मैं और मेरा देश प्रश्न उत्तर — कक्षा 9 हिंदी गंगा
मैं और मेरा देश प्रश्न उत्तर में कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ के निबंध का सार, नागरिक और देश का संबंध, व्याकरण तथा अनुभव, पत्र और विज्ञापन-लेखन के नमूने पढ़ें।
स्रोत: NCERT गंगा, कक्षा 9, प्रथम संस्करण मार्च 2026, पृष्ठ 120–142 (मुख्य निबंध 120–138; पूरक पाठ 139–142)। खुले प्रश्नों, अनुभवों और रचनात्मक कार्यों के उत्तर नमूने हैं; अपने विचार जोड़ें। यह स्वतंत्र अध्ययन-सहायिका है, NCERT की आधिकारिक उत्तरमाला नहीं।
- लेखक परिचय – कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’
- पाठ का सार
- शब्दार्थ
- मेरे उत्तर मेरे तर्क
- मेरी समझ मेरे विचार
- मेरे अनुभव मेरे विचार
- मेरे प्रश्न (दी गई सामग्री से प्रश्न बनाइए)
- निबंध की पड़ताल
- चुनाव एवं आपके अनुभव
- अधिकार और कर्तव्य
- हमारा पुस्तकालय
- ब्रेल लिपि में पुस्तकों के लिए पत्र — नमूना
- कृतज्ञता ज्ञापन और विज्ञापन
- व्याकरण की बात
- परिचर्चा और भाषा संगम
- आगे और साथ-साथ पढ़ें
- अतिरिक्त प्रश्न
- अभ्यास MCQ & अभिकथन-कारण
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
लेखक परिचय – कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’
हिंदी के प्रसिद्ध निबंधकार कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ का जन्म सन् 1906 ई. में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में हुआ था। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र पत्रकारिता था; उन्होंने नया जीवन और विकास पत्रों का संपादन किया। स्वतंत्रता-संग्राम और सामाजिक कार्यों में भाग लेने के कारण उन्हें अनेक बार जेल-यात्रा भी करनी पड़ी। उनके संस्मरणात्मक निबंध-संग्रह हैं – दीप जले शंख बजे, जिंदगी मुसकराई, बाजे पायलिया के घुँघरू, क्षण बोले कण मुसकाए, माटी हो गई सोना, आकाश के तारे धरती के फूल आदि, जो उनके मानवतावादी दृष्टिकोण एवं जीवन-दर्शन के परिचायक हैं। उन्हें ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया। सन् 1995 में उनका निधन हुआ।
पाठ का सार
लेखक पहले घर, पड़ोस और नगर से मिले सहयोग के कारण स्वयं को पूर्ण समझता है। लाला लाजपत राय का विदेश-यात्रा संबंधी अनुभव उसे झकझोरता है: निजी योग्यता के बावजूद देश की पराधीनता व्यक्ति के सम्मान को प्रभावित करती है। वह समझता है कि व्यक्ति की पहचान और देश का गौरव परस्पर जुड़े हैं।
निबंध के एक प्रसंग में जापानी युवक स्वामी रामतीर्थ को ताजे फल भेंट करता है। वह फल-विक्रेता नहीं, अपनी पत्नी को रेल में बैठाने आया व्यक्ति है। वह मूल्य लेने के बजाय आग्रह करता है कि स्वामी जी अपने देश लौटकर यह न कहें कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते। दूसरे प्रसंग में पुस्तक के चित्र निकालने वाले विदेशी विद्यार्थी का गलत काम उसके देश की छवि को नुकसान पहुँचाता है। यह पाठ में सुनाया प्रसंग है; एक व्यक्ति के अपराध के लिए पूरे देश के लोगों को दोषी ठहराना न्यायपूर्ण नियम नहीं है।
कमालपाशा को किसान का शहद और नेहरू को किसान की खाट देने के प्रसंग दिखाते हैं कि उपहार की कीमत से अधिक उसके पीछे की सद्भावना महत्वपूर्ण है। लेखक सामान्य नागरिक के छोटे योगदान, सहयोग, शक्तिबोध और सौंदर्यबोध पर बल देता है। निराशा फैलाने के बजाय सुधार का प्रयास, स्वच्छता, शालीन व्यवहार और विवेकपूर्ण चुनाव सामाजिक जीवन बेहतर बनाते हैं। तथ्य-आधारित आलोचना और शांतिपूर्ण असहमति को देश-विरोध समझना इस सीख का उचित विस्तार नहीं होगा।

शब्दार्थ
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| संचित | इकट्ठा किया हुआ, जमा किया हुआ |
| मानस | मन, चित्त; मन से उत्पन्न |
| तेजस्वी | तेजवाला, प्रतापी, प्रभावशाली |
| ठसक | शान, ऐंठ, गर्व का बनावटीपन |
| धनिक | धनवान, धनी |
| रसद | अनाज, खाने का सामान, राशन |
| दाद देना | न्यायोचित प्रशंसा करना |
| साक्षी | गवाह, गवाही |
| लांछित | दोषयुक्त, कलंकित |
| हँडिया | मिट्टी का एक बर्तन |
| सुतली | सन/पटसन के रेशों से बनी डोरी |
| चौपाल | गाँव की खुली बैठक/चबूतरा जहाँ लोग एकत्र होते हैं |
| सघन | घना, ठोस |
| तरेड़ | दरार |
| ज़ीना | सीढ़ी, सोपान |
| अपूर्व | जो पहले न हुआ हो, अनोखा |
| शक्तिबोध | शक्ति का बोध/भाव |
| सौंदर्यबोध | सौंदर्य की समझ या अनुभूति |
मेरे उत्तर मेरे तर्क
निम्नलिखित प्रश्नों के सटीक उत्तर चुनिए और यह भी बताइए कि आपको ये उत्तर उपयुक्त क्यों लगते हैं।
1. “एक दिन आनंद की इस दीवार में दरार पड़ गई” – इस पंक्ति में रेखांकित शब्द ‘दरार’ किस ओर संकेत करता है?
(क) पूर्णता के भाव की तुष्टि
(ख) पारस्परिक संबंध टूटने की स्थिति
(ग) पूर्णता के भाव पर प्रहार
(घ) सुख-सुविधाओं का अभाव
2. निबंध में कहा गया है कि “ऐसे प्रश्नों का उत्तर देने में एक अपूर्व आनंद आता है।” लेखक को किस तरह के प्रश्नों का उत्तर देने में आनंद की अनुभूति होती है?
(क) बात को विस्तार देने वाले प्रश्नों का
(ख) बात का निष्कर्ष प्रस्तुत करने वाले प्रश्नों का
(ग) बिना किसी संदर्भ के पूछे गए प्रश्नों का
(घ) किसी की समझ का आकलन करने वाले प्रश्नों का
3. “…पराधीनता के दीन दिनों में जिन लोगों ने अपने रक्त से गौरव के दीपक जलाए” – पराधीनता के दिनों को ‘दीन’ कहा गया क्योंकि पराधीन भारत में—
(क) भोजन, आवास और वस्त्र जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव था।
(ख) लोगों के आत्मसम्मान और गौरव की भावना का दमन होता था।
(ग) महत्वपूर्ण निर्णय लेने की स्वतंत्रता थी।
(घ) धार्मिक रीति-रिवाजों को मनाने पर रोक लगाई जाती थी।
4. निबंध के अनुसार मनुष्य साधन-संपन्न होते हुए भी गौरव का अनुभव नहीं कर सकते यदि—
(क) उन्हें विदेश भ्रमण के अवसर न मिलें।
(ख) उनका देश किसी दूसरे देश के अधीन हो।
(ग) उनके नगर की शासन प्रणाली कमजोर हो।
(घ) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन होता हो।
5. “पर उन दो घटनाओं में वह गाँठ इतनी साफ है” – इस वाक्य में रेखांकित शब्द ‘गाँठ’ किन दो बातों को साथ बाँधती है?
(क) देश और नागरिक
(ख) देश और संविधान
(ग) देश और विदेश
(घ) व्यवसाय और आजीविका
6. प्रस्तुत निबंध में मुख्यतः कौन-सा भाव व्यक्त हुआ है?
(क) लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था
(ख) पारिवारिक संबंधों का महत्व
(ग) व्यक्ति और देश का अंतर्संबंध
(घ) देश का महत्व और व्यक्ति की उपेक्षा
मेरी समझ मेरे विचार
1. स्वामी रामतीर्थ मुग्ध क्यों हुए?
2. युवक ने मूल्य के रूप में क्या माँगा? उसका व्यक्तित्व कैसा है?
3. व्यक्ति और देश के संबंध के तर्क दीजिए।
मेरे अनुभव मेरे विचार
1. “देश की हीनता और गौरव का ही फल उसे नहीं मिलता, उसकी हीनता और गौरव का फल भी उसके देश को मिलता है” – इस पंक्ति का भाव उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
2. “मुझे बहुतों की अपने लिए जरूरत पड़ती थी। मैं भी बहुतों की जरूरत का उनके लिए जवाब था।”
3. “सुना नहीं आपने कि जीवन एक युद्ध है और युद्ध में लड़ना ही तो काम नहीं होता।”
4. “अपने पड़ोस में खेलकर, पड़ोसियों की ममता-दुलार पा, बड़ा हुआ था।” (क) पास-पड़ोस के लोगों में कैसे संबंध रहे होंगे? (ख) वर्तमान में ऐसे संबंधों में क्या परिवर्तन आए हैं और क्यों?
5. “क्या सुरुचि और सौंदर्य को आपके किसी काम से ठेस लगती है?” स्वच्छता एवं सौंदर्य बनाए रखने के लिए आप और आपके सहपाठी क्या-क्या करते हैं?
6. “मैं कोई ऐसा काम न करूँ जिससे मेरे देश की स्वतंत्रता को, दूसरे शब्दों में, उसके सम्मान को धक्का पहुँचे।” देश के सम्मान को धक्का न पहुँचे, इसके लिए क्या करें और क्या नहीं करें?
मेरे प्रश्न (दी गई सामग्री से प्रश्न बनाइए)
निबंध की पड़ताल
1. निबंध की विशेषताएँ और पाठ के संदर्भ
| विशेषता | संदर्भ |
|---|---|
| विषय-केंद्रीयता | व्यक्ति और देश का संबंध पूरी रचना को जोड़ता है। |
| विचार और भावना | कर्तव्य पर तर्क के साथ देश के प्रति आत्मीयता। |
| वैयक्तिकता | लेखक घर-पड़ोस के अपने अनुभव से आरंभ करता है। |
| प्रेरणात्मकता | साधारण नागरिक को भी योगदान के लिए प्रेरित करना। |
| तार्किकता | सैनिक, किसान और रसद पहुँचाने वाले की परस्पर भूमिका। |
| संक्षिप्तता/स्पष्टता | छोटे प्रश्न, स्पष्ट उत्तर और परिचित उदाहरण। |
| साहित्यिक सौंदर्य | मानसिक भूकंप और आनंद की दीवार जैसे रूपक। |
| सजीवता | फल की टोकरी, शहद की हँडिया और खाट के प्रसंग। |
2. प्रश्नोत्तर शैली के अलावा विशेषताएँ
3. निबंध का विषय चुनना — नमूना
चुनाव एवं आपके अनुभव
1. चुनाव के समय कौन-सी गतिविधियाँ होती हैं?
2. अच्छे उम्मीदवार के गुण
3. कक्षा-प्रतिनिधि चुनाव का अनुभव — काल्पनिक नमूना
4. क्लब का उम्मीदवार होने पर मेरे मुद्दे — नमूना
अधिकार और कर्तव्य
पुस्तक के प्रारंभिक पृष्ठ और विधायी विभाग का संविधान पढ़कर समानता, स्वतंत्रता, शोषण के विरुद्ध संरक्षण, धार्मिक स्वतंत्रता, सांस्कृतिक/शैक्षिक अधिकार और संवैधानिक उपचार पर चर्चा करें। अनुच्छेद 51क में दिए मूल कर्तव्यों से संविधान का सम्मान, सद्भाव, वैज्ञानिक दृष्टि, पर्यावरण तथा सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा जैसे उदाहरण चुनें। अधिकार और कर्तव्य अलग अवधारणाएँ हैं; यह न लिखें कि अधिकार केवल कर्तव्य पूरा करने पर ही मिलते हैं। कक्षा में एक अधिकार, उसका महत्व और संबंधित जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत करें।
हमारा पुस्तकालय
पुस्तकें खराब क्यों होती हैं और बचाव कैसे हो?
ब्रेल लिपि में पुस्तकों के लिए पत्र — नमूना
सेवा में,
प्रधानाध्यापक महोदय/महोदया,
[विद्यालय का नाम और पता]
दिनांक: [तारीख]
विषय: पुस्तकालय में ब्रेल और अन्य सुलभ पुस्तकों की व्यवस्था
महोदय/महोदया,
हमारे पुस्तकालय की पुस्तकों का लाभ सभी विद्यार्थियों को मिलना चाहिए। कृपया दृष्टिबाधित साथियों की जरूरत और पसंद पूछकर उपयुक्त ब्रेल पुस्तकें मँगवाने की व्यवस्था करें। जिन साथियों के लिए उपयोगी हों, उनके लिए सुलभ डिजिटल या श्रव्य सामग्री भी रखी जा सकती है। विशेष शिक्षक और पुस्तकालयाध्यक्ष की मदद से पुस्तकों की सूची तैयार करने में हम सहयोग करना चाहते हैं।
कृपया इस अनुरोध पर विचार करें।
सधन्यवाद,
[नाम], कक्षा 9
[विद्यालय]
कृतज्ञता ज्ञापन और विज्ञापन
कृतज्ञता ज्ञापन — नमूना
योग्य उम्मीदवार चुनने का विज्ञापन — नमूना
सोचें, परखें, फिर चुनें!
वादे ही नहीं—काम, ईमानदारी और जवाबदेही देखें।
अफवाह, डर और लालच से दूर रहें।
सत्यापित जानकारी पर अपना स्वतंत्र निर्णय लें।
यह सामान्य नागरिक-जागरूकता संदेश है; किसी पार्टी का चिह्न या समर्थन नहीं।
स्वच्छता और आचरण
व्याकरण की बात
संदर्भ में शब्द (एक शब्द – अनेक अर्थ)
मिलते-जुलते भाव वाले एवं पुनरुक्त शब्द-युग्म
उपसर्ग एवं प्रत्यय
स्कूली विश्लेषण में अलौकिक = अ + लोक + इक (लोक से लौकिक में स्वर-परिवर्तन), सम्मानित = सम् + मान + इत। अनावश्यक को अन् + आवश्यक के रूप में समझ सकते हैं; आवश्यक यहाँ आधार-शब्द है, इसलिए इस स्तर पर अलग प्रत्यय नहीं दिखाया गया। हर शब्द में दोनों भाग जबरन न जोड़ें।
| शब्द | उपसर्ग | मूल शब्द | प्रत्यय |
|---|---|---|---|
| अपूर्णता | अ | पूर्ण | ता |
| अलौकिक | अ | लोक | इक |
| निरक्षरता | निर् | अक्षर | ता |
| सम्मानित | सम् | मान | इत |
| अनावश्यक | अन् | आवश्यक | – |
| अपमानित | अप | मान | इत |
| अभिमानी | अभि | मान | ई |
संदर्भ बदलने पर अर्थ — अतिरिक्त नमूने
पाठ में “मानस” का अर्थ मन है; “मानस पढ़ना” में यह रामचरितमानस का संक्षिप्त नाम हो सकता है। “तेज” चमक, गति या प्रभाव के अर्थ दे सकता है। अपने चुने शब्द के दो वाक्य बनाकर संदर्भ से अर्थ स्पष्ट करें। “पानी-पानी” वर्षा के संदर्भ में चारों ओर जल और शर्म के संदर्भ में लज्जित होना दर्शाता है।
परिचर्चा और भाषा संगम
देश केवल भौगोलिक सीमा नहीं — रिपोर्ट का नमूना
देश के नाम और मातृभाषा
आगे और साथ-साथ पढ़ें
लाला लाजपत राय के दिए विचार आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और अधिकारों की रक्षा पर केंद्रित हैं। स्वामी रामतीर्थ पर शोध करते समय पुस्तकालय की जीवनी से जानकारी लें और लेखक/प्रकाशक नोट करें; निबंध के प्रसंग को स्वतंत्र ऐतिहासिक सत्यापन का स्थान न दें।
निर्मल जीत सिंह सेखों वाले साथ-साथ पढ़ें खंड (पृष्ठ 139–142) में 14 दिसंबर 1971 के साहसिक कार्य और मरणोपरांत परम वीर चक्र का परिचय है। अंतिम प्रशस्ति-पत्र में एक विमान गिराने और दूसरे को आग लगाने का विवरण पढ़ें; “सभी छह विमान मार गिराए” न लिखें। यह मुख्य निबंध से अलग पूरक पाठ है। वायुसेना का स्मृति-विवरण भी उनके सम्मान की पुष्टि करता है।
अतिरिक्त प्रश्न
अति लघु उत्तरीय
1. ‘मैं और मेरा देश’ निबंध के लेखक कौन हैं?
2. निबंध में किस स्वतंत्रता सेनानी का उल्लेख किया गया है?
3. लेखक के अनुसार देश की उच्चता और हीनता तोलने की कसौटी क्या है?
लघु उत्तरीय
4. निबंध की भाषा-शैली की प्रमुख विशेषता क्या है?
5. लेखक के अनुसार एक नागरिक देश के लिए किस प्रकार महत्वपूर्ण कार्य कर सकता है?
दीर्घ उत्तरीय
6. ‘मैं और मेरा देश’ निबंध के माध्यम से लेखक क्या संदेश देना चाहता है?
अभ्यास MCQ & अभिकथन-कारण
1. निबंध में किस स्वामी के जीवन-प्रसंग का उल्लेख है?
(क) स्वामी विवेकानंद
(ख) स्वामी रामतीर्थ
(ग) स्वामी दयानंद
(घ) स्वामी रामकृष्ण
2. जापानी युवक ने फलों के बदले क्या माँगा?
(क) अधिक धन
(ख) उपहार
(ग) यह न कहना कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते
(घ) नौकरी
3. लेखक के अनुसार देश की उच्चता तोलने की कसौटी क्या है?
(क) धन-संपत्ति
(ख) निष्पक्ष चुनाव-प्रक्रिया
(ग) सैन्य शक्ति
(घ) जनसंख्या
4. निबंध किस शैली में लिखा गया है?
(क) वर्णनात्मक
(ख) प्रश्नोत्तर (संवादात्मक)
(ग) काव्यात्मक
(घ) पत्र-शैली
अभिकथन-कारण – नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए—
(क) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं। (ग) A सही, R गलत। (घ) A गलत, R सही।
1. अभिकथन (A): व्यक्ति और उसका देश अलग-अलग नहीं हैं।
कारण (R): व्यक्ति का गौरव और हीनता उसके देश को तथा देश का गौरव-हीनता व्यक्ति को प्रभावित करते हैं।
2. अभिकथन (A): जापानी युवक ने धन के लोभ में फल बेचे।
कारण (R): उसने आग्रह किया कि स्वामी जी यह न कहें कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते।
3. अभिकथन (A): नागरिक स्वच्छता और सौंदर्य की रक्षा करके देश की सेवा कर सकता है।
कारण (R): लेखक के अनुसार देश के शक्तिबोध और सौंदर्यबोध को सशक्त करना नागरिक का कर्तव्य है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
‘मैं और मेरा देश’ किस विधा की रचना है?
यह कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ द्वारा रचित एक विचारप्रधान निबंध है, जो प्रश्नोत्तर शैली में लिखा गया है।
निबंध का मूल भाव क्या है?
व्यक्ति और देश का अंतर्संबंध – दोनों अभिन्न हैं और उनका सम्मान एक-दूसरे से जुड़ा है।
जापानी युवक के प्रसंग से क्या शिक्षा मिलती है?
सच्चा देशभक्त अपने राष्ट्र के सम्मान को धन से भी अधिक महत्व देता है।
नागरिक देश के लिए सबसे बड़ा योगदान कैसे दे सकता है?
देश के शक्तिबोध और सौंदर्यबोध को सशक्त करके – कर्तव्यपालन, स्वच्छता, ईमानदारी और निष्पक्ष मतदान द्वारा।
