कक्षा 8 हिंदी (मल्हार) अध्याय 3 – एक आशीर्वाद (कविता) प्रश्न-उत्तर एवं भावार्थ (NCERT 2026–27)
यह पृष्ठ कक्षा 8 हिंदी की पुस्तक मल्हार (काव्य) के अध्याय 3 ‘एक आशीर्वाद’ (कवि – दुष्यंत कुमार) का पूरा समाधान देता है – कविता का मूल पाठ, भावार्थ, शब्दार्थ तथा पाठ की सभी अभ्यास गतिविधियों के मौलिक उत्तर।
कवि परिचय – दुष्यंत कुमार
दुष्यंत कुमार (1933–1975) हिंदी के लोकप्रिय रचनाकारों में से एक हैं। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था। बहुत कम समय में ही इन्होंने अपनी विविधतापूर्ण रचनाओं एवं जीवंत भाषा से हिंदी साहित्य को समृद्ध किया। साये में धूप इनका सर्वाधिक चर्चित ग़ज़ल संग्रह है, जिसने हिंदी ग़ज़ल को आम जन की पीड़ा और प्रतिरोध की आवाज़ बना दिया। इनका संपूर्ण रचना-संसार दुष्यंत कुमार रचनावली के नाम से चार खंडों में प्रकाशित है। इनकी रचनाओं में आम आदमी की भावनाएँ, सामाजिक चेतना और स्वप्न-संकल्प की प्रेरणा सहज रूप से अभिव्यक्त हुई है।
कविता (मूल पाठ)
यह कविता एक आशीर्वाद के रूप में है, जिसमें कवि बड़ों की ओर से बच्चे/युवा को बड़े सपने देखने तथा आत्मनिर्भर बनने का आशीर्वाद देते हैं।
तेरे स्वप्न बड़े हों
भावना की गोद से उतरकर
जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें
चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए
रूठना-मचलना सीखें
हँसें
मुसकराएँ
गाएँ
हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ
उँगली जलाएँ
अपने पाँवों पर खड़े हों।
जा,
तेरे स्वप्न बड़े हों।
— दुष्यंत कुमार
भावार्थ
इस कविता में कवि एक स्नेहिल आशीर्वाद के रूप में अपनी कामना व्यक्त करते हैं। वे कहते हैं – “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों”, अर्थात् ईश्वर करे तेरे सपने, तेरी आकांक्षाएँ और लक्ष्य ऊँचे एवं विशाल हों। कवि चाहते हैं कि ये सपने केवल कोरी कल्पना (भावना की गोद) में ही न रहें, बल्कि जल्दी ही धरती पर उतरकर, यथार्थ की भूमि पर अपने पाँवों से चलना सीखें – अर्थात् सपने व्यावहारिक प्रयासों में बदलें।
कवि का आशीर्वाद है कि यह नई पीढ़ी चाँद-तारों जैसी कठिन और दूर दिखने वाली (अप्राप्य) सच्चाइयों को पाने के लिए हठ करे, रूठे और मचले – अर्थात् असंभव-से लगने वाले बड़े लक्ष्यों के लिए भी दृढ़ता और लगन से प्रयास करती रहे। वे चाहते हैं कि यह पीढ़ी हँसती-मुसकराती और गाती रहे, अर्थात् कठिन परिस्थितियों में भी अपना उत्साह और मनोबल बनाए रखे।
“हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ, उँगली जलाएँ” पंक्तियों में कवि कहते हैं कि ज्ञान एवं अनुभव के हर प्रकाश के प्रति इस पीढ़ी के मन में ललक हो; वह नई-नई चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस रखे, भले ही उसमें कभी कष्ट (उँगली जलना) क्यों न हो। अंततः कवि का सबसे बड़ा आशीर्वाद यही है कि नई पीढ़ी ‘अपने पाँवों पर खड़ी हो’ – अर्थात् आत्मनिर्भर, स्वावलंबी और स्वतंत्र बने। “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों” की पुनरावृत्ति इस आशीर्वाद को और प्रभावी एवं हृदयस्पर्शी बना देती है।
शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| स्वप्न | सपना, आकांक्षा, अभिलाषा |
| भावना | मन का भाव, कल्पना |
| गोद | (यहाँ) आश्रय, घेरा |
| उतरकर | नीचे आकर, बाहर निकलकर |
| पृथ्वी / धरा | धरती, यथार्थ की भूमि |
| अप्राप्य | जो आसानी से प्राप्त न हो सके, दुर्लभ |
| सच्चाइयाँ | सत्य, वास्तविकताएँ |
| रूठना | नाराज़ होना |
| मचलना | हठ करना, ज़िद करना |
| मुसकराना | हलके से हँसना |
| ललचाना | पाने की तीव्र इच्छा होना, ललक होना |
| दीया / दीपक | जलता हुआ दीप (यहाँ ज्ञान/प्रकाश का प्रतीक) |
| रोशनी / आलोक | प्रकाश, उजाला |
| उँगली जलाना | (यहाँ) चुनौती स्वीकार करना, कष्ट सहना |
| अपने पाँवों पर खड़े होना | आत्मनिर्भर / स्वावलंबी होना |
| आशीर्वाद | बड़ों द्वारा दी गई शुभकामना/मंगल-कामना |
| नक्षत्र / तारक | तारा |
| निशाकर / शशि / मयंक | चंद्रमा |
| वसुधा / अवनि | पृथ्वी |
मेरी समझ से
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा ( ★ ) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
1. कविता में किसे संबोधित किया गया है? • युवा वर्ग को • नागरिकों को • बच्चों को • श्रमिकों को
2. “तेरे स्वप्न बड़े हों” पंक्ति में ‘स्वप्न’ से क्या आशय है? • कल्पना की उड़ान भरना • आकांक्षाएँ और रुचियाँ रखना • बहुत-सी उपलब्धियाँ पाना • बड़े लक्ष्य निर्धारित करना
3. “उँगली जलाएँ” पंक्ति में उँगली जलाने का भाव है— • चुनौतियों को स्वीकार करना • प्रकाश का प्रसार करना • अग्नि के ताप का अनुभव करना • कष्टों से नहीं घबराना
4. “अपने पाँवों पर खड़े हों” पंक्ति से क्या आशय है? • अपने पैरों पर खड़े होना • सफलता प्राप्त करना • कठिनाइयों का सामना करना • आत्मनिर्भर होना
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
मिलकर करें मिलान
कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ स्तंभ 1 में दी गई हैं। उन पंक्तियों के भाव या संदर्भ स्तंभ 2 में दिए गए हैं। पंक्तियों को उनके सही भाव अथवा संदर्भों से मिलाइए।
| क्रम | स्तंभ 1 (पंक्ति) | स्तंभ 2 (भाव/संदर्भ) | सही मिलान |
|---|---|---|---|
| 1. | भावना की गोद से उतरकर जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें | (1) विविध ज्ञान के प्रति आकृष्ट होना और उसे पाने की ललक होना (2) सपनों को आनंद और मुस्कुराहटों में बदलें; कठिन परिस्थितियों में भी मनोबल बनाए रखें (3) भावनाओं में न बहकर वास्तविकता का सामना करना (4) असंभव से लगने वाले लक्ष्यों के लिए हठ और प्रयास करना | (3) |
| 2. | हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ | (1) | |
| 3. | चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना-मचलना सीखें | (4) | |
| 4. | …हँसें/मुसकराएँ/गाएँ | (2) |
पंक्तियों पर चर्चा
पाठ से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए—
(क) “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों”
(ख) “जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें”
(ग) “चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना-मचलना सीखें”
अनुमान और कल्पना से
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए—
(क) कविता में सपनों के बड़े होने की बात की गई है। आपके अनुसार बड़े सपने कौन-कौन से हो सकते हैं और क्यों?
(ख) “हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ/उँगली जलाएँ” पंक्ति में सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ललक की बात की गई है। ललक के साथ और क्या-क्या होना आवश्यक है और क्यों? (संकेत— योजना, प्रयास आदि)
(ग) कल्पना कीजिए कि आपका सपना ही आपका मित्र है। आपको उससे बातचीत करनी हो तो क्या बात करेंगे?
(घ) यदि आप किसी को आशीर्वाद देना चाहते हों तो आप किसे और क्या आशीर्वाद देंगे और क्यों?
कविता की रचना & सृजन
कविता की रचना – इस कविता में सपने को मनुष्य की तरह हँसते, मुसकराते, गाते हुए बताया गया है। ध्यान से देखें तो इस कविता में इस प्रकार की अन्य विशेषताएँ भी दिखाई देंगी। उन्हें लिखिए और कक्षा में उन पर चर्चा कीजिए।
सृजन – इस कविता के आरंभ में एक ही संज्ञा शब्द है ‘स्वप्न’। इस शब्द को केंद्र में रखते हुए अनेक क्रिया शब्दों का ताना-बाना बुना गया है, जैसे— चलना, रूठना, मचलना, सीखना, हँसना, मुसकराना, गाना, ललचाना और इस प्रकार कविता पूरी हो जाती है। आप भी किसी एक संज्ञा शब्द के साथ विभिन्न क्रिया शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी कविता बनाकर कक्षा में सुनाइए।
घिरते देखा है,
गरजते देखा है,
बरसते देखा है,
बूँद-बूँद बन धरती को सींचते देखा है।(यह केवल एक नमूना है; विद्यार्थी ‘नदी’, ‘सूरज’, ‘पेड़’ आदि किसी संज्ञा को लेकर अपनी मौलिक कविता रच सकते हैं।)
कविता का शीर्षक & भाषा की बात
कविता का शीर्षक – इस कविता का शीर्षक ‘एक आशीर्वाद’ है जो कविता में कहीं भी प्रयुक्त नहीं हुआ है। यदि इस कविता की ही किसी पंक्ति या शब्द को कविता का शीर्षक बनाना हो तो आप कौन-सी पंक्ति या शब्द चुनेंगे और क्यों?
भाषा की बात (क) – नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘स्वप्न’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए।
भाषा की बात (ख) – कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं और उनके सामने कुछ अन्य शब्द भी दिए गए हैं। उन शब्दों पर घेरा बनाइए जो समान अर्थ न देते हों।
आना-जाना – ‘आना’ और ‘जाना’ दो महत्वपूर्ण क्रियाएँ हैं। कक्षा में दो समूह बनाइए। एक समूह का नाम ‘आना’ और दूसरे समूह का नाम ‘जाना’ होगा। अब अपने-अपने समूह में इन दोनों क्रियाओं का प्रयोग करते हुए सार्थक वाक्य बनाइए और उन्हें चार्ट पेपर पर चिपकाकर अपनी कक्षा में लगाइए।
पाठ से आगे
डायरी (हँसें-मुसकराएँ-गाएँ) – अपने किसी एक दिन की समस्त गतिविधियों पर ध्यान दीजिए और अपनी डायरी में लिखिए कि आप दिनभर में कब-कब हँसे, कब-कब मुसकराए, कब-कब गाए, कब-कब रूठे, कब-कब मचले?
आपकी बात (क) – कविता के माध्यम से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें पूरा करने का आशीर्वाद दिया गया है। दिन-प्रतिदिन के जीवन में आपको अपने माता-पिता, अध्यापक एवं परिजनों से किस तरह के आशीर्वाद मिलते हैं? अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए।
आपकी बात (ख) – आप भी अपने से छोटों के प्रति किसी न किसी प्रकार से शुभेच्छा प्रकट करते हैं, उन्हें लिखिए।
सपनों की बातें – आप क्या करना चाहते हैं और क्या पाना चाहते हैं? उन्हें एक पर्ची पर लिखें… अध्यापक उन्हें पढ़कर सुनाएँ। सभी विद्यार्थी सुझाव दें कि उन सपनों को पूरा करने के लिए— किस तरह के प्रयत्न करने होंगे? किस तरह योजना बनानी होगी? किससे और किस प्रकार का सहयोग लिया जा सकता है? लक्ष्य-प्राप्ति में संभावित चुनौतियाँ कौन-कौन सी हो सकती हैं?
हमारे सपने / सबके सपने / झरोखे से / साझी समझ / खोजबीन के लिए
अतिरिक्त प्रश्न
अति लघु उत्तरीय
1. ‘एक आशीर्वाद’ कविता के रचयिता कौन हैं?
2. कवि नई पीढ़ी को क्या आशीर्वाद देते हैं?
3. कविता में कौन-सी पंक्ति आरंभ और अंत में दोहराई गई है?
4. कविता में चाँद-तारे किसके प्रतीक हैं?
5. दुष्यंत कुमार का सर्वाधिक चर्चित ग़ज़ल संग्रह कौन-सा है?
दीर्घ उत्तरीय
6. “हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ, उँगली जलाएँ” पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए।
7. ‘एक आशीर्वाद’ कविता का केंद्रीय भाव (मूल संदेश) अपने शब्दों में लिखिए।
8. कविता में सपनों के ‘पृथ्वी पर चलना सीखने’ की बात क्यों कही गई है? समझाइए।
अभ्यास MCQ & अभिकथन-कारण
1. ‘एक आशीर्वाद’ कविता के कवि कौन हैं?
(क) सुभद्रा कुमारी चौहान
(ख) दुष्यंत कुमार
(ग) रामधारी सिंह दिनकर
(घ) सुमित्रानंदन पंत
2. दुष्यंत कुमार का जन्म किस राज्य में हुआ था?
(क) मध्य प्रदेश
(ख) राजस्थान
(ग) उत्तर प्रदेश (बिजनौर)
(घ) बिहार
3. कविता में ‘स्वप्न’ से क्या आशय है?
(क) नींद में देखे गए दृश्य
(ख) ऊँची आकांक्षाएँ एवं बड़े लक्ष्य
(ग) कोरी कल्पना
(घ) भय
4. “अपने पाँवों पर खड़े हों” का भाव है—
(क) ऊँचाई पर चढ़ना
(ख) आत्मनिर्भर/स्वावलंबी होना
(ग) दौड़ना
(घ) विश्राम करना
5. कविता में चाँद-तारे किसके प्रतीक हैं?
(क) सरल लक्ष्य
(ख) धन-संपत्ति
(ग) अप्राप्य (कठिन) लक्ष्य
(घ) मित्रता
6. “उँगली जलाएँ” पंक्ति का भाव है—
(क) आग बुझाना
(ख) चुनौतियों को स्वीकार करना/कष्ट से न घबराना
(ग) खाना पकाना
(घ) डरकर भाग जाना
7. दुष्यंत कुमार का सर्वाधिक प्रसिद्ध ग़ज़ल संग्रह है—
(क) मुकुल
(ख) साये में धूप
(ग) कुरुक्षेत्र
(घ) कामायनी
8. कविता में किस काव्य-विशेषता द्वारा सपने को हँसते-गाते दिखाया गया है?
(क) उपमा
(ख) मानवीकरण
(ग) अनुप्रास
(घ) यमक
9. ‘मचलना’ शब्द का अर्थ है—
(क) हठ करना/ज़िद करना
(ख) सो जाना
(ग) चुप रहना
(घ) डरना
10. कविता का मूल संदेश क्या है?
(क) आलस्य करना
(ख) बड़े सपने देखना और आत्मनिर्भर बनना
(ग) दूसरों पर निर्भर रहना
(घ) धन कमाना
अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।
1. अभिकथन (A): कविता ‘एक आशीर्वाद’ नई पीढ़ी को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देती है।
कारण (R): कवि बार-बार “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों” कहकर अपनी शुभकामना व्यक्त करते हैं।
2. अभिकथन (A): ‘अपने पाँवों पर खड़े हों’ का अर्थ है केवल शारीरिक रूप से खड़ा होना।
कारण (R): यह एक मुहावरा है जिसका अर्थ आत्मनिर्भर बनना है।
3. अभिकथन (A): कवि चाहते हैं कि सपने केवल कल्पना तक सीमित रहें।
कारण (R): ‘जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें’ पंक्ति सपनों को यथार्थ में बदलने की बात करती है।
4. अभिकथन (A): ‘उँगली जलाएँ’ कठिनाई एवं चुनौती सहने के साहस का प्रतीक है।
कारण (R): बड़े लक्ष्य बिना कष्ट सहे प्राप्त नहीं होते।
5. अभिकथन (A): इस कविता में मानवीकरण अलंकार का प्रयोग हुआ है।
कारण (R): सपने को हँसते, मुसकराते, गाते, रूठते और मचलते हुए मनुष्य की तरह दिखाया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
‘एक आशीर्वाद’ कविता के कवि कौन हैं?
इस कविता के कवि हिंदी के लोकप्रिय रचनाकार दुष्यंत कुमार (1933–1975) हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था।
‘एक आशीर्वाद’ कविता का मूल संदेश क्या है?
कविता का संदेश है कि नई पीढ़ी को बड़े सपने देखने चाहिए, उन्हें यथार्थ में साकार करने के लिए परिश्रम एवं संघर्ष करना चाहिए और अंततः आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
“अपने पाँवों पर खड़े हों” का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनना – अर्थात् दूसरों पर निर्भर न रहकर अपने बल पर जीवन में आगे बढ़ना।
कविता में ‘उँगली जलाएँ’ का क्या भाव है?
इसका भाव है कि लक्ष्य पाने के लिए चुनौतियों को स्वीकार करने और कष्ट सहने से नहीं घबराना चाहिए।
कविता एवं प्रश्न/गतिविधियाँ NCERT मल्हार पुस्तक से ज्यों-के-त्यों ली गई हैं; भावार्थ एवं उत्तर ClearStudy द्वारा मौलिक रूप से तैयार किए गए हैं।
