कक्षा 8 हिंदी मल्हार पाठ 3 — एक आशीर्वाद प्रश्न उत्तर और भावार्थ

एक आशीर्वाद प्रश्न उत्तर: कक्षा 8 हिंदी मल्हार पाठ 3 में दुष्यंत कुमार की कविता का भावार्थ, सार, शब्दार्थ, अभ्यास, मानवीकरण, समानार्थी शब्द और आना-जाना के वाक्य पढ़ें। व्यक्तिगत तथा रचनात्मक उत्तर नमूने हैं।

कक्षा: 8 विषय: हिंदी पुस्तक: मल्हार अध्याय: 3 कवि: दुष्यंत कुमार विधा: कविता स्रोत प्रति: पुनर्मुद्रण 2026–27

स्रोत: NCERT मल्हार पाठ 3 की PDF, मुद्रित पृष्ठ 36–44, पुनर्मुद्रण 2026–27। व्यक्तिगत, कल्पनात्मक और समूह-कार्य वाले उत्तर नमूने हैं; अपने अनुभव के अनुसार लिखें।

कवि परिचय – दुष्यंत कुमार

दुष्यंत कुमार (1933–1975) हिंदी के लोकप्रिय रचनाकारों में से एक हैं। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था। बहुत कम समय में ही इन्होंने अपनी विविधतापूर्ण रचनाओं एवं जीवंत भाषा से हिंदी साहित्य को समृद्ध किया। साये में धूप इनका सर्वाधिक चर्चित ग़ज़ल संग्रह है, जिसने हिंदी ग़ज़ल को आम जन की पीड़ा और प्रतिरोध की आवाज़ बना दिया। इनका संपूर्ण रचना-संसार दुष्यंत कुमार रचनावली के नाम से चार खंडों में प्रकाशित है। इनकी रचनाओं में आम आदमी की भावनाएँ, सामाजिक चेतना और स्वप्न-संकल्प की प्रेरणा सहज रूप से अभिव्यक्त हुई है।

कविता (मूल पाठ)

यह कविता एक आशीर्वाद के रूप में है, जिसमें कवि बड़ों की ओर से बच्चे/युवा को बड़े सपने देखने तथा आत्मनिर्भर बनने का आशीर्वाद देते हैं।

जा,
तेरे स्वप्न बड़े हों
भावना की गोद से उतरकर
जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें
चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए
रूठना-मचलना सीखें
हँसें
मुसकराएँ
गाएँ
हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ
उँगली जलाएँ
अपने पाँवों पर खड़े हों।
जा,
तेरे स्वप्न बड़े हों।
— दुष्यंत कुमार

भावार्थ

कवि संबोधित व्यक्ति को शुभकामना देते हैं कि उसके स्वप्न बड़े हों। वे स्वप्नों का मानवीकरण करते हैं: जैसे बच्चे गोद से उतरकर चलना सीखते हैं, वैसे ही सपने कल्पना से निकलकर वास्तविक जीवन में आकार लें। ‘चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयाँ’ अत्यंत दूर या कठिन लगने वाले लक्ष्यों की काव्यात्मक उपमा है; दृढ़ प्रयास का आग्रह है।

सपनों का हँसना, मुसकराना और गाना उत्साह तथा आनंद को व्यक्त करता है। दीये की रोशनी ज्ञान/अनुभव की ललक का और ‘उँगली जलाएँ’ प्रयास में कठिनाई से सीखने का संकेत है। इसे सचमुच आग छूने या जानबूझकर चोट पाने का निर्देश न समझें। अंत में अपने पाँवों पर खड़े होने का अर्थ आत्मनिर्भरता है। सहायता और मार्गदर्शन लेना आत्मनिर्भरता के विरुद्ध नहीं।

सार

कविता बड़े लक्ष्य, वास्तविक प्रयास, अनुभव से सीखने, उत्साह और स्वावलंबन का आशीर्वाद है। शुरुआत और अंत की पंक्ति दोहराकर शुभकामना का भाव मजबूत किया गया है।

स्वप्न से व्यवहार तक — भाव समझने का संकेत
  1. स्वप्न: इच्छा और लक्ष्य पहचानें
  2. पृथ्वी पर चलना: योजना और छोटे कदम
  3. प्रकाश और अनुभव: जिज्ञासा रखें, गलती से सीखें
  4. अपने पाँवों पर खड़ा होना: जिम्मेदारी और स्वावलंबन

यह कविता के भाव पर आधारित अध्ययन-संकेत है; निश्चित सफलता की गारंटी या मूल पद की पंक्तियाँ नहीं।

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
स्वप्नसपना, आकांक्षा, अभिलाषा
भावनामन का भाव, कल्पना
गोद(यहाँ) आश्रय, घेरा
उतरकरनीचे आकर, बाहर निकलकर
पृथ्वी / धराधरती, यथार्थ की भूमि
अप्राप्यजो प्राप्त न हो सके; यहाँ बहुत दूर/कठिन लगने वाले लक्ष्य का काव्यात्मक संकेत
सच्चाइयाँसत्य, वास्तविकताएँ
रूठनानाराज़ होना
मचलनाहठ करना, ज़िद करना
मुसकरानाहलके से हँसना
ललचानापाने की तीव्र इच्छा होना, ललक होना
दीया / दीपकजलता हुआ दीप (यहाँ ज्ञान/प्रकाश का प्रतीक)
रोशनी / आलोकप्रकाश, उजाला
उँगली जलाना(यहाँ) चुनौती स्वीकार करना, कष्ट सहना
अपने पाँवों पर खड़े होनाआत्मनिर्भर / स्वावलंबी होना
आशीर्वादबड़ों द्वारा दी गई शुभकामना/मंगल-कामना
नक्षत्र / तारकतारा
निशाकर / शशि / मयंकचंद्रमा
वसुधा / अवनिपृथ्वी

मेरी समझ से

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा ( ★ ) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।

1. कविता में किसे संबोधित किया गया है? • युवा वर्ग को • नागरिकों को • बच्चों को • श्रमिकों को

उत्तरसर्वाधिक उपयुक्त उत्तर – युवा वर्ग को तथा बच्चों को (★)।कविता एक आशीर्वाद के रूप में है, जो प्रायः बड़ों द्वारा नई पीढ़ी – अर्थात् बच्चों और युवाओं – को बड़े सपने देखने और आत्मनिर्भर बनने के लिए दिया जाता है। ‘तेरे स्वप्न बड़े हों’ जैसी पंक्तियाँ नई पीढ़ी को ही संबोधित हैं।

2. “तेरे स्वप्न बड़े हों” पंक्ति में ‘स्वप्न’ से क्या आशय है? • कल्पना की उड़ान भरना • आकांक्षाएँ और रुचियाँ रखना • बहुत-सी उपलब्धियाँ पाना • बड़े लक्ष्य निर्धारित करना

उत्तरसर्वाधिक उपयुक्त उत्तर – आकांक्षाएँ और रुचियाँ रखना तथा बड़े लक्ष्य निर्धारित करना (★)।यहाँ ‘स्वप्न’ का अर्थ नींद में देखे गए सपने नहीं, बल्कि मन की ऊँची आकांक्षाएँ, रुचियाँ और जीवन के बड़े लक्ष्य हैं, जिन्हें कवि बड़ा (विशाल) देखने का आशीर्वाद देते हैं।

3. “उँगली जलाएँ” पंक्ति में उँगली जलाने का भाव है— • चुनौतियों को स्वीकार करना • प्रकाश का प्रसार करना • अग्नि के ताप का अनुभव करना • कष्टों से नहीं घबराना

उत्तरसर्वाधिक उपयुक्त उत्तर – चुनौतियों को स्वीकार करना तथा कष्टों से नहीं घबराना (★)।दीये की रोशनी पाने के लिए उँगली जलाना इस बात का प्रतीक है कि लक्ष्य पाने के लिए कठिनाइयों एवं चुनौतियों का सामना करने तथा कष्ट सहने से नहीं घबराना चाहिए।

4. “अपने पाँवों पर खड़े हों” पंक्ति से क्या आशय है? • अपने पैरों पर खड़े होना • सफलता प्राप्त करना • कठिनाइयों का सामना करना • आत्मनिर्भर होना

उत्तरसर्वाधिक उपयुक्त उत्तर – आत्मनिर्भर होना (★)।‘अपने पाँवों पर खड़े होना’ मुहावरा है, जिसका अर्थ है स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनना – अपनी क्षमता विकसित करके जिम्मेदारी लेना; जरूरत पर सहायता और मार्गदर्शन भी लिया जा सकता है। इसमें सफलता पाना और कठिनाइयों का सामना करना भी अंतर्निहित है।

(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?

उत्तर (संकेत)यह समूह-चर्चा की गतिविधि है। प्रत्येक विद्यार्थी को अपने चुने हुए उत्तर के पीछे का कारण बताना चाहिए – जैसे ‘स्वप्न’ को मैंने ‘बड़े लक्ष्य’ इसलिए माना क्योंकि कवि बार-बार सपनों के ‘बड़े’ होने की बात करते हैं।चर्चा से पता चलता है कि एक ही पंक्ति के एक से अधिक उपयुक्त अर्थ हो सकते हैं, और दूसरों के तर्क सुनकर हमारी अपनी समझ और गहरी होती है।

मिलकर करें मिलान

कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ स्तंभ 1 में दी गई हैं। उन पंक्तियों के भाव या संदर्भ स्तंभ 2 में दिए गए हैं। पंक्तियों को उनके सही भाव अथवा संदर्भों से मिलाइए।

क्रमस्तंभ 1 (पंक्ति)स्तंभ 2 (भाव/संदर्भ)सही मिलान
1.भावना की गोद से उतरकर जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें(1) विविध ज्ञान के प्रति आकृष्ट होना और उसे पाने की ललक होना
(2) सपनों को आनंद और मुस्कुराहटों में बदलें; कठिन परिस्थितियों में भी मनोबल बनाए रखें
(3) भावनाओं में न बहकर वास्तविकता का सामना करना
(4) असंभव से लगने वाले लक्ष्यों के लिए हठ और प्रयास करना
(3)
2.हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ (1)
3.चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना-मचलना सीखें (4)
4.…हँसें/मुसकराएँ/गाएँ (2)
सही मिलान1 → (3);   2 → (1);   3 → (4);   4 → (2)।‘पृथ्वी पर चलना’ का अर्थ है यथार्थ का सामना; ‘दीये की रोशनी देखकर ललचाना’ का अर्थ ज्ञान की ललक; ‘रूठना-मचलना’ अर्थात् कठिन लक्ष्यों के लिए हठ; और ‘हँसें-मुसकराएँ-गाएँ’ का अर्थ है सपनों को आनंद में बदलकर मनोबल बनाए रखना।

पंक्तियों पर चर्चा

पाठ से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए—

(क) “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों”

उत्तरइस पंक्ति में कवि नई पीढ़ी को आशीर्वाद देते हैं कि उसके सपने, आकांक्षाएँ और लक्ष्य ऊँचे एवं विशाल हों। बड़े लक्ष्य के लिए विचार और प्रयास की प्रेरणा है; केवल सपना देखने से सफलता सुनिश्चित नहीं होती।

(ख) “जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें”

उत्तरइसका अर्थ है कि सपने केवल कल्पना तक सीमित न रहें, बल्कि शीघ्र ही यथार्थ की भूमि पर उतरकर व्यावहारिक प्रयास का रूप लें। केवल सपना देखना पर्याप्त नहीं, उसे साकार करने के लिए धरातल पर कार्य करना भी आवश्यक है।

(ग) “चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना-मचलना सीखें”

उत्तरचाँद-तारे दूर एवं कठिनता से प्राप्य लक्ष्यों के प्रतीक हैं। इस पंक्ति का भाव है कि असंभव-से लगने वाले बड़े लक्ष्यों को पाने के लिए भी मन में हठ, ज़िद और दृढ़ संकल्प होना चाहिए, ताकि व्यक्ति बार-बार प्रयास करता रहे और हार न माने।

अनुमान और कल्पना से

अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए—

(क) कविता में सपनों के बड़े होने की बात की गई है। आपके अनुसार बड़े सपने कौन-कौन से हो सकते हैं और क्यों?

उत्तरबड़े सपनों के नमूने वे लक्ष्य हो सकते हैं जिनसे अपनी क्षमता का विकास हो और दूसरों का भी भला हो – जैसे एक अच्छा डॉक्टर, वैज्ञानिक, शिक्षक या समाजसेवी बनना, गरीबों की सहायता करना, या देश को आगे ले जाने वाली कोई खोज करना।ऐसे सपने इसलिए बड़े कहलाते हैं क्योंकि इन्हें पूरा करने के लिए कठोर परिश्रम, लगन और त्याग की आवश्यकता होती है, और इनसे केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि अनेक लोगों का भला होता है।

(ख) “हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ/उँगली जलाएँ” पंक्ति में सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ललक की बात की गई है। ललक के साथ और क्या-क्या होना आवश्यक है और क्यों? (संकेत— योजना, प्रयास आदि)

उत्तरकेवल ललक (इच्छा) से लक्ष्य पूरा नहीं होता; उसके साथ एक स्पष्ट योजना, निरंतर परिश्रम एवं प्रयास, धैर्य, आत्मविश्वास और कठिनाइयों का सामना करने का साहस भी आवश्यक है।इनके बिना इच्छा केवल कल्पना बनकर रह जाती है। योजना से दिशा मिलती है, प्रयास से लक्ष्य निकट आता है, और धैर्य से असफलता के बाद भी आगे बढ़ने की शक्ति मिलती है।

(ग) कल्पना कीजिए कि आपका सपना ही आपका मित्र है। आपको उससे बातचीत करनी हो तो क्या बात करेंगे?

उत्तर (संकेत)यदि मेरा सपना मेरा मित्र होता, तो मैं उससे कहता – “मित्र, तुम्हें पाने के लिए मैं हर संभव प्रयास करूँगा। तुम मुझे कठिन समय में भी प्रेरित करते रहना।” मैं उससे पूछता कि उसे पाने के लिए मुझे और किन गुणों एवं तैयारियों की आवश्यकता है।(यह कल्पना-आधारित प्रश्न है; विद्यार्थी अपने सपने के अनुसार अपनी मौलिक बातचीत लिख सकते हैं।)

(घ) यदि आप किसी को आशीर्वाद देना चाहते हों तो आप किसे और क्या आशीर्वाद देंगे और क्यों?

उत्तर (संकेत)मैं अपने छोटे भाई-बहनों एवं मित्रों को यह आशीर्वाद देना चाहूँगा कि वे सदा सच्चे, मेहनती और आत्मनिर्भर बनें तथा उनके सभी अच्छे सपने पूरे हों।ऐसा इसलिए, क्योंकि सच्चाई, परिश्रम और आत्मनिर्भरता ही जीवन में सफलता और सम्मान दिलाते हैं। (विद्यार्थी अपने अनुसार उत्तर दे सकते हैं।)

कविता की रचना & सृजन

कविता की रचना – इस कविता में सपने को मनुष्य की तरह हँसते, मुसकराते, गाते हुए बताया गया है। ध्यान से देखें तो इस कविता में इस प्रकार की अन्य विशेषताएँ भी दिखाई देंगी। उन्हें लिखिए और कक्षा में उन पर चर्चा कीजिए।

उत्तरमानवीकरण: सपने को हँसते, मुसकराते, गाते, रूठते और मचलते हुए मनुष्य की तरह दिखाया गया है।प्रतीकात्मकता: ‘चाँद-तारे’ कठिन लक्ष्यों के, और ‘दीये की रोशनी’ ज्ञान/प्रकाश के प्रतीक हैं।सरल एवं प्रवाहमयी भाषा: कविता की भाषा सहज, बोलचाल की और भावपूर्ण है।पुनरावृत्ति: “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों” पंक्ति को दोहराकर आशीर्वाद के भाव को बल दिया गया है।मुक्त छंद: कविता बँधे हुए छंद में न होकर भाव-प्रधान मुक्त शैली में लिखी गई है।

सृजन – इस कविता के आरंभ में एक ही संज्ञा शब्द है ‘स्वप्न’। इस शब्द को केंद्र में रखते हुए अनेक क्रिया शब्दों का ताना-बाना बुना गया है, जैसे— चलना, रूठना, मचलना, सीखना, हँसना, मुसकराना, गाना, ललचाना और इस प्रकार कविता पूरी हो जाती है। आप भी किसी एक संज्ञा शब्द के साथ विभिन्न क्रिया शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी कविता बनाकर कक्षा में सुनाइए।

उत्तर (उदाहरण)उदाहरण के लिए ‘बादल’ को केंद्र में रखकर:बादल को
घिरते देखा है,
गरजते देखा है,
बरसते देखा है,
बूँद-बूँद बन धरती को सींचते देखा है।
(यह केवल एक नमूना है; विद्यार्थी ‘नदी’, ‘सूरज’, ‘पेड़’ आदि किसी संज्ञा को लेकर अपनी मौलिक कविता रच सकते हैं।)

कविता का शीर्षक & भाषा की बात

कविता का शीर्षक – इस कविता का शीर्षक ‘एक आशीर्वाद’ है जो कविता में कहीं भी प्रयुक्त नहीं हुआ है। यदि इस कविता की ही किसी पंक्ति या शब्द को कविता का शीर्षक बनाना हो तो आप कौन-सी पंक्ति या शब्द चुनेंगे और क्यों?

उत्तरमैं इस कविता का शीर्षक “तेरे स्वप्न बड़े हों” रखना चाहूँगा।ऐसा इसलिए, क्योंकि यही पंक्ति कविता के आरंभ और अंत में दोहराई गई है तथा पूरी कविता का केंद्रीय भाव – बड़े सपने देखने एवं उन्हें साकार करने का आशीर्वाद – इसी पंक्ति में स्पष्ट रूप से व्यक्त होता है। (विद्यार्थी ‘स्वप्न’ जैसा शब्द भी उपयुक्त तर्क के साथ चुन सकते हैं।)

भाषा की बात (क) – नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘स्वप्न’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए।

उत्तर‘स्वप्न’ से जुड़े शब्द: सपना, ख़्वाब, कल्पना, अरमान, आकांक्षा, अभिलाषा, इच्छा, लक्ष्य, उम्मीद, आशा।

भाषा की बात (ख) – कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं और उनके सामने कुछ अन्य शब्द भी दिए गए हैं। उन शब्दों पर घेरा बनाइए जो समान अर्थ न देते हों।

उत्तर(जिन शब्दों का अर्थ दिए गए शब्द से भिन्न है, उन्हें घेरना है –) पृथ्वी – धरा, वसुधा, अवनि (समानार्थी); घेरें → सुता (अर्थ ‘पुत्री’ – भिन्न)। चाँद – शशि, निशाकर, मयंक (समानार्थी); घेरें → मधुकर (अर्थ ‘भौंरा’ – भिन्न)। तारे – नक्षत्र, तारक, उडुगण (समानार्थी); घेरें → सोम (अर्थ ‘चंद्रमा’ – भिन्न)। रोशनी – प्रकाश, उजाला, आलोक (समानार्थी); घेरें → लालिमा (अर्थ ‘लाली’ – भिन्न)। स्वप्न – सपना, इच्छा, कल्पना (समानार्थी/समीप); घेरें → यथार्थ (अर्थ ‘वास्तविकता’ – विपरीत/भिन्न)। दीया – दीपक, प्रदीप (समानार्थी); ज्योति उससे जुड़ी रोशनी है, वस्तु का पूर्ण पर्याय नहीं; घेरें → दीन (अर्थ ‘गरीब/विनम्र’ – भिन्न)।

आना-जाना – ‘आना’ और ‘जाना’ दो महत्वपूर्ण क्रियाएँ हैं। कक्षा में दो समूह बनाइए। एक समूह का नाम ‘आना’ और दूसरे समूह का नाम ‘जाना’ होगा। अब अपने-अपने समूह में इन दोनों क्रियाओं का प्रयोग करते हुए सार्थक वाक्य बनाइए और उन्हें चार्ट पेपर पर चिपकाकर अपनी कक्षा में लगाइए।

उत्तर (उदाहरण वाक्य)आना: 1. मेरे मित्र कल मेरे घर आएँगे। 2. परीक्षा का परिणाम आ गया है। 3. इस फूल से अच्छी सुगंध आ रही है।जाना: 1. हम सब रविवार को पार्क जाएँगे। 2. बारिश के बाद ठंड बढ़ गई। (‘जाना’ सहायक क्रिया का रूप ‘गई’ है।) 3. वह पढ़ने के लिए विद्यालय गया।

पाठ से आगे

डायरी — हँसें, मुसकराएँ, गाएँ

दिन की वास्तविक घटनाओं से लिखें कि कब हँसे, मुसकराए, गाए, रूठे या मचले। तारीख और अपना अनुभव लिखें। घटना न हुई हो तो ‘आज ऐसा नहीं हुआ’ लिखना भी ठीक है; काल्पनिक रोज़नामचा को अपना अनुभव न बताएँ।

आपकी बात — दो नमूने

(क) मुझे ‘स्वस्थ रहो’, ‘अच्छा इंसान बनो’ और ‘मन लगाकर पढ़ो’ जैसी शुभकामनाएँ मिलती हैं। (ख) मैं छोटे भाई को कहता हूँ—अपनी जिज्ञासा बनाए रखो और दूसरों की सहायता करो। अपने परिवार और अनुभव के अनुसार बदलें।

सपनों की बातें — योजना का नमूना

अपना लक्ष्य बिना नाम लिखे पर्ची में डाल सकते हैं। शिक्षक लक्ष्य पढ़ें और समूह चार बातें सुझाए:

पहलूनमूना लक्ष्य: चित्र बनाना सीखना
प्रयत्ननियमित अभ्यास, आकृति और रंगों का अध्ययन
योजनाहर सप्ताह एक चित्र; फिर अपने सुधार लिखना
सहयोगशिक्षक से प्रतिक्रिया, पुस्तकालय से चित्र देखना
चुनौतियाँसमय, सामग्री, शुरू में अपेक्षा जैसा न बनना

छोटी शुरुआत, अपना लक्ष्य और उपलब्ध सहायता पहचानें। अलग सपनों के रास्ते अलग हो सकते हैं।

हमारे सपने — घर की तालिका

माता-पिता, अभिभावक या उपलब्ध परिवार-सदस्य से पूछें। मूल सूची के हर व्यक्ति का आपके घर में होना आवश्यक नहीं। किसी का उत्तर या निजी सपना साझा करने की इच्छा न हो तो उसका सम्मान करें।

सदस्यउन्होंने स्वयं बताया सपनावे क्या करना चाहते हैं
माताबातचीत के बाद भरेंउनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार
पिताबातचीत के बाद भरेंउनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार
दादाबातचीत के बाद भरेंउनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार
दादीबातचीत के बाद भरेंउनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार
नानाबातचीत के बाद भरेंउनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार
नानीबातचीत के बाद भरेंउनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार
बहनबातचीत के बाद भरेंउनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार
भाईबातचीत के बाद भरेंउनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार

सबके सपने — सम्मानपूर्ण साक्षात्कार

किसी विक्रेता, स्वच्छताकर्मी, चालक या सुरक्षाकर्मी से समय और अनुमति लेकर पूछें: आपका सपना क्या है? किस तैयारी की जरूरत है? कैसी सहायता उपयोगी होगी? किन कठिनाइयों का सामना करते हैं? पेशे के आधार पर उनका सपना या निजी आर्थिक स्थिति पहले से तय न करें; उत्तर न देना चाहें तो दबाव न डालें।

झरोखे से — सपनों की उड़ान

पृष्ठ 43 पर डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उद्बोधन दिया है। प्रेरक आरंभ के बाद मुख्य चर्चा दो तरीकों पर है: उपलब्ध समय का बेहतर उपयोग/विस्तार और उतने समय में अधिक सीखना/काम करना। यह निरंतर प्रयत्न का संदेश है; ‘सोने नहीं देते’ को स्वास्थ्यकर आराम छोड़ने का निर्देश न समझें।

साझी समझ

कविता स्वप्नों को मानवीय क्रियाओं से साकार करती है; उद्बोधन संभावना, समय और लक्ष्य प्राप्ति की प्रक्रिया समझाता है। दोनों में सपना देखना और उसके लिए काम करना जुड़ा है। समूह में एक समानता और एक अंतर अपने शब्दों में बताएँ।

खोजबीन के लिए

किसी कला, विज्ञान या खेल-क्षेत्र के व्यक्ति पर पुस्तकालय या विश्वसनीय स्रोत से पढ़ें। उनका लक्ष्य, योजना, सहयोग, चुनौतियाँ और स्रोत लिखें। हर प्रसिद्ध व्यक्ति की कहानी एक जैसी नहीं; काल्पनिक संघर्ष या उद्धरण न गढ़ें।

ClearStudy के अतिरिक्त प्रश्न

यह अतिरिक्त अभ्यास NCERT के मुद्रित अभ्यास से अलग है।

अति लघु उत्तरीय

1. ‘एक आशीर्वाद’ कविता के रचयिता कौन हैं?

उत्तरइस कविता के रचयिता दुष्यंत कुमार हैं।

2. कवि नई पीढ़ी को क्या आशीर्वाद देते हैं?

उत्तरकवि नई पीढ़ी को बड़े सपने देखने और आत्मनिर्भर (अपने पाँवों पर खड़े) होने का आशीर्वाद देते हैं।

3. कविता में कौन-सी पंक्ति आरंभ और अंत में दोहराई गई है?

उत्तर“जा, तेरे स्वप्न बड़े हों।”

4. कविता में चाँद-तारे किसके प्रतीक हैं?

उत्तरचाँद-तारे दूर एवं कठिनता से प्राप्य (अप्राप्य) बड़े लक्ष्यों के प्रतीक हैं।

5. दुष्यंत कुमार का सर्वाधिक चर्चित ग़ज़ल संग्रह कौन-सा है?

उत्तर‘साये में धूप’ दुष्यंत कुमार का सर्वाधिक चर्चित ग़ज़ल संग्रह है।

दीर्घ उत्तरीय

6. “हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ, उँगली जलाएँ” पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए।

उत्तरयहाँ ‘दीये की रोशनी’ ज्ञान, अनुभव और अवसर का प्रतीक है। कवि कहते हैं कि नई पीढ़ी के मन में हर प्रकार के ज्ञान एवं अनुभव को पाने की तीव्र ललक होनी चाहिए।‘उँगली जलाएँ’ का अर्थ है कि लक्ष्य पाने के लिए चुनौतियों को स्वीकार करने तथा कष्ट सहने से नहीं घबराना चाहिए। तात्पर्य यह है कि बड़े लक्ष्य लगन, साहस और कठिनाई सहने की क्षमता से ही प्राप्त होते हैं।

7. ‘एक आशीर्वाद’ कविता का केंद्रीय भाव (मूल संदेश) अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तरकविता का केंद्रीय भाव यह है कि नई पीढ़ी को बड़े एवं ऊँचे सपने देखने चाहिए और उन्हें केवल कल्पना तक सीमित न रखकर यथार्थ की भूमि पर साकार करने का प्रयास करना चाहिए।कवि चाहते हैं कि नई पीढ़ी कठिन लक्ष्यों के लिए दृढ़ता से प्रयास करे, कष्ट एवं चुनौतियों से न घबराए, सदा प्रसन्न एवं उत्साही रहे और अंततः आत्मनिर्भर बने। यह कविता आशा, साहस, परिश्रम और स्वावलंबन की प्रेरणा देती है।

8. कविता में सपनों के ‘पृथ्वी पर चलना सीखने’ की बात क्यों कही गई है? समझाइए।

उत्तरकवि चाहते हैं कि सपने केवल मन की भावनाओं या हवाई कल्पना में ही न तैरते रहें, बल्कि शीघ्र ही धरातल पर उतरकर वास्तविक रूप लें।‘पृथ्वी पर चलना सीखना’ का अर्थ है सपनों को व्यावहारिक प्रयासों, योजनाओं और परिश्रम के माध्यम से साकार करना। कवि का संदेश है कि सपने तभी सार्थक होते हैं जब उनके लिए वास्तविक जीवन में ठोस कदम उठाए जाएँ।

ClearStudy अभ्यास MCQ और अभिकथन-कारण

1. ‘एक आशीर्वाद’ कविता के कवि कौन हैं?

(क) सुभद्रा कुमारी चौहान

(ख) दुष्यंत कुमार

(ग) रामधारी सिंह दिनकर

(घ) सुमित्रानंदन पंत

उत्तर(ख) दुष्यंत कुमार।

2. दुष्यंत कुमार का जन्म किस राज्य में हुआ था?

(क) मध्य प्रदेश

(ख) राजस्थान

(ग) उत्तर प्रदेश (बिजनौर)

(घ) बिहार

उत्तर(ग) उत्तर प्रदेश (बिजनौर)।

3. कविता में ‘स्वप्न’ से क्या आशय है?

(क) नींद में देखे गए दृश्य

(ख) ऊँची आकांक्षाएँ एवं बड़े लक्ष्य

(ग) कोरी कल्पना

(घ) भय

उत्तर(ख) ऊँची आकांक्षाएँ एवं बड़े लक्ष्य।

4. “अपने पाँवों पर खड़े हों” का भाव है—

(क) ऊँचाई पर चढ़ना

(ख) आत्मनिर्भर/स्वावलंबी होना

(ग) दौड़ना

(घ) विश्राम करना

उत्तर(ख) आत्मनिर्भर/स्वावलंबी होना।

5. कविता में चाँद-तारे किसके प्रतीक हैं?

(क) सरल लक्ष्य

(ख) धन-संपत्ति

(ग) अप्राप्य (कठिन) लक्ष्य

(घ) मित्रता

उत्तर(ग) अप्राप्य (कठिन) लक्ष्य।

6. “उँगली जलाएँ” पंक्ति का भाव है—

(क) आग बुझाना

(ख) चुनौतियों को स्वीकार करना/कष्ट से न घबराना

(ग) खाना पकाना

(घ) डरकर भाग जाना

उत्तर(ख) चुनौतियों को स्वीकार करना/कष्ट से न घबराना।

7. दुष्यंत कुमार का सर्वाधिक प्रसिद्ध ग़ज़ल संग्रह है—

(क) मुकुल

(ख) साये में धूप

(ग) कुरुक्षेत्र

(घ) कामायनी

उत्तर(ख) साये में धूप।

8. कविता में किस काव्य-विशेषता द्वारा सपने को हँसते-गाते दिखाया गया है?

(क) उपमा

(ख) मानवीकरण

(ग) अनुप्रास

(घ) यमक

उत्तर(ख) मानवीकरण।

9. ‘मचलना’ शब्द का अर्थ है—

(क) हठ करना/ज़िद करना

(ख) सो जाना

(ग) चुप रहना

(घ) डरना

उत्तर(क) हठ करना/ज़िद करना।

10. कविता का मूल संदेश क्या है?

(क) आलस्य करना

(ख) बड़े सपने देखना और आत्मनिर्भर बनना

(ग) दूसरों पर निर्भर रहना

(घ) धन कमाना

उत्तर(ख) बड़े सपने देखना और आत्मनिर्भर बनना।
उत्तर कुंजी: 1-(ख), 2-(ग), 3-(ख), 4-(ख), 5-(ग), 6-(ख), 7-(ख), 8-(ख), 9-(क), 10-(ख)।

अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।

1. अभिकथन (A): कविता ‘एक आशीर्वाद’ नई पीढ़ी को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देती है।

कारण (R): कवि बार-बार “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों” कहकर अपनी शुभकामना व्यक्त करते हैं।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

2. अभिकथन (A): ‘अपने पाँवों पर खड़े हों’ का अर्थ है केवल शारीरिक रूप से खड़ा होना।

कारण (R): यह एक मुहावरा है जिसका अर्थ आत्मनिर्भर बनना है।

उत्तर(घ) A गलत है (इसका भाव आत्मनिर्भरता है, न कि केवल खड़े होना), जबकि R सही है।

3. अभिकथन (A): कवि चाहते हैं कि सपने केवल कल्पना तक सीमित रहें।

कारण (R): ‘जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें’ पंक्ति सपनों को यथार्थ में बदलने की बात करती है।

उत्तर(घ) A गलत है (कवि सपनों को यथार्थ में उतारना चाहते हैं), जबकि R सही है।

4. अभिकथन (A): ‘उँगली जलाएँ’ कठिनाई एवं चुनौती सहने के साहस का प्रतीक है।

कारण (R): पंक्तियाँ प्रयास में कठिनाइयों का सामना करने और अनुभव से सीखने की प्रेरणा देती हैं।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

5. अभिकथन (A): इस कविता में मानवीकरण अलंकार का प्रयोग हुआ है।

कारण (R): सपने को हँसते, मुसकराते, गाते, रूठते और मचलते हुए मनुष्य की तरह दिखाया गया है।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।
अभिकथन-कारण उत्तर कुंजी: 1-(क), 2-(घ), 3-(घ), 4-(क), 5-(क)।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

‘एक आशीर्वाद’ कविता के कवि कौन हैं?

इस कविता के कवि हिंदी के लोकप्रिय रचनाकार दुष्यंत कुमार (1933–1975) हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था।

‘एक आशीर्वाद’ कविता का मूल संदेश क्या है?

कविता का संदेश है कि नई पीढ़ी को बड़े सपने देखने चाहिए, उन्हें यथार्थ में साकार करने के लिए परिश्रम एवं संघर्ष करना चाहिए और अंततः आत्मनिर्भर बनना चाहिए।

“अपने पाँवों पर खड़े हों” का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनना – अर्थात् अपनी क्षमता विकसित करके जिम्मेदारी लेना; जरूरत पर सहायता और मार्गदर्शन भी लिया जा सकता है।

कविता में ‘उँगली जलाएँ’ का क्या भाव है?

इसका भाव है कि लक्ष्य पाने के लिए चुनौतियों को स्वीकार करने और कष्ट सहने से नहीं घबराना चाहिए।

कविता एवं प्रश्न/गतिविधियाँ NCERT मल्हार पुस्तक से ज्यों-के-त्यों ली गई हैं; भावार्थ एवं उत्तर ClearStudy द्वारा मौलिक रूप से तैयार किए गए हैं।

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