Class 8 Sanskrit Deepakam Chapter 6 Solutions (NCERT 2026–27) – डिजिभारतम् – युगपरिवर्तनम्

This page gives the complete solution for Class 8 Sanskrit Deepakam (दीपकम्) Chapter 6 ‘डिजिभारतम् – युगपरिवर्तनम्’ – a Sanskrit dialogue (संवाद) on India’s Digital Revolution. It includes the पाठ-परिचय/प्रसंग, सार (Hindi summary), शब्दार्थ, and original, exam-ready answers to every question of the अभ्यास (अभ्यासात् जायते सिद्धिः) along with the क्त-प्रत्यय / शतृ-प्रत्यय grammar tables, extra questions, MCQs, अभिकथन-कारण and FAQs.

Class: 8 Subject: Sanskrit Book: Deepakam (दीपकम्) Chapter: 6 पाठ: डिजिभारतम् – युगपरिवर्तनम् Session: 2026–27

पाठ का अवलोकन (Chapter Overview)

दीपकम् कक्षा 8 का छठा पाठ ‘डिजिभारतम् – युगपरिवर्तनम्’ एक रोचक संवाद-रूप में लिखा गया है। नवदिल्ली स्थित प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालय (Prime Ministers’ Museum) के भ्रमण के पश्चात् आचार्य एवं छात्रों के बीच भारत की डिजिटल-प्रगति पर चर्चा होती है। संग्रहालय में हॉलोग्राम, वर्धित-वास्तविकता (AR), आभासीय-वास्तविकता (VR), कृत्रिम-बुद्धि (AI) आधारित संवाद-यन्त्र तथा डिजिटल-प्रक्षेपण जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकियाँ देखकर छात्र विस्मित होते हैं। आचार्य उन्हें बताते हैं कि ‘डिजिटल-भारत’ भारत सरकार की एक महत्त्वाकाङ्क्षी योजना है, जिसका लक्ष्य राष्ट्र को डिजिटल-रूप से सुदृढ़ बनाना है। पाठ का केन्द्रीय भाव है – प्रौद्योगिकी के माध्यम से शासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्त, कृषि एवं वाणिज्य में आए युगान्तरकारी परिवर्तन, साथ ही साइबर-सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश।

पाठ-परिचय / प्रसंग

यह पाठ एक आधुनिक विषय पर आधारित मौलिक संस्कृत संवाद है, जिसमें वर्तमान समय की डिजिटल-क्रान्ति को सरल संस्कृत में प्रस्तुत किया गया है। प्रसंग यह है कि एक विद्यालय के छात्र अपने आचार्य के साथ नवदिल्ली के प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालय का भ्रमण करते हैं, जहाँ अनेक डिजिटल-प्रौद्योगिकियाँ प्रदर्शित हैं। भ्रमण के बाद कक्षा में लौटकर वे ‘डिजिटल-भारत’ (Digital India) योजना, उसके विविध क्षेत्रों (शासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय समावेशन, कृषि, वाणिज्य) तथा डिजी-लॉकर, फ़ास्टैग, यूपीआय, दीक्षा, कोविन जैसे साधनों पर चर्चा करते हैं। अन्त में आचार्य ‘साङ्गणिक-सुरक्षा’ (Cyber Security) के प्रति सतर्क रहने की प्रेरणा देते हैं। पाठ की भाषा सरल, संवादात्मक एवं समकालीन है, जो छात्रों को संस्कृत में आधुनिक तकनीकी शब्दावली से परिचित कराती है।

सार (Hindi Summary)

‘डिजिभारतम् – युगपरिवर्तनम्’ पाठ का आरम्भ नवदिल्ली के प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालय के भ्रमण से होता है। आचार्य छात्रों का संग्रहालय में स्वागत करते हुए विविध डिजिटल-प्रौद्योगिकियों को ध्यानपूर्वक देखने का निर्देश देते हैं। छात्र वहाँ हॉलोग्राम के माध्यम से प्रधानमन्त्री का भाषण देखते-सुनते हैं और विस्मित हो जाते हैं। यशिका हॉलोग्राम देखकर कहती है कि इससे दिवंगत नेता भी जीवित-से प्रतीत होते हैं। अथर्व वर्धित-वास्तविकता (AR) तथा आभासीय-वास्तविकता (VR) से सम्बद्ध उपकरण देखता है, जिनसे ऐतिहासिक घटनाएँ प्रत्यक्ष-सी अनुभव होती हैं। भास्कर कृत्रिम-बुद्धि (AI) आधारित संवाद-यन्त्र देखता है तथा वेदिका डिजिटल-प्रक्षेपण-चलचित्र में भारत की विकास-यात्रा देखकर अभिभूत होती है।

कक्षा में लौटकर आचार्य बताते हैं कि ‘डिजिटल-भारत’ योजना का प्रभाव दैनिक जीवन के अनेक क्षेत्रों – शासन, स्वास्थ्य-सेवा, शिक्षा एवं वित्तीय समावेशन – में दिखाई देता है। यशिका डिजी-लॉकर में अपने आधार-पत्र एवं प्रमाणपत्र सुरक्षित रखती है; अथर्व के माता-पिता फ़ास्टैग का उपयोग करते हैं जिससे राजमार्गों पर स्वचालित रूप से शीघ्र मार्ग-शुल्क-संग्रह होता है; भास्कर यूपीआय का उपयोग करता है। आचार्य बताते हैं कि वित्तीय समावेशन में यूपीआय, रुपे-कार्ड एवं जनधन-योजना जैसे साधन हैं और मुद्रारहित विनिमय में भारत का विश्व में अग्रणी स्थान है।

आगे चर्चा में डिजिटल-शासन (डिजी-लॉकर, उमङ्ग, माय-गव, जेम, कोविन), शिक्षा (दीक्षा, स्वयम्, ई-पाठशाला, निष्ठा, पीएम-ई-विद्या), कृषि (ई-नाम, पीएम-किसान, ड्रोन-प्रौद्योगिकी) तथा वाणिज्य (आभासीय विक्रय, क्यूआर-कोड आधारित विनिमय) के साधनों का उल्लेख होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में अन्तर्जाल की समस्या के समाधान हेतु सरकार द्वारा जाल-विस्तार की बात भी कही जाती है। अन्त में आचार्य साङ्गणिक-सुरक्षा (साइबर-सुरक्षा) के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देते हैं, क्योंकि लोग प्रायः लोभ अथवा भय के कारण साइबर-अपराध से पीड़ित होते हैं। पाठ का सार यही है कि डिजिटल-क्रान्ति में भारत अग्रणी राष्ट्र बनकर प्रगति-पथ पर अग्रसर है।

शब्दार्थ (Word-meanings)

शब्दः (Sanskrit)हिन्दी अर्थEnglish meaning
सङ्ग्रहालयःसंग्रहालय, वस्तुसंग्रहगृहMuseum
हॉलोग्राम्त्रिविमीय प्रतिमूर्ति, होलोग्रामHologram
वर्धिता वास्तविकतासंवर्धित वास्तविकता (AR)Augmented Reality
आभासीया वास्तविकताआभासी वास्तविकता (VR)Virtual Reality
कृत्रिमबुद्धिःकृत्रिम-बुद्धिमत्ता (AI)Artificial Intelligence
डिजिटल-प्रक्षेपणम्सङ्गणक-चित्र-प्रदर्शनDigital Projection
संवादःवार्तालापConversation
प्रौद्योगिकीतन्त्रज्ञानTechnology
उत्सुकताजिज्ञासाCuriosity
उपकरणानियन्त्र, साधनDevices
अन्तर्जालम्अन्तर्जालInternet
योगदानम्सहयोग, योगदानContribution
आशुप्रतिक्रियाकूटःझटिति प्रतिक्रिया का कूट (QR)Quick Response Code
उपलब्धिःसिद्धि, प्राप्तिAchievement
दैनन्दिनजीवनम्दैनिक जीवनDaily Life
शासनम्प्रशासनGovernance
वित्तीयसमावेशनम्धन-विषयक समावेशFinancial Inclusion
आधार-पत्रम्आधार (परिचय-पत्र)Aadhar Card
शुल्कम्कर, शुल्कFee
त्वरयाशीघ्र, जल्दीQuickly
साङ्गणिक-सुरक्षाजाल-सुरक्षा, साइबर-सुरक्षाCyber Security
डिजिटल्-साक्षरताडिजिटल-शिक्षाDigital Literacy

अभ्यासः (अभ्यासात् जायते सिद्धिः)

1. पाठस्य आधारेण अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखत —

(क) प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये कीदृशी प्रौद्योगिकी प्रयुक्ता अस्ति ?

उत्तरडिजिटल्-प्रौद्योगिकी।

(ख) हॉलोग्राम-द्वारा कस्य भाषणं दृश्यते ?

उत्तरप्रधानमन्त्रिणः।

(ग) कस्याः प्रभावः दैनन्दिनजीवने दृश्यते ?

उत्तरडिजिटल्-योजनायाः।

(घ) भारत-सर्वकारस्य महत्त्वाकाङ्क्षिणी योजना का अस्ति ?

उत्तरडिजिटल्-भारत-योजना।

(ङ) ‘फ़ास्टॅग्’ इत्यस्य उपयोगेन कस्य सङ्ग्रहणं भवति ?

उत्तरमार्गशुल्कस्य।

2. पाठस्य आधारेण अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखत —

(क) प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये काः डिजिटल्-प्रौद्योगिक्यः प्रदर्शिताः सन्ति ?

उत्तरप्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये हॉलोग्राम्, वर्धिता-वास्तविकता (AR), आभासीया-वास्तविकता (VR), कृत्रिमबुद्धि-आधारितं संवादयन्त्रम्, डिजिटल्-प्रक्षेपण-चलच्चित्रम् इत्यादयः डिजिटल्-प्रौद्योगिक्यः प्रदर्शिताः सन्ति ।

(ख) जनाः किमर्थं साङ्गणिक-अपराधेन पीडिताः भवन्ति ?

उत्तरजनाः प्रायशः लोभात् भयात् वा साङ्गणिक-अपराधेन पीडिताः भवन्ति । अतः साङ्गणिक-सुरक्षा-विषये सर्वैः जागरूकैः भवितव्यम् ।

(ग) यशिका ‘डिजि-लॉकर्’ इत्यस्य उपयोगं कथं करोति ?

उत्तरयशिका ‘डिजि-लॉकर्’ इत्यस्य उपयोगं करोति । तत्र तस्याः आधारपत्रं विद्यालयीयं प्रमाणपत्रं च सुरक्षितम् अस्ति ।

(घ) डिजिटल्-भारतस्य वित्तीयसमावेशने काः योजनाः सन्ति ?

उत्तरडिजिटल्-भारतस्य वित्तीयसमावेशने यूपीआय्, रूपे-कार्ड्, जनधनयोजना इत्यादीनि बहूनि साधनानि सन्ति । एतैः मुद्रारहित-विनिमयः सुगमः भवति ।

(ङ) डिजिटल्-भारते शिक्षायाः क्षेत्रे केषां पटलानाम् उपयोगः करणीयः ?

उत्तरडिजिटल्-भारते शिक्षायाः क्षेत्रे दीक्षा (DIKSHA), स्वयम् (SWAYAM), स्वयं-प्रभा, ई-पाठशाला, भारतीय-राष्ट्रिय-डिजिटल्-पुस्तकालयः, निष्ठा (NISHTHA), पीएम्-ई-विद्या (PM e-VIDYA) इत्यादीनां डिजिटल्-शैक्षिकमञ्चानाम् उपयोगः करणीयः ।

(च) ग्राम्य-क्षेत्रेषु डिजिटल्-सेवानां समस्या कथं निराकर्तुं शक्यते ?

उत्तरसर्वकारः अन्तर्जालस्य उत्तरोत्तरं विस्ताराय कार्यं करोति । अनेन ग्राम्य-क्षेत्रे अपि उच्चगतेः जालस्य उपलब्धिः भविष्यति । अपि च शिक्षायाः माध्यमेन एतासां सेवानाम् उपयोगः अधिकाधिकं प्रचारणीयः, येन ग्राम्य-क्षेत्रेषु डिजिटल्-सेवानां समस्या निराकर्तुं शक्यते ।

3. अधः दत्तान् शब्दान् सम्यक् संयोजयत —

(पाठ के आधार पर शब्द एवं उससे सम्बद्ध शब्द का सही मिलान कीजिए।)

क्रमः · शब्दःसंयोजनीयः शब्दः (सही मिलान)
(क) हॉलोग्राम्कृत्रिम-बुद्धिः (AI)
(ख) यूपीआय् (UPI)शीघ्रं, सुरक्षितं, सुगमं च डिजिटल्-धनदेय-प्रत्यर्पणम्
(ग) डिजि-लॉकर्डिजिटल्-प्रमाणपत्रम्
(घ) फ़ास्टॅग् (FASTag)राजमार्गेषु स्वचालितविधिना मार्गशुल्कस्य शीघ्रं संग्रहणम्
(ङ) वीआर (VR)आभासीया-वास्तविकता

संकेत: पाठानुसारं हॉलोग्राम् कृत्रिम-बुद्धेः एकः प्रकारः अस्ति, यूपीआय् त्वरित-डिजिटल्-धनदेयं करोति, डिजि-लॉकर् डिजिटल्-प्रमाणपत्राणि सुरक्षितानि करोति, फ़ास्टॅग् राजमार्गशुल्कं संगृह्णाति, वीआर आभासीयां वास्तविकताम् अनुभावयति ।

4. अधः प्रदत्तमञ्जूषातः शब्दान् चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत —

मञ्जूषा: यूपीआय्, दीक्षा, प्रधानमन्त्रिणः भाषणं, स्वचालितं पारदर्शकं च, जीवन

उत्तर (क) प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये हॉलोग्राम्-द्वारा प्रधानमन्त्रिणः भाषणं दृश्यते । (ख) डिजिटल्-भारतस्य आर्थिकसमावेशनं सुगमं कर्तुं यूपीआय् प्रणाली अस्ति । (ग) डिजिटल्-शासनं स्वचालितं पारदर्शकं च सेवां प्रददाति । (घ) डिजिटल्-भारतस्य शिक्षाक्षेत्रे दीक्षा नाम डिजिटल्-शैक्षिकमञ्चः अस्ति । (ङ) भारतस्य डिजिटल्-परिवर्तनं सर्वाणि जीवन क्षेत्राणि स्पृशति ।

5. अधः अस्मिन् पाठे आगतानां शब्दानाम् आधारेण शब्दजालं प्रदत्तम् अस्ति । अत्र वामतः दक्षिणम् उपरितः अधः च आधारं कृत्वा उदाहरणानुसारं शब्दान् रेखाङ्कयत —

उत्तर (शब्दजाले प्राप्याः पाठ-सम्बद्धाः शब्दाः) यह वर्ग-चित्र-जाल (word-search grid) गतिविधि है। दिए गए वर्ग-जाल में बाएँ से दाएँ तथा ऊपर से नीचे की दिशा में पाठ के निम्नलिखित शब्द खोजकर रेखांकित कीजिए — डिजि-लॉकर्, हॉलोग्राम्, कृत्रिमबुद्धिः, प्रौद्योगिकी, यूपीआय्, फ़ास्टॅग्, वर्धिता, संवाद, स्वयम्, विज्ञानम्, वाणिज्यम्, अर्थव्यवस्था इत्यादयः ।

6. अधोलिखितान् शब्दान् वर्गद्वये विभजत – सङ्गणकसम्बद्धाः, असङ्गणकसम्बद्धाः च —

(शब्दाः – अन्तर्जालम्, शिक्षिका, सङ्गणकः, विद्यालयः, ई-पत्रम्, पाठ्यपुस्तकम्, डिजिटल्, लेखनी)

सङ्गणकसम्बद्धाः (कम्प्यूटर-सम्बन्धी)असङ्गणकसम्बद्धाः (कम्प्यूटर-असम्बन्धी)
अन्तर्जालम्, सङ्गणकः, ई-पत्रम्, डिजिटल्शिक्षिका, विद्यालयः, पाठ्यपुस्तकम्, लेखनी

7. अधोलिखितानि वाक्यानि पठित्वा शुद्धम् अशुद्धं वा इति चिह्नीकुरुत —

उत्तर (क) हॉलोग्राम् कृत्रिमबुद्धेः एकः प्रकारः अस्ति । — शुद्धम् (✓) (ख) वर्धित-वास्तविकतायाः उपयोगिता ऐतिहासिक-घटनानां प्रत्यक्षानुभवाय अस्ति । — शुद्धम् (✓) (ग) डिजिटल्-प्रक्षेपण-मानचित्रं भारतस्य विकासयात्रां प्रदर्शयति । — शुद्धम् (✓) (घ) फ़ास्टॅग् इति राजमार्गेषु स्वचालितविधिना मार्गशुल्कस्य शीघ्रं संग्रहणं करोति । — शुद्धम् (✓) (ङ) डिजी-लॉकर् इत्यस्य माध्यमेन केवलम् आधार-पत्रं सुरक्षितुं शक्यते । — अशुद्धम् (✗) – (डिजी-लॉकर् द्वारा आधार सहित अनेक प्रमाणपत्र सुरक्षित किए जा सकते हैं।) (च) भारतस्य डिजिटल्-परिवर्तनं केवलं शासने प्रभावं करोति, नागरिकजीवने न । — अशुद्धम् (✗) – (डिजिटल-परिवर्तन नागरिक-जीवन के सभी क्षेत्रों को प्रभावित करता है।) (छ) उमङ्ग्, माय्-गव्, जेम् इत्यादयः ई-शासन-मञ्चाः सन्ति । — शुद्धम् (✓)

8. अव्यवस्थितान् वर्णान् शब्ददृष्ट्या व्यवस्थितरूपेण लिखत —

उदाहरणम् – वेयवित्तीसमानशम् = वित्तीयसमावेशनम्

उत्तर (क) कसङ्गम्ण = सङ्गणकम् (ख) कार्वसरः = सर्वकारः (ग) लयःविद्या = विद्यालयः (घ) जिकडिलॉर् = डिजि-लॉकर् (ङ) शक्तसुम् = सुशक्तम्

9. अधोलिखितं परिच्छेदं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत —

अद्यतने विज्ञानयुगे सर्वे मनुष्याः डिजिटल्-प्रौद्योगिक्याः प्रयोगं कुर्वन्ति । जनाः अन्तर्जालस्य, सचलदूरवाण्याः, सङ्गणकस्य च साहाय्येन शीघ्रं कार्याणि सम्पादयन्ति । विद्यार्थिनः अपि ई-अधिगम-प्रणालीं स्वीकृत्य ज्ञानं वर्धयन्ति ।

(क) अद्यतनं युगं कीदृशम् अस्ति ?

उत्तरअद्यतनं युगं विज्ञानयुगम् अस्ति ।

(ख) मानवाः केषां साहाय्येन कार्याणि शीघ्रं कुर्वन्ति ?

उत्तरमानवाः अन्तर्जालस्य, सचलदूरवाण्याः, सङ्गणकस्य च साहाय्येन कार्याणि शीघ्रं कुर्वन्ति ।

(ग) ई-अधिगम-प्रणाल्याः प्रयोगं के कुर्वन्ति ?

उत्तरई-अधिगम-प्रणाल्याः प्रयोगं विद्यार्थिनः कुर्वन्ति (ज्ञानं वर्धयितुम्) ।

अत्र इदम् अवधेयम् (व्याकरण-तालिकाः)

पाठ में ‘अत्र इदम् अवधेयम्’ के अन्तर्गत दो प्रत्यय – क्त-प्रत्यय एवं शतृ-प्रत्यय – तालिका सहित समझाए गए हैं, जिन्हें ध्यानपूर्वक स्मरण करना आवश्यक है।

1. क्त-प्रत्ययः

‘क्त’-प्रत्यय का प्रयोग भूतकाल के अर्थ में, कर्मवाच्य एवं भाववाच्य में होता है। धातु दो प्रकार के होते हैं – अकर्मक एवं सकर्मक। जब ‘क्त’ प्रत्यय का प्रयोग होता है तब वाक्य कर्मवाच्य में बदल जाता है – कर्ता में तृतीया एवं कर्म में प्रथमा विभक्ति होती है। यथा – बालकः पाठं पठति (कर्तृवाच्यम्) = बालकेन पाठः पठितः (कर्मवाच्यम्)। क्त-प्रत्यय का प्रयोग तीनों लिंगों में होता है। रूपनिर्माणम् – धातुः + क्त-प्रत्ययः = कृ + क्त = कृतः।

क्रमःमूलधातुःक्त-प्रत्ययपुंलिङ्गम्स्त्रीलिङ्गम्नपुंसकलिङ्गम्
१.युज्युक्तयुक्तःयुक्तायुक्तम्
२.भूभूतभूतःभूताभूतम्
३.विश्विष्टविष्टःविष्टाविष्टम्
४.दादत्तदत्तःदत्तादत्तम्
५.रक्ष्रक्षितरक्षितःरक्षितारक्षितम्

2. शतृ-प्रत्ययः

‘शतृ’-प्रत्यय का प्रयोग वर्तमानकाल में कार्य करते हुए व्यक्ति अथवा पदार्थ का बोध कराने के लिए होता है। इसका प्रयोग केवल परस्मैपदी धातुओं के साथ होता है तथा तीनों लिंगों में होता है। रूपनिर्माणम् – धातुः + शतृ-प्रत्ययः = पठ् + शतृ = पठन्।

क्रमःमूलधातुःलट्-लकारःशतृ-प्रत्ययान्तं पदम्
१.दृश्पश्यतिपश्यन्
२.कृकरोतिकुर्वन्
३.ज्ञाजानातिजानन्
४.इष्इच्छतिइच्छन्
५.गम्गच्छतिगच्छन्

योग्यताविस्तरः & परियोजनाकार्यम्

योग्यताविस्तरः – क्षेत्रानुसारं भारते डिजिटल्-प्रगतिः

क्षेत्रम्प्रमुख-पटलानि / योजनाः
१. शिक्षाक्षेत्रम्दीक्षा (DIKSHA), राष्ट्रिय-अकादमिक्-निक्षेपगृहः (NAD), ई-पाठशाला (ePathshala), सर्वेभ्यः कृत्रिम-बुद्धि-अभियानम् (AI for All)
२. वित्तं विनिमयः चएकीकृत-विनिमय-पटलम् (UPI), भीम-अनुप्रयोगः (BHIM), आधार-सक्षम-वित्तीय-पद्धतिः (AEPS), रुपे-कार्ड् (RuPay), ई-रूपी (e-RUPI), जनधन-आधार-दूरवाणी-त्रयी (JAM Trinity)
३. आरोग्यम्आयुष्मान्-भारत-डिजिटल्-अभियानम् (ABDM), कोविन् (CoWIN), ई-सञ्जीवनी (eSanjeevani)
४. शासनम्डिजि-लॉकर् (Digi-Locker), माय्-गव् (MyGov), ई-जनपदसेवा (eDistrict), सीपीग्राम्स् (CPGRAMS)
५. कृषिक्षेत्रम्ई-राष्ट्रिय-कृषि-आपणः (eNAM), पीएम्-किसान् (PM-KISAN), चल-किसान्-सन्देश-सेवा (mKisan), कृषक-सुविधा-सेवा (Kisan Suvidha)
६. आजीविका-निपुणताराष्ट्रिय-आजीविका-सेवा (NCS), निपुण-भारत-डिजिटल् (Skill India Digital), कौशल-मानचित्रण-पटलम् (ASEEM), ई-निपुण-भारत-मञ्चः (eSkill India)
७. न्यायव्यवस्थाई-न्यायालयः (eCourts), राष्ट्रिय-न्याय-सांख्यिकी-दत्तांश-गुच्छः (NJDG)
८. परिचयः सुरक्षा चअपराध-अपराधि-प्रत्यक्षाभिज्ञान-जाल-प्रणाली (CCTNS)
९. कर-प्रणाली व्यवसायः चवस्तु-सेवा-कर-पटलम् (GST Portal), सर्वकारस्य-विपणि-पटलम् (GeM), उद्यम-पञ्जीकरण-पटलम् (Udyam)
१०. संप्रेषणं तन्त्रज्ञानम् चडिजिटल्-भारताभियानम् (Digital India)

भारतीयज्ञानपरम्परा

ग्रन्थः (ऋषिः/आचार्यः)योगदानम्
छन्दःशास्त्रम् (पिङ्गलाचार्यः)पिङ्गल के छन्दःशास्त्र में द्व्यधिक-संख्या-व्यवस्था (Binary Number System) निरूपित है।
आर्यभटीयम् (आर्यभटः)आर्यभट द्वारा प्रतिपादित दशमलव-संख्या-विधि (Decimal System) एवं स्थानमूलक-गणना-विधि (Place-Value Notation) आधुनिक सङ्गणक-गणना के मूलाधार हैं।

परियोजनाकार्यम् (Project Work)

1. अधः प्रदत्तसम्पर्कचिह्नेन (लिङ्क्) ‘आशुप्रतिक्रियाकूट’-माध्यमेन (क्यूआर्-कोड्) च प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालयस्य आभासीयं भ्रमणं कृत्वा भारतस्य डिजिटल्-विकासं वर्णयत।

मार्गदर्शनम्यह व्यक्तिगत परियोजना है। दिए गए लिङ्क् https://www.pmsangrahalaya.gov.in/virtual-tour अथवा क्यूआर-कोड के माध्यम से प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालय का आभासीय (वर्चुअल) भ्रमण कीजिए तथा वहाँ देखी गई डिजिटल-प्रौद्योगिकियों एवं भारत के डिजिटल-विकास का संस्कृत/मातृभाषा में संक्षिप्त वर्णन लिखिए।

2. छात्राः समूहेषु विभक्ताः भवेयुः, प्रत्येकं समूहः डिजिटल्-भारतस्य कस्याश्चिदपि योजनायाः प्रस्तुतिं करोतु।

मार्गदर्शनम्यह समूह-गतिविधि है। कक्षा को छोटे-छोटे समूहों में बाँट लीजिए। प्रत्येक समूह डिजिटल-भारत की किसी एक योजना (जैसे – यूपीआय, डिजी-लॉकर, दीक्षा, कोविन, ई-नाम) को चुनकर उसका उद्देश्य, उपयोग एवं लाभ की प्रस्तुति (presentation) तैयार करे।

अतिरिक्त प्रश्न (Extra Questions)

लघु उत्तरीय प्रश्न (30–40 शब्द)

1. प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालयः कुत्र अस्ति तथा तत्र किं प्रदर्शितम् अस्ति?

उत्तरप्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालयः नवदिल्ल्यां (नवदेहल्याम्) अस्ति। तत्र हॉलोग्राम्, वर्धिता-वास्तविकता, आभासीया-वास्तविकता, कृत्रिमबुद्धि-यन्त्रम्, डिजिटल्-प्रक्षेपणम् इत्यादीनि विविधानि डिजिटल्-प्रौद्योगिक्यः प्रदर्शितानि सन्ति।

2. हॉलोग्राम् किम् अस्ति तथा तस्य का विशेषता?

उत्तरहॉलोग्राम् कृत्रिमबुद्धेः एकः प्रकारः अस्ति, यः त्रिविमीयां प्रतिमूर्तिं दर्शयति। अनेन प्रधानमन्त्रिणः भाषणं प्रत्यक्षम् इव दृश्यते श्रूयते च, तथा दिवङ्गताः नेतारः अपि जीविताः इव दृश्यन्ते।

3. फ़ास्टॅग् इत्यस्य कः उपयोगः?

उत्तरफ़ास्टॅग् इत्यनेन राजमार्गेषु स्वचालितविधिना मार्गशुल्कस्य सङ्ग्रहणं शीघ्रं भवति। अनेन वाहनानां विलम्बः न भवति तथा शुल्क-सङ्ग्रहणं पारदर्शकं च भवति।

4. साङ्गणिक-सुरक्षा किमर्थम् आवश्यकी अस्ति?

उत्तरअनेकविधाः साङ्गणिक-अपराधाः भवन्ति। जनाः प्रायशः लोभात् भयात् वा साङ्गणिक-अपराधेन पीडिताः भवन्ति। अतः सर्वैः जागृतैः भवितव्यम्, येन डिजिटल्-जगति सुरक्षितं भवति। तदर्थं साङ्गणिक-सुरक्षा आवश्यकी अस्ति।

5. वित्तीयसमावेशने भारतस्य किं स्थानम् अस्ति?

उत्तरवित्तीयसमावेशने यूपीआय्, रूपे-कार्ड्, जनधनयोजना इत्यादीनि बहूनि साधनानि सन्ति। मुद्रारहित-विनिमयसन्दर्भे विश्वे भारतस्य अग्रगण्यं (प्रथमं) स्थानम् अस्ति।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (100–120 शब्द)

6. ‘डिजिटल्-भारत’ योजना का उद्देश्य एवं उसके विविध क्षेत्रों का वर्णन कीजिए।

उत्तर‘डिजिटल्-भारत’ भारत सरकार की एक विशिष्ट महत्त्वाकाङ्क्षी योजना है। इसका मुख्य लक्ष्य है – राष्ट्र को डिजिटल-रूप से सुदृढ़ बनाना तथा डिजिटल-शक्ति के द्वारा सभी नागरिकों को सशक्त करना।इस योजना का प्रभाव दैनिक जीवन के अनेक क्षेत्रों में दिखाई देता है – डिजिटल-शासन (डिजी-लॉकर, उमङ्ग, माय-गव, जेम, कोविन), स्वास्थ्य-सेवा (आयुष्मान-भारत, ई-सञ्जीवनी), शिक्षा (दीक्षा, स्वयम्, ई-पाठशाला, निष्ठा), वित्तीय समावेशन (यूपीआय, रुपे-कार्ड, जनधन-योजना), कृषि (ई-नाम, पीएम-किसान, ड्रोन-प्रौद्योगिकी) तथा वाणिज्य (आभासीय विक्रय, क्यूआर-कोड)। इस प्रकार डिजिटल-भारत जीवन के सभी क्षेत्रों को स्पर्श करता है और भारत को डिजिटल-क्रान्ति में अग्रणी राष्ट्र बना रहा है।

7. संग्रहालय-भ्रमण के संवाद-प्रसंग के आधार पर आधुनिक डिजिटल-प्रौद्योगिकियों का परिचय दीजिए।

उत्तरपाठ का आरम्भ प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालय के भ्रमण से होता है। वहाँ छात्र अनेक आधुनिक प्रौद्योगिकियाँ देखते हैं। हॉलोग्राम के द्वारा प्रधानमन्त्री का भाषण प्रत्यक्ष-सा दिखता-सुनाई देता है और दिवंगत नेता भी जीवित-से प्रतीत होते हैं।वर्धित-वास्तविकता (AR) एवं आभासीय-वास्तविकता (VR) से ऐतिहासिक घटनाएँ प्रत्यक्ष-सी अनुभव होती हैं, जैसे भारतीय-स्वतन्त्रता-संग्राम। कृत्रिम-बुद्धि (AI) आधारित संवाद-यन्त्र सभी प्रश्नों के उत्तर देता है। डिजिटल-प्रक्षेपण-चलचित्र में भारत की सम्पूर्ण विकास-यात्रा प्रदर्शित होती है। इन प्रौद्योगिकियों से ज्ञान सजीव, रोचक एवं अनुभवात्मक बन जाता है, जो शिक्षा को नवीन आयाम देता है।

8. क्त-प्रत्यय एवं शतृ-प्रत्यय में क्या अन्तर है? उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तरक्त-प्रत्यय का प्रयोग भूतकाल के अर्थ में, कर्मवाच्य एवं भाववाच्य में होता है। इसके प्रयोग पर वाक्य कर्मवाच्य बन जाता है – कर्ता में तृतीया एवं कर्म में प्रथमा विभक्ति। यथा – बालकेन पाठः पठितः। इसके रूप तीनों लिंगों में बनते हैं (युक्तः/युक्ता/युक्तम्)।शतृ-प्रत्यय का प्रयोग वर्तमानकाल में कार्य करते हुए कर्ता/पदार्थ का बोध कराने के लिए होता है तथा केवल परस्मैपदी धातुओं के साथ होता है। यथा – पठ् + शतृ = पठन् (पढ़ता हुआ), गम् + शतृ = गच्छन् (जाता हुआ)। संक्षेप में, क्त-प्रत्यय भूतकाल का तथा शतृ-प्रत्यय वर्तमानकाल की चालू क्रिया का बोध कराता है।

MCQ & अभिकथन-कारण

1. प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालयः कुत्र स्थितः अस्ति?

(क) मुम्बय्याम्

(ख) नवदेहल्याम्

(ग) कोलकातायाम्

(घ) चेन्नैनगरे

उत्तर(ख) नवदेहल्याम्।

2. हॉलोग्राम् किस प्रौद्योगिकी का एक प्रकार है?

(क) फ़ास्टॅग्

(ख) यूपीआय्

(ग) कृत्रिम-बुद्धिः (AI)

(घ) जनधन-योजना

उत्तर(ग) कृत्रिम-बुद्धिः (AI)।

3. ‘फ़ास्टॅग्’ का उपयोग किसके संग्रहण में होता है?

(क) विद्युत्-शुल्कस्य

(ख) मार्गशुल्कस्य

(ग) जल-शुल्कस्य

(घ) दूरवाणी-शुल्कस्य

उत्तर(ख) मार्गशुल्कस्य। (राजमार्गेषु स्वचालितविधिना)

4. यशिका ‘डिजि-लॉकर्’ में क्या सुरक्षित रखती है?

(क) केवलं धनम्

(ख) आधारपत्रं विद्यालयीयं प्रमाणपत्रं च

(ग) चित्राणि

(घ) पाठ्यपुस्तकानि

उत्तर(ख) आधारपत्रं विद्यालयीयं प्रमाणपत्रं च।

5. वित्तीयसमावेशने निम्न में से कौन-सा साधन सम्मिलित है?

(क) यूपीआय्

(ख) रूपे-कार्ड्

(ग) जनधन-योजना

(घ) उपरि-सर्वे

उत्तर(घ) उपरि-सर्वे।

6. शिक्षाक्षेत्रे प्रयुक्तः डिजिटल्-मञ्चः कः अस्ति?

(क) कोविन् (CoWIN)

(ख) दीक्षा (DIKSHA)

(ग) ई-नाम (eNAM)

(घ) फ़ास्टॅग्

उत्तर(ख) दीक्षा (DIKSHA)।

7. लोग किस कारण से प्रायः साइबर-अपराध से पीड़ित होते हैं?

(क) ज्ञानात्

(ख) लोभात् भयात् वा

(ग) सतर्कतायाः

(घ) शिक्षायाः

उत्तर(ख) लोभात् भयात् वा।

8. कृषिक्षेत्रे प्रयुक्तं डिजिटल्-पटलम् किम् अस्ति?

(क) ई-नाम (e-NAM)

(ख) उमङ्ग् (UMANG)

(ग) जेम् (GeM)

(घ) कोविन् (CoWIN)

उत्तर(क) ई-नाम (e-NAM)। (पीएम्-किसान्, ड्रोन्-प्रौद्योगिकी अपि)

9. ‘QR Code’ इत्यस्य संस्कृत-पर्यायः कः?

(क) आशुप्रतिक्रियाकूटः

(ख) अन्तर्जालम्

(ग) सङ्ग्रहालयः

(घ) उपकरणम्

उत्तर(क) आशुप्रतिक्रियाकूटः।

10. इस पाठ की मुख्य प्रेरणा क्या है?

(क) धन-संचय

(ख) डिजिटल्-प्रौद्योगिक्या युगपरिवर्तनं साङ्गणिक-सुरक्षा च

(ग) एकान्तवासः

(घ) प्रकृति-विरोधः

उत्तर(ख) डिजिटल्-प्रौद्योगिक्या युगपरिवर्तनं साङ्गणिक-सुरक्षा च।
उत्तर-कुंजी: 1-(ख), 2-(ग), 3-(ख), 4-(ख), 5-(घ), 6-(ख), 7-(ख), 8-(क), 9-(क), 10-(ख)

अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।

1. अभिकथन (A): ‘डिजिटल्-भारत’ भारत सरकार की एक महत्त्वाकाङ्क्षी योजना है।

कारण (R): इस योजना का लक्ष्य राष्ट्र को डिजिटल-रूप से सुदृढ़ बनाना तथा नागरिकों को सशक्त करना है।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

2. अभिकथन (A): फ़ास्टॅग् से राजमार्गों पर शीघ्र मार्ग-शुल्क संग्रह होता है।

कारण (R): फ़ास्टॅग् स्वचालित विधि से कार्य करता है, जिससे वाहनों को रुकना नहीं पड़ता।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

3. अभिकथन (A): डिजी-लॉकर् के माध्यम से केवल आधार-पत्र ही सुरक्षित रखा जा सकता है।

कारण (R): डिजी-लॉकर् आधार सहित विद्यालयीय प्रमाणपत्र आदि अनेक प्रलेख सुरक्षित रखने की सुविधा देता है।

उत्तर(घ) A गलत है, किन्तु R सही है – डिजी-लॉकर् में आधार के अतिरिक्त अनेक प्रमाणपत्र सुरक्षित रखे जा सकते हैं।

4. अभिकथन (A): लोग प्रायः साइबर-अपराध से पीड़ित होते हैं।

कारण (R): लोभ अथवा भय के कारण लोग असावधान होकर साइबर-अपराध का शिकार बनते हैं।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

5. अभिकथन (A): शतृ-प्रत्यय का प्रयोग सभी धातुओं के साथ होता है।

कारण (R): शतृ-प्रत्यय का प्रयोग केवल परस्मैपदी धातुओं के साथ वर्तमानकाल में होता है।

उत्तर(घ) A गलत है, किन्तु R सही है – शतृ-प्रत्यय केवल परस्मैपदी धातुओं के साथ ही प्रयुक्त होता है, सभी के साथ नहीं।

परीक्षा-सुझाव एवं सामान्य त्रुटियाँ

परीक्षा-सुझाव (Exam Tips)

  • शब्दार्थ (सङ्ग्रहालयः, प्रौद्योगिकी, आशुप्रतिक्रियाकूटः, वित्तीयसमावेशनम्, साङ्गणिक-सुरक्षा) हिन्दी एवं अंग्रेज़ी दोनों में याद रखें।
  • क्षेत्रवार योजनाओं का मिलान (शिक्षा → दीक्षा, स्वास्थ्य → कोविन, कृषि → ई-नाम, वित्त → यूपीआय) तालिका सहित स्मरण करें।
  • क्त-प्रत्यय एवं शतृ-प्रत्यय की दोनों तालिकाएँ (युक्तः/भूतः, पश्यन्/कुर्वन्) रूप-निर्माण सहित याद करें।
  • ‘एकपदेन’ वाले प्रश्नों में एक शब्द तथा ‘पूर्णवाक्येन’ वाले प्रश्नों में पूरा वाक्य लिखें।
  • तकनीकी संस्कृत-पर्याय (हॉलोग्राम्, फ़ास्टॅग्, यूपीआय्, क्यूआर्-कूटः) की वर्तनी शुद्ध रखें।

सामान्य त्रुटियाँ (Common Mistakes)

  • शतृ-प्रत्यय को आत्मनेपदी धातुओं पर लगा देना – यह केवल परस्मैपदी धातुओं पर लगता है।
  • क्त-प्रत्यय में लिंग के अनुसार रूप न बदलना (युक्तः/युक्ता/युक्तम्)।
  • डिजी-लॉकर् को केवल आधार-संग्रह तक सीमित मान लेना – इसमें अनेक प्रमाणपत्र सुरक्षित रहते हैं।
  • योजनाओं का क्षेत्र-मिलान उलट देना (जैसे कोविन को कृषि से जोड़ देना)।
  • मात्रा एवं विसर्ग की अशुद्धि – सङ्ग्रहालयः, प्रौद्योगिकी, मार्गशुल्कस्य शुद्ध लिखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

दीपकम् कक्षा 8 का छठा पाठ ‘डिजिभारतम् – युगपरिवर्तनम्’ किस विषय पर आधारित है?

यह पाठ एक संस्कृत संवाद है जो भारत की डिजिटल-क्रान्ति (Digital India) पर आधारित है। इसमें नवदिल्ली के प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालय के भ्रमण के माध्यम से हॉलोग्राम, AR, VR, AI एवं डिजिटल-शासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्त, कृषि आदि क्षेत्रों में आए परिवर्तन का वर्णन है।

इस पाठ में कौन-कौन सी आधुनिक प्रौद्योगिकियों का उल्लेख है?

हॉलोग्राम (Hologram), वर्धित-वास्तविकता (AR), आभासीय-वास्तविकता (VR), कृत्रिम-बुद्धि (AI) आधारित संवाद-यन्त्र, डिजिटल-प्रक्षेपण, डिजी-लॉकर, फ़ास्टैग, यूपीआय एवं क्यूआर-कोड आधारित विनिमय का उल्लेख है।

पाठ में दिए गए दो प्रत्यय कौन-से हैं?

पाठ में ‘अत्र इदम् अवधेयम्’ के अन्तर्गत दो प्रत्यय समझाए गए हैं – (1) क्त-प्रत्यय (भूतकाल/कर्मवाच्य, यथा युक्तः, भूतः) एवं (2) शतृ-प्रत्यय (वर्तमानकाल की चालू क्रिया, केवल परस्मैपदी धातुओं पर, यथा पश्यन्, कुर्वन्)।

संवाद, प्रश्न एवं अभ्यास-शीर्षक NCERT दीपकम् पुस्तक से ज्यों-के-त्यों लिए गए हैं; सार एवं उत्तर ClearStudy द्वारा मौलिक रूप से तैयार किए गए हैं।

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