रीढ़ की हड्डी प्रश्न उत्तर — कक्षा 9 हिंदी गंगा
रीढ़ की हड्डी प्रश्न उत्तर में जगदीशचंद्र माथुर की एकांकी का सार, उमा का चरित्र, पाठ-आधारित समाधान, मुहावरे और अभिनय व संवाददाता गतिविधियों के नमूने पढ़ें।
स्रोत: NCERT गंगा, कक्षा 9, प्रथम संस्करण मार्च 2026, पृष्ठ 100–119। खुले प्रश्नों, अनुभवों और रचनात्मक कार्यों के उत्तर नमूने हैं; अपने विचार जोड़ें। यह स्वतंत्र अध्ययन-सहायिका है, NCERT की आधिकारिक उत्तरमाला नहीं।
- लेखक परिचय – जगदीशचंद्र माथुर
- पाठ का सार
- पात्र-परिचय
- शब्दार्थ
- मेरे उत्तर मेरे तर्क
- मेरी समझ मेरे विचार
- एकांकी की पड़ताल
- रंग-निर्देश और मंचन
- मेरी टिप्पणी
- तुलना और विचार
- एकांकी का विस्तार
- व्याकरण की बात – भाषा में मुहावरे
- मेरे शब्द और संदर्भ में शब्द
- आप भी संवाददाता
- भाषा संगम
- अतिरिक्त प्रश्न
- अभ्यास MCQ & अभिकथन-कारण
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
लेखक परिचय – जगदीशचंद्र माथुर
जगदीशचंद्र माथुर का जन्म सन् 1917 में शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ और शिक्षा इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हुई। वे इंडियन सिविल सर्विस में चयनित हुए तथा बिहार के शिक्षा सचिव, आकाशवाणी के महानिदेशक आदि प्रशासनिक पदों पर रहते हुए आजीवन साहित्य-सृजन में सक्रिय रहे। हिंदी नाटक और रंगमंच के विकास में उनके एकांकी एवं नाटकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं – भोर का तारा, कोणार्क, ओ मेरे सपने, शारदीया, पहला राजा, दस तस्वीरें, जिन्होंने जीना जाना। कोणार्क उनका सर्वाधिक चर्चित और मंचित नाटक है। सन् 1978 में उनका निधन हुआ।
पाठ का सार
1939 में रचित ‘रीढ़ की हड्डी’ विवाह के नाम पर लड़की की परख, स्त्री-शिक्षा के विरोध और सामाजिक दोहरे मानदंडों पर व्यंग्य है। रामस्वरूप अपनी बी.ए. पास बेटी उमा के लिए गोपालप्रसाद और उनके पुत्र शंकर का स्वागत करने की तैयारी करते हैं। गोपालप्रसाद बेटे की उच्च शिक्षा को जरूरी, पर बहू की उच्च शिक्षा को अनावश्यक मानते हैं। रामस्वरूप इस सोच से असहमत होते हुए भी विवाह तय कराने के लिए उमा को केवल मैट्रिक तक पढ़ी बताते हैं।
उमा से रूप, गाने-बजाने, चित्रकारी और सिलाई के बारे में पूछकर उसका मूल्यांकन किया जाता है। वह लड़की को सामान की तरह परखे जाने का विरोध करती है। वह बताती है कि शंकर पिछली फरवरी में लड़कियों के हॉस्टल के आसपास ताक-झाँक करते हुए भगाया गया था। पाठ में यह नहीं कहा गया कि वह कई भावी वधुओं को देखने गया था। उमा अपनी बी.ए. की शिक्षा और आत्मसम्मान स्वीकारती है। नाराज गोपालप्रसाद बेटे को लेकर चले जाते हैं।
उमा शंकर की ‘बैकबोन’ पर व्यंग्य करके उसके नैतिक साहस की कमी उजागर करती है। फिर वह सिसकने लगती है—उसका साहस उसकी संवेदनशीलता को मिटाता नहीं। रतन मक्खन लेकर लौटता है और परदा गिरता है। नाश्ते की छोटी चिंता और बड़े मानवीय अपमान का यह विरोध हास्य के साथ करुणा और व्यंग्य उत्पन्न करता है।

पात्र-परिचय
| पात्र | परिचय |
|---|---|
| उमा | पढ़ी-लिखी (बी.ए. पास), स्वाभिमानी एवं सशक्त नायिका; नारी-चेतना की प्रतीक। |
| रामस्वरूप | उमा के पिता; आधुनिकता का दिखावा करने वाले किंतु भीतर से रूढ़िवादी। |
| प्रेमा | उमा की माता; स्त्री-शिक्षा को ‘जंजाल’ मानने वाली परंपरागत सोच की प्रतिनिधि। |
| गोपालप्रसाद | शंकर के पिता; दहेज, दिखावे और परंपरा के समर्थक। |
| शंकर | गोपालप्रसाद का पुत्र; पिता की रूढ़िवादी सोच से सहमत युवक; उमा उसके अनुचित व्यवहार और नैतिक साहस की कमी की आलोचना करती है। |
| रतन | रामस्वरूप का घरेलू सहायक। |
शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| अधेड़ | आधी या ढलती उम्र का |
| तख्त | लकड़ी की बड़ी चौकी; सिंहासन |
| गंदुमी | गेहुएँ रंग का |
| डाट | टेक, अटकाव |
| जंजाल | झंझट, झमेला, बखेड़ा |
| ठठोली | हँसी, परिहास |
| करीने से | ढंग से, क्रम से |
| दकियानूसी | पुराने विचारों वाला, पुरातनपंथी |
| तालीम | शिक्षा |
| चौपट | नष्ट, बरबाद |
| दस्तक | दरवाजा खटखटाना |
| फितरती | चालबाज, प्रकृतिगत |
| खीस निपोरना | दाँत दिखाकर बेढंगी हँसी हँसना |
| खासियत | विशेषता, गुण |
| तशरीफ़ | आदर, सम्मान (पधारना) |
| मार्जिन | सीमा, किनारा |
| बालाई | ऊपर का हिस्सा |
| तकल्लुफ़ | बनावट, औपचारिक शिष्टाचार |
| माफिक | अनुकूल, अनुसार |
| मुखातिब | संबोधित करने वाला, बात करने वाला |
| निहायत | अत्यधिक, बहुत ज्यादा |
| जायचा | जन्मपत्री |
| अर्ज़ | निवेदन, प्रार्थना |
| अधीर | धैर्यरहित, उतावला |
मेरे उत्तर मेरे तर्क
निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं।
1. एकांकी ‘रीढ़ की हड्डी’ का शीर्षक किसका प्रतीक है?
(क) शरीर के एक आवश्यक अंग का
(ख) व्यक्ति की ऊँचाई के आधार का
(ग) आत्म-सम्मान और नैतिक दृढ़ता का
(घ) शारीरिक शक्ति और परिश्रम का
2. ‘रीढ़ की हड्डी’ एकांकी में किस पर व्यंग्य किया गया है?
(क) पात्रों की निर्धनता और लाचारी पर
(ख) पात्रों की भाषा और हास्य पर
(ग) विवाह और अशिक्षा पर
(घ) समाज की अनुचित मान्यताओं पर
3. “घर जाकर ज़रा यह पता लगाइएगा कि आपके लाडले बेटे के रीढ़ की हड्डी भी है या नहीं” – यह वाक्य शंकर की किस छवि को उजागर करता है?
(क) नैतिक साहस की कमी और चारित्रिक दुर्बलता
(ख) अनुभव और विवेक की कमी
(ग) चारित्रिक दृढ़ता और शारीरिक दुर्बलता
(घ) उदासीनता और एकाकीपन
4. “जी हाँ, मैं कॉलेज में पढ़ी हूँ। मैंने बी.ए. पास किया है।” उमा की दृष्टि में शिक्षा प्राप्त करने का सही अर्थ है?
(क) बड़ी-बड़ी डिग्री प्राप्त करना
(ख) कॉलेज में पढ़ना और नौकरी पाना
(ग) माता-पिता और पति को प्रसन्न रखना
(घ) आत्मबल और स्वतंत्र विचार रखना
5. गोपालप्रसाद और रामस्वरूप में क्या-क्या समानताएँ हैं?
(क) दोनों प्रगतिशील हैं और रूढ़ियों को नकारते हैं।
(ख) दोनों दिखावे और परंपरा के शिकार हैं।
(ग) दोनों शिक्षा और रूढ़ियों के समर्थक हैं।
(घ) दोनों संगीत और स्वादिष्ट भोजन के प्रेमी हैं।
6. इस एकांकी की संवाद शैली मुख्यतः कैसी है?
(क) औपचारिक और शुष्क
(ख) स्वाभाविक और व्यंग्यपूर्ण
(ग) काव्यात्मक और प्रश्नात्मक
(घ) भावुक और संक्षिप्त
मेरी समझ मेरे विचार
1. बाबू रामस्वरूप समाज में आधुनिक व्यवहार का दिखावा करते हैं, जबकि उनके विचार रूढ़िवादी हैं। इस अंतर्द्वंद्व के उदाहरण एकांकी में से खोजकर लिखिए।
2. ‘रीढ़ की हड्डी’ का संदर्भ दो अलग-अलग पात्रों के लिए भिन्न-भिन्न अर्थों में आया है, उनकी पहचान कीजिए और लिखिए।
3. “मेरी समझ में तो ये पढ़ाई-लिखाई के जंजाल आते नहीं।” प्रेमा की इस सोच से उस समय की स्त्री-शिक्षा की स्थिति के विषय में क्या पता चलता है?
4. लेखक ने ‘रीढ़ की हड्डी’ शब्द को एकांकी के शीर्षक के रूप में क्यों चुना होगा? यदि आप इस एकांकी का दूसरा शीर्षक रखना चाहें, तो वह क्या होगा और क्यों?
एकांकी की पड़ताल
| क्रम और बिंदु | पाठ से उदाहरण |
|---|---|
| 1. नाम | रीढ़ की हड्डी |
| 2. लेखक | जगदीशचंद्र माथुर |
| 3. पात्र | उमा, रामस्वरूप, प्रेमा, शंकर, गोपालप्रसाद, रतन |
| 4. परिवेश/देश-काल | रामस्वरूप के घर का बैठक-कमरा; 1939 में लिखी रचना का रूढ़ियों से प्रभावित सामाजिक परिवेश। |
| 5. रंग/मंच-निर्देश | आरंभ में साधारण कमरा और रामस्वरूप तथा रतन का तख्त लाना। |
| 6. संवाद-निर्देश | उमा के लिए “हल्की लेकिन मजबूत आवाज में”; इससे बोलने का ढंग स्पष्ट है। |
| 7. समस्या | लड़की को वस्तु की तरह परखना, शिक्षा में भेदभाव और विवाह की सौदेबाजी वाली दृष्टि। |
| 8. संवाद | उमा अपनी बी.ए. की शिक्षा को पाप या चोरी मानने से इंकार करती है। |
| 9. मुख्य विचार | स्त्री की गरिमा, स्वतंत्र विचार और आत्मसम्मान का समर्थन। |
| 10. परिणाम | पिता-पुत्र चले जाते हैं; उमा सिसकती है और रतन मक्खन लाता है। सभी सामाजिक समस्याएँ हल हो गईं—ऐसा अंत नहीं है। |
रंग-निर्देश और मंचन
एक दृश्य की प्रस्तुति — तैयारी
मेरी टिप्पणी
उमा के अंतिम व्यंग्य पर टिप्पणी — नमूना
तुलना और विचार
1. लड़कों और लड़कियों के प्रति अलग दृष्टि
2. उमा का व्यक्तित्व और उसके विकास के कारण
एकांकी का विस्तार
1. मक्खन वाले संवाद से अंत क्यों?
2. परदा दोबारा उठे तो — कल्पित अगला दृश्य
यह मूल लेखक का अंत नहीं, विद्यार्थी का रचनात्मक विस्तार है।
प्रेमा: उमा, तुम्हारी बात पहले सुननी चाहिए थी।
रामस्वरूप: मुझे तुम्हारी शिक्षा छिपाने के बजाय उस पर गर्व करना चाहिए था।
उमा: मैं आपका सम्मान करती हूँ, पर मेरा सम्मान और मेरी इच्छा भी जरूरी है।
रतन: तो यह मक्खन रख दूँ?
प्रेमा: हाँ, और हम पहले शांत होकर बात करेंगे।
व्याकरण की बात – भाषा में मुहावरे
वाक्यों में आए मुहावरों की पहचान, अर्थ एवं नए वाक्य।
| मुहावरा | अर्थ | नया वाक्य |
|---|---|---|
| भीगी बिल्ली बनना | दब्बू/भयभीत हो जाना | पिता की डाँट सुनते ही वह भीगी बिल्ली बन गया। |
| मुँह फुलाना | नाराज होना, रूठना | जरा-सी बात पर बच्चा मुँह फुलाकर बैठ गया। |
| किस मर्ज की दवा होना | किस काम आना या किस समस्या को हल करना; प्रश्न में उलाहना भी | तुम्हें हिसाब आता है; इस काम में मदद नहीं करोगे तो किस मर्ज की दवा हो? |
| सिर चढ़ाना | अधिक लाड़ देकर बिगाड़ना | माँ ने बेटे को बहुत सिर चढ़ा रखा है। |
| उगल देना | भेद/राज खोल देना | पूछताछ में चोर ने सब कुछ उगल दिया। |
| काँटों में घसीटना | इस संदर्भ में प्रशंसा/उपकार की बात से संकोच में डालना | सबके सामने इतना धन्यवाद देकर आप मुझे काँटों में घसीट रहे हैं। |
| इज्जत उतारना | अपमान करना | सबके सामने किसी की इज्जत उतारना उचित नहीं। |
| मुँह छिपाकर भागना | लज्जावश सामना न कर पाना | हार के बाद वह मुँह छिपाकर भाग गया। |
मेरे शब्द और संदर्भ में शब्द
पाँच नए शब्द — नमूना अभ्यास
| शब्द | संदर्भ-संकेत | अनुमान/अर्थ |
|---|---|---|
| तालीम | पढ़ाई और विवाह पर चर्चा | शिक्षा |
| दकियानूसी | वर पक्ष की सोच | पुराने/रूढ़ विचारों वाला |
| तकल्लुफ़ | नाश्ते की औपचारिकता | औपचारिक शिष्टाचार या बनावट |
| जायचा | विवाह में मिलाने की चर्चा | जन्मपत्री |
| मुखातिब | किसी से बात करते हुए | संबोधित करते हुए |
अपने लिए नए शब्द चुनकर उनके पूरे वाक्य पुस्तक से लिखें। पहले अनुमान, फिर शब्दकोश का अर्थ और दोनों में अंतर लिखें। ऊपर दिए अर्थ अभ्यास का नमूना हैं।
“बाप सेर तो बेटा सवा सेर” का सकारात्मक प्रयोग
आप भी संवाददाता
1. पात्रों के साक्षात्कार — भूमिका-अभिनय का नमूना
संवाददाता—उमा, आपने विरोध क्यों किया?
उमा—मुझे बिना मेरी राय पूछे वस्तु की तरह परखा जा रहा था।
संवाददाता—रामस्वरूप, शिक्षा क्यों छिपाई?
रामस्वरूप—विवाह तय कराने के दबाव में मैंने समझौता किया।
संवाददाता—गोपालप्रसाद, बेटे और बहू की शिक्षा के अलग मानदंड क्यों?
गोपालप्रसाद—मैं उच्च शिक्षा को पुरुषों का काम मानता था।
संवाददाता—यह दृष्टि समान अवसरों को सीमित करती है।
प्रेमा और शंकर से उनके विचारों पर भी प्रश्न पूछें। ये पाठ के आधार पर बनाए गए काल्पनिक उत्तर हैं, मूल संवाद या वास्तविक साक्षात्कार नहीं।
2. लाइव रिपोर्ट — काल्पनिक प्रस्तुति
भाषा संगम
मक्खन के नाम और मातृभाषा का वाक्य
आगे पढ़ने के लिए पुस्तक में दिए एकांकी और “रीढ़ की हड्डी” के शैक्षिक वीडियो देखें। मंचन की भंगिमा, विराम और मूल संवादों की तुलना अपनी प्रस्तुति से करें।
अतिरिक्त प्रश्न
अति लघु उत्तरीय
1. ‘रीढ़ की हड्डी’ किस विधा की रचना है और इसके लेखक कौन हैं?
2. एकांकी की मुख्य नायिका कौन है और वह कितनी पढ़ी-लिखी है?
3. इस एकांकी की रचना किस वर्ष हुई?
लघु उत्तरीय
4. रामस्वरूप उमा की शिक्षा को क्यों छिपाना चाहते थे?
5. उमा के संवादों से उसके व्यक्तित्व की किन विशेषताओं का पता चलता है?
दीर्घ उत्तरीय
6. ‘रीढ़ की हड्डी’ एकांकी किन सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करती है? आज के संदर्भ में इसकी प्रासंगिकता बताइए।
अभ्यास MCQ & अभिकथन-कारण
1. उमा किसके विरुद्ध अपना पक्ष दृढ़ता से रखती है?
(क) अपनी माँ प्रेमा के
(ख) वस्तु की तरह परखे जाने, भेदभाव और शंकर के अनुचित व्यवहार के
(ग) रतन के
(घ) अपने पिता रामस्वरूप के मित्रों के
2. एकांकी के अंत में रतन क्या कहता है, जिससे परदा गिरता है?
(क) “बाबूजी, चाय!”
(ख) “बाबूजी, मक्खन!”
(ग) “बाबूजी, मेहमान आ गए!”
(घ) “बाबूजी, चलिए!”
3. गोपालप्रसाद किसके पिता हैं?
(क) उमा के
(ख) रतन के
(ग) शंकर के
(घ) रामस्वरूप के
4. ‘तालीम’ शब्द का अर्थ है—
(क) शिक्षा
(ख) नौकरी
(ग) विवाह
(घ) दिखावा
अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।
1. अभिकथन (A): रामस्वरूप उमा की शिक्षा छिपाना चाहते थे।
कारण (R): वर पक्ष कम पढ़ी-लिखी लड़की की माँग कर रहा था।
2. अभिकथन (A): ‘रीढ़ की हड्डी’ में नारी-शिक्षा को व्यर्थ बताया गया है।
कारण (R): एकांकी उमा के माध्यम से शिक्षित नारी के आत्म-सम्मान को महत्व देती है।
3. अभिकथन (A): शीर्षक ‘रीढ़ की हड्डी’ उमा के अंतिम व्यंग्य से सार्थक हो उठता है।
कारण (R): उमा शंकर के नैतिक साहस के अभाव की ओर संकेत करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
‘रीढ़ की हड्डी’ किस विधा की रचना है?
यह जगदीशचंद्र माथुर द्वारा रचित एक सामाजिक एकांकी (नाटक) है।
एकांकी का शीर्षक ‘रीढ़ की हड्डी’ क्यों रखा गया है?
यह आत्म-सम्मान और नैतिक दृढ़ता का प्रतीक है; जैसे रीढ़ शरीर को सीधा रखती है, वैसे ही आत्म-सम्मान चरित्र को सशक्त रखता है।
एकांकी किन सामाजिक कुरीतियों पर व्यंग्य करती है?
दहेज-प्रथा, विवाह में दिखावा, कम पढ़ी-लिखी लड़की की माँग तथा स्त्री-शिक्षा की उपेक्षा पर।
उमा का चरित्र किस प्रकार का है?
उमा स्वाभिमानी, शिक्षित, साहसी और स्पष्टवादी नायिका है, जो नारी-चेतना और आत्म-सम्मान की प्रतीक है।
