Class 8 Sanskrit Deepakam Chapter 8 Solutions — पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्
Class 8 Sanskrit Deepakam Chapter 8 solutions: पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों का पाठ-सार, शब्दार्थ और नौ अभ्यासों के उत्तर पढ़ें। दस दिशाएँ, प्रश्ननिर्माण और शब्दजाल के जाँचे हुए स्थान समझें।
- पाठ का अवलोकन (Chapter Overview)
- पाठ-परिचय / प्रसंग
- पाठ के श्लोकाः
- सार (Hindi Summary)
- शब्दार्थ (Word-meanings)
- अभ्यासः (अभ्यासात् जायते सिद्धिः)
- अत्र इदम् अवधेयम् (दश दिशः)
- योग्यताविस्तरः & परियोजनाकार्यम्
- अतिरिक्त प्रश्न (Extra Questions)
- MCQ & अभिकथन-कारण
- परीक्षा-सुझाव एवं सामान्य त्रुटियाँ
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
पाठ का अवलोकन (Chapter Overview)
दीपकम् कक्षा 8 का अष्टम पाठ ‘पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्’ एक रोचक संवाद-शैली का पाठ है, जिसमें अध्यापिका एवं छात्र भारत के पूर्वोत्तर भाग के आठ राज्यों – अरुणाचलप्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैण्ड, त्रिपुरा एवं सिक्किम – के विषय में चर्चा करते हैं। ये राज्य ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ (सात बहनें और एक भाई) के नाम से प्रसिद्ध हैं, जिनमें सिक्किम को ‘लघु भ्राता’ कहा गया है। पाठ इन राज्यों के प्राकृतिक सौन्दर्य, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विविधता, जनजातीय परम्परा, वंश-उद्योग (बाँस-उद्योग) एवं खनिज-सम्पदा का परिचय देता है। पाठ का केन्द्रीय भाव है – भारत की विविधता में निहित एकता एवं पूर्वोत्तर प्रदेशों की अनुपम महत्ता को समझना।
पाठ-परिचय / प्रसंग
यह पाठ संवाद-शैली में रचित है। विद्यालय में अध्यापिका एवं छात्र अपने देश के राज्यों के विषय में जानना चाहते हैं। चर्चा के क्रम में अध्यापिका बताती हैं कि भारत में अष्टाविंशति (28) राज्य एवं अष्ट (8) केन्द्रशासित प्रदेश हैं। इन्हीं में पूर्वोत्तर के आठ राज्यों का एक समवाय (समूह) है जो ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ नाम से प्रसिद्ध है। सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्यों की समानता एवं भौगोलिक वैशिष्ट्य के कारण इन्हें यह प्रतीकात्मक उपाधि मिली है। पाठ में इन प्रदेशों की प्राकृतिक सम्पदा, जनजातीय जीवन, वंशवृक्ष-उद्योग एवं भ्रमण-महत्ता का सरस वर्णन है। अन्त में सभी छात्र एवं अध्यापिका अवकाश में इन स्वर्ग-सदृश प्रदेशों के भ्रमण का निश्चय करते हैं।
पाठ के श्लोकाः
(पाठ में आए प्रमुख श्लोक, ज्यों-के-त्यों।)
सप्तराज्यसमूहोऽयं भगिनीसप्तकं मतम् ॥
तेन युक्तो लघुः भ्राता सिक्किमः इति विश्रुतः ।
पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम् ॥
वायवी चोत्तरैशानी ऊर्ध्वा चाधो दिशो दश ॥ — (दश दिशः)
सार (Hindi Summary)
‘पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्’ पाठ एक कक्षा-संवाद से आरम्भ होता है। छात्र अपने देश के राज्यों के विषय में जानना चाहते हैं। अध्यापिका बताती हैं कि भारत में अट्ठाईस (28) राज्य एवं आठ केन्द्रशासित प्रदेश हैं। इन्हीं में से पूर्वोत्तर के आठ राज्यों का एक समूह है, जो ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ अर्थात् ‘सात बहनें और एक भाई’ के नाम से प्रसिद्ध है। यह नाम प्रतीकात्मक है, जो सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्यों की समानता एवं भौगोलिक वैशिष्ट्य के कारण दिया गया है।
इस समूह में सात बहनें हैं – अरुणाचलप्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, नागालैण्ड एवं त्रिपुरा; तथा सिक्किम को ‘लघु भ्राता’ (छोटा भाई) कहा गया है। यद्यपि क्षेत्रफल की दृष्टि से ये राज्य छोटे हैं, तथापि गुण एवं गौरव की दृष्टि से बहुत बड़े (महत्त्वपूर्ण) हैं। संवाद में पुराने समय की स्वाधीनता पर एक सामान्य कथन किया गया है। आठों आधुनिक राज्यों के अलग-अलग इतिहास पर इसे निरपेक्ष निष्कर्ष न मानें। इन राज्यों की संस्कृति विविधतापूर्ण भारतभूमि में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है।
ये राज्य पर्वत, नदियों, वृक्षों एवं पुष्पों से समृद्ध हैं तथा भारतवृक्ष पर पुष्प-गुच्छ के समान सुशोभित हैं। यह जनजातिबहुल प्रदेश है, जहाँ गारो, खासी, नागा, मिजो, लेप्चा आदि अनेक जनजातियाँ निवास करती हैं, जिनके विषय में पाठ बहुभाषिकता, उत्सव-परम्पराओं और कला-कुशलता का परिचय देता है। यहाँ वंशवृक्ष (बाँस) की प्रचुरता है, अतः वस्त्र-आभूषण से लेकर गृह-निर्माण तक बाँस से बनी वस्तुओं का उपयोग होता है और यह वंश-उद्योग अब अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर चुका है। अन्त में सभी छात्र एवं अध्यापिका मिलकर इन स्वर्ग-सदृश प्रदेशों के भ्रमण का निश्चय करते हैं।

शब्दार्थ (Word-meanings)
| शब्दः (Sanskrit) | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| स्वदेशस्य | अपने देश का | Of our country |
| वैचित्र्यम् | विचित्रता, विविधता | Uniqueness |
| प्रवहन्ति | बहती हैं | Flow |
| भू-वैविध्यम् | भूमि की विविधता | Land diversity |
| पीठस्थलानि | पठार | Plateaus |
| जानीथ | (तुम सब) जानते हो | (You all) know |
| ऐशान्यम् | पूर्वोत्तर दिशा (ईशान कोण) | North-East corner |
| ज्ञातुम् | जानने के लिए | To know |
| भागेभ्यः | भागों से | From parts |
| समवायः | समूह, समाहार | Combination / group |
| केन्द्रशासितप्रदेशाः | केन्द्र द्वारा शासित प्रदेश | Union Territories |
| अतिरिच्य | इसके अतिरिक्त | Besides |
| प्रथितः | प्रसिद्ध | Famous |
| प्रतीकात्मकः | प्रतीकात्मक, सांकेतिक | Symbolic |
| साम्याद् | समानता के कारण | Because of similarity |
| उक्तोपाधिना | दिए हुए (कहे गए) नाम से | By the given name |
| क्षेत्रपरिमाणैः | क्षेत्रफल के नाप से | By extent of area |
| बृहत्तराणि | बहुत बड़े | Very significant / larger |
| स्वाधीनाः | स्वतन्त्र | Independent |
| स्वायत्तीकृताः | अपने अधीन किए गए | Subjugated |
| सावहितमनसा | ध्यानपूर्वक | With attention |
| ऊर्जस्विनः | शक्तिशाली | Energetic |
| निष्णाताः | निपुण, पारंगत | Experts / masters |
| वंशवृक्षाणाम् | बाँस के वृक्षों के | Of bamboo trees |
| बह्वाकर्षकः | अत्यधिक आकर्षक | Very attractive |
पाठ-उत्तर और ऐतिहासिक तथ्य का भेद
सप्तभगिन्यः सात राज्यों का प्रतीकात्मक नाम है; पाठ सिक्किम को भ्राता कहकर आठवाँ जोड़ता है। राज्यों की संस्कृत शब्दावली समझते समय प्रत्येक समुदाय की अलग संस्कृति और इतिहास का आदर करें। पुराने समय में सभी प्रदेश कभी भी किसी शासन के अधीन नहीं हुए जैसी सार्वभौम घोषणा न करें। उदाहरण के लिए सिक्किम सरकार का इतिहास-परिचय भारत के संरक्षित राज्य और 16 मई 1975 को भारतीय संघ में राज्य बनने के अलग चरण बताता है। क्षेत्र के वर्तमान आधिकारिक विवरण के लिए MDoNER देखें।
अभ्यासः (अभ्यासात् जायते सिद्धिः)
१. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तरं लिखत —
(क) अस्माकं देशे कति राज्यानि सन्ति ?
(ख) प्राचीनेतिहासे काः स्वाधीनाः आसन् ?
(ग) केषां समवायः ‘सप्तभगिन्यः’ इति कथ्यते ?
(घ) अस्माकं देशे कति केन्द्रशासितप्रदेशाः सन्ति ?
(ङ) सप्तभगिनी-प्रदेशे कः उद्योगः सर्वप्रमुखः ?
२. अधोलिखितानां प्रश्नानां पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत —
(क) भ्रातृसहित-भगिनीसप्तके कानि राज्यानि सन्ति ?
(ख) इमानि राज्यानि सप्तभगिन्यः इति किमर्थं कथ्यन्ते ?
(ग) ऐशान्यकोणप्रदेशेषु के निवसन्ति ?
(घ) पूर्वोत्तरप्रादेशिकाः केषु निष्णाताः सन्ति ?
(ङ) वंशवृक्षवस्तूनाम् उपयोगः कुत्र क्रियते ?
३. अधोलिखितेषु पदेषु प्रकृति-प्रत्ययविभागं कुरुत —
यथा – गन्तुम् = गम् + तुमुन्
| पदम् | प्रकृतिः | प्रत्ययः |
|---|---|---|
| (क) ज्ञातुम् | ज्ञा | तुमुन् |
| (ख) विश्रुतः | वि + श्रु | क्त |
| (ग) अतिरिच्य | अति + रिच् | ल्यप् |
| (घ) पठनीयम् | पठ् | अनीयर् |
४. रेखाङ्कितम् पदम् आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत —
पृष्ठ 91 में वास्तव में रेखाङ्कित पद नीचे मोटे अक्षरों में हैं। प्रश्नवाचक पद उस पद के लिङ्ग और विभक्ति के अनुरूप रखा गया है।
| वाक्यम् | प्रश्ननिर्माणम् |
|---|---|
| (क) वयं स्वदेशस्य राज्यानां विषये ज्ञातुमिच्छामः। | वयं कस्य राज्यानां विषये ज्ञातुमिच्छामः? |
| (ख) सप्तभगिन्यः प्राचीनेतिहासे प्रायः स्वाधीनाः एव दृष्टाः। | सप्तभगिन्यः प्राचीनेतिहासे प्रायः कीदृश्यः एव दृष्टाः? |
| (ग) प्रदेशेऽस्मिन् हस्तशिल्पानां बाहुल्यं वर्तते। | प्रदेशेऽस्मिन् केषां बाहुल्यं वर्तते? |
| (घ) एतानि राज्यानि तु भ्रमणार्थं स्वर्गसदृशानि। | एतानि राज्यानि तु भ्रमणार्थं कीदृशानि? |
५. यथानिर्देशम् उत्तरत —
(क) ‘महोदये ! मम भगिनी कथयति’ । अत्र ‘मम’ इति सर्वनामपदं कस्यै प्रयुक्तम् ?
(ख) ‘सामाजिक-सांस्कृतिकपरिदृश्यानां साम्याद् इमानि उक्तोपाधिना प्रथितानि’। अस्मिन् वाक्ये प्रथितानि इति क्रियापदस्य कर्तृपदं किम् ?
(ग) ‘एतेषां राज्यानां पुनः सङ्घटनं विहितम्’ । अत्र ‘सङ्घटनम्’ इति कर्तृपदस्य क्रियापदं किम् ?
(घ) ‘अत्र वंशवृक्षाणां प्राचुर्यं विद्यते’ । अस्मात् वाक्यात् ‘अल्पता’ इति पदस्य विपरीतार्थकं पदं चित्वा लिखत ?
(ङ) ‘क्षेत्रपरिमाणैः इमानि लघूनि वर्तन्ते’ । अस्मिन् वाक्ये ‘सन्ति’ इति क्रियापदस्य किं समानार्थकं पदं प्रयुक्तम् ?
६. पुस्तक के शब्दजाल में सार्थक शब्द रेखाङ्कित कीजिए —
पृष्ठ 92 में दस पंक्तियाँ और आठ स्तम्भ हैं। ऊपर से पंक्ति और बाएँ से स्तम्भ गिनें। नीचे स्थान जाँचकर दिए हैं; प्रत्येक खाने में अक्षर-समूह भी हो सकता है। राज्य-नामों की सामान्य सूची और शब्दजाल में वास्तव में मिलने वाले शब्द अलग हैं।
| शब्द | स्थान और दिशा |
|---|---|
| जनजातिः | पंक्ति 1, स्तम्भ 1–4 → |
| खासी | पंक्ति 1, स्तम्भ 7–8 → |
| नागा | पंक्ति 2, स्तम्भ 7–8 → |
| त्रिपुरा | स्तम्भ 6, पंक्ति 1–3 ↓ |
| मणिपुरम् | स्तम्भ 5, पंक्ति 1–5 ↓ |
| सिक्किमः | स्तम्भ 4, पंक्ति 2–4 ↓ |
| भ्राता | पंक्ति 3, स्तम्भ 1–2 → |
| मिजोरमः | पंक्ति 4, स्तम्भ 1–4 → |
| संस्कृतिः | पंक्ति 4, स्तम्भ 6–8 → |
| देशस्य | पंक्ति 5, स्तम्भ 6–8 → |
| भगिन्यः | पंक्ति 6, स्तम्भ 4–6 → |
| गारो | पंक्ति 6, स्तम्भ 7–8 → |
| प्राकृतिकः | पंक्ति 7, स्तम्भ 1–4 → |
| वंशवृक्षः | पंक्ति 7, स्तम्भ 5–8 → |
| अरुणाचलः | पंक्ति 8, स्तम्भ 4–8 → |
| मेघालयः | पंक्ति 9, स्तम्भ 3–6 → |
| नागालैण्डम् | पंक्ति 10, स्तम्भ 1–4 → |
| बहवः | पंक्ति 10, स्तम्भ 5–7 → |
पंक्ति 5 का आरम्भ पूर्वोत्तरम् तथा पंक्ति 6 का आरम्भ सप्तभगिन्यः बनाने के आशय से रखा दिखता है; मुद्रित अक्षर-समूह में अस्पष्टता है। स्पष्ट अक्षरों वाले उत्तर ऊपर दिए हैं। असमः और प्रतीकः को बिना स्थान मिले इस जाल के उत्तर में न जोड़ें।
७. पट्टिकातः पदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत —
पट्टिका: सिक्किमः, पूर्वोत्तरराज्यानि, अष्टाविंशतिः, स्वदेशस्य राज्यानाम्, अरुणाचलप्रदेशः, असमः, मणिपुरं, मिजोरमः, मेघालयः, नागालैण्डं, त्रिपुरा, जनजातिः, प्राचुर्यम्
7(ङ) की पेटिका में जनजातिः छपा है; बाहुल्यम् के साथ अर्थ और व्याकरण के लिए षष्ठी जनजातेः प्रयोग की गई है।
८. भिन्नप्रकृतिकं पदं चिनुत —
९. विशेष्य-विशेषणानाम् उचितं मेलनं कुरुत —
| विशेषण-पदानि | विशेष्य-पदानि (उचितं मेलनम्) |
|---|---|
| अयम् | प्रदेशः |
| संस्कृतिविशिष्टायाम् | भारतभूमौ |
| महत्त्वाधायिनी | संस्कृतिः |
| प्राचीने | इतिहासे |
| एकः | समवायः |
अत्र इदम् अवधेयम् (दश दिशः)
पाठ में ‘अत्र इदम् अवधेयम्’ के अन्तर्गत दश दिशाओं का परिचय श्लोक एवं तालिका द्वारा दिया गया है।
वायवी चोत्तरैशानी ऊर्ध्वा चाधो दिशो दश ॥
| दिक् (Direction) | English | दिक् (Direction) | English |
|---|---|---|---|
| पूर्वा | East | आग्नेयी | South-East |
| दक्षिणा | South | नैर्ऋती | South-West |
| पश्चिमा | West | वायवी | North-West |
| उत्तरा | North | ईशानी | North-East |
| ऊर्ध्वा | Up / High | अधः | Down / Low |
पाठ का शीर्षक ‘पश्यत कोणमैशान्यम्’ का अर्थ है – ‘ईशान कोण (पूर्वोत्तर दिशा) को देखो’, जो भारत के मनोहर पूर्वोत्तर भाग की ओर संकेत करता है।
योग्यताविस्तरः & परियोजनाकार्यम्
योग्यताविस्तरः (ज्ञान-विस्तार)
- पत्काई: भारत के पूर्वोत्तर भाग में बर्मादेश (म्यांमार) के साथ सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित पर्वत-शृंखला है।
- बराकनदी: पुस्तक के ज्ञान-विस्तार में मणिपुर, नागालैण्ड, मिजोरम, असम एवं बंगलादेश में बहने वाली 900 कि.मी. लम्बी नदी है।
- गारोपर्वतः, खासीपर्वतः, जयन्तियापर्वतः – उत्तर-पूर्वी पीठस्थल पर स्थित तीन पर्वत-शृंखलाएँ हैं।
- मेघालय-पीठस्थल में कृष्णहीरक (कोयला), लौह-अयस्क, सिलिमेनाइट, क्षारशिला, यूरेनियम आदि खनिज-सम्पदा प्रचुर मात्रा में हैं।
- सप्तभगिनी-प्रदेशों का उल्लेख महाभारत, रामायण एवं पुराणों जैसे प्राचीन ग्रन्थों में भी उपलब्ध होता है।
नीचे की भाषा-सूची पुस्तक का अध्ययन-सन्दर्भ है; इसे वर्तमान कानूनी राजभाषाओं की सम्पूर्ण सूची न मानें। राज्यों के सरकारी पोर्टल पर नवीन विवरण जाँचें।
पुस्तक में राज्य, राजधानी और भाषा-सूची
| क्र. | राज्यम् | राजधानी | पुस्तक की भाषा-सूची |
|---|---|---|---|
| 1 | अरुणाचलप्रदेशः | ईटानगरम् | आङ्ग्लभाषा |
| 2 | असमः | दिसपुरम् | असमिया, बङ्गला, बोडो, आङ्ग्लभाषा च |
| 3 | मणिपुरम् | इम्फालः | मणिपुरी |
| 4 | मेघालयः | शिलांगः | खासी, पुआरः, गारो, आङ्ग्लभाषा च |
| 5 | मिजोरमः | आइजोलः | मिज़ो, आङ्ग्लभाषा च |
| 6 | नागालैण्डम् | कोहिमा | आङ्ग्लभाषा |
| 7 | त्रिपुरा | अगरतला | आङ्ग्लभाषा, बङ्गला च |
| 8 | सिक्किमः | गङ्गटोकः | आङ्ग्लभाषा |
अरुणाचल में सूर्य का अरुणोदय (सूर्योदय) सबसे पहले होता है, अतः इसे ‘अरुणाचल’ कहते हैं। असम में बृहत्तम नदीद्वीप ‘माजुली’ ब्रह्मपुत्र में स्थित है। मणिपुर के लोकटक-सरोवर में विश्व का एकमात्र राष्ट्रीय प्लवमान (तैरता हुआ) उद्यान है।
परियोजनाकार्यम् (Project Work)
1. भित्तिपत्र पर पूर्वोत्तर राज्यों का पृथक्-पृथक् मानचित्र बनाकर किसी राज्य का संस्कृत में पाँच वाक्यों में वर्णन कीजिए।
2. पूर्वोत्तर राज्यों के पर्यटन-स्थलों के नाम लिखकर उनका संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
3. विद्यालय में ‘उत्तरपूर्वसंस्कृतिदिवसः’ आयोजित कीजिए, जिसमें छात्र विविध राज्यों के परिधान, नृत्य, भोजन एवं वेशभूषा प्रस्तुत करें।
नीचे अतिरिक्त प्रश्न, MCQ और अभिकथन-कारण ClearStudy के अभ्यास हैं। पर्यटन-परियोजनाओं के उत्तर नमूने हैं।
अतिरिक्त प्रश्न (Extra Questions)
अतिरिक्त लघु प्रश्न — ClearStudy अभ्यास
1. भारत के पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के नाम लिखिए।
2. इन राज्यों को ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ क्यों कहा जाता है?
3. वंश-उद्योग (बाँस-उद्योग) के विषय में लिखिए।
4. पाठ के अनुसार ये राज्य क्षेत्रफल में छोटे होकर भी कैसे बड़े हैं?
5. पाठ का अन्त किस निश्चय के साथ होता है?
अतिरिक्त व्याख्यात्मक प्रश्न — ClearStudy अभ्यास
6. पूर्वोत्तर भारत के राज्यों की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
7. पाठ के संवाद-प्रसंग के आधार पर इन राज्यों के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।
8. ‘पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्’ शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
MCQ & अभिकथन-कारण
1. भारत में कुल कितने राज्य हैं?
(क) पञ्चविंशतिः
(ख) अष्टाविंशतिः
(ग) त्रिंशत्
(घ) विंशतिः
2. ‘लघु भ्राता’ किस राज्य को कहा गया है?
(क) असमः
(ख) त्रिपुरा
(ग) सिक्किमः
(घ) मणिपुरम्
3. ‘ऐशान्यम्’ का अर्थ है—
(क) दक्षिण दिशा
(ख) पश्चिम दिशा
(ग) पूर्वोत्तर दिशा (ईशान कोण)
(घ) पूर्व दिशा
4. पूर्वोत्तर प्रदेश में कौन-सा उद्योग सर्वप्रमुख है?
(क) वस्त्रोद्योगः
(ख) वंशोद्योगः (बाँस-उद्योग)
(ग) लौह-उद्योगः
(घ) कागद-उद्योगः
5. अरुणाचलप्रदेश की राजधानी क्या है?
(क) इम्फालः
(ख) ईटानगरम्
(ग) कोहिमा
(घ) शिलांगः
6. भारत में कितने केन्द्रशासित प्रदेश हैं?
(क) षट्
(ख) सप्त
(ग) अष्ट
(घ) नव
7. पाठ में उल्लिखित नदीद्वीप ‘माजुली’ किस राज्य में है?
(क) मणिपुरम्
(ख) असमः
(ग) त्रिपुरा
(घ) मिजोरमः
8. पूर्वोत्तर प्रदेश में कौन-कौन-सी जनजातियाँ निवास करती हैं?
(क) भील, गोंड
(ख) गारो, खासी, नागा, मिजो, लेप्चा
(ग) संथाल, मुंडा
(घ) टोडा, बद्गा
9. पाठ में उल्लिखित प्लवमान राष्ट्रीय उद्यान किस सरोवर में है?
(क) ब्रह्मपुत्र
(ख) बराक
(ग) लोकटक-सरोवर (मणिपुर)
(घ) चिल्का
10. पाठ के अनुसार ये राज्य किस दृष्टि से बड़े हैं?
(क) क्षेत्रफल की दृष्टि से
(ख) जनसंख्या की दृष्टि से
(ग) गुण एवं गौरव की दृष्टि से
(घ) उद्योग की दृष्टि से
अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।
1. अभिकथन (A): पूर्वोत्तर के राज्यों को ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ कहा जाता है।
कारण (R): इनमें सात राज्य (बहनें) एवं सिक्किम (भाई) सम्मिलित हैं तथा सामाजिक-सांस्कृतिक समानता के कारण यह प्रतीकात्मक नाम दिया गया।
2. अभिकथन (A): ये राज्य क्षेत्रफल में छोटे होकर भी महत्त्वपूर्ण हैं।
कारण (R): गुण एवं गौरव की दृष्टि से ये बहुत बड़े (बृहत्तर) प्रतीत होते हैं।
3. अभिकथन (A): पूर्वोत्तर प्रदेश में वंश-उद्योग प्रमुख है।
कारण (R): वहाँ वंशवृक्ष (बाँस) की कमी (अल्पता) है।
4. अभिकथन (A): अरुणाचलप्रदेश को ‘अरुणाचल’ कहा जाता है।
कारण (R): भारत में सूर्य का अरुणोदय (सूर्योदय) सबसे पहले यहीं होता है।
5. अभिकथन (A): पाठ में सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च नाम को प्रतीकात्मक कहा गया है।
कारण (R): यह वास्तविक भाई-बहन का सम्बन्ध नहीं, राज्यों के समूह का रूपक है।
परीक्षा-सुझाव एवं सामान्य त्रुटियाँ
परीक्षा-सुझाव (Exam Tips)
- आठों राज्यों के नाम, राजधानियाँ एवं राजभाषाएँ क्रमवार याद रखें – तालिका से भाषा और स्थान-नामों का अभ्यास करें।
- ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ में सात बहनें कौन एवं भाई कौन (सिक्किम) – यह भेद स्पष्ट रखें।
- दश दिशाओं के संस्कृत नाम एवं उनके अंग्रेज़ी अर्थ (आग्नेयी-SE, नैर्ऋती-SW, वायवी-NW, ईशानी-NE) याद करें।
- शब्दार्थ (ऐशान्यम्, समवायः, प्रथितः, निष्णाताः, प्राचुर्यम्) हिन्दी एवं अंग्रेज़ी दोनों में याद रखें।
- ‘पूर्णवाक्येन उत्तरम्’ वाले प्रश्नों में पूरा वाक्य लिखें, केवल एक शब्द नहीं।
सामान्य त्रुटियाँ (Common Mistakes)
- राज्यों की संख्या (8) एवं सप्तभगिन्यः (7) को आपस में गड्डमड्ड कर देना – सिक्किम आठवाँ (भाई) है।
- राज्य संख्या (28) एवं केन्द्रशासित प्रदेश संख्या (8) को उलट देना।
- राजधानी-राजभाषा का गलत मिलान (यथा – नागालैण्ड → कोहिमा, मेघालय → शिलांग)।
- प्रकृति-प्रत्यय विभाग में प्रत्यय की भूल (ज्ञातुम् = ज्ञा + तुमुन्; अतिरिच्य = अति+रिच् + ल्यप्)।
- शीर्षक के ‘ऐशान्यम्’ को पूर्व/दक्षिण दिशा समझ लेना – यह ‘पूर्वोत्तर’ (ईशान) कोण है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
दीपकम् कक्षा 8 का पाठ 8 ‘पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्’ किस विषय पर आधारित है?
यह पाठ संवाद-शैली में रचित है तथा भारत के पूर्वोत्तर के आठ राज्यों – अरुणाचलप्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैण्ड, त्रिपुरा एवं सिक्किम – पर आधारित है, जो ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ के नाम से प्रसिद्ध हैं।
‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ में ‘भाई’ किस राज्य को कहा गया है?
सात बहनें अरुणाचलप्रदेश, असम, मणिपुर, मिजोरम, मेघालय, नागालैण्ड एवं त्रिपुरा हैं, तथा ‘लघु भ्राता’ (एक भाई) सिक्किम को कहा गया है।
‘पश्यत कोणमैशान्यम्’ का अर्थ क्या है?
इसका अर्थ है – ‘ईशान कोण (पूर्वोत्तर दिशा) को देखो’। यह भारत के मनोहर पूर्वोत्तर भाग की ओर संकेत करता है, जो प्राकृतिक सौन्दर्य एवं सांस्कृतिक विविधता से परिपूर्ण है।
पाठ्यपुस्तक संदर्भ: NCERT दीपकम्, कक्षा 8, पाठ 8, पृष्ठ 85–96; उपलब्ध प्रति का पुनर्मुद्रण 2026–27। उत्तर और व्याख्याएँ ClearStudy की मौलिक शिक्षण सामग्री हैं; खुली गतिविधियों के उत्तर नमूने हैं। आधिकारिक NCERT पुस्तक पोर्टल।
