कक्षा 6 हिंदी (मल्हार) पाठ 8 – सत्रिया और बिहू नृत्य (गद्य) प्रश्न-उत्तर एवं सार (NCERT 2026–27)

यह पृष्ठ कक्षा 6 हिंदी की नई पुस्तक मल्हार के पाठ 8 ‘सत्रिया और बिहू नृत्य’ (लेखिका – जया मेहता, अनुवादक – शिवेंद्र कुमार सिंह) का पूरा समाधान देता है – पाठ का सार, शब्दार्थ तथा पाठ की सभी गतिविधियों (मेरी समझ से, मिलकर करें मिलान, पंक्तियों पर चर्चा, सोच-विचार के लिए, अनुमान या कल्पना से, शब्दों की बात, पाठ से आगे आदि) के मौलिक एवं परीक्षा-उपयोगी उत्तर।

कक्षा: 6 विषय: हिंदी पुस्तक: मल्हार पाठ: 8 लेखिका: जया मेहता विधा: गद्य (यात्रा-वृत्तांत/कहानी) सत्र: 2026–27

लेखिका परिचय – जया मेहता

जया मेहता एक नृत्यांगना, लेखिका एवं शिक्षिका हैं और बच्चों की अच्छी मित्र भी हैं। उनका जन्म 1977 में हुआ। वे स्वयं ओडिसी नृत्य में पारंगत हैं और कई वर्षों से देश-विदेश में नृत्य की प्रस्तुतियाँ देती आ रही हैं। इसी कारण वे भारतीय नृत्यों की सुंदरता एवं बारीकियों को बड़ी सरलता से बच्चों के लिए शब्दों में पिरो देती हैं। यह पाठ उनकी भारतीय नृत्यों से जुड़ी पुस्तक ‘नृत्य कथा’ से लिया गया है, जिसका हिंदी अनुवाद शिवेंद्र कुमार सिंह ने और चित्रांकन सुरुबा नतालिया ने किया है।

पाठ का सार

‘सत्रिया और बिहू नृत्य’ एक रोचक यात्रा-कथा है जो भारत की समृद्ध एवं रंग-बिरंगी संस्कृति की झलक दिखाती है। एंजेला नाम की लगभग दस वर्ष की लड़की लंदन के केंजिंग्टन इलाके में रहती है। उसे जेम्स और कीरा नामक मित्रों के साथ काल्पनिक खेल खेलना और दूर-दराज़ की दुनिया की कहानियों का पात्र बनना बहुत पसंद है।

एंजेला की माँ एलेसेंड्रा एक डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म-निर्माता हैं। उन्हें ब्रिटिश अकादमी से असम की नृत्य परंपरा पर एक डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए वित्तीय सहायता मिलती है, पर काम पूरा करने के लिए केवल एक महीने का समय रहता है। इसलिए माँ, पिता ब्रायन एवं एंजेला लंदन से नई दिल्ली होते हुए गुवाहाटी पहुँचते हैं। यात्रा में माँ एंजेला को बताती हैं कि असम भारत के पूर्वोत्तर में है और अपने वन्य-जीवन, रेशम एवं चाय के बागानों के लिए प्रसिद्ध है। अप्रैल का महीना वहाँ नववर्ष का समय होता है, जब बसंत के स्वागत में ‘बिहू’ त्योहार मनाया जाता है।

उसी शाम वे पास के गाँव मलंग जाते हैं, जहाँ बरगद के पेड़ के नीचे मंच बना है और लोग बिहू नृत्य कर रहे हैं। माँ बताती हैं कि बिहू एक कृषि-आधारित त्योहार है, जो असम में साल में तीन बार मनाया जाता है – बीज बोते समय, धान रोपते समय और फसल तैयार होने पर। एंजेला उत्सव का माहौल, वाद्ययंत्र बजाते लड़के तथा रंगीन पोशाक पहने नाचती लड़कियों को मंत्रमुग्ध होकर देखती है।

अगले दिनों में वे उत्तरी असम के ‘दक्षिणापथ सत्र’ जाते हैं, जहाँ सत्रिया नृत्य का फ़िल्मांकन होना है। वहाँ लेखिका रीना सेन की बेटी अनु से एंजेला की गहरी दोस्ती हो जाती है। पहले सत्रिया नृत्य केवल मठों के साधु करते थे, पर बीसवीं शताब्दी के मध्य में यह नृत्य पुरुषों एवं महिलाओं को भी सिखाया जाने लगा। एंजेला महिला सत्रिया नृत्यांगनाओं द्वारा जय-विजय की कथा पर आधारित अद्भुत प्रस्तुति देखती है। लंदन लौटकर भी असम के नृत्य उसके मन में बसे रहते हैं और वह अपनी कक्षा में स्वयं असमी नृत्य प्रस्तुत करती है। इस प्रकार पाठ हमें भारत की विविध सांस्कृतिक धरोहर, बिहू एवं सत्रिया नृत्यों तथा देखने-सीखने के आनंद से परिचित कराता है।

शब्दार्थ

कठिन शब्दअर्थ
संस्कृतिकिसी समाज के रहन-सहन, कला एवं परंपराएँ
मोहकमन मोह लेने वाला, आकर्षक
काल्पनिककल्पना पर आधारित, मन से गढ़ा हुआ
पात्रकहानी/नाटक का किरदार
डॉक्यूमेंट्रीवास्तविक तथ्यों पर बनी फ़िल्म, वृत्तचित्र
वित्तीय मददधन-संबंधी सहायता
पेचीदाजटिल, उलझा हुआ
समृद्धसंपन्न, भरपूर
परंपरापीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही रीति
कृषि आधारितखेती-किसानी से जुड़ा हुआ
हतप्रभहैरान, अचंभित
मंत्रमुग्धपूरी तरह मोहित, खोया हुआ
वाद्ययंत्रसंगीत बजाने का उपकरण
लजीजस्वादिष्ट
सत्रअसम के मठ, जहाँ सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति हुई
नृत्यांगनानृत्य करने वाली स्त्री
द्वारपालदरवाज़े की रक्षा करने वाला
श्रापअभिशाप, बद्दुआ
अद्भुतआश्चर्यजनक, अनोखा
रोमांचितखुशी एवं उत्साह से भरा हुआ

मेरी समझ से

(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (★) बनाइए—

(1) माँ एलेसेंड्रा के बारे में कौन-सा कथन सत्य है?

• वे असम के जीवन के बारे में बहुत-कुछ जानती थीं।

• उन्हें असम, बिहू और सत्रिया नृत्य से बहुत प्रेम था।

• उन्होंने एंजेला को कुछ असमिया शब्द भी सिखाए।

• वे अपने कार्य में सहायता के लिए बेटी को लाई थीं।

उत्तर★ वे अपने कार्य में सहायता के लिए बेटी को लाई थीं।माँ एलेसेंड्रा डॉक्यूमेंट्री बनाने असम आई थीं और समय कम होने के कारण छुट्टियाँ बढ़वाकर एंजेला एवं पिता को भी साथ ले आईं। (असमिया शब्द अनु ने सिखाए थे, माँ ने नहीं।)

(2) “अनु और एंजेला ने तुरंत एक-दूसरे की तरफ़ देखा।” क्यों?

• अनु के पास खिलौने थे।

• दोनों की आयु एक समान थी।

• दोनों को अंग्रेज़ी भाषा आती थी।

• एंजेला अनु से असमिया भाषा सीखना चाहती थी।

उत्तर★ दोनों की आयु एक समान थी।अनु और एंजेला दोनों ही दस साल की थीं; समान उम्र के कारण उनमें तुरंत आपसी जुड़ाव महसूस हुआ और वे एक-दूसरे की ओर देखने लगीं। (आगे दोनों ने अंग्रेज़ी में बातचीत भी की।)

(ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?

उत्तरयह समूह में मिलकर करने वाली गतिविधि है। उत्तर चुनते समय हमने पाठ के संदर्भ को आधार बनाया – जैसे, माँ का असम आना केवल डॉक्यूमेंट्री के काम के लिए था, इसलिए ‘बेटी को साथ लाने’ वाला कथन सही है; और चूँकि दोनों लड़कियाँ दस-दस साल की थीं, इसलिए समान आयु ही उनके एक-दूसरे को देखने का कारण बनी।

मिलकर करें मिलान

पाठ में से कुछ शब्द चुनकर स्तंभ 1 में दिए गए हैं। उनसे संबंधित वाक्य स्तंभ 2 में दिए गए हैं। रेखा खींचकर शब्दों का सही मिलान कीजिए।

स्तंभ 1स्तंभ 2
1. सत्र1. ग्रेगरी कैलेंडर के अनुसार 1 जनवरी 1901 से 31 दिसंबर 2000 तक का समय।
2. बोहाग बिहू2. ‘यूनाइटेड किंगडम’ और ‘इंग्लैंड’ की राजधानी।
3. लंदन3. ‘यूनाइटेड किंगडम’ देश की एक सरकारी संस्था।
4. गुवाहाटी4. असम में मनाया जाने वाला एक त्योहार। यह असम में नए साल की शुरुआत और बसंत के आगमन का प्रतीक है।
5. ब्रिटिश अकादमी5. भारत के असम राज्य का एक प्राचीन और सबसे बड़ा नगर है।
6. बीसवीं शताब्दी6. ये असम के मठ हैं। इनकी संख्या पाँच सौ से भी ज्यादा है। ये पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों के स्थान हैं। सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति इन्हीं सत्रों में हुई है।
सही मिलान1. सत्र → 6 (असम के मठ, जहाँ सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति हुई)2. बोहाग बिहू → 4 (असम में नए साल एवं बसंत के आगमन का त्योहार)3. लंदन → 2 (यूनाइटेड किंगडम और इंग्लैंड की राजधानी)4. गुवाहाटी → 5 (असम का प्राचीन एवं सबसे बड़ा नगर)5. ब्रिटिश अकादमी → 3 (यूनाइटेड किंगडम की एक सरकारी संस्था)6. बीसवीं शताब्दी → 1 (1 जनवरी 1901 से 31 दिसंबर 2000 तक का समय)

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया?

(क) “असम, भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में है, जिसे अपने वन्य-जीवन, रेशम और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। इसके साथ असम में नृत्य की भी एक समृद्ध परंपरा है।”

अर्थ/विचारइस पंक्ति में असम की पहचान बताई गई है। असम भारत के पूर्वोत्तर भाग में स्थित है और अपने घने जंगलों एवं वन्य-जीवों (जैसे एक सींग वाला गैंडा), मूँगा रेशम तथा विशाल चाय के बागानों के लिए प्रसिद्ध है।इसके साथ-साथ असम नृत्य में भी बहुत समृद्ध है – बिहू और सत्रिया जैसे नृत्य उसकी संस्कृति की शान हैं। अर्थात् असम प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ कला एवं परंपरा में भी धनी है।

(ख) “पूरी दुनिया की संस्कृतियों में लोग नृत्य और संगीत से अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं।”

अर्थ/विचारइसका अर्थ है कि नृत्य एवं संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि अपनी खुशी, उत्साह एवं भावनाओं को प्रकट करने का माध्यम भी हैं।संसार के हर देश एवं समाज में लोग अपने सुख, त्योहार एवं उमंग को नृत्य-संगीत के द्वारा व्यक्त करते हैं। इस प्रकार नृत्य-संगीत सारी मानवता को जोड़ने वाली एक साझी भाषा है।

सोच-विचार के लिए

निबंध को एक बार फिर पढ़िए और निम्नलिखित के बारे में पता लगाकर लिखिए—

(क) “एंजेला के मन में कई तरह के विचार चल रहे थे।” उसके मन में कौन-कौन से विचार चल रहे होंगे?

उत्तरबिहू देखने के बाद एंजेला के मन में कई विचार आ रहे होंगे – उसे अच्छा लगा कि उत्सव और नृत्य दोनों को ‘बिहू’ कहा जाता है; वह सोच रही होगी कि असम का जीवन लंदन से कितना अलग एवं रंगीन है।वह यह भी सोच रही होगी कि क्या संगीत एवं नृत्य केवल त्योहारों पर ही होते हैं, और क्या वह भी अपने घर पर बसंत के आगमन पर ऐसे ही नृत्य कर सकेगी। साथ ही उसके मन में इस नए अनुभव का आनंद एवं उत्सुकता भी रही होगी।

(ख) “बिहू एक कृषि आधारित त्योहार है।” कैसे?

उत्तरबिहू कृषि आधारित त्योहार इसलिए है क्योंकि यह खेती के अलग-अलग चरणों से जुड़ा है। असम में बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है – पहली बार तब, जब किसान बीज बोते हैं; दूसरी बार जब वे धान रोपते हैं; और तीसरी बार तब, जब खेतों में अनाज तैयार हो जाता है।इस प्रकार बिहू का सीधा संबंध फसल बोने, उगाने एवं काटने से है, इसीलिए इसे कृषि-आधारित त्योहार कहा गया है।

(ग) ऐसा लगता है कि भारत से जाने के बाद भी एंजेला के मन में असम ही छाया हुआ था। पाठ से इस कथन के समर्थन में कुछ उदाहरण खोजकर लिखिए।

उत्तरपाठ में इसके कई उदाहरण मिलते हैं – वापस लौटने के बाद भी एंजेला चलते, खाना खाते और खेलते समय नृत्य करती रहती थी। लंदन पहुँचकर वह माँ की रिकॉर्डिंग्स बार-बार देखती रही और पूरे उत्साह से असम की समृद्ध नृत्य परंपरा को याद करती रही।अंत में उसने अपनी कक्षा में स्वयं किए गए असमी नृत्य की वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ प्रदर्शन किया, जिसे सहपाठियों एवं शिक्षकों ने बहुत पसंद किया। इन सब बातों से स्पष्ट है कि असम के बिहू एवं सत्रिया नृत्य उसके मन में गहरे बस गए थे।

(घ) समय के बदलने के साथ-साथ सत्रिया नृत्य की परंपरा में क्या बदलाव आया है?

उत्तरपहले सत्रिया नृत्य केवल मठों (सत्रों) में रहने वाले साधु ही करते थे और यह पुरुषों तक ही सीमित था। बीसवीं शताब्दी के मध्य में कुछ साधु मठों से बाहर आकर पुरुषों एवं महिलाओं को सत्रिया नृत्य सिखाने लगे।शुरू में ऐसे साधुओं को मठों से निकाल दिया गया, परंतु आधुनिक दौर में महिला सत्रिया कलाकारों का मंच पर नृत्य करना आम बात हो गई है। इस प्रकार सत्रिया नृत्य अब केवल मठों एवं पुरुषों तक सीमित न रहकर महिलाओं एवं सार्वजनिक मंच तक पहुँच गया है।

निबंध की रचना

पाठ की बनावट पर ध्यान दीजिए। इस वर्णनात्मक निबंध की विशेषताएँ पहचानिए एवं लिखिए (जैसे, इसमें लंदन से यात्रा शुरू करने से लेकर वापस लंदन पहुँचने तक के अनुभवों का वर्णन है)।

उत्तरघटनाओं का क्रम: पाठ में घटनाएँ एक क्रम में चलती हैं – लंदन से यात्रा का आरंभ, गुवाहाटी पहुँचना, बिहू देखना, सत्र जाना, सत्रिया नृत्य देखना और फिर वापस लंदन लौटना।स्वयं देखे अनुभव का वर्णन: इसमें एंजेला ने जो कुछ अपनी आँखों से देखा एवं अनुभव किया, उसी का सजीव वर्णन है – बरगद के नीचे का मंच, रंगीन पोशाक, वाद्ययंत्र, नृत्य की मुद्राएँ आदि।सरल एवं रोचक भाषा: भाषा सरल, बहती हुई एवं कहानी जैसी रोचक है, जिसमें वस्तु, घटना एवं प्रदेश (असम) का सुंदर वर्णन है। इन्हीं विशेषताओं के कारण पढ़ते समय लगता है मानो हम कोई कहानी पढ़ रहे हों।

अनुमान या कल्पना से

अपनी कक्षा में चर्चा कीजिए—

(क) “बिहू नृत्य और इसके उत्सव से अचंभित एंजेला और उसके परिवार ने इसके साथ-साथ लजीज पकवानों का पूरा आनंद लिया।” एंजेला और उसका परिवार बिहू नृत्य और उसके उत्सव को देखकर अचंभित क्यों हो गया?

उत्तरएंजेला और उसका परिवार इसलिए अचंभित हो गया क्योंकि लंदन में उन्होंने ऐसा रंगीन एवं जीवंत उत्सव पहले कभी नहीं देखा था। बरगद के पेड़ के नीचे इतने सारे लोगों का एक साथ इकट्ठा होना, ढोल-वाद्ययंत्रों की ध्वनि और रंग-बिरंगी पोशाक में नाचते लड़के-लड़कियाँ उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव था।खुले आसमान के नीचे मस्ती में डूबा नृत्य, उत्सव का उमंग-भरा माहौल और साथ में स्वादिष्ट पकवान – यह सब इतना अनोखा एवं सुंदर था कि वे हतप्रभ रह गए, मानो वे किसी सपनों की दुनिया में आ गए हों।

(ख) “जब तक एंजेला कुछ समझ पाती, तब तक वह लंदन से नई दिल्ली होते हुए गुवाहाटी की उड़ान पर थी।” एंजेला और उसकी माँ एलेसेंड्रा ने भारत की यात्रा से पहले कौन-कौन सी तैयारियाँ की होंगी?

उत्तर (कल्पना)यात्रा से पहले उन्होंने कई तैयारियाँ की होंगी – एंजेला के स्कूल से छुट्टियाँ बढ़वाई होंगी, हवाई जहाज़ के टिकट एवं होटल की बुकिंग की होगी और पासपोर्ट-वीज़ा जैसे ज़रूरी कागज़ात तैयार किए होंगे।माँ ने डॉक्यूमेंट्री के लिए कैमरा, रिकॉर्डिंग उपकरण एवं ज़रूरी सामान पैक किया होगा; मौसम के अनुसार कपड़े, दवाइयाँ एवं असम के बारे में जानकारी भी जुटाई होगी। साथ ही गुवाहाटी में रुकने एवं आने-जाने की योजना भी बनाई होगी।

(ग) “वहाँ एक बड़े से बरगद के पेड़ के नीचे मंच बनाया गया था।” बिहू नृत्य के लिए बरगद के पेड़ के नीचे मंच क्यों बनाया गया होगा?

उत्तरबरगद का पेड़ बहुत बड़ा एवं छायादार होता है, इसलिए उसके नीचे बहुत-से लोग एक साथ बैठ सकते हैं और धूप से भी बचे रहते हैं। गाँव में यह आमतौर पर इकट्ठा होने एवं उत्सव मनाने का प्रिय स्थान होता है।इसके अलावा बरगद को भारतीय संस्कृति में पवित्र एवं शुभ माना जाता है। खुले स्थान पर सबके बीच नृत्य करने का आनंद भी अधिक आता है, इसलिए बिहू नृत्य के लिए बरगद के नीचे मंच बनाया गया होगा।

शब्दों की बात

असम से जुड़े शब्द

इस पाठ में अनेक शब्द ऐसे हैं जो असम से विशेष रूप से जुड़े हैं। अपने समूह में मिलकर उन शब्दों की पहचान कीजिए एवं लिखिए। (संकेत— असम के नृत्य, त्योहार, भाषा आदि।)

उत्तरनृत्य: बिहू नृत्य, सत्रिया नृत्य।त्योहार/बिहू के प्रकार: बिहू, बोहाग/रोंगाली बिहू, माघ/भोगाली बिहू, काटी/कोंगाली बिहू।स्थान एवं अन्य: असम, गुवाहाटी, माजुली, दक्षिणापथ सत्र, सत्र (मठ); असमिया (भाषा); मूँगा सिल्क (रेशम)।

तीन बिहू

“असम में बिहू साल में तीन बार मनाया जाता है।”

(क) एंजेला और उसकी माँ एलेसेंड्रा कौन-से बिहू के अवसर पर भारत आए थे? लिखिए।

उत्तरएंजेला और उसकी माँ रोंगाली या बोहाग बिहू के अवसर पर भारत आए थे। यह बिहू बैसाख (सामान्यतया अप्रैल) में मनाया जाता है और असम में नए साल तथा बसंत के आगमन का प्रतीक है – उसी समय वे असम पहुँचे थे।

(ख) तीनों बिहू के लिए लिखिए कि उस समय किसान खेतों में क्या कर रहे होते हैं?

उत्तररोंगाली/बोहाग बिहू (अप्रैल): इस समय किसान खेतों में बीज बोने एवं नई फसल की तैयारी कर रहे होते हैं।कोंगाली/काटी बिहू (अक्तूबर): इस समय फ़सल अभी खेतों में बढ़ रही होती है (धान रोपने/उसकी देखभाल का समय); इसलिए यह सादगी से मनाया जाता है।भोगाली/माघ बिहू (जनवरी): इस समय खेतों में अनाज तैयार होकर कट चुका होता है और भंडार भरे होते हैं, इसलिए यह भोज एवं आनंद का बिहू है।

पाठ से आगे (अन्य गतिविधियाँ)

आपकी बात

(क) ‘बिटिया’ जैसे प्यार के शब्दों के बारे में – आपके घर में आपको प्यार से किन-किन नामों से पुकारा जाता है? (ख) आपके नाम का क्या अर्थ है और किसने रखा? (ग) आप कौन-कौन से खेल मित्रों के साथ खेलते हैं? (घ) आपके प्रांत में कौन-से नृत्य प्रसिद्ध हैं और आपको कौन-सा करना पसंद है?

उत्तर (मार्गदर्शन)ये सभी व्यक्तिगत अनुभव से जुड़े प्रश्न हैं, अतः इनका उत्तर हर विद्यार्थी का अलग होगा। उदाहरण के लिए – (क) घर में मुझे प्यार से ‘मुन्ना/गुड़िया/बेटा’ आदि नामों से बुलाया जाता है।(ख) अपने नाम का अर्थ माता-पिता या शब्दकोश से पता करके लिखिए तथा बताइए कि नाम किसने रखा। (ग) मैं मित्रों के साथ कबड्डी, खो-खो, क्रिकेट एवं लुका-छिपी खेलता/खेलती हूँ। (घ) हर प्रांत के अपने लोकनृत्य हैं – जैसे पंजाब का भांगड़ा-गिद्दा, राजस्थान का घूमर, गुजरात का गरबा, असम का बिहू आदि; जो नृत्य पसंद हो उसका नाम लिखिए।

पूर्वोत्तर की यात्रा

असम भारत के पूर्वोत्तर भाग में है। पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों के नाम लिखिए।

उत्तरपूर्वोत्तर भारत के आठ राज्य हैं – असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मिज़ोरम, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड एवं मणिपुर।अवसर मिलने पर इनमें से किसी राज्य की यात्रा अवश्य कीजिए और वहाँ की संस्कृति, नृत्य एवं प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लीजिए। (भारत का राजनैतिक मानचित्र Survey of India की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।)

टाइम मशीन

(क) यदि आपको टाइम-मशीन मिल जाए तो आप किस समय एवं स्थान पर जाना चाहेंगे और क्यों? (ख) यदि कोई अब तक न बनी वस्तु बनाने का अवसर मिले तो आप क्या बनाएँगे? (ग) क्या आपने कभी किसी संग्रहालय की यात्रा की है?

उत्तर (नमूना)(क) टाइम-मशीन एक काल्पनिक मशीन है जिसमें बैठकर बीते या आने वाले समय में पहुँचा जा सकता है। मैं अतीत में जाकर अपने देश के स्वतंत्रता-संग्राम का समय देखना चाहूँगा/चाहूँगी, ताकि महान स्वतंत्रता-सेनानियों को निकट से देख सकूँ।(ख) मैं ऐसी मशीन बनाना चाहूँगा/चाहूँगी जो प्रदूषण को साफ़ कर शुद्ध हवा-पानी बना दे, क्योंकि इससे पर्यावरण एवं सभी प्राणियों का जीवन सुरक्षित रहेगा। (ग) संग्रहालय वह स्थान है जहाँ विभिन्न कालों की प्राचीन वस्तुएँ देखने को मिलती हैं; वहाँ जाना सचमुच टाइम-मशीन की यात्रा जैसा लगता है। अवसर मिले तो किसी संग्रहालय अवश्य जाइए।

खिलौने विभिन्न प्रकार के

(क) अनु के खिलौने कैसे थे? लंदन में एंजेला के खिलौने कैसे रहे होंगे? (ख-घ) आप किन खिलौनों से खेलते हैं; आपके यहाँ हाथ से बने कौन-से खिलौने मिलते हैं; आप किस सामग्री से खिलौना बना सकते हैं?

उत्तर(क) अनु के खिलौने अनोखे एवं परंपरागत थे – गुड़िया, लकड़ी के खिलौने, नारियल की जटा से बने घर एवं लकड़ी का तीर-कमान। लंदन में एंजेला के खिलौने प्रायः कारखाने में बने आधुनिक खिलौने (प्लास्टिक की गुड़िया, बैटरी/रिमोट वाले खिलौने, गेम आदि) रहे होंगे।(ख-घ) ये व्यक्तिगत उत्तर हैं – मैं गेंद, गुड़िया, कार, ब्लॉक आदि से खेलता/खेलती हूँ। भारत के हर प्रांत में हाथ से बने अनोखे खिलौने मिलते हैं, जैसे मिट्टी के खिलौने, लकड़ी के खिलौने एवं कपड़े की गुड़िया। मैं कागज़, मिट्टी या लकड़ी से सरल खिलौना (जैसे कागज़ की नाव, मिट्टी का पशु) बनाकर कक्षा में दिखा सकता/सकती हूँ।

पत्र

मान लीजिए आप एंजेला हैं। आप लंदन लौट चुकी हैं और आपको भारत की बहुत याद आ रही है। अपनी सखी अनु को पत्र लिखकर बताइए कि आपको कैसा अनुभव हो रहा है।

उत्तर (नमूना पत्र)केंजिंग्टन, लंदन
दिनांक: __________
प्रिय सखी अनु,
सस्नेह नमस्ते!
मैं लंदन सकुशल लौट आई हूँ, पर असम और तुम्हारी बहुत याद आ रही है। बिहू का रंग-बिरंगा उत्सव, बरगद के नीचे का नृत्य और महिला सत्रिया नृत्यांगनाओं की अद्भुत प्रस्तुति मुझे आज भी याद है। तुम्हारे लकड़ी के तीर-कमान से राम-रावण का खेल खेलना मैं कभी नहीं भूलूँगी। मैंने अपनी कक्षा में असमी नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे सबने बहुत सराहा। अगली बार तुम लंदन ज़रूर आना। अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना।तुम्हारी प्यारी सखी,
एंजेला

आज की पहेली

पाठ में दी गई असमिया पहेलियों के उत्तर बूझिए।

उत्तर (संकेत सहित)1. “हाथी के दाँत-सी, कदंब के पात-सी” → सफ़ेद एवं चमकीली वस्तु – चावल/धान का दाना।2. “पानी है पर मछली नहीं, जंगल है पर बाघ नहीं” → नारियल (भीतर पानी, बाहर रेशे/जटा रूपी ‘जंगल’)।3. “लग-लग कहे तो ना लगे, बेलग कहे लग जाए” → आग/अंगारा (कहने भर से नहीं, छूने पर लगती है)। 4. “काला तन और छह हैं चरण, पेट कटे पर भी न मरण” → चींटी। (ये पहेलियाँ कक्षा में मिलकर बूझने एवं अपने घर की पहेलियों से मिलान करने की रोचक गतिविधि हैं।)

झरोखे से / साझी समझ / खोजबीन के लिए

उत्तर (गतिविधि)झरोखे से (मूँगा सिल्क): असम का मूँगा सिल्क भूरे-सुनहरे रंग का सबसे महँगा रेशम है, जो केवल असम एवं पूर्वोत्तर राज्यों में ही तैयार होता है। इसे घर पर ही धोया जा सकता है, हर धुलाई से इसका निखार बढ़ता है, एक साड़ी लगभग 50 वर्ष तक चलती है तथा इसे किसी भी मौसम में पहना जा सकता है। यह असम को प्रकृति का अनमोल उपहार है।साझी समझ: इस लेख की जो जानकारी सबसे अच्छी लगी (जैसे मूँगा सिल्क का 50 वर्ष तक टिकना), उसका कारण बताते हुए अपने समूह में साझा कीजिए।खोजबीन के लिए: इंटरनेट एवं क्यू.आर. कोड की सहायता से असम-बिहू लोकगीत, सत्रिया नृत्य, मणिपुरी नृत्य, भारत के लोकनृत्य एवं भाषा संगम असमिया जैसी सामग्री खोजकर देखी, सुनी एवं समझी जा सकती है।

अतिरिक्त प्रश्न

लघु उत्तरीय प्रश्न (30–40 शब्द)

1. एंजेला कौन थी और वह भारत क्यों आई थी?

उत्तरएंजेला लगभग दस वर्ष की एक लड़की थी जो लंदन में रहती थी। उसकी माँ एलेसेंड्रा असम की नृत्य परंपरा पर डॉक्यूमेंट्री बनाने भारत आई थीं, इसलिए एंजेला भी अपने माता-पिता के साथ असम आई थी।

2. बिहू त्योहार क्या है और इसे साल में कितनी बार मनाया जाता है?

उत्तरबिहू असम का एक कृषि-आधारित त्योहार है, जो बसंत एवं नववर्ष के आगमन की खुशी में मनाया जाता है। इसे साल में तीन बार मनाया जाता है – बीज बोते समय, धान रोपते समय और फसल तैयार होने पर।

3. सत्र क्या होते हैं और सत्रिया नृत्य का उनसे क्या संबंध है?

उत्तरसत्र असम के मठ हैं, जो पूजा-पाठ एवं धार्मिक गतिविधियों के स्थान हैं; इनकी संख्या पाँच सौ से भी अधिक है। सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति इन्हीं सत्रों में हुई, इसलिए इसका नाम ‘सत्रिया’ पड़ा।

4. एंजेला और अनु में मित्रता कैसे हुई?

उत्तरदक्षिणापथ सत्र पहुँचने पर एंजेला की मुलाकात लेखिका रीना सेन की बेटी अनु से हुई। दोनों दस-दस साल की थीं, इसलिए शीघ्र ही घुल-मिल गईं। अनु ने एंजेला को असमिया शब्द सिखाए और दोनों साथ खेलने लगीं।

5. लंदन लौटने के बाद एंजेला ने क्या किया जिससे पता चलता है कि असम उसके मन में बसा था?

उत्तरलंदन लौटकर भी एंजेला चलते-खाते-खेलते नृत्य करती रही, माँ की रिकॉर्डिंग्स बार-बार देखती रही और अपनी कक्षा में स्वयं असमी नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे सबने बहुत पसंद किया। इससे स्पष्ट है कि असम उसके मन में गहराई तक बस गया था।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (100–120 शब्द)

6. ‘सत्रिया और बिहू नृत्य’ पाठ का मूल भाव (केंद्रीय संदेश) अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तरइस पाठ का मूल भाव भारत की समृद्ध एवं विविध सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराना है। लेखिका एंजेला नामक विदेशी लड़की की आँखों से असम के दो प्रमुख नृत्यों – बिहू एवं सत्रिया – का सुंदर चित्रण करती हैं।बिहू एक कृषि-आधारित, उमंग-भरा लोकनृत्य है, जबकि सत्रिया मठों में जन्मा शास्त्रीय नृत्य है, जो अब महिलाओं एवं मंच तक पहुँच चुका है। पाठ बताता है कि नृत्य एवं संगीत भावनाओं को व्यक्त करने तथा संस्कृतियों को जोड़ने का माध्यम हैं। एंजेला का असम के नृत्यों से जुड़ाव यह संदेश देता है कि खुले मन से देखने एवं सीखने पर हर संस्कृति हमें समृद्ध करती है और कला की कोई सीमा नहीं होती।

7. बिहू और सत्रिया नृत्य में क्या-क्या अंतर एवं समानताएँ हैं? पाठ के आधार पर लिखिए।

उत्तरअंतर: बिहू असम का लोकनृत्य है, जो कृषि एवं नववर्ष से जुड़ा है तथा खुले में, उत्सव के रूप में सामूहिक रूप से किया जाता है – लड़के वाद्ययंत्र बजाते हैं और लड़कियाँ रंगीन पोशाक में नाचती हैं। दूसरी ओर सत्रिया असम का शास्त्रीय नृत्य है, जिसकी उत्पत्ति मठों (सत्रों) में हुई और जिसमें धार्मिक कथाएँ (जैसे जय-विजय) नाटक-शैली में प्रस्तुत की जाती हैं।समानताएँ: दोनों ही असम की सांस्कृतिक पहचान हैं, दोनों में भावनाओं एवं कहानियों को मुद्राओं के द्वारा व्यक्त किया जाता है, और दोनों ही दर्शकों को आनंद एवं रोमांच से भर देते हैं। एंजेला को दोनों ही नृत्य अत्यंत प्रिय लगे।

8. इस पाठ को पढ़कर भारत की संस्कृति के बारे में आपने क्या सीखा?

उत्तरइस पाठ से पता चलता है कि भारत एक विशाल देश है, जिसकी संस्कृति रंग-बिरंगी, प्राचीन एवं जीवन से भरपूर है। यहाँ प्रत्येक स्थान का नृत्य, संगीत, कला, खान-पान, भाषा एवं पहनावा अपने आप में अनोखा है, जो पूरी दुनिया को आकर्षित करता है।असम के बिहू एवं सत्रिया नृत्य इसके सुंदर उदाहरण हैं। मैंने सीखा कि हमारी संस्कृति हमारी पहचान है और हमें उसका सम्मान एवं संरक्षण करना चाहिए। साथ ही दूसरों की संस्कृति को खुले मन से देखने एवं सीखने पर हमारा ज्ञान बढ़ता है और हमारे भीतर परस्पर सद्भाव की भावना जागती है।

अभ्यास MCQ & अभिकथन-कारण

1. इस पाठ की लेखिका कौन हैं?

(क) रीना सेन

(ख) जया मेहता

(ग) एलेसेंड्रा

(घ) सुरुबा नतालिया

उत्तर(ख) जया मेहता।

2. एंजेला किस शहर में रहती थी?

(क) गुवाहाटी

(ख) नई दिल्ली

(ग) लंदन

(घ) माजुली

उत्तर(ग) लंदन।

3. एंजेला की माँ एलेसेंड्रा का व्यवसाय क्या था?

(क) नृत्यांगना

(ख) डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म-निर्माता

(ग) लेखिका

(घ) शिक्षिका

उत्तर(ख) डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म-निर्माता।

4. बिहू त्योहार किस प्रकार का त्योहार है?

(क) कृषि आधारित

(ख) केवल धार्मिक

(ग) व्यापार आधारित

(घ) सैनिक

उत्तर(क) कृषि आधारित।

5. असम में बिहू साल में कितनी बार मनाया जाता है?

(क) एक बार

(ख) दो बार

(ग) तीन बार

(घ) चार बार

उत्तर(ग) तीन बार।

6. सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति कहाँ हुई?

(क) गाँव के मेले में

(ख) असम के मठों (सत्रों) में

(ग) राजमहल में

(घ) विद्यालय में

उत्तर(ख) असम के मठों (सत्रों) में।

7. अनु और एंजेला तुरंत मित्र क्यों बन गईं?

(क) दोनों एक ही स्कूल में पढ़ती थीं

(ख) दोनों की आयु एक समान (दस साल) थी

(ग) दोनों बहनें थीं

(घ) दोनों असमिया बोलती थीं

उत्तर(ख) दोनों की आयु एक समान (दस साल) थी।

8. एंजेला और उसका परिवार कौन-से बिहू के अवसर पर असम आया था?

(क) माघ/भोगाली बिहू

(ख) काटी/कोंगाली बिहू

(ग) रोंगाली/बोहाग बिहू

(घ) किसी बिहू पर नहीं

उत्तर(ग) रोंगाली/बोहाग बिहू (अप्रैल)।

9. महिला सत्रिया नृत्यांगनाओं ने जिस कथा पर नृत्य किया, वह किसकी थी?

(क) राम-रावण की

(ख) कृष्ण-सुदामा की

(ग) विष्णु के द्वारपालों जय-विजय की

(घ) नल-दमयंती की

उत्तर(ग) विष्णु के द्वारपालों जय-विजय की।

10. लंदन लौटने के बाद एंजेला ने अपनी कक्षा में क्या प्रस्तुत किया?

(क) असम पर एक भाषण

(ख) स्वयं किए गए असमी नृत्य की प्रस्तुति

(ग) मूँगा सिल्क की साड़ी

(घ) असमिया पहेलियाँ

उत्तर(ख) स्वयं किए गए असमी नृत्य की प्रस्तुति।
उत्तर-कुंजी: 1-(ख), 2-(ग), 3-(ख), 4-(क), 5-(ग), 6-(ख), 7-(ख), 8-(ग), 9-(ग), 10-(ख)

अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।

1. अभिकथन (A): बिहू को कृषि-आधारित त्योहार कहा जाता है।

कारण (R): बिहू बीज बोने, धान रोपने और फसल तैयार होने के अवसरों पर मनाया जाता है।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

2. अभिकथन (A): सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति असम के सत्रों (मठों) में हुई।

कारण (R): सत्र पूजा-पाठ एवं धार्मिक गतिविधियों के स्थान हैं।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं; मठ धार्मिक स्थान थे, इन्हीं में सत्रिया नृत्य का जन्म एवं विकास हुआ, अतः R, A की सही व्याख्या करता है।

3. अभिकथन (A): प्राचीन काल से ही महिलाएँ मंच पर सत्रिया नृत्य करती आई हैं।

कारण (R): बीसवीं शताब्दी के मध्य में साधु मठों से बाहर आकर महिलाओं को भी सत्रिया नृत्य सिखाने लगे।

उत्तर(घ) A गलत है (पहले सत्रिया केवल मठों के साधु करते थे, महिलाओं का मंच पर नृत्य बाद में आम हुआ), जबकि R सही है।

4. अभिकथन (A): एंजेला को असम के नृत्य बहुत प्रिय लगे।

कारण (R): लंदन लौटकर भी वह नृत्य करती रही और कक्षा में असमी नृत्य प्रस्तुत किया।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

5. अभिकथन (A): मूँगा सिल्क संसार में केवल असम एवं पूर्वोत्तर राज्यों में ही तैयार होता है।

कारण (R): मूँगा सिल्क सबसे सस्ता रेशम है और इसे ड्राई-क्लीन कराना आवश्यक होता है।

उत्तर(ग) A सही है, परंतु R गलत है (मूँगा सिल्क सबसे महँगा रेशम है और इसे घर पर ही धोया जा सकता है, ड्राई-क्लीन की आवश्यकता नहीं)।

परीक्षा-टिप्स एवं सामान्य भूलें

परीक्षा-टिप्स

  • तीनों बिहू (रोंगाली/बोहाग – अप्रैल, भोगाली/माघ – जनवरी, कोंगाली/काटी – अक्तूबर) के नाम एवं महीने क्रम से याद रखें।
  • बिहू = लोकनृत्य (कृषि-आधारित) तथा सत्रिया = शास्त्रीय नृत्य (मठों में जन्मा) – यह अंतर परीक्षा में अवश्य पूछा जा सकता है।
  • लेखिका ‘जया मेहता’, अनुवादक ‘शिवेंद्र कुमार सिंह’ एवं पात्रों (एंजेला, एलेसेंड्रा, अनु, रीना सेन) के नाम सही-सही लिखें।
  • लंबे उत्तर में ‘यात्रा का क्रम’ (लंदन → गुवाहाटी → गाँव मलंग → सत्र → लंदन) के अनुसार बिंदु लिखें।

सामान्य भूलें (इनसे बचें)

  • असमिया शब्द माँ ने नहीं, बल्कि अनु ने एंजेला को सिखाए थे – इसे न उलझाएँ।
  • मूँगा सिल्क सबसे महँगा रेशम है, सबसे सस्ता नहीं; और इसे घर पर धोया जा सकता है।
  • सत्रिया एवं बिहू दो अलग नृत्य हैं – दोनों को एक मत समझें।
  • पात्रों के नामों की वर्तनी (एलेसेंड्रा, दक्षिणापथ सत्र, माजुली) ध्यान से लिखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

‘सत्रिया और बिहू नृत्य’ पाठ की लेखिका कौन हैं?

इस पाठ की लेखिका जया मेहता हैं, जो स्वयं ओडिसी नृत्यांगना, लेखिका एवं शिक्षिका हैं। इसका हिंदी अनुवाद शिवेंद्र कुमार सिंह ने किया है।

बिहू त्योहार साल में कितनी बार और कब-कब मनाया जाता है?

बिहू असम में साल में तीन बार मनाया जाता है – रोंगाली/बोहाग बिहू (अप्रैल), कोंगाली/काटी बिहू (अक्तूबर) एवं भोगाली/माघ बिहू (जनवरी)। यह बीज बोने, फसल बढ़ने एवं फसल तैयार होने से जुड़ा है।

सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति कहाँ हुई और इसमें क्या बदलाव आया?

सत्रिया नृत्य की उत्पत्ति असम के मठों (सत्रों) में हुई और पहले इसे केवल साधु करते थे। बीसवीं शताब्दी के मध्य से इसे पुरुषों एवं महिलाओं को भी सिखाया जाने लगा, और अब महिला सत्रिया कलाकारों का मंच पर नृत्य करना आम बात है।

पाठ एवं गतिविधि-शीर्षक NCERT मल्हार पुस्तक से ज्यों-के-त्यों लिए गए हैं; सार एवं उत्तर ClearStudy द्वारा मौलिक रूप से तैयार किए गए हैं।

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