मैं और मेरा देश प्रश्न उत्तर — कक्षा 9 हिंदी गंगा

मैं और मेरा देश प्रश्न उत्तर में कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ के निबंध का सार, नागरिक और देश का संबंध, व्याकरण तथा अनुभव, पत्र और विज्ञापन-लेखन के नमूने पढ़ें।

कक्षा: 9 विषय: हिंदी पुस्तक: गंगा (गद्य खंड) अध्याय: 7 लेखक: कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ विधा: निबंध (प्रश्नोत्तर शैली) स्रोत संस्करण: मार्च 2026

स्रोत: NCERT गंगा, कक्षा 9, प्रथम संस्करण मार्च 2026, पृष्ठ 120–142 (मुख्य निबंध 120–138; पूरक पाठ 139–142)। खुले प्रश्नों, अनुभवों और रचनात्मक कार्यों के उत्तर नमूने हैं; अपने विचार जोड़ें। यह स्वतंत्र अध्ययन-सहायिका है, NCERT की आधिकारिक उत्तरमाला नहीं।

लेखक परिचय – कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’

हिंदी के प्रसिद्ध निबंधकार कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ का जन्म सन् 1906 ई. में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हुआ था। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र पत्रकारिता था; उन्होंने नया जीवन और विकास पत्रों का संपादन किया। स्वतंत्रता-संग्राम और सामाजिक कार्यों में भाग लेने के कारण उन्हें अनेक बार जेल-यात्रा भी करनी पड़ी। उनके संस्मरणात्मक निबंध-संग्रह हैं – दीप जले शंख बजे, जिंदगी मुसकराई, बाजे पायलिया के घुँघरू, क्षण बोले कण मुसकाए, माटी हो गई सोना, आकाश के तारे धरती के फूल आदि, जो उनके मानवतावादी दृष्टिकोण एवं जीवन-दर्शन के परिचायक हैं। उन्हें ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया। सन् 1995 में उनका निधन हुआ।

पाठ का सार

लेखक पहले घर, पड़ोस और नगर से मिले सहयोग के कारण स्वयं को पूर्ण समझता है। लाला लाजपत राय का विदेश-यात्रा संबंधी अनुभव उसे झकझोरता है: निजी योग्यता के बावजूद देश की पराधीनता व्यक्ति के सम्मान को प्रभावित करती है। वह समझता है कि व्यक्ति की पहचान और देश का गौरव परस्पर जुड़े हैं।

निबंध के एक प्रसंग में जापानी युवक स्वामी रामतीर्थ को ताजे फल भेंट करता है। वह फल-विक्रेता नहीं, अपनी पत्नी को रेल में बैठाने आया व्यक्ति है। वह मूल्य लेने के बजाय आग्रह करता है कि स्वामी जी अपने देश लौटकर यह न कहें कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते। दूसरे प्रसंग में पुस्तक के चित्र निकालने वाले विदेशी विद्यार्थी का गलत काम उसके देश की छवि को नुकसान पहुँचाता है। यह पाठ में सुनाया प्रसंग है; एक व्यक्ति के अपराध के लिए पूरे देश के लोगों को दोषी ठहराना न्यायपूर्ण नियम नहीं है।

कमालपाशा को किसान का शहद और नेहरू को किसान की खाट देने के प्रसंग दिखाते हैं कि उपहार की कीमत से अधिक उसके पीछे की सद्भावना महत्वपूर्ण है। लेखक सामान्य नागरिक के छोटे योगदान, सहयोग, शक्तिबोध और सौंदर्यबोध पर बल देता है। निराशा फैलाने के बजाय सुधार का प्रयास, स्वच्छता, शालीन व्यवहार और विवेकपूर्ण चुनाव सामाजिक जीवन बेहतर बनाते हैं। तथ्य-आधारित आलोचना और शांतिपूर्ण असहमति को देश-विरोध समझना इस सीख का उचित विस्तार नहीं होगा।

रेलवे स्टेशन पर एक जापानी युवक भारतीय संन्यासी को ताजे फलों की टोकरी भेंट करता है।
निबंध के फल-भेंट प्रसंग का कल्पनात्मक जलरंग रूपांकन; यह ऐतिहासिक फोटो या स्वामी रामतीर्थ का प्रमाणित चित्र नहीं है।

शब्दार्थ

शब्दअर्थ
संचितइकट्ठा किया हुआ, जमा किया हुआ
मानसमन, चित्त; मन से उत्पन्न
तेजस्वीतेजवाला, प्रतापी, प्रभावशाली
ठसकशान, ऐंठ, गर्व का बनावटीपन
धनिकधनवान, धनी
रसदअनाज, खाने का सामान, राशन
दाद देनान्यायोचित प्रशंसा करना
साक्षीगवाह, गवाही
लांछितदोषयुक्त, कलंकित
हँडियामिट्टी का एक बर्तन
सुतलीसन/पटसन के रेशों से बनी डोरी
चौपालगाँव की खुली बैठक/चबूतरा जहाँ लोग एकत्र होते हैं
सघनघना, ठोस
तरेड़दरार
ज़ीनासीढ़ी, सोपान
अपूर्वजो पहले न हुआ हो, अनोखा
शक्तिबोधशक्ति का बोध/भाव
सौंदर्यबोधसौंदर्य की समझ या अनुभूति

मेरे उत्तर मेरे तर्क

निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं।

1. “एक दिन आनंद की इस दीवार में दरार पड़ गई” – इस पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘दरार’ किस ओर संकेत करता है?

(क) पूर्णता के भाव की तुष्टि

(ख) पारस्परिक संबंध टूटने की स्थिति

(ग) पूर्णता के भाव पर प्रहार

(घ) सुख-सुविधाओं का अभाव

उत्तर(ग) पूर्णता के भाव पर प्रहार।लेखक स्वयं को पूर्ण (आनंद से भरा) मानता था, पर लाला लाजपत राय के अनुभव ने उसकी इसी पूर्णता की भावना पर चोट कर दी – यही ‘दरार’ का आशय है।

2. निबंध में कहा गया है कि “ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में एक अपूर्व आनंद आता है।” लेखक को किस तरह के प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद की अनुभूति होती है?

(क) बात को विस्तार देने वाले प्रश्नों का

(ख) बात का निष्कर्ष प्रस्तुत करने वाले प्रश्नों का

(ग) बिना किसी संदर्भ के पूछे गए प्रश्नों का

(घ) किसी की समझ का आकलन करने वाले प्रश्नों का

उत्तर(क) बात को विस्तार देने वाले प्रश्नों का।लेखक के अनुसार ऐसे प्रश्न ‘बात को खिलने का, आगे बढ़ने का अवसर’ देते हैं, इसलिए उन्हें उत्तर देने में आनंद आता है।

3. “…पराधीनता के दीन दिनों में जिन लोगों ने अपने रक्त से गौरव के दीपक जलाए” – पराधीनता के दिनों को ‘दीन’ कहा गया क्योंकि पराधीन भारत में—

(क) भोजन, आवास और वस्त्र जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था।

(ख) लोगों के आत्मसम्मान और गौरव की भावना का दमन होता था।

(ग) महत्वपूर्ण निर्णय लेने की स्वतंत्रता थी।

(घ) धार्मिक रीति-रिवाजों को मनाने पर रोक लगाई जाती थी।

उत्तर(ख) लोगों के आत्मसम्मान और गौरव की भावना का दमन होता था।परतंत्रता में व्यक्ति और राष्ट्र के स्वाभिमान एवं गौरव का हनन होता था, इसीलिए उन दिनों को ‘दीन’ कहा गया।

4. निबंध के अनुसार मनुष्य साधन-संपन्न होते हुए भी गौरव का अनुभव नहीं कर सकते यदि—

(क) उन्हें विदेश भ्रमण के अवसर न मिलें।

(ख) उनका देश किसी दूसरे देश के अधीन हो।

(ग) उनके नगर की शासन प्रणाली कमजोर हो।

(घ) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन होता हो।

उत्तर(ख) उनका देश किसी दूसरे देश के अधीन हो।देश की पराधीनता व्यक्ति के गौरव को छीन लेती है; अतः परतंत्र देश का नागरिक साधन-संपन्न होकर भी सच्चा गौरव अनुभव नहीं कर सकता।

5. “पर उन दो घटनाओं में वह गाँठ इतनी साफ है” – इस वाक्य में रेखांकित शब्द ‘गाँठ’ किन दो बातों को साथ बाँधती है?

(क) देश और नागरिक

(ख) देश और संविधान

(ग) देश और विदेश

(घ) व्यवसाय और आजीविका

उत्तर(क) देश और नागरिक।यह ‘गाँठ’ देश और नागरिक के अटूट, अविभाज्य संबंध को व्यक्त करती है।

6. प्रस्तुत निबंध में मुख्यतः कौन-सा भाव व्यक्त हुआ है?

(क) लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था

(ख) पारिवारिक संबंधों का महत्व

(ग) व्यक्ति और देश का अंतर्संबंध

(घ) देश का महत्व और व्यक्ति की उपेक्षा

उत्तर(ग) व्यक्ति और देश का अंतर्संबंध।पूरा निबंध इसी मूल भाव को विकसित करता है कि व्यक्ति और देश एक-दूसरे से अभिन्न रूप से जुड़े हैं।

मेरी समझ मेरे विचार

1. स्वामी रामतीर्थ मुग्ध क्यों हुए?

युवक ने ताजे फल लाकर सहायता की और पैसा लेने से मना किया। उसका आग्रह था कि स्वामी जी लौटकर जापान में अच्छे फल न मिलने की बात न कहें। उसकी निःस्वार्थ सहायता और अपने देश की छवि के प्रति जिम्मेदारी देखकर स्वामी जी प्रभावित हुए।

2. युवक ने मूल्य के रूप में क्या माँगा? उसका व्यक्तित्व कैसा है?

उसने कहा कि अपने देश में जाकर किसी से यह न कहें कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते। उसने सामान्य प्रशंसा के “दो शब्द” नहीं माँगे। वह सहृदय, तत्पर, उदार और देश के सम्मान के प्रति सजग दिखता है।

3. व्यक्ति और देश के संबंध के तर्क दीजिए।

व्यक्ति भाषा, शिक्षा, संस्कृति, संसाधन और सहयोग समाज से प्राप्त करता है। उसके काम का प्रभाव व्यापक समाज पर पड़ता है, और देश की स्वतंत्रता व व्यवस्था उसके अवसरों को प्रभावित करती हैं। किसी खिलाड़ी की सफलता से साथियों और देश में उत्साह बढ़ सकता है; नागरिक का ईमानदार व्यवहार भी विश्वास बढ़ाता है। फिर भी हर व्यक्ति का स्वतंत्र व्यक्तित्व और अधिकार होता है।

मेरे अनुभव मेरे विचार

1. “देश की हीनता और गौरव का ही फल उसे नहीं मिलता, उसकी हीनता और गौरव का फल भी उसके देश को मिलता है” – इस पंक्ति का भाव उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तरव्यक्ति और देश परस्पर जुड़े हैं – दोनों का गौरव और हीनता एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं।उदाहरण – किसी खिलाड़ी या वैज्ञानिक की उपलब्धि से पूरे देश का गौरव बढ़ता है (व्यक्ति का गौरव देश को मिलता है)।और जब देश समृद्ध एवं सम्मानित हो, तो उसके नागरिक को विदेश में आदर मिलता है (देश का गौरव व्यक्ति को मिलता है)। इसी प्रकार हीनता भी दोनों को प्रभावित करती है।

2. “मुझे बहुतों की अपने लिए जरूरत पड़ती थी। मैं भी बहुतों की जरूरत का उनके लिए जवाब था।”

उत्तर(क) दैनिक सहयोग: प्रातः से रात्रि तक मैं दूधवाले, सब्जीवाले, माता-पिता, शिक्षक, सहपाठियों और वाहन-चालकों आदि का सहयोग लेता हूँ; बदले में घर के कामों में सहायता, सहपाठियों को पढ़ाई में मदद और छोटों का मार्गदर्शन करके सहयोग देता हूँ।(ख) ‘बहुतों’ में सम्मिलित: किसान, मजदूर, दुकानदार, सफाईकर्मी, डॉक्टर, शिक्षक, वाहन-चालक आदि।(ग) रचनाकार: उसे भी भोजन, वस्त्र, पुस्तकें आदि के लिए अनेक लोगों के सहयोग की आवश्यकता पड़ती होगी और वह अपने लेखन व विचारों से समाज को दिशा देकर सहयोग देता होगा।

3. “सुना नहीं आपने कि जीवन एक युद्ध है और युद्ध में लड़ना ही तो काम नहीं होता।”

उत्तर(क) देश के प्रति दायित्व: ईमानदारी से कर्तव्यपालन, कानून का पालन, स्वच्छता, पर्यावरण-रक्षा, लागू करों का भुगतान और पात्र मतदाता का विवेकपूर्ण मतदान तथा आपसी एकता बनाए रखना।(ख) पशु-पक्षियों के संघर्ष: वे भोजन, सुरक्षा और जीवित रहने के लिए निरंतर संघर्ष करते हैं – जैसे ‘दो बैलों की कथा’ के हीरा-मोती; यह जीवन-संघर्ष का प्रतीक है।(ग) जीवन ‘युद्ध’ क्यों: क्योंकि इसमें निरंतर कठिनाइयों से जूझना और कर्तव्य निभाना पड़ता है; केवल लड़ना नहीं, बल्कि रचना, सहयोग और निर्माण भी इसका भाग है।(घ) जीवन बेहतर बनाने वाले: किसान, डॉक्टर, शिक्षक, सफाईकर्मी, सैनिक, अभियंता आदि; हम उनका आदर करें, सहयोग दें और उनके कार्य को महत्व दें।

4. “अपने पड़ोस में खेलकर, पड़ोसियों की ममता-दुलार पा, बड़ा हुआ था।” (क) पास-पड़ोस के लोगों में कैसे संबंध रहे होंगे? (ख) वर्तमान में ऐसे संबंधों में क्या परिवर्तन आए हैं और क्यों?

उत्तर(क) पहले पड़ोसियों में आत्मीयता, प्रेम, सहयोग और अपनापन था; वे एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ देते और बच्चों को अपने जैसा दुलार देते थे।(ख) आज व्यस्तता, शहरीकरण, फ्लैट-संस्कृति, तकनीक/मोबाइल और एकाकी जीवनशैली के कारण पड़ोसियों के बीच दूरी बढ़ गई है और मेल-जोल कम हो गया है।

5. “क्या सुरुचि और सौंदर्य को आपके किसी काम से ठेस लगती है?” स्वच्छता एवं सौंदर्य बनाए रखने के लिए आप और आपके सहपाठी क्या-क्या करते हैं?

उत्तरहम कूड़ा कूड़ेदान में ही डालते हैं और इधर-उधर गंदगी नहीं फैलाते।सार्वजनिक स्थलों, स्मारकों एवं दीवारों पर कुछ लिखते या खुरचते नहीं; स्वच्छता-अभियान में भाग लेते हैं और पौधे लगाते हैं।साथ ही दूसरों को भी स्वच्छता एवं सौंदर्य बनाए रखने के लिए जागरूक करते हैं।

6. “मैं कोई ऐसा काम न करूँ जिससे मेरे देश की स्वतंत्रता को, दूसरे शब्दों में, उसके सम्मान को धक्का पहुँचे।” देश के सम्मान को धक्का न पहुँचे, इसके लिए क्या करें और क्या नहीं करें?

उत्तरकरें – कानून और नियमों का पालन, राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान, स्वच्छता, ईमानदारी, परिश्रम तथा आपसी एकता एवं भाईचारा।न करें – भ्रष्टाचार, गंदगी फैलाना, राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान, सांप्रदायिक भेदभाव तथा ऐसा कोई आचरण जिससे देश की छवि धूमिल हो।

मेरे प्रश्न (दी गई सामग्री से प्रश्न बनाइए)

उत्तर (संभावित प्रश्न)1. क्या केवल संपन्न व्यक्ति ही देश की प्रगति और विकास में योगदान दे सकते हैं?2. नागरिक के किसी गलत कार्य का देश की छवि पर क्या प्रभाव पड़ता है?3. देश की सुरक्षा और संपन्नता में किन-किन नागरिकों का योगदान होता है?

निबंध की पड़ताल

1. निबंध की विशेषताएँ और पाठ के संदर्भ

विशेषतासंदर्भ
विषय-केंद्रीयताव्यक्ति और देश का संबंध पूरी रचना को जोड़ता है।
विचार और भावनाकर्तव्य पर तर्क के साथ देश के प्रति आत्मीयता।
वैयक्तिकतालेखक घर-पड़ोस के अपने अनुभव से आरंभ करता है।
प्रेरणात्मकतासाधारण नागरिक को भी योगदान के लिए प्रेरित करना।
तार्किकतासैनिक, किसान और रसद पहुँचाने वाले की परस्पर भूमिका।
संक्षिप्तता/स्पष्टताछोटे प्रश्न, स्पष्ट उत्तर और परिचित उदाहरण।
साहित्यिक सौंदर्यमानसिक भूकंप और आनंद की दीवार जैसे रूपक।
सजीवताफल की टोकरी, शहद की हँडिया और खाट के प्रसंग।

2. प्रश्नोत्तर शैली के अलावा विशेषताएँ

पाठक को “आप” कहकर संबोधन, बोलचाल के वाक्य, घटनाओं से विचार समझाना, मुहावरों का प्रयोग, हास्य की हल्की छाया और अंत में जिम्मेदारी का संदेश इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं। इससे विचार उपदेश मात्र न रहकर बातचीत जैसे लगते हैं।

3. निबंध का विषय चुनना — नमूना

मैं “मेरा भारत मेरा गौरव” चुनूँगा, क्योंकि इसमें भाषा-विविधता, नागरिक सहयोग और अपनी जिम्मेदारी पर लिख सकता हूँ। “चाँद के साथ गपशप” कल्पनात्मक संवाद के लिए आकर्षक है; “जहाँ न पहुँचे रवि वहाँ पहुँचे कवि” कल्पना की शक्ति, “गागर में सागर” संक्षिप्त अभिव्यक्ति, “यथा नाम तथा गुण” नाम-गुण संबंध और “दूध का दूध और पानी का पानी” सत्य के विवेचन के लिए चुना जा सकता है। अपनी रुचि का विषय और स्पष्ट कारण लिखें।

चुनाव एवं आपके अनुभव

1. चुनाव के समय कौन-सी गतिविधियाँ होती हैं?

उम्मीदवारी, मुद्दों की चर्चा, उम्मीदवारों का परिचय, प्रचार, मतदाताओं को जानकारी, मतदान, मतगणना और परिणाम जैसी गतिविधियाँ दिखाई दे सकती हैं। विद्यालय और सार्वजनिक चुनाव की प्रक्रिया अलग होती है; अपने देखे चुनाव के अनुसार लिखें।

2. अच्छे उम्मीदवार के गुण

ईमानदारी, जवाबदेही, लोगों को सुनना, समान व्यवहार, कार्य की समझ और वादों की व्यवहार्यता। निर्णय सत्यापित जानकारी और काम के आधार पर हो; डर, लालच या केवल उत्तेजक नारों पर नहीं। यह किसी दल या व्यक्ति का समर्थन नहीं, नागरिक विवेक का अभ्यास है।

3. कक्षा-प्रतिनिधि चुनाव का अनुभव — काल्पनिक नमूना

हमने उम्मीदवारों से कक्षा की समस्याओं पर अपनी योजना बताने को कहा। सभी को बराबर समय मिला। फिर तय नियम से मत दिए और शिक्षक की देखरेख में गिनती हुई। परिणाम के बाद हमने चुने गए प्रतिनिधि को सहयोग देने का निश्चय किया। अपना वास्तविक अनुभव हो तो उसी से बदलें।

4. क्लब का उम्मीदवार होने पर मेरे मुद्दे — नमूना

सभी सदस्यों को बोलने का अवसर, पुस्तकें साझा करने की व्यवस्था, कार्यक्रमों की पहले सूचना, सुलभ भागीदारी और खर्च का स्पष्ट विवरण। वादे उपलब्ध समय और साधनों में संभव होने चाहिए।

अधिकार और कर्तव्य

पुस्तक के प्रारंभिक पृष्ठ और विधायी विभाग का संविधान पढ़कर समानता, स्वतंत्रता, शोषण के विरुद्ध संरक्षण, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक/शैक्षिक अधिकार और संवैधानिक उपचार पर चर्चा करें। अनुच्छेद 51क में दिए मूल कर्तव्यों से संविधान का सम्मान, सद्भाव, वैज्ञानिक दृष्टि, पर्यावरण तथा सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा जैसे उदाहरण चुनें। अधिकार और कर्तव्य अलग अवधारणाएँ हैं; यह न लिखें कि अधिकार केवल कर्तव्य पूरा करने पर ही मिलते हैं। कक्षा में एक अधिकार, उसका महत्व और संबंधित जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत करें।

हमारा पुस्तकालय

पुस्तकें खराब क्यों होती हैं और बचाव कैसे हो?

पृष्ठ मोड़ने या फाड़ने, पेन से लिखने, नमी, खराब रखरखाव अथवा सामान्य घिसावट से पुस्तक खराब हो सकती है। हर क्षति जानबूझकर नहीं होती। बुकमार्क लगाएँ, साफ-सूखे हाथों से पढ़ें, समय पर लौटाएँ और पहले से हुई क्षति पुस्तकालयाध्यक्ष को बताएँ। दुर्लभ सामग्री के लिए अनुमति से नोट या प्रति लें। पुस्तकें साझा संसाधन हैं; उनका संरक्षण अगले पाठक का अवसर बचाता है।

ब्रेल लिपि में पुस्तकों के लिए पत्र — नमूना

सेवा में,
प्रधानाध्यापक महोदय/महोदया,
[विद्यालय का नाम और पता]
दिनांक: [तारीख]

विषय: पुस्तकालय में ब्रेल और अन्य सुलभ पुस्तकों की व्यवस्था

महोदय/महोदया,
हमारे पुस्तकालय की पुस्तकों का लाभ सभी विद्यार्थियों को मिलना चाहिए। कृपया दृष्टिबाधित साथियों की जरूरत और पसंद पूछकर उपयुक्त ब्रेल पुस्तकें मँगवाने की व्यवस्था करें। जिन साथियों के लिए उपयोगी हों, उनके लिए सुलभ डिजिटल या श्रव्य सामग्री भी रखी जा सकती है। विशेष शिक्षक और पुस्तकालयाध्यक्ष की मदद से पुस्तकों की सूची तैयार करने में हम सहयोग करना चाहते हैं।

कृपया इस अनुरोध पर विचार करें।
सधन्यवाद,
[नाम], कक्षा 9
[विद्यालय]

कृतज्ञता ज्ञापन और विज्ञापन

कृतज्ञता ज्ञापन — नमूना

हम देश की सुरक्षा में लगे जवानों, अन्न उगाने वाले किसानों, निर्माण और सेवाओं में जुटे श्रमिकों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों, अभियंताओं, कलाकारों और सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। उनके श्रम से हमारा जीवन आगे बढ़ता है। हम काम का सम्मान, संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग और अपने दायित्वों का ईमानदार पालन करके यह आभार व्यवहार में दिखाएँगे।

योग्य उम्मीदवार चुनने का विज्ञापन — नमूना

सोचें, परखें, फिर चुनें!
वादे ही नहीं—काम, ईमानदारी और जवाबदेही देखें।
अफवाह, डर और लालच से दूर रहें।
सत्यापित जानकारी पर अपना स्वतंत्र निर्णय लें।

यह सामान्य नागरिक-जागरूकता संदेश है; किसी पार्टी का चिह्न या समर्थन नहीं।

स्वच्छता और आचरण

स्मारकों पर नाम खुरचना, कचरा फैलाना, सार्वजनिक शौचालय खराब छोड़ना, पौधों को नुकसान, शोर और अपमानजनक भाषा सामाजिक सौंदर्य को चोट पहुँचाते हैं। चर्चा में अपने क्षेत्र की समस्या, कारण, जिम्मेदार संस्था और सुरक्षित सुधार-उपाय लिखें। खतरनाक कचरा स्वयं न उठाएँ।

व्याकरण की बात

संदर्भ में शब्द (एक शब्द – अनेक अर्थ)

उत्तरदरार – (i) दीवार में दरार पड़ गई (चटक/फाँक)। (ii) उनके संबंधों में दरार पड़ गई (मनमुटाव)।गाँठ – (i) धागे के सिरे पर गाँठ बाँधना (गिरह)। (ii) नागरिक और देश को बाँधने वाली गाँठ (संबंध)।पानी – (i) प्यास लगने पर पानी पीना (जल)। (ii) झूठ पकड़े जाने पर वह पानी-पानी हो गया (लज्जित)। (iii) उसका तो पानी ही उतर गया (मान/प्रतिष्ठा)।

मिलते-जुलते भाव वाले एवं पुनरुक्त शब्द-युग्म

उत्तरमिलते-जुलते अर्थ वाले: ममता-दुलार, भरा-पूरा।पुनरुक्त (एक ही शब्द दोहराना): बड़े-बड़े, छोटी-छोटी, बार-बार, पूरा-पूरा। व्याकरण के उदाहरणों में पानी-पानी भी है।

उपसर्ग एवं प्रत्यय

स्कूली विश्लेषण में अलौकिक = अ + लोक + इक (लोक से लौकिक में स्वर-परिवर्तन), सम्मानित = सम् + मान + इत। अनावश्यक को अन् + आवश्यक के रूप में समझ सकते हैं; आवश्यक यहाँ आधार-शब्द है, इसलिए इस स्तर पर अलग प्रत्यय नहीं दिखाया गया। हर शब्द में दोनों भाग जबरन न जोड़ें।

शब्दउपसर्गमूल शब्दप्रत्यय
अपूर्णताअपूर्णता
अलौकिकअलोकइक
निरक्षरतानिर्अक्षरता
सम्मानितसम्मानइत
अनावश्यकअन्आवश्यक–
अपमानितअपमानइत
अभिमानीअभिमानई

संदर्भ बदलने पर अर्थ — अतिरिक्त नमूने

पाठ में “मानस” का अर्थ मन है; “मानस पढ़ना” में यह रामचरितमानस का संक्षिप्त नाम हो सकता है। “तेज” चमक, गति या प्रभाव के अर्थ दे सकता है। अपने चुने शब्द के दो वाक्य बनाकर संदर्भ से अर्थ स्पष्ट करें। “पानी-पानी” वर्षा के संदर्भ में चारों ओर जल और शर्म के संदर्भ में लज्जित होना दर्शाता है।

परिचर्चा और भाषा संगम

देश केवल भौगोलिक सीमा नहीं — रिपोर्ट का नमूना

विषय: देश और नागरिक। मुख्य बिंदु: भूभाग के साथ लोग, विविध भाषाएँ, साझा संस्थाएँ, इतिहास, संस्कृति और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी भी देश का जीवन बनाते हैं। निष्कर्ष: विविधता का सम्मान और सहयोग नागरिक संबंध मजबूत करते हैं। चार स्लाइड बनाएँ—विषय, उदाहरण, चर्चा में आए मत, निष्कर्ष। यह प्रारूप है; वास्तविक सभा की तारीख, प्रतिभागी और विचार बाद में भरें।

देश के नाम और मातृभाषा

पुस्तक में हिंदी/मराठी—देश, पंजाबी—देस/देश और संस्कृत—देशः जैसे उदाहरण हैं। अलग भाषाओं में दिए कुछ शब्द क्षेत्र/प्रदेश के अर्थ भी रखते हैं; प्रसंग देखकर प्रयोग करें। नमूना मराठी: “मी माझ्या देशाचा नागरिक आहे.” अपनी मातृभाषा का रूप शिक्षक या परिवार से जाँचें।

आगे और साथ-साथ पढ़ें

लाला लाजपत राय के दिए विचार आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और अधिकारों की रक्षा पर केंद्रित हैं। स्वामी रामतीर्थ पर शोध करते समय पुस्तकालय की जीवनी से जानकारी लें और लेखक/प्रकाशक नोट करें; निबंध के प्रसंग को स्वतंत्र ऐतिहासिक सत्यापन का स्थान न दें।

निर्मल जीत सिंह सेखों वाले साथ-साथ पढ़ें खंड (पृष्ठ 139–142) में 14 दिसंबर 1971 के साहसिक कार्य और मरणोपरांत परम वीर चक्र का परिचय है। अंतिम प्रशस्ति-पत्र में एक विमान गिराने और दूसरे को आग लगाने का विवरण पढ़ें; “सभी छह विमान मार गिराए” न लिखें। यह मुख्य निबंध से अलग पूरक पाठ है। वायुसेना का स्मृति-विवरण भी उनके सम्मान की पुष्टि करता है।

अतिरिक्त प्रश्न

अति लघु उत्तरीय

1. ‘मैं और मेरा देश’ निबंध के लेखक कौन हैं?

उत्तरइस निबंध के लेखक कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ हैं।

2. निबंध में किस स्वतंत्रता सेनानी का उल्लेख किया गया है?

उत्तरनिबंध में स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय का उल्लेख किया गया है।

3. लेखक के अनुसार देश की उच्चता और हीनता तोलने की कसौटी क्या है?

उत्तरलेखक के अनुसार इसकी कसौटी निष्पक्ष चुनाव-प्रक्रिया है – अर्थात् नागरिक ‘ठीक मनुष्य’ को अपना मत दें।

लघु उत्तरीय

4. निबंध की भाषा-शैली की प्रमुख विशेषता क्या है?

उत्तरयह निबंध मुख्यतः प्रश्नोत्तर (संवादात्मक) शैली में लिखा गया है – पहले प्रश्न और फिर उसका उत्तर।इस शैली के कारण निबंध रोचक, सजीव और विचारोत्तेजक बन गया है तथा पाठक स्वयं को संवाद में सम्मिलित अनुभव करता है।

5. लेखक के अनुसार एक नागरिक देश के लिए किस प्रकार महत्वपूर्ण कार्य कर सकता है?

उत्तरयदि नागरिक देश के ‘शक्तिबोध’ और ‘सौंदर्यबोध’ को हानि न पहुँचाकर उन्हें सशक्त करे, तो वह देश के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर सकता है।जैसे – स्वच्छता बनाए रखना, सार्वजनिक स्थलों की सुंदरता की रक्षा करना, कर्तव्य का पालन और योग्य व्यक्ति को मत देना।

दीर्घ उत्तरीय

6. ‘मैं और मेरा देश’ निबंध के माध्यम से लेखक क्या संदेश देना चाहता है?

उत्तरलेखक यह संदेश देता है कि व्यक्ति और देश अभिन्न हैं – दोनों का सम्मान एक-दूसरे से जुड़ा है।प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह ऐसा कोई कार्य न करे जिससे देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचे।हर नागरिक अपने स्तर पर देश की प्रगति में योगदान दे सकता है – चाहे वह संपन्न हो या सामान्य।अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन, स्वच्छता, ईमानदारी और निष्पक्ष मतदान से ही राष्ट्र का गौरव बढ़ता है।

अभ्यास MCQ & अभिकथन-कारण

1. निबंध में किस स्वामी के जीवन-प्रसंग का उल्लेख है?

(क) स्वामी विवेकानंद

(ख) स्वामी रामतीर्थ

(ग) स्वामी दयानंद

(घ) स्वामी रामकृष्ण

उत्तर(ख) स्वामी रामतीर्थ।

2. जापानी युवक ने फलों के बदले क्या माँगा?

(क) अधिक धन

(ख) उपहार

(ग) यह न कहना कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते

(घ) नौकरी

उत्तर(ग) यह न कहना कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते।

3. लेखक के अनुसार देश की उच्चता तोलने की कसौटी क्या है?

(क) धन-संपत्ति

(ख) निष्पक्ष चुनाव-प्रक्रिया

(ग) सैन्य शक्ति

(घ) जनसंख्या

उत्तर(ख) निष्पक्ष चुनाव-प्रक्रिया।

4. निबंध किस शैली में लिखा गया है?

(क) वर्णनात्मक

(ख) प्रश्नोत्तर (संवादात्मक)

(ग) काव्यात्मक

(घ) पत्र-शैली

उत्तर(ख) प्रश्नोत्तर (संवादात्मक)।

अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।

1. अभिकथन (A): व्यक्ति और उसका देश अलग-अलग नहीं हैं।

कारण (R): व्यक्ति का गौरव और हीनता उसके देश को तथा देश का गौरव-हीनता व्यक्ति को प्रभावित करते हैं।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

2. अभिकथन (A): जापानी युवक ने धन के लोभ में फल बेचे।

कारण (R): उसने आग्रह किया कि स्वामी जी यह न कहें कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते।

उत्तर(घ) A गलत है (युवक धन-लोभी नहीं, देशभक्त था), जबकि R सही है।

3. अभिकथन (A): नागरिक स्वच्छता और सौंदर्य की रक्षा करके देश की सेवा कर सकता है।

कारण (R): लेखक के अनुसार देश के शक्तिबोध और सौंदर्यबोध को सशक्त करना नागरिक का कर्तव्य है।

उत्तर(क) A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

‘मैं और मेरा देश’ किस विधा की रचना है?

यह कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ द्वारा रचित एक विचारप्रधान निबंध है, जो प्रश्नोत्तर शैली में लिखा गया है।

निबंध का मूल भाव क्या है?

व्यक्ति और देश का अंतर्संबंध – दोनों अभिन्न हैं और उनका सम्मान एक-दूसरे से जुड़ा है।

जापानी युवक के प्रसंग से क्या शिक्षा मिलती है?

सच्चा देशभक्त अपने राष्ट्र के सम्मान को धन से भी अधिक महत्व देता है।

नागरिक देश के लिए सबसे बड़ा योगदान कैसे दे सकता है?

देश के शक्तिबोध और सौंदर्यबोध को सशक्त करके – कर्तव्यपालन, स्वच्छता, ईमानदारी और निष्पक्ष मतदान द्वारा।

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