3. संख्या – एक से शत (चयनित)
| १–१० | ११–२० | दशक |
|---|---|---|
| १ एकम्, २ द्वे, ३ त्रीणि, ४ चत्वारि, ५ पञ्च | ११ एकादश, १२ द्वादश, १३ त्रयोदश, १४ चतुर्दश, १५ पञ्चदश | १० दश, २० विंशतिः, ३० त्रिंशत्, ४० चत्वारिंशत्, ५० पञ्चाशत् |
| ६ षट्, ७ सप्त, ८ अष्ट, ९ नव, १० दश | १६ षोडश, १७ सप्तदश, १८ अष्टादश, १९ नवदश, २० विंशतिः | ६० षष्टिः, ७० सप्ततिः, ८० अशीतिः, ९० नवतिः, १०० शतम् |
4. परियोजनाकार्यम् – संख्यापदानां त्रिलिङ्ग-रूपाणि (१–५)
| संख्या | पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् |
|---|---|---|---|
| १ | एकः | एका | एकम् |
| २ | द्वौ | द्वे | द्वे |
| ३ | त्रयः | तिस्रः | त्रीणि |
| ४ | चत्वारः | चतस्रः | चत्वारि |
| ५ | पञ्च | पञ्च | पञ्च |
पञ्च (५) से आगे संख्या-शब्दों के तीनों लिङ्गों में समान रूप होते हैं।
अतिरिक्त प्रश्न (Extra Questions)
लघु उत्तरीय प्रश्न (30–40 शब्द)
1. बालकाः नदीं किमर्थम् अगच्छन् तथा तत्र किम् अकुर्वन् ?
2. बालकाः ‘वयं नव एव स्मः’ इति किमर्थम् अमन्यन्त ?
3. पथिकः बालकानां समस्यां कथं समाहितवान् ?
4. अस्य पाठस्य शिक्षा का अस्ति ?
5. ‘प्रथमः, द्वितीयः, तृतीयः’ इत्यादयः शब्दाः किं सूचयन्ति ?
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (100–120 शब्द)
6. ‘दशमः कः?’ कथायाः सारं स्वशब्दैः लिखत ।
7. इस पाठ का संख्यावाचक एवं पूरणवाचक शब्दों के अभ्यास में क्या महत्त्व है? समझाइए ।
8. ‘संख्यावाचक’ एवं ‘पूरणवाचक’ शब्दों में क्या अन्तर है? उदाहरण सहित लिखिए ।
MCQ & अभिकथन-कारण
1. कति बालकाः स्नानाय नदीम् अगच्छन् ?
(क) पञ्च
(ख) दश
(ग) द्वादश
(घ) सप्त
2. बालकाः नदीं किमर्थम् अगच्छन् ?
(क) क्रीडार्थम्
(ख) पठनार्थम्
(ग) स्नानाय
(घ) भोजनाय
3. गणकः बालकः कं न अगणयत् ?
(क) नायकम्
(ख) पथिकम्
(ग) आत्मानम् (स्वयं को)
(घ) अन्यान् बालकान्
4. गणनायां बालकाः कति एव आसन् इति अमन्यन्त ?
(क) अष्ट
(ख) नव
(ग) दश
(घ) एकादश
5. बालकाः किं निश्चयम् अकुर्वन् ?
(क) दशमः गृहं गतः
(ख) दशमः नद्यां मग्नः
(ग) दशमः निद्रां गतः
(घ) दशमः क्रीडति
6. बालकानां समीपम् कः आगच्छत् ?
(क) नायकः
(ख) आचार्यः
(ग) पथिकः
(घ) मत्स्यजीवी
7. पथिकेन गणनायां कति बालकाः आसन् ?
(क) नव
(ख) दश
(ग) अष्ट
(घ) एकादश
8. वस्तुतः ‘दशमः’ कः आसीत् ?
(क) पथिकः
(ख) नायकः (स्वयम्)
(ग) नदी
(घ) आचार्यः
9. ‘तीर्त्वा’ इत्यस्य अर्थः कः ?
(क) पठित्वा
(ख) सन्तरणं कृत्वा (तैरकर)
(ग) धावित्वा
(घ) भुक्त्वा
10. सत्यं ज्ञात्वा बालकाः कथं गृहम् अगच्छन् ?
(क) विषण्णाः भूत्वा
(ख) रुदन्तः
(ग) मिलित्वा आनन्देन
(घ) एकाकिनः
अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।
1. अभिकथन (A): बालकाः ‘वयं नव एव स्मः’ इति अमन्यन्त ।
कारण (R): प्रत्येकः गणकः बालकः गणनासमये स्वयम् आत्मानं गणयितुं विस्मृतवान् ।
2. अभिकथन (A): बालकाः विषण्णाः तूष्णीम् अतिष्ठन् ।
कारण (R): ते अमन्यन्त यत् दशमः बालकः नद्यां मग्नः ।
3. अभिकथन (A): पथिकः अवदत् – ‘दशमः त्वम् असि’ ।
कारण (R): नायकः नव बालकान् एव अगणयत्, यतः सः स्वयम् आत्मानं न अगणयत् ।
4. अभिकथन (A): वस्तुतः एकः अपि बालकः नद्यां न मग्नः ।
कारण (R): पथिकेन गणनायां दश बालकाः एव आसन् ।
5. अभिकथन (A): ‘दशमः’ इति पूरणवाचकः शब्दः अस्ति ।
कारण (R): ‘दशमः’ केवलं वस्तूनां संख्यां सूचयति, न तु क्रमम् ।
परीक्षा-सुझाव एवं सामान्य त्रुटियाँ
परीक्षा-सुझाव (Exam Tips)
- संख्यावाचक (एकम्…दश) एवं पूरणवाचक (प्रथमः…दशमः) शब्द क्रम सहित कण्ठस्थ करें – अधिकांश प्रश्न इन्हीं से आते हैं।
- पूरणवाचक शब्दों के तीनों लिङ्ग याद रखें – प्रथमः/प्रथमा/प्रथमम्, द्वितीयः/द्वितीया/द्वितीयम् आदि।
- सप्ताह के दिनों एवं भारतीय/अंग्रेज़ी महीनों के क्रम को पूरणवाचक शब्दों से जोड़कर याद करें।
- ‘एकवाक्येन उत्तरम्’ वाले प्रश्नों में पूरा वाक्य लिखें, केवल एक शब्द नहीं।
- शब्दार्थ (तीर्त्वा, मग्नः, विषण्णाः, पथिकः, प्रहृष्टाः) हिन्दी एवं अंग्रेज़ी दोनों में याद रखें।
सामान्य त्रुटियाँ (Common Mistakes)
- गणना में ‘दशमः’ को पथिक या नदी समझ लेना – वास्तव में दसवाँ स्वयं नायक है।
- संख्यावाचक एवं पूरणवाचक शब्दों में भ्रम – ‘दश’ (संख्या) तथा ‘दशमः’ (क्रम) अलग हैं।
- लिङ्ग का मिलान न करना – अङ्गुलि (स्त्रीलिङ्ग) के साथ ‘प्रथमा, द्वितीया’ ही लगेगा, ‘प्रथमः’ नहीं।
- मात्रा एवं संयुक्ताक्षर की अशुद्धि – तृतीयः, षष्ठः, मग्नः, प्रहृष्टाः शुद्ध लिखें।
- श्रावणः (पञ्चमः मास) एवं पौषः (दशमः मास) जैसे महीनों के क्रम में भूल न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
दीपकम् कक्षा 7 पाठ 10 ‘दशमः कः?’ में किसके बारे में कथा है?
यह दस बालकों की कथा है जो नदी में स्नान करने जाते हैं। पार करने के बाद प्रत्येक बालक गिनती में अपने आप को गिनना भूल जाता है, अतः सभी को नौ ही समझता है और सोचता है कि दसवाँ डूब गया। अन्ततः एक पथिक बताता है कि दसवाँ स्वयं नायक ही है।
‘दशमः कः?’ पाठ की मुख्य शिक्षा क्या है?
इसकी मुख्य शिक्षा यह है कि किसी भी गणना अथवा कार्य में हमें स्वयं को भी सम्मिलित करना नहीं भूलना चाहिए तथा बिना सावधानी के शीघ्र निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। यह पाठ संख्यावाचक एवं पूरणवाचक शब्दों का अभ्यास भी कराता है।
संख्यावाचक एवं पूरणवाचक शब्दों में क्या अन्तर है?
संख्यावाचक शब्द (एकम्, द्वे, दश) केवल संख्या बताते हैं, जबकि पूरणवाचक शब्द (प्रथमः, द्वितीयः, दशमः) क्रम (कौन-सा/कितनेवाँ) बताते हैं और पुंलिङ्ग, स्त्रीलिङ्ग एवं नपुंसकलिङ्ग में अलग-अलग रूप लेते हैं।
कथा, प्रश्न एवं अभ्यास-शीर्षक NCERT दीपकम् पुस्तक से ज्यों-के-त्यों लिए गए हैं; सार, भावार्थ एवं उत्तर ClearStudy द्वारा मौलिक रूप से तैयार किए गए हैं।
