कक्षा 6 हिंदी मल्हार पाठ 4 — हार की जीत प्रश्न उत्तर और सार
हार की जीत प्रश्न उत्तर: कक्षा 6 हिंदी मल्हार पाठ 4 में सुदर्शन बाबा भारती, खड्गसिंह और घोड़े सुलतान की कथा से करुणा तथा विश्वास का महत्त्व दिखाते हैं। यहाँ कहानी का सार, शीर्षक की सार्थकता, शब्दार्थ, मुहावरे और पुस्तक के क्रम में अभ्यास-सहायता है। कल्पनात्मक तथा व्यक्तिगत लेखन के उत्तर नमूने हैं।
स्रोत: NCERT मल्हार पाठ 4 की PDF, मुद्रित पृष्ठ 33–44, पुनर्मुद्रण 2026–27। व्यक्तिगत, कल्पनात्मक और समूह-कार्य वाले उत्तर नमूने हैं; अपने अनुभव के अनुसार लिखें।
लेखक से परिचय – सुदर्शन
सुदर्शन इस कहानी के लेखक हैं। पुस्तक के परिचय में उनका वास्तविक नाम बदरीनाथ भट्ट दिया है और बताया है कि उन्होंने छठी कक्षा में पढ़ते समय अपनी पहली कहानी लिखी थी। उन्होंने कहानियों के साथ कविताएँ, लेख, नाटक, उपन्यास तथा फ़िल्मों की पटकथा और गीत भी लिखे। इस पाठ में बाबा भारती की भलाई और खड्गसिंह के हृदय में होने वाला परिवर्तन प्रमुख है।
कहानी का सार
बाबा भारती एक सच्चे संत थे। उन्होंने रुपया, माल-असबाब, ज़मीन आदि अपना सब-कुछ छोड़ दिया था और गाँव से बाहर एक छोटे-से मंदिर में रहकर भगवान का भजन करते थे। उन्हें अपने घोड़े सुलतान से असीम प्रेम था। सुलतान बड़ा सुंदर एवं बलवान था; उसके जोड़ का घोड़ा सारे इलाके में नहीं था। बाबा भारती अपने हाथ से उसकी देखभाल करते, दाना खिलाते और प्रतिदिन संध्या को उस पर सवार होकर आठ-दस मील का चक्कर लगाते थे। सुलतान के बिना उन्हें चैन ही नहीं आता था।
उसी इलाके में खड्गसिंह नामक एक प्रसिद्ध डाकू रहता था। सुलतान की कीर्ति सुनकर वह एक दिन बाबा भारती के पास आया और घोड़ा देखकर मुग्ध हो गया। उसके मन में लालच जाग उठा और जाते समय उसने चेतावनी दी कि वह यह घोड़ा बाबा भारती के पास नहीं रहने देगा। इस भय से बाबा भारती रात-रात भर अस्तबल की रखवाली करने लगे। पर कई महीने बीत गए और खड्गसिंह नहीं आया, तो बाबा कुछ असावधान हो गए।
एक संध्या जब बाबा भारती सुलतान पर सवार होकर घूम रहे थे, तब खड्गसिंह ने एक असहाय व्यक्ति का झूठा वेश धरकर सहायता माँगी। दयालु बाबा भारती ने उसे घोड़े पर बैठा दिया और स्वयं लगाम पकड़कर चलने लगे। अवसर पाते ही अपाहिज बने खड्गसिंह ने घोड़ा दौड़ा दिया। बाबा भारती ने उसे रुकने को कहा – पर घोड़ा वापस माँगने के लिए नहीं! उन्होंने केवल इतनी प्रार्थना की कि वह इस घटना को किसी के सामने प्रकट न करे, नहीं तो लोग किसी गरीब-असहाय पर विश्वास करना ही छोड़ देंगे और संसार से विश्वास उठ जाएगा।
बाबा भारती के ये ऊँचे विचार खड्गसिंह के हृदय को भीतर तक छू गए। पश्चात्ताप से भरकर बाद में रात के अँधेरे में वह चुपके से मंदिर पहुँचा और सुलतान को उसके स्थान पर बाँध गया। आँखों में पश्चात्ताप के आँसू लिए वह लौट गया। चौथा पहर आरंभ होने पर बाबा भारती अस्तबल पहुँचे, तो घोड़े ने अपने स्वामी के पाँवों की चाप पहचानकर हिनहिनाया। बाबा भारती दौड़कर घोड़े के गले से लिपटकर रो पड़े और बोले — “अब कोई गरीबों की सहायता से मुँह न मोड़ेगा।” दोनों के आँसू उसी भूमि पर एक-दूसरे में मिल गए। इस प्रकार खड्गसिंह की बुराई हार गई और बाबा भारती की भलाई एवं विश्वास की जीत हुई – यही इस कहानी की ‘हार की जीत’ है।

शब्दार्थ
| कठिन शब्द | अर्थ |
|---|---|
| अर्पण | समर्पित करना, भेंट करना |
| खरहरा करना | घोड़े के शरीर को साफ़ करना/सहलाना |
| असबाब | सामान, साज-सामग्री |
| घृणा | नफ़रत, अरुचि |
| भ्रांति | भ्रम, गलतफ़हमी |
| कीर्ति | यश, प्रसिद्धि |
| अधीर | बेचैन, व्याकुल |
| अभिलाषा | इच्छा, चाह |
| अस्तबल | घोड़े बाँधने का स्थान |
| बाँका | सुंदर एवं शानदार |
| विस्मय | आश्चर्य, हैरानी |
| बाहुबल | भुजाओं का बल, शक्ति |
| बेरहमी | निर्दयता, क्रूरता |
| मिथ्या | झूठा, असत्य |
| अपाहिज | शरीर के किसी अंग की कार्यक्षमता में कमी वाला व्यक्ति; कहानी में खड्गसिंह ऐसा होने का ढोंग करता है। |
| करुणा | दया, तरस |
| प्रयोजन | उद्देश्य, मतलब |
| पश्चात्ताप | किए पर पछतावा |
| सन्नाटा | नीरवता, गहरी चुप्पी |
| हिनहिनाना | घोड़े का स्वर निकालना |
कहानी के प्रमुख मुहावरे
| मुहावरा | अर्थ |
|---|---|
| लट्टू होना | किसी पर मोहित/आसक्त हो जाना |
| हृदय पर साँप लोटना | तीव्र ईर्ष्या या लालच से जल उठना |
| फूले न समाना | अत्यधिक प्रसन्न होना |
| मुँह मोड़ लेना | उपेक्षा करना, सहायता न करना |
| मुख खिल जाना | प्रसन्नता से चेहरा चमक उठना |
| न्योछावर कर देना | किसी के लिए सब कुछ समर्पित कर देना |
| सिर मारना | बहुत प्रयास/विचार करना |
| हवा से बातें करना | बहुत तेज़ दौड़ना |
मेरी समझ से
आइए, अब हम ‘हार की जीत’ कहानी को थोड़ा और निकटता से समझ लेते हैं। (क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए—
(1) सुलतान के छीने जाने का बाबा भारती पर क्या प्रभाव हुआ?
• बाबा भारती के मन से चोरी का डर समाप्त हो गया।
• बाबा भारती ने गरीबों की सहायता करना बंद कर दिया।
• बाबा भारती ने द्वार बंद करना छोड़ दिया।
• बाबा भारती असावधान हो गए।
(2) “बाबा भारती भी मनुष्य ही थे।” इस कथन के समर्थन में लेखक ने कौन-सा तर्क दिया है?
• बाबा भारती ने डाकू को घमंड से घोड़ा दिखाया।
• बाबा भारती घोड़े की प्रशंसा दूसरों से सुनने के लिए व्याकुल थे।
• बाबा भारती को घोड़े से अत्यधिक लगाव और मोह था।
• बाबा भारती हर पल घोड़े की रखवाली करते रहते थे।
(ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
शीर्षक
(क) आपने अभी जो कहानी पढ़ी है, इसका नाम सुदर्शन ने ‘हार की जीत’ रखा है। चर्चा करके लिखिए कि उन्होंने इस कहानी को यह नाम क्यों दिया होगा? अपने उत्तर का कारण भी लिखिए।
(ख) यदि आपको इस कहानी को कोई अन्य नाम देना हो तो क्या नाम देंगे? आपने यह नाम क्यों सोचा, यह भी बताइए।
(ग) बाबा भारती ने डाकू खड्गसिंह से कौन-सा वचन लिया?
पंक्तियों पर चर्चा
कहानी में से चुनकर कुछ वाक्य नीचे दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार लिखिए—
“भगवत-भजन से जो समय बचता, वह घोड़े को अर्पण हो जाता।”
“बाबा ने घोड़ा दिखाया घमंड से, खड्गसिंह ने घोड़ा देखा आश्चर्य से।”
“वह डाकू था और जो वस्तु उसे पसंद आ जाए उस पर अपना अधिकार समझता था।”
“बाबा भारती ने निकट जाकर उसकी ओर ऐसी आँखों से देखा जैसे बकरा कसाई की ओर देखता है और कहा, ‘यह घोड़ा तुम्हारा हो चुका है।’”
“उनके पाँव अस्तबल की ओर मुड़े। परंतु फाटक पर पहुँचकर उनको अपनी भूल प्रतीत हुई।”
सोच-विचार के लिए
कहानी को एक बार फिर से पढ़िए और निम्नलिखित पंक्ति के विषय में पता लगाकर लिखिए — “दोनों के आँसुओं का उस भूमि की मिट्टी पर परस्पर मेल हो गया।”
(क) किस-किस के आँसुओं का मेल हो गया था?
(ख) दोनों के आँसुओं में क्या अंतर था?
दिनचर्या
(क) कहानी पढ़कर आप बाबा भारती के जीवन के विषय में बहुत कुछ जान चुके हैं। अब कहानी के आधार पर बाबा भारती की दिनचर्या लिखिए। वे सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक क्या-क्या करते होंगे? (इसमें आप थोड़ी-बहुत कल्पना का सहारा भी ले सकते हैं।)
(ख) अब आप अपनी दिनचर्या भी लिखिए।
कहानी की रचना
(क) इस कहानी की कौन-कौन सी बातें आपको पसंद आईं? आपस में चर्चा कीजिए।
(ख) कोई भी कहानी पाठक को तभी पसंद आती है जब उसे अच्छी तरह लिखा गया हो। लेखक कहानी को अच्छी तरह लिखने के लिए शब्द, वाक्य, संवाद आदि का ध्यान रखते हैं। इस कहानी में आए संवादों के विषय में अपने विचार लिखें।
मुहावरे कहानी से
(क) कहानी का प्रयोग समझें: नीचे अर्थ और संदर्भ दिए हैं। ‘न्योछावर कर देना’ अभ्यास की सूची में है; इस प्रति की मुख्य कहानी में उसका पूरा वाक्य नहीं दिखाई देता, इसलिए उसके लिए मनगढ़ंत मूल-पंक्ति उद्धृत न करें।
| मुहावरा | अर्थ और कहानी का संदर्भ | (ख) नया वाक्य—नमूना |
|---|---|---|
| लट्टू होना | मोहित होना; बाबा भारती सुलतान की चाल पर लट्टू थे। | छोटा भाई नए खिलौने पर लट्टू हो गया। |
| हृदय पर साँप लोटना | ईर्ष्या से जलना; सुलतान की चाल देखकर खड्गसिंह के मन में ईर्ष्या और उसे पाने का लालच जागा। | मित्र की सफलता देखकर ईर्ष्यालु व्यक्ति के हृदय पर साँप लोट गया। |
| फूले न समाना | बहुत प्रसन्न होना; बाबा भारती सुलतान को देखकर प्रसन्नता से भर उठते थे। | पुरस्कार पाकर मीरा फूली न समाई। |
| मुँह मोड़ लेना | उपेक्षा करना या संबंध छोड़ देना; बाबा भारती सुलतान की ओर से मुँह मोड़ते हैं, फिर अंत में कहते हैं कि अब कोई गरीबों की सहायता से मुँह न मोड़ेगा। | सच्चा मित्र संकट में मुँह नहीं मोड़ता। |
| मुख खिल जाना | प्रसन्नता से चेहरा चमकना; सुलतान को देखकर बाबा का मुख फूल की तरह खिलता था। | माँ को देखकर बच्चे का मुख खिल गया। |
| न्योछावर कर देना | किसी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर देना; इसे अभ्यास-सूची के अर्थ के रूप में समझें। | सैनिक देश की रक्षा के लिए अपना जीवन न्योछावर कर देते हैं। |
कैसे-कैसे पात्र
पृष्ठ 42 के शब्द-चित्रों में प्रत्येक पात्र के लिए दिया शब्द और पाँच अन्य शब्द भर सकते हैं। यह नमूना है; हर शब्द के लिए कहानी का आधार बताएँ।
| पात्र | छह विशेषताएँ | पाठ से आधार |
|---|---|---|
| बाबा भारती | दयालु, त्यागी, भक्त, संवेदनशील, उदार, विश्वास रखने वाले | जरूरतमंद की सहायता करते हैं; अपनी हानि से अधिक गरीबों पर विश्वास बने रहने की चिंता करते हैं। |
| खड्गसिंह | बाहुबली, बेरहम, लालची, कपटी, प्रभावित होने वाला, पश्चात्तापी | पहले छल से घोड़ा छीनता है; बाद में बाबा के विचारों से प्रभावित होकर उसे लौटा देता है। |
| सुलतान | सुंदर, बलवान, बाँका, तेज, प्रिय, आहट पहचानने वाला | घोड़ा हवा से बातें करता है और लौटने पर अपने स्वामी के पाँवों की चाप पहचानकर हिनहिनाता है। |
किसी व्यक्ति, प्राणी या वस्तु की विशेषता बताने वाले शब्द विशेषण कहलाते हैं। खड्गसिंह के आरंभ और अंत के गुण अलग हैं; उसे पूरी कहानी में एक जैसा न दिखाएँ।
पाठ से आगे (अन्य गतिविधियाँ)
सुलतान की कहानी
मान लीजिए, यह कहानी सुलतान सुना रहा है। तब कहानी कैसे आगे बढ़ती? स्वयं को सुलतान के स्थान पर रखकर कहानी बनाइए। (संकेत – मेरा नाम सुलतान है। मैं एक घोड़ा हूँ…)
मन के भाव
(क) कहानी में से चुनकर कुछ शब्द दिए गए हैं – चकित, अधीर, डर, प्रसन्नता, करुणा, निराशा। बताइए, कहानी में कौन, कब, ऐसा अनुभव कर रहा था—
(ख) आप उपर्युक्त भावों को कब-कब अनुभव करते हैं? लिखिए। (संकेत – जैसे गली में किसी कुत्ते को देखकर डर या प्रसन्नता या करुणा आदि का अनुभव करना)
झरोखे से / साझी समझ
लेखक सुदर्शन ने अनेक कविताएँ भी लिखी हैं। उनकी एक कविता ‘वह चली हवा’ पढ़िए। आपको इस कविता में क्या अच्छा लगा? आपस में चर्चा कीजिए और अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
खोजबीन के लिए
सुदर्शन की कुछ अन्य रचनाएँ पुस्तक में दिए गए क्यू.आर. कोड या इंटरनेट या पुस्तकालय की सहायता से पढ़ें, देखें व समझें।
ClearStudy के अतिरिक्त प्रश्न
यह अतिरिक्त अभ्यास NCERT के मुद्रित अभ्यास से अलग है।
लघु उत्तरीय प्रश्न (30–40 शब्द)
1. ‘हार की जीत’ कहानी के लेखक कौन हैं? उनके बारे में दो बातें लिखिए।
2. बाबा भारती को सुलतान से कितना प्रेम था? संक्षेप में लिखिए।
3. खड्गसिंह ने बाबा भारती से घोड़ा कैसे छीना?
4. बाबा भारती ने घोड़ा वापस माँगने के बजाय खड्गसिंह से क्या प्रार्थना की और क्यों?
5. खड्गसिंह का हृदय-परिवर्तन कैसे हुआ और उसने क्या किया?
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (100–120 शब्द)
6. ‘हार की जीत’ कहानी का केंद्रीय संदेश (मूल भाव) अपने शब्दों में लिखिए।
7. बाबा भारती के चरित्र की विशेषताएँ उदाहरण सहित लिखिए।
8. इस कहानी का शीर्षक ‘हार की जीत’ कहाँ तक सार्थक है? स्पष्ट कीजिए।
ClearStudy अभ्यास MCQ और अभिकथन-कारण
1. ‘हार की जीत’ कहानी के लेखक कौन हैं?
(क) प्रेमचंद
(ख) सुदर्शन
(ग) जयशंकर प्रसाद
(घ) महादेवी वर्मा
2. सुदर्शन का वास्तविक नाम क्या था?
(क) धनपत राय
(ख) बदरीनाथ भट्ट
(ग) माखनलाल
(घ) सूर्यकांत त्रिपाठी
3. बाबा भारती के घोड़े का क्या नाम था?
(क) चेतक
(ख) बादल
(ग) सुलतान
(घ) तूफ़ान
4. खड्गसिंह कौन था?
(क) एक साधु
(ख) एक प्रसिद्ध डाकू
(ग) एक वैद्य
(घ) एक राजा
5. खड्गसिंह ने घोड़ा छीनने के लिए कौन-सा वेश धारण किया?
(क) साधु का
(ख) व्यापारी का
(ग) अपाहिज (लँगड़े) का
(घ) किसान का
6. बाबा भारती ने खड्गसिंह से क्या वचन लिया?
(क) घोड़ा लौटा देने का
(ख) घटना को किसी के सामने प्रकट न करने का
(ग) दोबारा डाका न डालने का
(घ) मंदिर में रहने का
7. बाबा भारती को इस घटना के प्रकट होने का क्या डर था?
(क) उनकी बदनामी होगी
(ख) लोग गरीबों पर विश्वास करना छोड़ देंगे
(ग) खड्गसिंह पकड़ा जाएगा
(घ) घोड़ा बीमार पड़ जाएगा
8. अंत में खड्गसिंह ने क्या किया?
(क) घोड़ा बेच दिया
(ख) घोड़ा अपने पास रख लिया
(ग) रात में चुपके से घोड़ा लौटा दिया
(घ) घोड़ा किसी और को दे दिया
9. “हृदय पर साँप लोटना” मुहावरे का अर्थ है—
(क) बहुत प्रसन्न होना
(ख) ईर्ष्या/लालच से जल उठना
(ग) डर जाना
(घ) सो जाना
10. कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
(क) धन ही सबसे बड़ा है
(ख) सच्चाई एवं विश्वास की बुराई पर जीत होती है
(ग) बल से सब कुछ पाया जा सकता है
(घ) घोड़े बहुत उपयोगी होते हैं
अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।
1. अभिकथन (A): बाबा भारती ने घोड़ा छिन जाने पर भी उसे वापस नहीं माँगा।
कारण (R): वे नहीं चाहते थे कि लोग किसी गरीब-असहाय पर विश्वास करना छोड़ दें।
2. अभिकथन (A): खड्गसिंह ने अंत में घोड़ा लौटा दिया।
कारण (R): बाबा भारती के ऊँचे विचारों से उसका हृदय पश्चात्ताप से भर गया।
3. अभिकथन (A): बाबा भारती को सुलतान से कोई लगाव नहीं था।
कारण (R): वे प्रतिदिन संध्या को सुलतान पर सवार होकर घूमने जाते थे।
4. अभिकथन (A): खड्गसिंह उस इलाके का प्रसिद्ध डाकू था।
कारण (R): जो वस्तु उसे पसंद आ जाती, उस पर वह अपना अधिकार समझता था।
5. अभिकथन (A): कहानी का शीर्षक ‘हार की जीत’ सार्थक है।
कारण (R): बाबा भारती की प्रत्यक्ष हार उनके सद्गुणों एवं विश्वास की सच्ची जीत बन जाती है।
परीक्षा-सुझाव & सामान्य गलतियाँ
परीक्षा-सुझाव
- लेखक का नाम सुदर्शन एवं वास्तविक नाम बदरीनाथ भट्ट अवश्य याद रखें।
- पात्रों के नाम सही लिखें – घोड़ा सुलतान, संत बाबा भारती, डाकू खड्गसिंह।
- प्रश्न में जो पूछा है, उसी का सीधा उत्तर दें; शीर्षक, भावना और घटनाक्रम के प्रश्नों को उनके संदर्भ से जोड़ें।
- मुहावरों के अर्थ एवं वाक्य-प्रयोग कहानी के संदर्भ से जोड़कर लिखें।
सामान्य गलतियाँ
- घोड़े का नाम ‘चेतक’ लिख देना – इस कहानी में घोड़े का नाम सुलतान है।
- यह समझ लेना कि बाबा भारती ने घोड़ा वापस माँगा – उन्होंने केवल घटना गुप्त रखने का वचन लिया।
- खड्गसिंह और बाबा भारती के आँसुओं के भाव में अंतर भूल जाना।
- शब्दार्थ या मुहावरों में अशुद्ध मात्राएँ लगाना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
‘हार की जीत’ कहानी के लेखक कौन हैं?
‘हार की जीत’ कहानी के लेखक सुदर्शन हैं, जिनका वास्तविक नाम बदरीनाथ भट्ट था।
‘हार की जीत’ कहानी का मुख्य भाव क्या है?
कहानी का मुख्य भाव यह है कि सच्चाई, उदारता एवं विश्वास के सामने बुराई एवं लालच अंततः हार जाते हैं; बाबा भारती की भलाई से खड्गसिंह का हृदय बदल जाता है।
बाबा भारती ने घोड़ा वापस क्यों नहीं माँगा?
क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि यह घटना प्रकट होने पर लोग किसी गरीब-असहाय पर विश्वास करना छोड़ दें। उन्होंने केवल घटना गुप्त रखने का वचन माँगा।
कहानी का शीर्षक ‘हार की जीत’ क्यों रखा गया?
क्योंकि बाबा भारती घोड़ा खोकर (हार) भी अपने सद्गुणों एवं विश्वास से खड्गसिंह का हृदय जीत लेते हैं – यही उनकी सच्ची जीत है।
पाठ्यपुस्तक के अभ्यास और ClearStudy के अतिरिक्त अभ्यास अलग दिए हैं। उत्तर और व्याख्याएँ अध्ययन-सहायता हैं, आधिकारिक NCERT उत्तर-कुंजी नहीं।
