Class 8 Sanskrit Deepakam Chapter 8 Solutions — पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्

Class 8 Sanskrit Deepakam Chapter 8 solutions: पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों का पाठ-सार, शब्दार्थ और नौ अभ्यासों के उत्तर पढ़ें। दस दिशाएँ, प्रश्ननिर्माण और शब्दजाल के जाँचे हुए स्थान समझें।

Class: 8 Subject: Sanskrit Book: Deepakam (दीपकम्) Chapter: 8 पाठ: पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम् प्रति का पुनर्मुद्रण: 2026–27

पाठ का अवलोकन (Chapter Overview)

दीपकम् कक्षा 8 का अष्टम पाठ ‘पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्’ एक रोचक संवाद-शैली का पाठ है, जिसमें अध्यापिका एवं छात्र भारत के पूर्वोत्तर भाग के आठ राज्यों – अरुणाचलप्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैण्ड, त्रिपुरा एवं सिक्किम – के विषय में चर्चा करते हैं। ये राज्य ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ (सात बहनें और एक भाई) के नाम से प्रसिद्ध हैं, जिनमें सिक्किम को ‘लघु भ्राता’ कहा गया है। पाठ इन राज्यों के प्राकृतिक सौन्दर्य, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विविधता, जनजातीय परम्परा, वंश-उद्योग (बाँस-उद्योग) एवं खनिज-सम्पदा का परिचय देता है। पाठ का केन्द्रीय भाव है – भारत की विविधता में निहित एकता एवं पूर्वोत्तर प्रदेशों की अनुपम महत्ता को समझना।

पाठ-परिचय / प्रसंग

यह पाठ संवाद-शैली में रचित है। विद्यालय में अध्यापिका एवं छात्र अपने देश के राज्यों के विषय में जानना चाहते हैं। चर्चा के क्रम में अध्यापिका बताती हैं कि भारत में अष्टाविंशति (28) राज्य एवं अष्ट (8) केन्द्रशासित प्रदेश हैं। इन्हीं में पूर्वोत्तर के आठ राज्यों का एक समवाय (समूह) है जो ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ नाम से प्रसिद्ध है। सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्यों की समानता एवं भौगोलिक वैशिष्ट्य के कारण इन्हें यह प्रतीकात्मक उपाधि मिली है। पाठ में इन प्रदेशों की प्राकृतिक सम्पदा, जनजातीय जीवन, वंशवृक्ष-उद्योग एवं भ्रमण-महत्ता का सरस वर्णन है। अन्त में सभी छात्र एवं अध्यापिका अवकाश में इन स्वर्ग-सदृश प्रदेशों के भ्रमण का निश्चय करते हैं।

पाठ के श्लोकाः

(पाठ में आए प्रमुख श्लोक, ज्यों-के-त्यों।)

अद्वयं मत्रयं चैव न-त्रि-युक्तं तथाद्वयम् ।
सप्तराज्यसमूहोऽयं भगिनीसप्तकं मतम् ॥

तेन युक्तो लघुः भ्राता सिक्किमः इति विश्रुतः ।
पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम् ॥
पूर्वाग्नेयी दक्षिणा च नैर्ऋती पश्चिमा तथा ।
वायवी चोत्तरैशानी ऊर्ध्वा चाधो दिशो दश ॥ — (दश दिशः)

सार (Hindi Summary)

‘पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्’ पाठ एक कक्षा-संवाद से आरम्भ होता है। छात्र अपने देश के राज्यों के विषय में जानना चाहते हैं। अध्यापिका बताती हैं कि भारत में अट्ठाईस (28) राज्य एवं आठ केन्द्रशासित प्रदेश हैं। इन्हीं में से पूर्वोत्तर के आठ राज्यों का एक समूह है, जो ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ अर्थात् ‘सात बहनें और एक भाई’ के नाम से प्रसिद्ध है। यह नाम प्रतीकात्मक है, जो सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्यों की समानता एवं भौगोलिक वैशिष्ट्य के कारण दिया गया है।

इस समूह में सात बहनें हैं – अरुणाचलप्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, नागालैण्ड एवं त्रिपुरा; तथा सिक्किम को ‘लघु भ्राता’ (छोटा भाई) कहा गया है। यद्यपि क्षेत्रफल की दृष्टि से ये राज्य छोटे हैं, तथापि गुण एवं गौरव की दृष्टि से बहुत बड़े (महत्त्वपूर्ण) हैं। संवाद में पुराने समय की स्वाधीनता पर एक सामान्य कथन किया गया है। आठों आधुनिक राज्यों के अलग-अलग इतिहास पर इसे निरपेक्ष निष्कर्ष न मानें। इन राज्यों की संस्कृति विविधतापूर्ण भारतभूमि में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है।

ये राज्य पर्वत, नदियों, वृक्षों एवं पुष्पों से समृद्ध हैं तथा भारतवृक्ष पर पुष्प-गुच्छ के समान सुशोभित हैं। यह जनजातिबहुल प्रदेश है, जहाँ गारो, खासी, नागा, मिजो, लेप्चा आदि अनेक जनजातियाँ निवास करती हैं, जिनके विषय में पाठ बहुभाषिकता, उत्सव-परम्पराओं और कला-कुशलता का परिचय देता है। यहाँ वंशवृक्ष (बाँस) की प्रचुरता है, अतः वस्त्र-आभूषण से लेकर गृह-निर्माण तक बाँस से बनी वस्तुओं का उपयोग होता है और यह वंश-उद्योग अब अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर चुका है। अन्त में सभी छात्र एवं अध्यापिका मिलकर इन स्वर्ग-सदृश प्रदेशों के भ्रमण का निश्चय करते हैं।

बाँस की बुनी टोकरियाँ, थाली और हरे बाँस के खोखले खण्ड
वंशवृक्ष और बाँस-शिल्प समझाने वाला मौलिक कल्पनात्मक दृश्य; किसी विशिष्ट समुदाय या स्थल का दस्तावेजी चित्र नहीं।

शब्दार्थ (Word-meanings)

शब्दः (Sanskrit)हिन्दी अर्थEnglish meaning
स्वदेशस्यअपने देश काOf our country
वैचित्र्यम्विचित्रता, विविधताUniqueness
प्रवहन्तिबहती हैंFlow
भू-वैविध्यम्भूमि की विविधताLand diversity
पीठस्थलानिपठारPlateaus
जानीथ(तुम सब) जानते हो(You all) know
ऐशान्यम्पूर्वोत्तर दिशा (ईशान कोण)North-East corner
ज्ञातुम्जानने के लिएTo know
भागेभ्यःभागों सेFrom parts
समवायःसमूह, समाहारCombination / group
केन्द्रशासितप्रदेशाःकेन्द्र द्वारा शासित प्रदेशUnion Territories
अतिरिच्यइसके अतिरिक्तBesides
प्रथितःप्रसिद्धFamous
प्रतीकात्मकःप्रतीकात्मक, सांकेतिकSymbolic
साम्याद्समानता के कारणBecause of similarity
उक्तोपाधिनादिए हुए (कहे गए) नाम सेBy the given name
क्षेत्रपरिमाणैःक्षेत्रफल के नाप सेBy extent of area
बृहत्तराणिबहुत बड़ेVery significant / larger
स्वाधीनाःस्वतन्त्रIndependent
स्वायत्तीकृताःअपने अधीन किए गएSubjugated
सावहितमनसाध्यानपूर्वकWith attention
ऊर्जस्विनःशक्तिशालीEnergetic
निष्णाताःनिपुण, पारंगतExperts / masters
वंशवृक्षाणाम्बाँस के वृक्षों केOf bamboo trees
बह्वाकर्षकःअत्यधिक आकर्षकVery attractive

पाठ-उत्तर और ऐतिहासिक तथ्य का भेद

सप्तभगिन्यः सात राज्यों का प्रतीकात्मक नाम है; पाठ सिक्किम को भ्राता कहकर आठवाँ जोड़ता है। राज्यों की संस्कृत शब्दावली समझते समय प्रत्येक समुदाय की अलग संस्कृति और इतिहास का आदर करें। पुराने समय में सभी प्रदेश कभी भी किसी शासन के अधीन नहीं हुए जैसी सार्वभौम घोषणा न करें। उदाहरण के लिए सिक्किम सरकार का इतिहास-परिचय भारत के संरक्षित राज्य और 16 मई 1975 को भारतीय संघ में राज्य बनने के अलग चरण बताता है। क्षेत्र के वर्तमान आधिकारिक विवरण के लिए MDoNER देखें।

अभ्यासः (अभ्यासात् जायते सिद्धिः)

१. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तरं लिखत —

(क) अस्माकं देशे कति राज्यानि सन्ति ?

उत्तरअष्टाविंशतिः। (28)

(ख) प्राचीनेतिहासे काः स्वाधीनाः आसन् ?

उत्तरसप्तभगिन्यः (सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च इति प्रथिताः प्रदेशाः)।

(ग) केषां समवायः ‘सप्तभगिन्यः’ इति कथ्यते ?

उत्तरपूर्वोत्तरराज्यानाम् (अरुणाचलप्रदेश-असम-मणिपुर-मिजोरम-मेघालय-नागालैण्ड-त्रिपुराणाम्)।

(घ) अस्माकं देशे कति केन्द्रशासितप्रदेशाः सन्ति ?

उत्तरअष्ट। (8)

(ङ) सप्तभगिनी-प्रदेशे कः उद्योगः सर्वप्रमुखः ?

उत्तरवंशोद्योगः (वंशवृक्ष-निर्मितवस्तूनाम् उद्योगः)।

२. अधोलिखितानां प्रश्नानां पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत —

(क) भ्रातृसहित-भगिनीसप्तके कानि राज्यानि सन्ति ?

उत्तरभ्रातृसहित-भगिनीसप्तके अरुणाचलप्रदेशः, असमः, मणिपुरम्, मिजोरमः, मेघालयः, नागालैण्डं, त्रिपुरा (सप्त भगिन्यः) सिक्किमः (एकः भ्राता) च इति अष्ट राज्यानि सन्ति ।

(ख) इमानि राज्यानि सप्तभगिन्यः इति किमर्थं कथ्यन्ते ?

उत्तरसामाजिक-सांस्कृतिक-परिदृश्यानां साम्यात् भौगोलिकवैशिष्ट्यात् च इमानि राज्यानि प्रतीकात्मकरूपेण ‘सप्तभगिन्यः’ इति कथ्यन्ते । अयं प्रयोगः प्रतीकात्मकः वर्तते ।

(ग) ऐशान्यकोणप्रदेशेषु के निवसन्ति ?

उत्तरऐशान्यकोणप्रदेशेषु गारो-खासी-नागा-मिजो-लेप्चा-प्रभृतयः बहवः जनजातीयाः निवसन्ति । एते जनाः ऊर्जस्विनः, बहुभाषाभिः समन्विताः, पर्वपरम्पराभिः परिपूरिताः स्वलीला-कलासु च निष्णाताः सन्ति ।

(घ) पूर्वोत्तरप्रादेशिकाः केषु निष्णाताः सन्ति ?

उत्तरपूर्वोत्तरप्रादेशिकाः स्वलीला-कलासु (निजकेलि-कलासु) निष्णाताः सन्ति । ते बहुभाषाभिः समन्विताः पर्वपरम्पराभिः च परिपूरिताः सन्ति ।

(ङ) वंशवृक्षवस्तूनाम् उपयोगः कुत्र क्रियते ?

उत्तरवंशवृक्षवस्तूनाम् उपयोगः आवस्त्राभूषणेभ्यः गृहनिर्माणपर्यन्तं (वस्त्र-आभूषणतः गृहनिर्माणपर्यन्तम्) क्रियते ।

३. अधोलिखितेषु पदेषु प्रकृति-प्रत्ययविभागं कुरुत —

यथा – गन्तुम् = गम् + तुमुन्

पदम्प्रकृतिःप्रत्ययः
(क) ज्ञातुम्ज्ञातुमुन्
(ख) विश्रुतःवि + श्रुक्त
(ग) अतिरिच्यअति + रिच्ल्यप्
(घ) पठनीयम्पठ्अनीयर्

४. रेखाङ्कितम् पदम् आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत —

पृष्ठ 91 में वास्तव में रेखाङ्कित पद नीचे मोटे अक्षरों में हैं। प्रश्नवाचक पद उस पद के लिङ्ग और विभक्ति के अनुरूप रखा गया है।

वाक्यम्प्रश्ननिर्माणम्
(क) वयं स्वदेशस्य राज्यानां विषये ज्ञातुमिच्छामः।वयं कस्य राज्यानां विषये ज्ञातुमिच्छामः?
(ख) सप्तभगिन्यः प्राचीनेतिहासे प्रायः स्वाधीनाः एव दृष्टाः।सप्तभगिन्यः प्राचीनेतिहासे प्रायः कीदृश्यः एव दृष्टाः?
(ग) प्रदेशेऽस्मिन् हस्तशिल्पानां बाहुल्यं वर्तते।प्रदेशेऽस्मिन् केषां बाहुल्यं वर्तते?
(घ) एतानि राज्यानि तु भ्रमणार्थं स्वर्गसदृशानि।एतानि राज्यानि तु भ्रमणार्थं कीदृशानि?

५. यथानिर्देशम् उत्तरत —

(क) ‘महोदये ! मम भगिनी कथयति’ । अत्र ‘मम’ इति सर्वनामपदं कस्यै प्रयुक्तम् ?

उत्तर‘मम’ इति सर्वनामपदं स्वरायै प्रयुक्तम् — मम शब्द कहने वाली छात्रा स्वरा है; उसका अर्थ मेरा/मेरी है ।

(ख) ‘सामाजिक-सांस्कृतिकपरिदृश्यानां साम्याद् इमानि उक्तोपाधिना प्रथितानि’। अस्मिन् वाक्ये प्रथितानि इति क्रियापदस्य कर्तृपदं किम् ?

उत्तर‘प्रथितानि’ इति क्रियापदस्य कर्तृपदम् इमानि (इमानि राज्यानि) अस्ति ।

(ग) ‘एतेषां राज्यानां पुनः सङ्घटनं विहितम्’ । अत्र ‘सङ्घटनम्’ इति कर्तृपदस्य क्रियापदं किम् ?

उत्तर‘सङ्घटनम्’ इति कर्तृपदस्य क्रियापदम् विहितम् अस्ति ।

(घ) ‘अत्र वंशवृक्षाणां प्राचुर्यं विद्यते’ । अस्मात् वाक्यात् ‘अल्पता’ इति पदस्य विपरीतार्थकं पदं चित्वा लिखत ?

उत्तर‘अल्पता’ इति पदस्य विपरीतार्थकं पदम् प्राचुर्यम् अस्ति ।

(ङ) ‘क्षेत्रपरिमाणैः इमानि लघूनि वर्तन्ते’ । अस्मिन् वाक्ये ‘सन्ति’ इति क्रियापदस्य किं समानार्थकं पदं प्रयुक्तम् ?

उत्तर‘सन्ति’ इति क्रियापदस्य समानार्थकं पदम् वर्तन्ते प्रयुक्तम् ।

६. पुस्तक के शब्दजाल में सार्थक शब्द रेखाङ्कित कीजिए —

पृष्ठ 92 में दस पंक्तियाँ और आठ स्तम्भ हैं। ऊपर से पंक्ति और बाएँ से स्तम्भ गिनें। नीचे स्थान जाँचकर दिए हैं; प्रत्येक खाने में अक्षर-समूह भी हो सकता है। राज्य-नामों की सामान्य सूची और शब्दजाल में वास्तव में मिलने वाले शब्द अलग हैं।

शब्दस्थान और दिशा
जनजातिःपंक्ति 1, स्तम्भ 1–4 →
खासीपंक्ति 1, स्तम्भ 7–8 →
नागापंक्ति 2, स्तम्भ 7–8 →
त्रिपुरास्तम्भ 6, पंक्ति 1–3 ↓
मणिपुरम्स्तम्भ 5, पंक्ति 1–5 ↓
सिक्किमःस्तम्भ 4, पंक्ति 2–4 ↓
भ्रातापंक्ति 3, स्तम्भ 1–2 →
मिजोरमःपंक्ति 4, स्तम्भ 1–4 →
संस्कृतिःपंक्ति 4, स्तम्भ 6–8 →
देशस्यपंक्ति 5, स्तम्भ 6–8 →
भगिन्यःपंक्ति 6, स्तम्भ 4–6 →
गारोपंक्ति 6, स्तम्भ 7–8 →
प्राकृतिकःपंक्ति 7, स्तम्भ 1–4 →
वंशवृक्षःपंक्ति 7, स्तम्भ 5–8 →
अरुणाचलःपंक्ति 8, स्तम्भ 4–8 →
मेघालयःपंक्ति 9, स्तम्भ 3–6 →
नागालैण्डम्पंक्ति 10, स्तम्भ 1–4 →
बहवःपंक्ति 10, स्तम्भ 5–7 →

पंक्ति 5 का आरम्भ पूर्वोत्तरम् तथा पंक्ति 6 का आरम्भ सप्तभगिन्यः बनाने के आशय से रखा दिखता है; मुद्रित अक्षर-समूह में अस्पष्टता है। स्पष्ट अक्षरों वाले उत्तर ऊपर दिए हैं। असमः और प्रतीकः को बिना स्थान मिले इस जाल के उत्तर में न जोड़ें।

७. पट्टिकातः पदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत —

पट्टिका: सिक्किमः, पूर्वोत्तरराज्यानि, अष्टाविंशतिः, स्वदेशस्य राज्यानाम्, अरुणाचलप्रदेशः, असमः, मणिपुरं, मिजोरमः, मेघालयः, नागालैण्डं, त्रिपुरा, जनजातिः, प्राचुर्यम्

उत्तर (क) छात्राः अद्य स्वदेशस्य राज्यानाम् विषये ज्ञातुमिच्छन्ति । (ख) अस्माकं देशे अष्टाविंशतिः राज्यानि तथा अष्ट केन्द्रशासितप्रदेशाः सन्ति । (ग) सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च इति पूर्वोत्तरराज्यानि कथ्यन्ते । (घ) सप्तभगिन्यः इत्युक्तानि राज्यानि – अरुणाचलप्रदेशः, असमः, मणिपुरं, मिजोरमः, मेघालयः, नागालैण्डं, त्रिपुरा । (ङ) प्रदेशेऽस्मिन् जनजातेः बाहुल्यम् अस्ति । (छ) पूर्वोत्तरराज्येषु वंशवृक्षाणां प्राचुर्यम् विद्यते ।

7(ङ) की पेटिका में जनजातिः छपा है; बाहुल्यम् के साथ अर्थ और व्याकरण के लिए षष्ठी जनजातेः प्रयोग की गई है।

८. भिन्नप्रकृतिकं पदं चिनुत —

उत्तर (क) गच्छति, पठति, धावति, अहसत्, क्रीडति → भिन्नपदम् अहसत् (शेषं लट्-लकारे, इदं लङ्-लकारे) । (ख) छात्रः, सेवकः, शिक्षकः, लेखिका, क्रीडकः → भिन्नपदम् लेखिका (शेषं पुंल्लिङ्गे, इदं स्त्रीलिङ्गे) । (ग) पत्रम्, मित्रम्, पुष्पम्, आम्रः, फलम् → भिन्नपदम् आम्रः (शेषं नपुंसकलिङ्गे, इदं पुंल्लिङ्गे) । (घ) व्याधः, भल्लूकः, गजः, कपोतः, शाखा, वृषभः, सिंहः → भिन्नपदम् शाखा (शेषं मनुष्य-प्राणिवाचकानि, इदं वृक्षावयवः) । (ङ) पृथिवी, वसुन्धरा, धरित्री, यानम्, वसुधा → भिन्नपदम् यानम् (शेषं पृथिवी-पर्यायाः, इदं वाहनम्) ।

९. विशेष्य-विशेषणानाम् उचितं मेलनं कुरुत —

विशेषण-पदानिविशेष्य-पदानि (उचितं मेलनम्)
अयम्प्रदेशः
संस्कृतिविशिष्टायाम्भारतभूमौ
महत्त्वाधायिनीसंस्कृतिः
प्राचीनेइतिहासे
एकःसमवायः

अत्र इदम् अवधेयम् (दश दिशः)

पाठ में ‘अत्र इदम् अवधेयम्’ के अन्तर्गत दश दिशाओं का परिचय श्लोक एवं तालिका द्वारा दिया गया है।

पूर्वाग्नेयी दक्षिणा च नैर्ऋती पश्चिमा तथा ।
वायवी चोत्तरैशानी ऊर्ध्वा चाधो दिशो दश ॥
दिक् (Direction)Englishदिक् (Direction)English
पूर्वाEastआग्नेयीSouth-East
दक्षिणाSouthनैर्ऋतीSouth-West
पश्चिमाWestवायवीNorth-West
उत्तराNorthईशानीNorth-East
ऊर्ध्वाUp / HighअधःDown / Low

पाठ का शीर्षक ‘पश्यत कोणमैशान्यम्’ का अर्थ है – ‘ईशान कोण (पूर्वोत्तर दिशा) को देखो’, जो भारत के मनोहर पूर्वोत्तर भाग की ओर संकेत करता है।

योग्यताविस्तरः & परियोजनाकार्यम्

योग्यताविस्तरः (ज्ञान-विस्तार)

  • पत्काई: भारत के पूर्वोत्तर भाग में बर्मादेश (म्यांमार) के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित पर्वत-शृंखला है।
  • बराकनदी: पुस्तक के ज्ञान-विस्तार में मणिपुर, नागालैण्ड, मिजोरम, असम एवं बंगलादेश में बहने वाली 900 कि.मी. लम्बी नदी है।
  • गारोपर्वतः, खासीपर्वतः, जयन्तियापर्वतः – उत्तर-पूर्वी पीठस्थल पर स्थित तीन पर्वत-शृंखलाएँ हैं।
  • मेघालय-पीठस्थल में कृष्णहीरक (कोयला), लौह-अयस्क, सिलिमेनाइट, क्षारशिला, यूरेनियम आदि खनिज-सम्पदा प्रचुर मात्रा में हैं।
  • सप्तभगिनी-प्रदेशों का उल्लेख महाभारत, रामायण एवं पुराणों जैसे प्राचीन ग्रन्थों में भी उपलब्ध होता है।

नीचे की भाषा-सूची पुस्तक का अध्ययन-सन्दर्भ है; इसे वर्तमान कानूनी राजभाषाओं की सम्पूर्ण सूची न मानें। राज्यों के सरकारी पोर्टल पर नवीन विवरण जाँचें।

पुस्तक में राज्य, राजधानी और भाषा-सूची

क्र.राज्यम्राजधानीपुस्तक की भाषा-सूची
1अरुणाचलप्रदेशःईटानगरम्आङ्ग्लभाषा
2असमःदिसपुरम्असमिया, बङ्गला, बोडो, आङ्ग्लभाषा च
3मणिपुरम्इम्फालःमणिपुरी
4मेघालयःशिलांगःखासी, पुआरः, गारो, आङ्ग्लभाषा च
5मिजोरमःआइजोलःमिज़ो, आङ्ग्लभाषा च
6नागालैण्डम्कोहिमाआङ्ग्लभाषा
7त्रिपुराअगरतलाआङ्ग्लभाषा, बङ्गला च
8सिक्किमःगङ्गटोकःआङ्ग्लभाषा

अरुणाचल में सूर्य का अरुणोदय (सूर्योदय) सबसे पहले होता है, अतः इसे ‘अरुणाचल’ कहते हैं। असम में बृहत्तम नदीद्वीप ‘माजुली’ ब्रह्मपुत्र में स्थित है। मणिपुर के लोकटक-सरोवर में विश्व का एकमात्र राष्ट्रीय प्लवमान (तैरता हुआ) उद्यान है।

परियोजनाकार्यम् (Project Work)

1. भित्तिपत्र पर पूर्वोत्तर राज्यों का पृथक्-पृथक् मानचित्र बनाकर किसी राज्य का संस्कृत में पाँच वाक्यों में वर्णन कीजिए।

मार्गदर्शनम् (नमूना)यथा – नागालैण्डम् – (1) नागालैण्डं भारतस्य पूर्वोत्तरभागे स्थितम् अस्ति । (2) अस्य राजधानी कोहिमा अस्ति । (3) अत्र होर्न्बिल्-महोत्सवः प्रसिद्धः । (4) अत्र बहवः जनजातीयाः निवसन्ति । (5) इदं राज्यं प्राकृतिकसौन्दर्येण समृद्धम् अस्ति ।

2. पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन-स्थलों के नाम लिखकर उनका संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

उत्तर (नमूना)राज्यम् – असमः; नाम – काजीरङ्गा राष्ट्रियम् अभयारण्यम्; वर्णनम् – अत्र एकशृङ्गगजाः (गैंडे) दृश्यन्ते । एतत् यूनेस्को-विश्व-प्रत्नकीर्ति-स्थलम् अस्ति । अन्य – मेघालये चेरापुञ्जी, सिक्किमे गङ्गटोकः, मणिपुरे लोकटक-सरोवरः इत्यादीनि प्रसिद्धानि पर्यटनस्थलानि सन्ति ।

3. विद्यालय में ‘उत्तरपूर्वसंस्कृतिदिवसः’ आयोजित कीजिए, जिसमें छात्र विविध राज्यों के परिधान, नृत्य, भोजन एवं वेशभूषा प्रस्तुत करें।

मार्गदर्शनम्यह सामूहिक गतिविधि है। पूरा कार्यक्रम संस्कृत-संवाद के माध्यम से ही करें – प्रत्येक छात्र किसी एक राज्य की वेशभूषा, नृत्य एवं भोजन का संस्कृत में संक्षिप्त परिचय दे, जिससे पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विविधता का बोध हो।

नीचे अतिरिक्त प्रश्न, MCQ और अभिकथन-कारण ClearStudy के अभ्यास हैं। पर्यटन-परियोजनाओं के उत्तर नमूने हैं।

अतिरिक्त प्रश्न (Extra Questions)

अतिरिक्त लघु प्रश्न — ClearStudy अभ्यास

1. भारत के पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के नाम लिखिए।

उत्तरपूर्वोत्तर के आठ राज्य हैं – अरुणाचलप्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैण्ड, त्रिपुरा एवं सिक्किम। इनमें से सात बहनें एवं सिक्किम को ‘एक भाई’ कहा जाता है।

2. इन राज्यों को ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ क्यों कहा जाता है?

उत्तरसामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्यों की समानता एवं भौगोलिक वैशिष्ट्य के कारण इन सात राज्यों को ‘सात बहनें’ तथा बाद में जुड़े सिक्किम को ‘एक भाई’ कहा गया। यह नाम प्रतीकात्मक है।

3. वंश-उद्योग (बाँस-उद्योग) के विषय में लिखिए।

उत्तरपूर्वोत्तर प्रदेश में वंशवृक्ष (बाँस) की प्रचुरता है। यहाँ वस्त्र-आभूषण से लेकर गृह-निर्माण तक बाँस से बनी वस्तुओं का उपयोग होता है। यह वंश-उद्योग अब अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर चुका है।

4. पाठ के अनुसार ये राज्य क्षेत्रफल में छोटे होकर भी कैसे बड़े हैं?

उत्तरयद्यपि क्षेत्रफल की दृष्टि से ये राज्य छोटे हैं, तथापि गुण एवं गौरव (गुणगौरवदृष्ट्या) की दृष्टि से बहुत बड़े हैं। प्राकृतिक सौन्दर्य, सांस्कृतिक विविधता एवं ऐतिहासिक महत्ता के कारण ये अत्यन्त महत्त्वपूर्ण हैं।

5. पाठ का अन्त किस निश्चय के साथ होता है?

उत्तरपाठ का अन्त इस निश्चय के साथ होता है कि सभी छात्र एवं अध्यापिका आगामी अवकाश में मिलकर इन स्वर्ग-सदृश (भ्रमणार्थं स्वर्गसदृशानि) पूर्वोत्तर राज्यों का भ्रमण करने जाएँगे।

अतिरिक्त व्याख्यात्मक प्रश्न — ClearStudy अभ्यास

6. पूर्वोत्तर भारत के राज्यों की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

उत्तरभारत के पूर्वोत्तर के आठ राज्य – अरुणाचलप्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैण्ड, त्रिपुरा एवं सिक्किम – प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यन्त समृद्ध हैं। ये पूर्वहिमालय की श्रेणियों एवं पत्काई-नाग पर्वत-प्रदेश में स्थित हैं। यहाँ बराक एवं ब्रह्मपुत्र जैसी नदियाँ बहती हैं तथा पर्वत-शृंखलाएँ, पठार एवं उपत्यकाएँ भू-वैविध्य प्रदान करती हैं।सांस्कृतिक दृष्टि से यह जनजातिबहुल प्रदेश है, जहाँ गारो, खासी, नागा, मिजो, लेप्चा आदि अनेक जनजातियाँ निवास करती हैं। पाठ में इन समुदायों की भाषिक विविधता, उत्सवों और कला-परम्पराओं का परिचय है। यहाँ वंश-उद्योग (बाँस-उद्योग) अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त है। ये राज्य प्रकृति, संस्कृति एवं इतिहास का अनुपम संगम हैं।

7. पाठ के संवाद-प्रसंग के आधार पर इन राज्यों के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।

उत्तरपाठ संवाद-शैली में रचित है, जिसमें अध्यापिका एवं छात्र भारत के राज्यों की चर्चा करते हैं। अध्यापिका बताती हैं कि देश में 28 राज्य एवं 8 केन्द्रशासित प्रदेश हैं, जिनमें पूर्वोत्तर के आठ राज्यों का समूह ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ नाम से प्रसिद्ध है।संवाद से स्पष्ट होता है कि ये राज्य केवल स्थान-विशेष ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक-ऐतिहासिक विविधता के कारण विशेष महत्त्व रखते हैं। प्राचीन इतिहास में ये प्रायः स्वाधीन रहे। इनकी संस्कृति विविधतापूर्ण भारतभूमि में महत्त्वपूर्ण है। प्राकृतिक सम्पदा से समृद्ध यह प्रदेश पूर्व-दक्षिण-पूर्व एशिया का द्वार है। यही कारण है कि सभी इन्हें भ्रमण के लिए स्वर्ग-सदृश मानते हैं।

8. ‘पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्’ शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।

उत्तरपाठ का शीर्षक ‘पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्’ पूर्णतः सार्थक है। इसका अर्थ है – ‘भारत के मनोहर ईशान कोण (पूर्वोत्तर दिशा) को देखो’। ईशानी का अर्थ उत्तर-पूर्व है। शीर्षक भारत के इस भूभाग की प्राकृतिक और सांस्कृतिक मनोहरता की ओर ध्यान दिलाता है।यह शीर्षक पाठक का ध्यान भारत के उस भू-भाग की ओर आकृष्ट करता है जो प्राकृतिक सौन्दर्य, सांस्कृतिक विविधता एवं जनजातीय परम्परा से परिपूर्ण है। पर्वत, नदियाँ, बाँस-वन, खनिज-सम्पदा एवं अनेक जनजातियाँ इस प्रदेश को मनोहर बनाती हैं। इस प्रकार शीर्षक पाठ के मूल भाव – पूर्वोत्तर की अनुपम मनोहरता – को पूर्णतः व्यक्त करता है।

MCQ & अभिकथन-कारण

1. भारत में कुल कितने राज्य हैं?

(क) पञ्चविंशतिः

(ख) अष्टाविंशतिः

(ग) त्रिंशत्

(घ) विंशतिः

उत्तर(ख) अष्टाविंशतिः (28)।

2. ‘लघु भ्राता’ किस राज्य को कहा गया है?

(क) असमः

(ख) त्रिपुरा

(ग) सिक्किमः

(घ) मणिपुरम्

उत्तर(ग) सिक्किमः।

3. ‘ऐशान्यम्’ का अर्थ है—

(क) दक्षिण दिशा

(ख) पश्चिम दिशा

(ग) पूर्वोत्तर दिशा (ईशान कोण)

(घ) पूर्व दिशा

उत्तर(ग) पूर्वोत्तर दिशा (ईशान कोण)।

4. पूर्वोत्तर प्रदेश में कौन-सा उद्योग सर्वप्रमुख है?

(क) वस्त्रोद्योगः

(ख) वंशोद्योगः (बाँस-उद्योग)

(ग) लौह-उद्योगः

(घ) कागद-उद्योगः

उत्तर(ख) वंशोद्योगः (बाँस-उद्योग)।

5. अरुणाचलप्रदेश की राजधानी क्या है?

(क) इम्फालः

(ख) ईटानगरम्

(ग) कोहिमा

(घ) शिलांगः

उत्तर(ख) ईटानगरम्।

6. भारत में कितने केन्द्रशासित प्रदेश हैं?

(क) षट्

(ख) सप्त

(ग) अष्ट

(घ) नव

उत्तर(ग) अष्ट (8)।

7. पाठ में उल्लिखित नदीद्वीप ‘माजुली’ किस राज्य में है?

(क) मणिपुरम्

(ख) असमः

(ग) त्रिपुरा

(घ) मिजोरमः

उत्तर(ख) असमः (ब्रह्मपुत्र नद में स्थित)।

8. पूर्वोत्तर प्रदेश में कौन-कौन-सी जनजातियाँ निवास करती हैं?

(क) भील, गोंड

(ख) गारो, खासी, नागा, मिजो, लेप्चा

(ग) संथाल, मुंडा

(घ) टोडा, बद्गा

उत्तर(ख) गारो, खासी, नागा, मिजो, लेप्चा।

9. पाठ में उल्लिखित प्लवमान राष्ट्रीय उद्यान किस सरोवर में है?

(क) ब्रह्मपुत्र

(ख) बराक

(ग) लोकटक-सरोवर (मणिपुर)

(घ) चिल्का

उत्तर(ग) लोकटक-सरोवर (मणिपुर)।

10. पाठ के अनुसार ये राज्य किस दृष्टि से बड़े हैं?

(क) क्षेत्रफल की दृष्टि से

(ख) जनसंख्या की दृष्टि से

(ग) गुण एवं गौरव की दृष्टि से

(घ) उद्योग की दृष्टि से

उत्तर(ग) गुण एवं गौरव की दृष्टि से (गुणगौरवदृष्ट्या)।
उत्तर-कुंजी: 1-(ख), 2-(ग), 3-(ग), 4-(ख), 5-(ख), 6-(ग), 7-(ख), 8-(ख), 9-(ग), 10-(ग)

अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।

1. अभिकथन (A): पूर्वोत्तर के राज्यों को ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ कहा जाता है।

कारण (R): इनमें सात राज्य (बहनें) एवं सिक्किम (भाई) सम्मिलित हैं तथा सामाजिक-सांस्कृतिक समानता के कारण यह प्रतीकात्मक नाम दिया गया।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

2. अभिकथन (A): ये राज्य क्षेत्रफल में छोटे होकर भी महत्त्वपूर्ण हैं।

कारण (R): गुण एवं गौरव की दृष्टि से ये बहुत बड़े (बृहत्तर) प्रतीत होते हैं।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

3. अभिकथन (A): पूर्वोत्तर प्रदेश में वंश-उद्योग प्रमुख है।

कारण (R): वहाँ वंशवृक्ष (बाँस) की कमी (अल्पता) है।

उत्तर(ग) A सही है, किन्तु R गलत है – वहाँ वंशवृक्ष की प्रचुरता (बहुलता) है, अल्पता नहीं।

4. अभिकथन (A): अरुणाचलप्रदेश को ‘अरुणाचल’ कहा जाता है।

कारण (R): भारत में सूर्य का अरुणोदय (सूर्योदय) सबसे पहले यहीं होता है।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

5. अभिकथन (A): पाठ में सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च नाम को प्रतीकात्मक कहा गया है।

कारण (R): यह वास्तविक भाई-बहन का सम्बन्ध नहीं, राज्यों के समूह का रूपक है।

उत्तर(क) दोनों कथन सही हैं; कारण प्रतीकात्मक नाम को स्पष्ट करता है।

परीक्षा-सुझाव एवं सामान्य त्रुटियाँ

परीक्षा-सुझाव (Exam Tips)

  • आठों राज्यों के नाम, राजधानियाँ एवं राजभाषाएँ क्रमवार याद रखें – तालिका से भाषा और स्थान-नामों का अभ्यास करें।
  • ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ में सात बहनें कौन एवं भाई कौन (सिक्किम) – यह भेद स्पष्ट रखें।
  • दश दिशाओं के संस्कृत नाम एवं उनके अंग्रेज़ी अर्थ (आग्नेयी-SE, नैर्ऋती-SW, वायवी-NW, ईशानी-NE) याद करें।
  • शब्दार्थ (ऐशान्यम्, समवायः, प्रथितः, निष्णाताः, प्राचुर्यम्) हिन्दी एवं अंग्रेज़ी दोनों में याद रखें।
  • ‘पूर्णवाक्येन उत्तरम्’ वाले प्रश्नों में पूरा वाक्य लिखें, केवल एक शब्द नहीं।

सामान्य त्रुटियाँ (Common Mistakes)

  • राज्यों की संख्या (8) एवं सप्तभगिन्यः (7) को आपस में गड्डमड्ड कर देना – सिक्किम आठवाँ (भाई) है।
  • राज्य संख्या (28) एवं केन्द्रशासित प्रदेश संख्या (8) को उलट देना।
  • राजधानी-राजभाषा का गलत मिलान (यथा – नागालैण्ड → कोहिमा, मेघालय → शिलांग)।
  • प्रकृति-प्रत्यय विभाग में प्रत्यय की भूल (ज्ञातुम् = ज्ञा + तुमुन्; अतिरिच्य = अति+रिच् + ल्यप्)।
  • शीर्षक के ‘ऐशान्यम्’ को पूर्व/दक्षिण दिशा समझ लेना – यह ‘पूर्वोत्तर’ (ईशान) कोण है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

दीपकम् कक्षा 8 का पाठ 8 ‘पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्’ किस विषय पर आधारित है?

यह पाठ संवाद-शैली में रचित है तथा भारत के पूर्वोत्तर के आठ राज्यों – अरुणाचलप्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैण्ड, त्रिपुरा एवं सिक्किम – पर आधारित है, जो ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ के नाम से प्रसिद्ध हैं।

‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ में ‘भाई’ किस राज्य को कहा गया है?

सात बहनें अरुणाचलप्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, नागालैण्ड एवं त्रिपुरा हैं, तथा ‘लघु भ्राता’ (एक भाई) सिक्किम को कहा गया है।

‘पश्यत कोणमैशान्यम्’ का अर्थ क्या है?

इसका अर्थ है – ‘ईशान कोण (पूर्वोत्तर दिशा) को देखो’। यह भारत के मनोहर पूर्वोत्तर भाग की ओर संकेत करता है, जो प्राकृतिक सौन्दर्य एवं सांस्कृतिक विविधता से परिपूर्ण है।

पाठ्यपुस्तक संदर्भ: NCERT दीपकम्, कक्षा 8, पाठ 8, पृष्ठ 85–96; उपलब्ध प्रति का पुनर्मुद्रण 2026–27। उत्तर और व्याख्याएँ ClearStudy की मौलिक शिक्षण सामग्री हैं; खुली गतिविधियों के उत्तर नमूने हैं। आधिकारिक NCERT पुस्तक पोर्टल।

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