कक्षा 8 हिंदी मल्हार पाठ 3 — एक आशीर्वाद प्रश्न उत्तर और भावार्थ
एक आशीर्वाद प्रश्न उत्तर: कक्षा 8 हिंदी मल्हार पाठ 3 में दुष्यंत कुमार की कविता का भावार्थ, सार, शब्दार्थ, अभ्यास, मानवीकरण, समानार्थी शब्द और आना-जाना के वाक्य पढ़ें। व्यक्तिगत तथा रचनात्मक उत्तर नमूने हैं।
स्रोत: NCERT मल्हार पाठ 3 की PDF, मुद्रित पृष्ठ 36–44, पुनर्मुद्रण 2026–27। व्यक्तिगत, कल्पनात्मक और समूह-कार्य वाले उत्तर नमूने हैं; अपने अनुभव के अनुसार लिखें।
कवि परिचय – दुष्यंत कुमार
दुष्यंत कुमार (1933–1975) हिंदी के लोकप्रिय रचनाकारों में से एक हैं। इनका जन्म उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था। बहुत कम समय में ही इन्होंने अपनी विविधतापूर्ण रचनाओं एवं जीवंत भाषा से हिंदी साहित्य को समृद्ध किया। साये में धूप इनका सर्वाधिक चर्चित ग़ज़ल संग्रह है, जिसने हिंदी ग़ज़ल को आम जन की पीड़ा और प्रतिरोध की आवाज़ बना दिया। इनका संपूर्ण रचना-संसार दुष्यंत कुमार रचनावली के नाम से चार खंडों में प्रकाशित है। इनकी रचनाओं में आम आदमी की भावनाएँ, सामाजिक चेतना और स्वप्न-संकल्प की प्रेरणा सहज रूप से अभिव्यक्त हुई है।
कविता (मूल पाठ)
यह कविता एक आशीर्वाद के रूप में है, जिसमें कवि बड़ों की ओर से बच्चे/युवा को बड़े सपने देखने तथा आत्मनिर्भर बनने का आशीर्वाद देते हैं।
तेरे स्वप्न बड़े हों
भावना की गोद से उतरकर
जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें
चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए
रूठना-मचलना सीखें
हँसें
मुसकराएँ
गाएँ
हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ
उँगली जलाएँ
अपने पाँवों पर खड़े हों।
जा,
तेरे स्वप्न बड़े हों।
— दुष्यंत कुमार
भावार्थ
कवि संबोधित व्यक्ति को शुभकामना देते हैं कि उसके स्वप्न बड़े हों। वे स्वप्नों का मानवीकरण करते हैं: जैसे बच्चे गोद से उतरकर चलना सीखते हैं, वैसे ही सपने कल्पना से निकलकर वास्तविक जीवन में आकार लें। ‘चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयाँ’ अत्यंत दूर या कठिन लगने वाले लक्ष्यों की काव्यात्मक उपमा है; दृढ़ प्रयास का आग्रह है।
सपनों का हँसना, मुसकराना और गाना उत्साह तथा आनंद को व्यक्त करता है। दीये की रोशनी ज्ञान/अनुभव की ललक का और ‘उँगली जलाएँ’ प्रयास में कठिनाई से सीखने का संकेत है। इसे सचमुच आग छूने या जानबूझकर चोट पाने का निर्देश न समझें। अंत में अपने पाँवों पर खड़े होने का अर्थ आत्मनिर्भरता है। सहायता और मार्गदर्शन लेना आत्मनिर्भरता के विरुद्ध नहीं।
सार
कविता बड़े लक्ष्य, वास्तविक प्रयास, अनुभव से सीखने, उत्साह और स्वावलंबन का आशीर्वाद है। शुरुआत और अंत की पंक्ति दोहराकर शुभकामना का भाव मजबूत किया गया है।
- स्वप्न: इच्छा और लक्ष्य पहचानें
- पृथ्वी पर चलना: योजना और छोटे कदम
- प्रकाश और अनुभव: जिज्ञासा रखें, गलती से सीखें
- अपने पाँवों पर खड़ा होना: जिम्मेदारी और स्वावलंबन
यह कविता के भाव पर आधारित अध्ययन-संकेत है; निश्चित सफलता की गारंटी या मूल पद की पंक्तियाँ नहीं।
शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| स्वप्न | सपना, आकांक्षा, अभिलाषा |
| भावना | मन का भाव, कल्पना |
| गोद | (यहाँ) आश्रय, घेरा |
| उतरकर | नीचे आकर, बाहर निकलकर |
| पृथ्वी / धरा | धरती, यथार्थ की भूमि |
| अप्राप्य | जो प्राप्त न हो सके; यहाँ बहुत दूर/कठिन लगने वाले लक्ष्य का काव्यात्मक संकेत |
| सच्चाइयाँ | सत्य, वास्तविकताएँ |
| रूठना | नाराज़ होना |
| मचलना | हठ करना, ज़िद करना |
| मुसकराना | हलके से हँसना |
| ललचाना | पाने की तीव्र इच्छा होना, ललक होना |
| दीया / दीपक | जलता हुआ दीप (यहाँ ज्ञान/प्रकाश का प्रतीक) |
| रोशनी / आलोक | प्रकाश, उजाला |
| उँगली जलाना | (यहाँ) चुनौती स्वीकार करना, कष्ट सहना |
| अपने पाँवों पर खड़े होना | आत्मनिर्भर / स्वावलंबी होना |
| आशीर्वाद | बड़ों द्वारा दी गई शुभकामना/मंगल-कामना |
| नक्षत्र / तारक | तारा |
| निशाकर / शशि / मयंक | चंद्रमा |
| वसुधा / अवनि | पृथ्वी |
मेरी समझ से
(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर के सम्मुख तारा ( ★ ) बनाइए। कुछ प्रश्नों के एक से अधिक उत्तर भी हो सकते हैं।
1. कविता में किसे संबोधित किया गया है? • युवा वर्ग को • नागरिकों को • बच्चों को • श्रमिकों को
2. “तेरे स्वप्न बड़े हों” पंक्ति में ‘स्वप्न’ से क्या आशय है? • कल्पना की उड़ान भरना • आकांक्षाएँ और रुचियाँ रखना • बहुत-सी उपलब्धियाँ पाना • बड़े लक्ष्य निर्धारित करना
3. “उँगली जलाएँ” पंक्ति में उँगली जलाने का भाव है— • चुनौतियों को स्वीकार करना • प्रकाश का प्रसार करना • अग्नि के ताप का अनुभव करना • कष्टों से नहीं घबराना
4. “अपने पाँवों पर खड़े हों” पंक्ति से क्या आशय है? • अपने पैरों पर खड़े होना • सफलता प्राप्त करना • कठिनाइयों का सामना करना • आत्मनिर्भर होना
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
मिलकर करें मिलान
कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ स्तंभ 1 में दी गई हैं। उन पंक्तियों के भाव या संदर्भ स्तंभ 2 में दिए गए हैं। पंक्तियों को उनके सही भाव अथवा संदर्भों से मिलाइए।
| क्रम | स्तंभ 1 (पंक्ति) | स्तंभ 2 (भाव/संदर्भ) | सही मिलान |
|---|---|---|---|
| 1. | भावना की गोद से उतरकर जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें | (1) विविध ज्ञान के प्रति आकृष्ट होना और उसे पाने की ललक होना (2) सपनों को आनंद और मुस्कुराहटों में बदलें; कठिन परिस्थितियों में भी मनोबल बनाए रखें (3) भावनाओं में न बहकर वास्तविकता का सामना करना (4) असंभव से लगने वाले लक्ष्यों के लिए हठ और प्रयास करना | (3) |
| 2. | हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ | (1) | |
| 3. | चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना-मचलना सीखें | (4) | |
| 4. | …हँसें/मुसकराएँ/गाएँ | (2) |
पंक्तियों पर चर्चा
पाठ से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए—
(क) “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों”
(ख) “जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें”
(ग) “चाँद-तारों-सी अप्राप्य सच्चाइयों के लिए रूठना-मचलना सीखें”
अनुमान और कल्पना से
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए—
(क) कविता में सपनों के बड़े होने की बात की गई है। आपके अनुसार बड़े सपने कौन-कौन से हो सकते हैं और क्यों?
(ख) “हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ/उँगली जलाएँ” पंक्ति में सपनों और लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ललक की बात की गई है। ललक के साथ और क्या-क्या होना आवश्यक है और क्यों? (संकेत— योजना, प्रयास आदि)
(ग) कल्पना कीजिए कि आपका सपना ही आपका मित्र है। आपको उससे बातचीत करनी हो तो क्या बात करेंगे?
(घ) यदि आप किसी को आशीर्वाद देना चाहते हों तो आप किसे और क्या आशीर्वाद देंगे और क्यों?
कविता की रचना & सृजन
कविता की रचना – इस कविता में सपने को मनुष्य की तरह हँसते, मुसकराते, गाते हुए बताया गया है। ध्यान से देखें तो इस कविता में इस प्रकार की अन्य विशेषताएँ भी दिखाई देंगी। उन्हें लिखिए और कक्षा में उन पर चर्चा कीजिए।
सृजन – इस कविता के आरंभ में एक ही संज्ञा शब्द है ‘स्वप्न’। इस शब्द को केंद्र में रखते हुए अनेक क्रिया शब्दों का ताना-बाना बुना गया है, जैसे— चलना, रूठना, मचलना, सीखना, हँसना, मुसकराना, गाना, ललचाना और इस प्रकार कविता पूरी हो जाती है। आप भी किसी एक संज्ञा शब्द के साथ विभिन्न क्रिया शब्दों का प्रयोग करते हुए अपनी कविता बनाकर कक्षा में सुनाइए।
घिरते देखा है,
गरजते देखा है,
बरसते देखा है,
बूँद-बूँद बन धरती को सींचते देखा है।(यह केवल एक नमूना है; विद्यार्थी ‘नदी’, ‘सूरज’, ‘पेड़’ आदि किसी संज्ञा को लेकर अपनी मौलिक कविता रच सकते हैं।)
कविता का शीर्षक & भाषा की बात
कविता का शीर्षक – इस कविता का शीर्षक ‘एक आशीर्वाद’ है जो कविता में कहीं भी प्रयुक्त नहीं हुआ है। यदि इस कविता की ही किसी पंक्ति या शब्द को कविता का शीर्षक बनाना हो तो आप कौन-सी पंक्ति या शब्द चुनेंगे और क्यों?
भाषा की बात (क) – नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘स्वप्न’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए।
भाषा की बात (ख) – कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं और उनके सामने कुछ अन्य शब्द भी दिए गए हैं। उन शब्दों पर घेरा बनाइए जो समान अर्थ न देते हों।
आना-जाना – ‘आना’ और ‘जाना’ दो महत्वपूर्ण क्रियाएँ हैं। कक्षा में दो समूह बनाइए। एक समूह का नाम ‘आना’ और दूसरे समूह का नाम ‘जाना’ होगा। अब अपने-अपने समूह में इन दोनों क्रियाओं का प्रयोग करते हुए सार्थक वाक्य बनाइए और उन्हें चार्ट पेपर पर चिपकाकर अपनी कक्षा में लगाइए।
पाठ से आगे
डायरी — हँसें, मुसकराएँ, गाएँ
दिन की वास्तविक घटनाओं से लिखें कि कब हँसे, मुसकराए, गाए, रूठे या मचले। तारीख और अपना अनुभव लिखें। घटना न हुई हो तो ‘आज ऐसा नहीं हुआ’ लिखना भी ठीक है; काल्पनिक रोज़नामचा को अपना अनुभव न बताएँ।
आपकी बात — दो नमूने
(क) मुझे ‘स्वस्थ रहो’, ‘अच्छा इंसान बनो’ और ‘मन लगाकर पढ़ो’ जैसी शुभकामनाएँ मिलती हैं। (ख) मैं छोटे भाई को कहता हूँ—अपनी जिज्ञासा बनाए रखो और दूसरों की सहायता करो। अपने परिवार और अनुभव के अनुसार बदलें।
सपनों की बातें — योजना का नमूना
अपना लक्ष्य बिना नाम लिखे पर्ची में डाल सकते हैं। शिक्षक लक्ष्य पढ़ें और समूह चार बातें सुझाए:
| पहलू | नमूना लक्ष्य: चित्र बनाना सीखना |
|---|---|
| प्रयत्न | नियमित अभ्यास, आकृति और रंगों का अध्ययन |
| योजना | हर सप्ताह एक चित्र; फिर अपने सुधार लिखना |
| सहयोग | शिक्षक से प्रतिक्रिया, पुस्तकालय से चित्र देखना |
| चुनौतियाँ | समय, सामग्री, शुरू में अपेक्षा जैसा न बनना |
छोटी शुरुआत, अपना लक्ष्य और उपलब्ध सहायता पहचानें। अलग सपनों के रास्ते अलग हो सकते हैं।
हमारे सपने — घर की तालिका
माता-पिता, अभिभावक या उपलब्ध परिवार-सदस्य से पूछें। मूल सूची के हर व्यक्ति का आपके घर में होना आवश्यक नहीं। किसी का उत्तर या निजी सपना साझा करने की इच्छा न हो तो उसका सम्मान करें।
| सदस्य | उन्होंने स्वयं बताया सपना | वे क्या करना चाहते हैं |
|---|---|---|
| माता | बातचीत के बाद भरें | उनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार |
| पिता | बातचीत के बाद भरें | उनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार |
| दादा | बातचीत के बाद भरें | उनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार |
| दादी | बातचीत के बाद भरें | उनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार |
| नाना | बातचीत के बाद भरें | उनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार |
| नानी | बातचीत के बाद भरें | उनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार |
| बहन | बातचीत के बाद भरें | उनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार |
| भाई | बातचीत के बाद भरें | उनके शब्दों में / अपने शब्दों में सार |
सबके सपने — सम्मानपूर्ण साक्षात्कार
किसी विक्रेता, स्वच्छताकर्मी, चालक या सुरक्षाकर्मी से समय और अनुमति लेकर पूछें: आपका सपना क्या है? किस तैयारी की जरूरत है? कैसी सहायता उपयोगी होगी? किन कठिनाइयों का सामना करते हैं? पेशे के आधार पर उनका सपना या निजी आर्थिक स्थिति पहले से तय न करें; उत्तर न देना चाहें तो दबाव न डालें।
झरोखे से — सपनों की उड़ान
पृष्ठ 43 पर डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उद्बोधन दिया है। प्रेरक आरंभ के बाद मुख्य चर्चा दो तरीकों पर है: उपलब्ध समय का बेहतर उपयोग/विस्तार और उतने समय में अधिक सीखना/काम करना। यह निरंतर प्रयत्न का संदेश है; ‘सोने नहीं देते’ को स्वास्थ्यकर आराम छोड़ने का निर्देश न समझें।
साझी समझ
कविता स्वप्नों को मानवीय क्रियाओं से साकार करती है; उद्बोधन संभावना, समय और लक्ष्य प्राप्ति की प्रक्रिया समझाता है। दोनों में सपना देखना और उसके लिए काम करना जुड़ा है। समूह में एक समानता और एक अंतर अपने शब्दों में बताएँ।
खोजबीन के लिए
किसी कला, विज्ञान या खेल-क्षेत्र के व्यक्ति पर पुस्तकालय या विश्वसनीय स्रोत से पढ़ें। उनका लक्ष्य, योजना, सहयोग, चुनौतियाँ और स्रोत लिखें। हर प्रसिद्ध व्यक्ति की कहानी एक जैसी नहीं; काल्पनिक संघर्ष या उद्धरण न गढ़ें।
ClearStudy के अतिरिक्त प्रश्न
यह अतिरिक्त अभ्यास NCERT के मुद्रित अभ्यास से अलग है।
अति लघु उत्तरीय
1. ‘एक आशीर्वाद’ कविता के रचयिता कौन हैं?
2. कवि नई पीढ़ी को क्या आशीर्वाद देते हैं?
3. कविता में कौन-सी पंक्ति आरंभ और अंत में दोहराई गई है?
4. कविता में चाँद-तारे किसके प्रतीक हैं?
5. दुष्यंत कुमार का सर्वाधिक चर्चित ग़ज़ल संग्रह कौन-सा है?
दीर्घ उत्तरीय
6. “हर दीये की रोशनी देखकर ललचाएँ, उँगली जलाएँ” पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए।
7. ‘एक आशीर्वाद’ कविता का केंद्रीय भाव (मूल संदेश) अपने शब्दों में लिखिए।
8. कविता में सपनों के ‘पृथ्वी पर चलना सीखने’ की बात क्यों कही गई है? समझाइए।
ClearStudy अभ्यास MCQ और अभिकथन-कारण
1. ‘एक आशीर्वाद’ कविता के कवि कौन हैं?
(क) सुभद्रा कुमारी चौहान
(ख) दुष्यंत कुमार
(ग) रामधारी सिंह दिनकर
(घ) सुमित्रानंदन पंत
2. दुष्यंत कुमार का जन्म किस राज्य में हुआ था?
(क) मध्य प्रदेश
(ख) राजस्थान
(ग) उत्तर प्रदेश (बिजनौर)
(घ) बिहार
3. कविता में ‘स्वप्न’ से क्या आशय है?
(क) नींद में देखे गए दृश्य
(ख) ऊँची आकांक्षाएँ एवं बड़े लक्ष्य
(ग) कोरी कल्पना
(घ) भय
4. “अपने पाँवों पर खड़े हों” का भाव है—
(क) ऊँचाई पर चढ़ना
(ख) आत्मनिर्भर/स्वावलंबी होना
(ग) दौड़ना
(घ) विश्राम करना
5. कविता में चाँद-तारे किसके प्रतीक हैं?
(क) सरल लक्ष्य
(ख) धन-संपत्ति
(ग) अप्राप्य (कठिन) लक्ष्य
(घ) मित्रता
6. “उँगली जलाएँ” पंक्ति का भाव है—
(क) आग बुझाना
(ख) चुनौतियों को स्वीकार करना/कष्ट से न घबराना
(ग) खाना पकाना
(घ) डरकर भाग जाना
7. दुष्यंत कुमार का सर्वाधिक प्रसिद्ध ग़ज़ल संग्रह है—
(क) मुकुल
(ख) साये में धूप
(ग) कुरुक्षेत्र
(घ) कामायनी
8. कविता में किस काव्य-विशेषता द्वारा सपने को हँसते-गाते दिखाया गया है?
(क) उपमा
(ख) मानवीकरण
(ग) अनुप्रास
(घ) यमक
9. ‘मचलना’ शब्द का अर्थ है—
(क) हठ करना/ज़िद करना
(ख) सो जाना
(ग) चुप रहना
(घ) डरना
10. कविता का मूल संदेश क्या है?
(क) आलस्य करना
(ख) बड़े सपने देखना और आत्मनिर्भर बनना
(ग) दूसरों पर निर्भर रहना
(घ) धन कमाना
अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।
1. अभिकथन (A): कविता ‘एक आशीर्वाद’ नई पीढ़ी को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देती है।
कारण (R): कवि बार-बार “जा, तेरे स्वप्न बड़े हों” कहकर अपनी शुभकामना व्यक्त करते हैं।
2. अभिकथन (A): ‘अपने पाँवों पर खड़े हों’ का अर्थ है केवल शारीरिक रूप से खड़ा होना।
कारण (R): यह एक मुहावरा है जिसका अर्थ आत्मनिर्भर बनना है।
3. अभिकथन (A): कवि चाहते हैं कि सपने केवल कल्पना तक सीमित रहें।
कारण (R): ‘जल्द पृथ्वी पर चलना सीखें’ पंक्ति सपनों को यथार्थ में बदलने की बात करती है।
4. अभिकथन (A): ‘उँगली जलाएँ’ कठिनाई एवं चुनौती सहने के साहस का प्रतीक है।
कारण (R): पंक्तियाँ प्रयास में कठिनाइयों का सामना करने और अनुभव से सीखने की प्रेरणा देती हैं।
5. अभिकथन (A): इस कविता में मानवीकरण अलंकार का प्रयोग हुआ है।
कारण (R): सपने को हँसते, मुसकराते, गाते, रूठते और मचलते हुए मनुष्य की तरह दिखाया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
‘एक आशीर्वाद’ कविता के कवि कौन हैं?
इस कविता के कवि हिंदी के लोकप्रिय रचनाकार दुष्यंत कुमार (1933–1975) हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के बिजनौर में हुआ था।
‘एक आशीर्वाद’ कविता का मूल संदेश क्या है?
कविता का संदेश है कि नई पीढ़ी को बड़े सपने देखने चाहिए, उन्हें यथार्थ में साकार करने के लिए परिश्रम एवं संघर्ष करना चाहिए और अंततः आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
“अपने पाँवों पर खड़े हों” का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनना – अर्थात् अपनी क्षमता विकसित करके जिम्मेदारी लेना; जरूरत पर सहायता और मार्गदर्शन भी लिया जा सकता है।
कविता में ‘उँगली जलाएँ’ का क्या भाव है?
इसका भाव है कि लक्ष्य पाने के लिए चुनौतियों को स्वीकार करने और कष्ट सहने से नहीं घबराना चाहिए।
कविता एवं प्रश्न/गतिविधियाँ NCERT मल्हार पुस्तक से ज्यों-के-त्यों ली गई हैं; भावार्थ एवं उत्तर ClearStudy द्वारा मौलिक रूप से तैयार किए गए हैं।
